बुध तुला राशि में अस्त (30 अक्टूबर, 2026)

Author: आयुषी चतुर्वेदी | Updated Thu, 24 Sep 2026 04:54 PM IST

क्या होता है ग्रह का अस्त होना? दरअसल जब भी कोई ग्रह सूर्य के बहुत अधिक पास आ जाता है, तो उसे ग्रह की अस्त अवस्था कहा जाता है। ऐसा इसलिए माना जाता है क्योंकि सूर्य के बेहद निकट होने से उस ग्रह की ऊर्जा कमजोर हो जाती है और ऐसा ग्रह अस्त ग्रह कहलाता है। इस अवस्था में ग्रह अपनी शुभ या अशुभ—दोनों प्रकार की फल देने की क्षमता को पूर्ण रूप से व्यक्त नहीं कर पाता।


अब जल्द ही 30 अक्टूबर को प्रातः 06:01 बजे बुध ग्रह तुला राशि में वक्री अवस्था के साथ अस्त होगा।

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यहाँ ये भी बात जानने वाली है कि जब भी कोई ग्रह एक साथ वक्री और अस्त दोनों स्थिति में होता है, तो यह केवल दो ग्रहों—बुध और शुक्र—के साथ संभव होता है क्योंकि ये सौरमंडल के आंतरिक ग्रह हैं।

तुला राशि में बुध मित्र राशि में माना जाता है तथा तुला से नवम और द्वादश भाव का स्वामी होता है। ऐसे में आमतौर पर बुध शुभ फल देने वाला ग्रह माना जाता है। तुला राशि का प्रभाव बुध पर पड़ने से कला, संगीत और सूक्ष्म समझ की प्रवृत्ति बढ़ती है। जातक धन अर्जित करने वाला, सामाजिक, विनम्र स्वभाव का, परंपराओं का सम्मान करने वाला और विद्वानों, देवताओं और साहित्यिक व्यक्तियों का आदर करने वाला होता है लेकिन अस्त अवस्था के चलते बुध के लिए प्रत्यक्ष रूप से अपने परिणाम देना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

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आइए अब आगे बढ़ते हैं और जानते हैं कि अब जब बुध ग्रह तुला राशि में वक्री अवस्था के साथ अस्त होगा तो इसका सभी राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध विशेष रूप से शुभ ग्रह नहीं माना गया है क्योंकि इसका संबंध आपके लग्नेश मंगल और तृतीय और षष्ठ भाव से होता है। ऐसे में तुला राशि में बुध अस्त होने के परिणाम आपके लिए मिश्रित रहने वाले हैं।

इस राशि के जो जातक सेल्स, मीडिया या मार्केटिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें अपने विचारों को व्यक्त करने और बातचीत करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

शिक्षा, प्रेम संबंधों और संतान संबंधी जिम्मेदारियों के चलते आपको अपनी रुचियों, मित्रों, पड़ोसियों या छोटे भाई-बहनों के लिए समय निकालना थोड़ा मुश्किल होगा जिसका नकारात्मक प्रभाव आपके रिश्ते पर पड़ सकता है।

हालांकि यहाँ अच्छी बात यह है कि षष्ठेश बुध का अस्त होना रोग, ऋण और प्रतिस्पर्धियों से जुड़ी चिंताओं को कुछ हद तक कम करने में मददगार साबित होगा।

इस राशि के जो जातक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे उनके लिए यह समय बहुत अनुकूल नहीं माना जाएगा क्योंकि बुध के अस्त होने से एकाग्रता और विश्लेषण क्षमता प्रभावित होगी।

चूँकि यह अस्त अवस्था आपके सप्तम भाव में हो रही है, इसलिए वैवाहिक और व्यक्तिगत जीवन में बातचीत की कमी रिश्ते को प्रभावित कर सकती है।

हालाँकि अस्त बुध प्रथम भाव पर अपना सकारात्मक प्रभाव पूरी तरह नहीं दे पाएगा, फिर भी स्वस्थ जीवनशैली बनाये रखने और संतुलित भोजन करने की सलाह दी जाती है।

उपाय: अपने बेडरूम में एक इनडोर पौधा रखें और उसकी नियमित देखभाल करें।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध द्वितीय भाव और पंचम भाव का स्वामी है और अब यह आपके षष्ठ भाव में अस्त होने जा रहा है।

द्वितीयेश के अस्त होने से बचत में कमी या घरेलू जिम्मेदारियों के कारण धन संचय में कठिनाई आने के संकेत मिल रहे हैं।

इस राशि के जिन जातकों ने शेयर बाजार या नियमित ट्रेडिंग में अधिक निवेश किया हुआ है, उन्हें इस बुध अस्त अवधि के दौरान कुछ समय के लिए विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

द्वितीय भाव के स्वामी के अस्त होने के चलते आर्थिक हानि की आशंका बनेगी। साथ ही पंचमेश का अस्त होना सट्टा या जोखिमपूर्ण निवेश में भाग्य का पूर्ण सहयोग नहीं देगा।

शैक्षणिक प्रगति के लिए भी यह समय बहुत अनुकूल नहीं माना जा सकता।

इस राशि के जातक अपने रिश्ते में भी कुछ दूरी या भावनात्मक शुष्कता महसूस करेंगे।

षष्ठ भाव में बुध के अस्त होने के चलते आपकी आर्थिक स्थिति प्रभावित हो सकती है साथ ही स्वास्थ्य संबंधी कारणों से खर्च बढ़ सकता है।

ऑनलाइन लेन-देन या दस्तावेज़ी कार्यों में धोखाधड़ी की संभावना भी बनेगी।

इस समय अवधि में अपने शब्दों का ख़ास ख्याल रखें क्योंकि अनावश्यक विवादों होने की आशंका है।

चूँकि अस्त बुध अपनी दृष्टि से द्वादश भाव को पूर्ण प्रभाव नहीं दे पाएगा, इसलिए आर्थिक मामलों में अतिरिक्त सावधानी रखें क्योंकि धन हानि हो सकती है।

उपाय: प्रतिदिन बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

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मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध प्रथम भाव और चतुर्थ भाव का स्वामी है तथा अब यह पंचम भाव में अस्त होने जा रहा है।

इस अस्त अवस्था के चलते आपकी स्पष्ट, साफ़ और प्रभावशाली वाणी आपके लिए कठिन परिस्थितियाँ उत्पन्न कर सकती है इसलिए इस दौरान आपको और अधिक विनम्र और सौम्य व्यवहार अपनाने की सलाह दी जाती है।

इस अवधि में आपका स्वास्थ्य भी नकारात्मक ढंग से प्रभावित हो सकता है या फिर आप अपने भाई-बहनों और रिश्तेदारों की आवश्यकताओं को अपनी जरूरतों से ऊपर रख सकते हैं।

माता के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की आवश्यकता पड़ेगी और उनके स्वास्थ्य की नियमित जाँच भी करवाने की आवश्यकता होगी।

घरेलू जीवन में कुछ छिपी हुई चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।

पंचम भाव में बुध अस्त होने से शिक्षा, रचनात्मकता और प्रेम संबंधों से जुड़े क्षेत्रों में इसका प्रभाव कमजोर पड़ने की आशंका है।

इस दौरान आत्मविश्वास में कमी और भ्रम की स्थिति महसूस हो सकती है।

इस राशि के जातकों को नौकरी या करियर से संबंधित देरी के कारण निराशा महसूस हो सकती है, लेकिन धैर्य बनाए रखें क्योंकि समय के साथ परिस्थितियाँ बेहतर होंगी।

अस्त बुध की स्थिति एकादश भाव से मिलने वाले सहयोग को भी कम कर सकती है। इसके चलते दोस्तों और बड़े भाई-बहनों का सहयोग कम महसूस हो सकता है और अपने लक्ष्यों तथा इच्छाओं को पूरा करने में अधिक प्रयास करना पड़ सकता है।

उपाय: ज़्यादातर हरे रंग के कपड़े पहनने का प्रयास करें और अगर संभव न हो तो अपने पास हरे रंग का रूमाल अवश्य रखें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध आपके तृतीय भाव और द्वादश भाव का स्वामी है तथा वर्तमान में आपके चतुर्थ भाव में अस्त हो रहा है।

तुला राशि में बुध अस्त होने के चलते कर्क राशि के लोगों को मिश्रित परिणाम प्राप्त होने की संभावना है। आपके खर्च और हानि नियंत्रित रहेंगे और आप बचत बढ़ाने पर अधिक ध्यान देते नज़र आयेंगे।

हालाँकि पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते आपको अधिक यात्राएँ या अपने शौक स्थगित करने पड़ सकते हैं, जिससे आत्मविश्वास और साहस में कमी महसूस हो सकती है।

चूँकि यह अस्त अवस्था आपके चतुर्थ भाव में होने वाली है इसलिए आपको माता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है क्योंकि उन्हें कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।

वाहन में खराबी या किसी प्रकार का नुकसान होने से भी आपके जीवन में अतिरिक्त खर्च भी बढ़ सकते हैं।

घर या संपत्ति से जुड़े दस्तावेज़ों तथा कानूनी मामलों में विशेष सावधानी बरतें। यह समय घर या वाहन खरीदने के लिए ज़्यादा अनुकूल नहीं रहेगा। ऐसे में अगर इससे जुड़ा फ़ैसला अभी ना ही लेने की सलाह दी जाती है।

साथ ही बुध के अस्त होने से इसकी प्रभाव क्षमता कमजोर होगी, जिसके कारण दशम भाव से जुड़े करियर और सार्वजनिक छवि में बहुत अधिक सहयोग नहीं मिल पाएगा।

उपाय: प्रतिदिन दीपक जलाएँ और तुलसी के पौधे की पूजा करें।

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध द्वितीय भाव और एकादश भाव का स्वामी है, इसलिए यह आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है। साथ ही इसका सीधा संबंध धन और आर्थिक मामलों से होता है।

अब बुध आपके तृतीय भाव में अस्त होने जा रहा है, जिसे ज़्यादा अनुकूल नहीं कहा जाता है।

सिंह राशि के जातकों, बुध का अस्त होना आर्थिक पक्ष के लिहाज से ज़्यादा अच्छा नहीं रहने वाला है।

इस दौरान धन को लेकर आपकी चिंता बढ़ेगी और साथ ही निवेश संबंधी बड़े निर्णय लेने के लिए भी यह समय उपयुक्त नहीं रहेगा।

तुला राशि में तृतीय भाव में बुध अस्त होने के चलते छोटी यात्राओं या यात्रा योजनाओं में अचानक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

परिवार, विशेषकर छोटे भाई-बहनों, चचेरे भाई-बहनों, पड़ोसियों और मित्रों के साथ अहंकार या मतभेद की स्थिति बन सकती है।

आप अपनी बात पर अधिक अड़े नज़र आयेंगे और दूसरों की सलाह को नज़रअंदाज़ कर सकते हैं, जिससे रिश्ते में तनाव बढ़ सकता है। विशेष रूप से छोटे भाई-बहनों के साथ विवाद से बचने का प्रयास करें क्योंकि छोटी बहस बड़े विवाद का रूप ले सकती है।

इसके अलावा, बुध के अस्त होने के चलते नवम भाव से जुड़े पिता, गुरु या मार्गदर्शकों से अपेक्षित सहयोग कम प्राप्त होगा।

उपाय: प्रतिदिन तुलसी के पौधे में जल अर्पित करें और उसकी एक पत्ती का सेवन करें।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह आपके लग्नेश बुध तथा दशमेश बुध का तुला राशि में द्वितीय भाव में अस्त होना है।

लग्नेश के अस्त होने से थकान, मानसिक दबाव, ऊर्जा में कमी या स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ महसूस हो सकती हैं।

इस समय अवधि में खर्चों में वृद्धि या ज़्यादा यात्राओं के चलते आप दबाव में नज़र आयेंगे और इसका प्रभाव आपके पेशेवर जीवन पर भी पड़ेगा। ऐसे में कुछ समय आराम करने की सलाह आपको दी जाती है।

चूँकि बुध आपके दशम भाव का भी स्वामी है, इसलिए कार्यक्षेत्र में संतुष्टि की कमी महसूस हो सकती है और आपके सामने कई चुनौतियाँ या नुकसान भी आ सकते हैं।

ऐसे में बुध अस्त अवधि में किसी बड़े व्यावसायिक निर्णय लेने से बचें यही आपके लिए लाभदायक रहेगा।

इसके अलावा, यह अस्त अवस्था आपके द्वितीय भाव में हो रही है, इसलिए बातचीत करते समय शब्दों का चयन सावधानीपूर्वक करें क्योंकि आपकी बातें गलत समझी जा सकती हैं और विशेषकर परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हो सकता है।

खर्च और हानि बढ़ने के चलते बचत और बैंक बैलेंस भी प्रभावित होने की आशंका, इसलिए आर्थिक प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें तो अच्छा होगा।

उपाय: बुध ग्रह के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए बुधवार के दिन पंचधातु या सोने की अंगूठी में जड़ा हुआ 5–6 कैरेट का पन्ना धारण करें।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि के जातकों, बुध ग्रह वर्तमान में आपके नवम भाव और द्वादश भाव का स्वामी है तथा अब यह आपके प्रथम भाव में अस्त होने जा रहा है।

आपकी जन्म कुंडली में बुध का यह अस्त होना मिश्रित परिणाम लेकर आने के संकेत दे रहा है। आपके खर्च और हानि नियंत्रित रहेंगे और आप निवेश बढ़ाने पर ज़्यादा ध्यान देते नज़र आयेंगे।

हालाँकि, नवमेश के अस्त होने से आपको भाग्य का साथ थोड़ा कम मिलेगा क्योंकि इस दौरान आप सिद्धांतों और मूल्यों की तुलना में आर्थिक पक्ष को ज़्यादा महत्व दे सकते हैं।

इस समय पिता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। चूँकि बुध आपके प्रथम भाव में अस्त होने जा रहा है, इसलिए आपको अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने या दूसरों के साथ प्रभावी संवाद करने में कठिनाई महसूस हो सकती है।

विशेष रूप से उन लोगों को जिनका काम बोलने, अभिव्यक्ति या प्रदर्शन पर आधारित है, उन्हें इस दौरान ज़्यादा चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

इसके साथ ही, बुध की प्रभाव क्षमता कमजोर होने के चलते सप्तम भाव से जुड़े विषयों—जैसे रिश्ते, साझेदारी और वैवाहिक जीवन—में अपेक्षित सकारात्मक बदलाव देखने को नहीं मिल सकते।

उपाय: बुधवार के दिन गणपति मंदिर जाएँ, भगवान गणेश को भोग अर्पित करें तथा उन्हें दूध अर्पित करें।

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आपके अष्टम भाव और एकादश भाव का स्वामी है और अब यह आपके द्वादश भाव में अस्त होने जा रहा है।

एकादशेश का अस्त होना निवेश और आर्थिक वृद्धि के लिए बहुत अनुकूल समय नहीं रहने वाला है।

कार्य और व्यवसाय से जुड़े खर्चों में वृद्धि होने की संभावना नज़र आ रही है। हालाँकि, इस दौरान किसी भी वित्तीय निर्णय में जल्दबाजी से बचें क्योंकि यह समय बड़े आर्थिक निर्णय लेने के लिए अनुकूल नहीं रहने वाला है।

काम की व्यस्तता के चलते आपका सामाजिक जीवन भी थोड़ा धीमा पड़ सकता है।

हालांकि इस परिवर्तन का सकारात्मक पक्ष यह है कि अष्टमेश का अस्त होना जीवन की अनिश्चितताओं को कुछ हद तक नियंत्रित करने के लिहाज से शुभ संकेत दे रहा है।

इस राशि के जो लोग शोध कार्य या गूढ़ विज्ञान से जुड़े हुए हैं उन्हें कार्यभार के चलते अध्ययन के लिए समय निकालने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।

जीवनसाथी के साथ किए गए संयुक्त निवेश भी बढ़ते खर्चों के कारण प्रभावित हो सकते हैं।

ससुराल पक्ष के साथ मतभेद या असहमति की स्थिति भी बनने की आशंका है। इस समय आपका मेडिकल खर्च, दवाइयों या अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च बढ़ सकता है।

इस दौरान अस्पतालों, बड़ी कंपनियों या आयात-निर्यात क्षेत्र में कार्यरत लोगों को अपने करियर में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: बुधवार के दिन गाय को मूंग, गुड़ और रोटी खिलाएँ।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए बुध सप्तम भाव और दशम भाव का स्वामी है और अब यह आपके एकादश भाव में अस्त होने जा रहा है।

चूँकि बुध आपके दशम भाव का भी स्वामी है, इसलिए इस दौरान कार्यक्षेत्र को लेकर आप थोड़ा असंतुष्ट महसूस कर सकते हैं। साथ ही कार्यक्षेत्र से जुड़ी कुछ चुनौतियों या हानि का भी सामना आपको करना पड़ सकता है।

इस अवधि में आपको किसी बड़े व्यावसायिक निर्णय से बचने की सलाह दी जाती है।

रिश्ते के लिहाज से बात करें तो बुध आपके सप्तम भाव का स्वामी होने के कारण इस अवधि में आपको जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

साथ ही, कार्यस्थल पर बढ़ता तनाव और अधिक मेहनत आपके प्रेम जीवन या वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकती है। संतुलन बनाए रखने के लिए अपने साथी के साथ समय बिताएँ और अपनी भावनाओं के बारे में खुलकर बात करें।

चूँकि बुध आपके एकादश भाव में अस्त होने जा रहा है, इसलिए सामाजिक दायरे और नेटवर्क में आपकी सक्रियता या प्रभाव कुछ कम महसूस होने की आशंका है।

यह स्थिति पिता से जुड़ी जिम्मेदारियों के कारण भी हो सकती है या संभव है कि वे आपके मित्रों के साथ अधिक समय बिताने को पसंद न करें।

इस अवधि में आपकी आर्थिक योजनाओं पर पिता का प्रभाव बढ़ सकता है तथा माता-पिता या बड़े भाई-बहनों के साथ विचारों का टकराव भी देखने को मिल सकता है।

उपाय: सत्यनारायण व्रत एवं कथा का पालन करें।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध आपके षष्ठ भाव और नवम भाव का स्वामी है तथा अब यह आपके दशम भाव में अस्त होने जा रहा है।

षष्ठेश का अस्त होना शत्रु, ऋण और कानूनी मामलों को कुछ हद तक नियंत्रण में रखने में सहायक साबित हो सकता है, लेकिन नवमेश का अस्त होना आपके लिए ज़्यादा अनुकूल संकेत नहीं दे रहा है।

इस दौरान आपको भाग्य का साथ कम मिलेगा और जीवन में अनिश्चितता और अचानक होने वाली घटनाओं का सामना भी आपको करना पड़ सकता है, जिनका प्रभाव विशेष रूप से आपके पेशेवर जीवन पर दिखाई दे सकता है।

अगर आप करियर या व्यवसाय में किसी बड़े बदलाव की योजना बना रहे थे, तो फिलहाल समय अनुकूल नहीं रहे वाला है। अभी रुकने की सलाह दी जाती है।

आपको अपने विचारों को व्यक्त करने और दूसरों तक अपनी बात पहुँचाने में भी कठिनाई महसूस हो सकती है।

मकर राशि के जातकों को इस अवधि में अपने करियर को लेकर अतिरिक्त सावधानी रखने की आवश्यकता होगी। कार्यस्थल पर बातचीत की कमी, गलतफहमियाँ, दस्तावेज़ों से जुड़ी समस्याएँ और अन्य चुनौतियाँ सामने आ सकती हैं।

इन परिस्थितियों से बचने के लिए बातचीत करते समय अधिक सतर्क और विचारशील रहें तथा इस समय का उपयोग अपनी पेशेवर दक्षताओं और कौशल को बेहतर बनाने में करें।

बुध के अस्त होने के चलते इसकी प्रभाव क्षमता कम हो जाएगी, जिससे जीवन के अन्य क्षेत्रों पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव कम ही नज़र आयेगा।

इसके परिणामस्वरूप चतुर्थ भाव से जुड़े विषय—जैसे माता का सहयोग और घरेलू सुख—में अपेक्षित लाभ प्राप्त नहीं हो सकते।

उपाय: बुधवार के दिन तोते को हरी मिर्च खिलाएँ और संभव हो तो तोते का पालन करें।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पंचम भाव और अष्टम भाव का स्वामी है और वर्तमान में नवम भाव में अस्त स्थिति में आ जाएगा।

कुंभ राशि के जातकों, अष्टमेश का अस्त होना जीवन की चुनौतियों को कुछ हद तक नियंत्रित रखने में मददगार साबित होगा।

इस राशि के जिन जातकों ने शेयर बाज़ार में निवेश किया है या नियमित ट्रेडिंग के क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें बुध अस्त अवधि के दौरान कुछ समय के लिए सावधानी बरतने और जोखिम कम करने की सलाह दी जाती है।

बुध आपके लिए पंचम भाव का भी स्वामी है, इसलिए यह अस्त अवस्था संतान संबंधी विषयों में चुनौतियाँ प्रदान करने के संकेत भी दे रहा है और विवाह के दबाव या अपेक्षाओं के चलते प्रेम संबंधों में तनाव उत्पन्न भी कर सकता है।

इस राशि के विद्यार्थियों को पढ़ाई में ज़्यादा दबाव महसूस होने की आशंका है। व्यापारिक समझौतों में भी अतिरिक्त सतर्कता रखने की सलाह दी जाती है। इस राशि के जातक जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

बातचीत करते समय शब्दों का चयन सोच-समझकर करें क्योंकि आपकी बातों का ग़लत अर्थ निकाला जा सकता है और विवाद की स्थिति बन सकती है।

अगर आप उच्च शिक्षा या किसी प्रोफेशनल कोर्स में प्रवेश लेने की योजना बना रहे हैं, तो निर्णय लेने से पहले पर्याप्त शोध और विचार अवश्य करें।

बड़े-बुजुर्गों या परिवार के लोगों से बात करते समय विशेष सावधानी रखें क्योंकि आपका हास्य या बोलने का तरीका अनजाने में उन्हें दुख पहुंचा सकता है।

उपाय: भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध चतुर्थ भाव और सप्तम भाव का स्वामी है तथा अब यह अष्टम भाव में अस्त हो रहा है।

इस राशि के जातकों को इस अवधि के दौरान अपने जीवनसाथी और माता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

साथ ही त्वचा संबंधी समस्याएँ या अचानक स्वास्थ्य संबंधी परेशानियाँ भी जीवन में दस्तक दे सकती हैं। इस राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि अपने खान-पान में सावधानी रखें और व्यक्तिगत स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।

गलतफहमियों के चलते ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में तनाव उत्पन्न हो सकता है, इसलिए विवाद और बेवजह के विवाद से बचने की सलाह दी जाती है।

गुप्त शत्रु, बढ़ते ऋण या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से घरेलू जीवन में चुनौतियाँ महसूस हो सकती हैं।

कुछ स्थितियों में आप अपने जीवनसाथी के साथ प्रतिस्पर्धा की भावना महसूस कर सकते हैं, जिसका नकारात्मक असर आपके वैवाहिक जीवन पर देखने को मिलेगा।

रोज़मर्रा के काम और पेशेवर जिम्मेदारियों का दबाव आपके रिश्ते को प्रभावित कर सकता है इसलिए काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाए रखने की ज़रूरत होगी। इसके लिए अपने जीवनसाथी के साथ खुलकर और ईमानदारी से बातचीत करने के लिए समय निकालें।

उपाय: किन्नर समुदाय का सम्मान करें और संभव हो तो उन्हें हरे रंग के वस्त्र भेंट करें।

मीन साप्ताहिक राशिफल

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बुध तुला राशि में अस्त कब होंगे?

बुध देव 30 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में अस्त होंगे।

2. बुध ग्रह की उच्च राशि कौन सी है?

 बुध महाराज कन्या राशि में उच्च अवस्था में होते हैं।

3. ग्रह अस्त कब होते हैं?

वैदिक ज्योतिष में ग्रह जब परिक्रमा करते हुए सूर्य के निकट चले जाते हैं, तो वह अपनी शक्तियां खो देते हैं, इसे ग्रह का अस्त होना कहते हैं।