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बुध वृषभ राशि में अस्त (19 जून, 2023)

बुध वृषभ राशि में अस्त: वैदिक ज्योतिष में बुध को प्रमुख ग्रह माना जाता है जो कि 19 जून, 2023 की सुबह 7 बजकर 16 मिनट पर वृषभ राशि में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त

ज्योतिष में बुध को तर्क और बुद्धि का प्रतिनिधि माना जाता है और यह ग्रह प्रवृत्ति से स्त्री हैं। इस आर्टिकल में हम बुध वृषभ राशि में अस्त से संबंधित अहम जानकारियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे। साथ ही, हम राशि अनुसार कुछ ख़ास और सरल उपायों के बारे में भी जानेंगे।

बुध मिथुन और कन्या राशि पर शासन करते हैं और जब यह इन राशियों में मौजूद होते हैं, तो जातकों को काफ़ी शुभ परिणाम हासिल होते हैं। वहीं बुध जब अपनी उच्च राशि कन्या में मौजूद होते हैं तो इसके सकारात्मक प्रभाव से जातकों को बिज़नेस और सट्टेबाजी से संबंधित कार्यों जैसे शेयर आदि में कामयाबी मिलती है। अब 19 जून 2023 को बुध वृषभ राशि में अस्त होने से सभी 12 राशियों को सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों की प्राप्ति होगी जिसके बारे में हम आगे बात करेंगे।

बुध वृषभ राशि वालों के लिए तीसरे और छठे भाव पर शासन करते हैं और अब यह आपकी कुंडली के पहले भाव में अस्त होने जा रहे हैं। इसके परिणामस्वरूप आपको स्वास्थ्य समस्या होने की आशंका है और आपकी तरक्की में व्यवधान आने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि इस अवधि में आपको कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी। बुध के अस्त होने के प्रभाव से आप अधिक ज्ञान अर्जित करने में सफल होंगे लेकिन आपके आर्थिक जीवन में उतार-चढ़ाव भी आने की आशंका है। बुध की अस्त अवस्था के नकारात्मक प्रभावों के चलते आपकी नींद और भूख में कमी आने के आसार हैं। इसके अलावा आपको अहम निर्णय लेने में भी दुविधा का सामना करना पड़ सकता है।

तो आइए इस लेख में आगे बढ़ते हुए सबसे पहले ज्योतिष में बुध के प्रभाव और महत्व को जानते हैं। इसके बाद हम 12 राशियों पर बुध के अस्त होने के नकारात्मक और सकारात्मक प्रभावों से आपको अवगत कराएंगे।

ज्योतिष शास्त्र में बुध का महत्व

कुंडली में मज़बूत बुध के प्रभाव से आपको जीवन में कई लाभ प्राप्त होते हैं जैसे अच्छी सेहत, तेज़ बुद्धि और जीवन में संतुष्टि आदि। इसके साथ ही आपको जीवन के हर क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलते हैं और आपकी सोच-समझने की क्षमता बेहतर होती है जिसकी मदद से आप ख़ास तौर पर बिज़नेस के क्षेत्र में अच्छे और लाभकारी फैसले लेने में सफल होते हैं। ऐसे जातक बिज़नेस, ट्रेडिंग जैसे क्षेत्रों में कामयाबी हासिल करने में सक्षम होते हैं। साथ ही, अगर आप ज्योतिष के क्षेत्र से जुड़े हैं तो बली बुध के आशीर्वाद से आपको इस क्षेत्र में उत्तम परिणाम हासिल होते हैं।

लेकिन, जिन जातकों की कुंडली में बुध क्रूर ग्रहों द्वारा पीड़ित होते हैं या फिर राहु-केतु या मंगल के साथ मौजूद होते हैं, तो इसका प्रभाव जातकों को नकारात्मक रूप से मिलता है। बुध और मंगल के एक साथ होने के कारण आपकी बुद्धिमत्ता में कमी आने के आसार होते हैं और आपका व्यवहार उग्र होने की आशंका रहती है। अगर बुध राहु या केतु के साथ मौजूद हों तो इसके फलस्वरूप आपको नसों, स्किन से संबंधित समस्याएं और नींद की कमी होने के आसार रहते हैं। वहीं, जब बृहस्पति बुध के साथ युति करते हैं तो इसके फलस्वरूप जातकों को कारोबार के क्षेत्र में लाभ मिलते हैं।

बुध अस्त का ज्योतिषीय महत्व

किसी ग्रह के अस्त होने को अगर आसान भाषा में समझा जाए तो इसका अर्थ है जब कोई ग्रह अपनी शक्तियां खो देता है। जैसे कि हम सभी जानते हैं बुध ग्रह तर्क, बुद्धि, शिक्षा और संचार कौशल के कारक हैं। बुध के अस्त होने से जातकों के अंदर असुरक्षा की भावना बढ़ने के आसार हैं, इसके अलावा आपकी एकाग्रता में कमी आ सकती है और आपको चीजों को समझने में दिक्कत हो सकती है।

जब कोई ग्रह सूर्य के दस डिग्री करीब होता है तो वह ग्रह शक्तिहीन हो जाता है जिसके परिणामस्वरूप वह कमज़ोर हो जाता है। बुध वृषभ राशि में अस्त होने से जातकों को सिरदर्द, नसों में समस्या और आंखों में जलन की शिकायत होने की आशंका है। इसके अलावा मेष राशि के जातकों को स्वास्थ्य के संबंध में कुछ अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि बृहस्पति और राहु पहले से ही आपकी राशि में मौजूद हैं। वृषभ राशि में बुध के अस्त होने के फलस्वरूप आपके अंदर आत्मविश्वास की कमी आ सकती है और जातकों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, इस दौरान धार्मिक और अध्यात्मिक कार्यों में रुचि लेने से आपको मदद मिलेगी।

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

To read in English click here: Mercury Combust In Taurus (19 June, 2023)

मेष

आपकी कुंडली के तीसरे और छठे भाव पर बुध का शासन है और अब यह दूसरे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त हो रहे हैं और यह आपके लिए कुछ सकारात्मक परिणाम लेकर आएगा। इस अवधि में आपको करियर में तरक्की मिलेगी और आप अपनी मेहनत की बदौलत कामयाब होंगे और दूसरों के लिए प्रेरणा के स्त्रोत बनेंगे।

अगर आपके करियर के लिहाज़ से देखें तो मेष राशि के जातकों को इस वक्त करियर में अच्छी उन्नति प्राप्त होगी और नौकरी के नए अवसर भी मिलेंगे। आप अपने लिए नए लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने में सक्षम होंगे। यह आपकी नौकरी के लिए सकारात्मक साबित हो सकता है।

अगर आप बिज़नेस कर रहे हैं तो बुध वृषभ राशि में अस्त होने की अवधि में जातक अपनी मेहनत के बल पर बेहतर प्रदर्शन करेंगे। आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और इसकी बदौलत आप कई कीर्तिमान स्थापित करेंगे और अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर देने में सक्षम होंगे।

आपके आर्थिक पक्ष की बात करें तो बुध वृषभ राशि में अस्त के दौरान आप उम्मीद से ज्यादा धन अर्जित करेंगे। हालांकि, इस दौरान आपको पारिवारिक जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए लोन लेना पड़ सकता है।

करियर के मामले में, मेष राशि के वह जातक अधिक धन कमाने में सक्षम होंगे जो विदेश में रह रहे हैं और ख़ास तौर से अगर आप इंश्योरेंस के क्षेत्र में कार्यरत हैं तो आप अच्छा मुनाफा कमाएंगे।

बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि में आप अपने पार्टनर और परिवार के सदस्यों के साथ बहुत स्पष्टवादी ढंग से बात करने में सफल होंगे या यूं कहें कि आप सीधे-सीधे अपनी बात को रखेंगे। वहीं, आपके प्रेम संबंध भी आनंदमय रहेंगे और आप रोमांटिक लम्हों का आनंद उठाने में सफल होंगे।

आपके स्वास्थ्य में कुछ उतार-चढ़ाव आने के आसार हैं। इस दौरान जातकों को हाइपरटेंशन और सिरदर्द की परेशानी होने की आशंका है इसलिए आपको अपने खानपान की आदत का ख़ास ख्याल रखने की सलाह दी जाती है।

दूसरे भाव से बुध आपकी कुंडली के सातवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको सार्वजनिक रूप से अपनी बात रखने में परेशानी होने के आसार हैं। साथ ही, इस कारण से कुछ लोगों से असहमति और विवाद हो सकते हैं। अगर आप साझेदारी में व्यापार करते हैं तो इस दौरान जातकों को कुछ उतार-चढ़ाव का अनुभव हो सकता है।

उपाय- रोज़ाना 19 बार ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का जाप करें।

वृषभ

आपकी कुंडली के दूसरे और पांचवें भाव पर बुध का शासन है और अब यह पहले भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त हो रहे हैं और इस दौरान जातकों के लिए कुछ समस्याएं पैदा होने की आशंका है। आपके खर्चों में वृद्धि, पारिवारिक कलह और पार्टनर के साथ विवाद होने के आसार हैं। साथ ही, वृषभ राशि के जातक इस दौरान थोड़े चिंतित नज़र आ सकते हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि आपके करियर के लिहाज़ से ज्यादा अनुकूल न होने की आशंका है। इस दौरान आपको अपनी कड़ी मेहनत के बावजूद अपने काम का श्रेय न मिलने की संभावना है और अगर आप इंसेंटिव या प्रमोशन की उम्मीद में हैं, तो हो सकता है इस अवधि में इसकी पूर्ति न हो।

आर्थिक पक्ष को लेकर संकेत मिल रहे हैं कि इस अवधि में आपको पारिवारिक प्रतिबद्धताओं के कारण ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं और ऐसे में, जातकों को धन संचय करने में परेशानी होने की संभावना है। इस दौरान किसी यात्रा के दौरान आपसे कोई कीमती सामान भी खो सकता है इसलिए सतर्क रहें।

अगर आपके संबंधों के बारे में बात करें, तो इस अवधि में आपको कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आपका प्रियतम के साथ विवाद हो सकता है जिसके कारण आप दोनों के रिश्ते में खटास आने के आसार हैं। इसके अलावा आपका अहंकार आपको परेशानी में डाल सकता है।

बुध वृषभ राशि में अस्त होने के कारण वृषभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य में कुछ परेशानियां झेलनी पड़ सकती हैं। इस दौरान आपको आंखों में जलन और दांत में दर्द की शिकायत भी हो सकती है। साथ ही, जातकों को अपने बच्चों की सेहत पर भी अधिक धन खर्च करना पड़ सकता है।

पहले भाव से बुध आपकी कुंडली के छठे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको पाचन से संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय- रोज़ाना 11 बार ‘ॐ नमो नारायणाय’ का जाप करें।

मिथुन

बुध आपकी कुंडली के पहले और चौथे भाव पर शासन करते हैं और अब यह बारहवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त होने से आपको करियर में कुछ चुनौतियां सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में आपको उचित परिणाम प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता होगी। हालांकि, इस राशि के जातकों को अपने करियर के मार्ग में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन उसके बाद आप निश्चित रूप से सफल होंगे।

अगर आप व्यापार करते हैं तो आपको नई तकनीकों और योजनाओं को समझना होगा और उसके साथ ही आगे बढ़ना होगा क्योंकि ऐसा करके ही आप सफलता प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही, अपने प्रतिस्पर्धियों को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि इस अवधि में आपको कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि ऐसे योग बन रहे हैं।

आशंका है कि बुध वृषभ राशि में अस्त के समय आप अपनी कमाई से पूर्ण रूप से संतुष्ट न हो। इस दौरान आपको लाभ और हानि दोनों ही हो सकती है। ऐसे में, अगर आप धन कमाने में सफल होते हैं तो शायद आप बचत करने में विफल रह सकते हैं।

अगर आपके रिश्तों के बारे में बात करें तो इस अवधि में आप परिवार में पैदा होने वाली कठिन परिस्थितियों का सामना करते वक्त थोड़ा असुरक्षित महसूस कर सकते हैं। इसके अलावा, आपको अपने रिश्ते में छोटे-छोटे विवादों को हल करने में भी परेशानी हो सकती है।

स्वास्थ्य के लिहाज़ से जातकों को कुछ उतार-चढ़ावों से जूझना पड़ सकता हैं क्योंकि आपको इस समय पीठ में दर्द और तनाव की समस्या थोड़ा परेशान कर सकती है।

बारहवें भाव से बुध आपकी कुंडली के पांचवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके फलस्वरूप आप अपनी इच्छाओं की पूर्ति में विफल हो सकते हैं। साथ ही, आप अपने बच्चों से कुछ ज्यादा उम्मीद कर रहे हैं शायद इस अवधि में वह आपको प्राप्त न हो।

उपाय- रोज़ाना 21 बार ‘ॐ नमः शिवाय’ का जाप करें।


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कर्क

आपकी कुंडली के तीसरे और बारहवें भाव पर बुध का शासन है और अब यह ग्यारहवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त हो रहे हैं और आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव में इनके अस्त होने के कारण आपकी नौकरी में दिक्कत आने की आशंका है क्योंकि कर्क राशि के जातक इस अवधि में कुछ अहम मौके गंवा सकते हैं। वहीं, कुछ जातक अपने काम से संतुष्ट न होने के कारण या तो नौकरी बदल सकते हैं या फिर छोड़ सकते हैं।

करियर की दृष्टि से, ऐसे योग बन रहे हैं कि आप अपने काम में कम दिलचस्पी लें और यह अवधि आपके लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो। इसके अलावा यह भी संभव है कि आप जिस सैलरी या प्रमोशन की उम्मीद कर रहे हैं वह आपको न मिले। इस अवधि में कुछ जातकों की नौकरी में भी बदलाव होने के आसार हैं।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो आपको अपनी योजनाओं को लागू करते हुए लगातार मेहनत करनी होगी क्योंकि ऐसा न करने से आपको नुकसान होने की आशंका है। बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि के दौरान बिज़नेस से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण संपर्क टूट सकते हैं और इस कारण से आपके हाथ से कुछ अहम मौके निकल सकते हैं। साथ ही, जातकों को व्यवसाय में कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है।

आपके आर्थिक पक्ष के बारे में बात करें तो बुध का वृषभ राशि में अस्त होना आपके लिए अनुकूल न रहने के आशंका है। इस दौरान जातकों को पैसे कमाने में परेशानी हो सकती है और ऐसे में, आपको बचत करने में भी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

अगर आपकी लव लाइफ पर दृष्टि डालें तो इस अवधि में आप दोनों के बीच कुछ गलतफहमियां होने के आसार हैं जिसका नकारात्मक प्रभाव आपके रिश्ते पर पड़ेगा।

बुध के अस्त होने से आपके ऊर्जा के स्तर में कमी आने की संभावना है और साथ ही, आपको स्किन से संबंधित परेशानियां भी हो सकती हैं।

ग्यारहवें भाव से बुध आपकी कुंडली के चौथे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपकी माता को स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं होने के आसार हैं। साथ ही, इस दौरान आपको अपने स्वास्थ्य पर भी काफ़ी धन खर्च करना पड़ सकता है।

उपाय- रोज़ाना 11 बार “ॐ सोमाय नमः” का जाप करें।

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आपकी कुंडली के दसवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि सिंह राशि के जातकों के लिए अधिक अनुकूल न रहने की आशंका है क्योंकि इस दौरान आपको भाग्य का साथ न मिलने के संभावना है। साथ ही, आप अपनी इच्छाओं की पूर्ति करने में असमर्थ हो सकते हैं जिसके कारण आपके अंदर असंतुष्टि का भाव पैदा होने की संभावना है।

करियर के लिहाज़ से बात करें तो, इस अवधि में आपको इस क्षेत्र में बाधाओं और दबाव का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपको कामयाब होने के लिए अपने कार्य को योजनाबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने की जरूरत होगी जिसकी मदद से आप प्रोफेशनल तौर पर तरक्की हासिल करने में सक्षम होंगे।

अगर आप बिज़नेस करते हैं, तो आपको इस अवधि में कम मुनाफा होने की आशंका है। यह भी संभव है कि आप कड़ी मेहनत के बावजूद भी अपने लक्ष्यों को हासिल करने में सक्षम न हों। इसके अलावा, आपको इस दौरान कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है और आशंका है कि इस दबाव के कारण आप बिज़नेस को लेकर सही फैसले न कर पाएं।

बुध वृषभ राशि में अस्त हो रहे हैं और इसका प्रभाव आपके आर्थिक जीवन पर प्रतिकूल रूप से पड़ सकता है क्योंकि आपको इस अवधि में अधिक धन खर्च होने की संभावना है। इसके अलावा आप किसी यात्रा के दौरान कोई कीमती चीज़ खो सकते हैं, विशेष रूप से लंबी दूरी की यात्रा में।

आपके प्रेम संबंध को देखें तो, इस अवधि में तालमेल की कमी के कारण आपके रिश्ते में उतार-चढ़ाव आने की आशंका है इसलिए अपने रिश्ते को बेहतर बनाने के लिए आपको सामंजस्य और तालमेल बैठाना पड़ सकता है।

दसवें भाव से बुध आपकी कुंडली के तीसरे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके कारण आपको अपनी तरक्की में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, जातकों को अपने छोटे भाई-बहन के कारण भी कुछ समस्या होने की आशंका है।

उपाय- रोज़ाना विष्णु सहस्त्रनाम का जाप करें।

कन्या

कन्या राशि के जातकों की कुंडली में बुध पहले और दसवें भाव पर शासन करते हैं और अब यह नौवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि कन्या राशि के जातकों के लिए अनुकूल साबित होने के योग हैं। इस दौरान आपको नौकरी में अच्छा नाम और सम्मान मिलने की संभावना है और साथ ही, कई अन्य फायदे भी होने के आसार हैं। हालांकि, संभव है कि इस समय आप अपने करियर से संतुष्ट नज़र न आएं क्योंकि आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि इस दौरान आप कुछ बड़ा हासिल करने में असफल रहे हैं।

करियर के लिहाज़ से देखें तो, आपको करियर में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। आपको अपने करियर में भाग्य का साथ न मिलने के कारण कार्यस्थल पर दबाव महसूस हो सकता है और इस कारण आपका मनोबल गिरने की आशंका है। इन परिस्थितियों के कारण संभव है कि आप अपनी पूरी क्षमता से काम न कर पाएं।

अगर आप व्यवसाय करते हैं तो बुध वृषभ राशि में अस्त आपके लिए चुनौतियां लेकर आ सकता है क्योंकि इस दौरान आपको धन हानि का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए आपको आने वाली चुनौतियों से पार पाते हुए और नए तौर तरीकों के साथ ढलते हुए आगे बढ़ने की जरूरत होगी। वहीं अगर आप ट्रेडिंग और सट्टेबाजी जैसे शेयर आदि से जुड़े हैं तो यह अवधि आपके लिए फलदायी रहेगी।

अगर आपके आर्थिक पक्ष को देखें तो, बुध वृषभ राशि में अस्त के दौरान आपके खर्चों में भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है और आपके लिए इसे इग्नोर करना आसान नहीं होगा। इसके अलावा आपको इस वक्त निवेश और नए कार्यों को शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

कन्या राशि के जातकों के पारिवारिक संबंधों की बात करें तो बुध वृषभ राशि में अस्त होने से आपको घर में कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, प्रेम संबंधों में तालमेल की कमी के कारण भी खुशियां आपके रिश्ते से नदारद रह सकती हैं।

स्वास्थ्य के लिहाज़ से, यह अवधि ज्यादा अच्छी नहीं कही जा सकती है क्योंकि इस दौरान आपको इंफेक्शन के कारण दांतों में तकलीफ हो सकती है। साथ ही, पाचन संबंधित समस्या होने के भी संकेत मिल रहे हैं इसलिए कन्या राशि के जातकों को अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

नौवें भाव से बुध आपकी कुंडली के दूसरे भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको घर और नौकरी में उतार-चढ़ाव महसूस होने की आशंका है। इसके अलावा, आपको स्वास्थ्य समस्याओं, विशेष रूप से आँखों से जुड़ी परेशानियों पर ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं इसलिए सावधान रहें।

उपाय- बुध ग्रह के लिए बुधवार के दिन हवन-यज्ञ करें।

तुला

तुला राशि के जातकों के लिए बुध नौवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं और अब यह आठवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

इस अवधि में आपको आध्यात्मिक कारणों से यात्राओं पर जाना पड़ सकता है और आपके खर्चों में भी वृद्धि होने की आशंका है।

करियर के लिहाज़ से देखा जाए तो बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि में कुछ जातकों के करियर में बदलाव हो सकते हैं और कुछ को स्थानांतरण का सामना भी करना पड़ सकता है। संकेत मिल रहे हैं कि आप जिस प्रमोशन के इंतज़ार में हैं उसमें देरी हो सकती है। यह संभव है कि आप करियर में जितनी उन्नति की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वह आपको प्राप्त न हो। इस दौरान आप अपने दोस्तों के साथ विवाद में पड़ सकते हैं।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो आपको इस समय सभी फैसले बहुत समझदारी से लेने होंगे। ख़ास तौर से आपको साझेदारी से संबंधित मामलों में सतर्क रहना होगा।

बुध वृषभ राशि में अस्त हो रहे हैं और आपकी कुंडली के आठवें भाव में इनके अस्त होने से इसका प्रभाव आपके आर्थिक पक्ष पर प्रतिकूल रूप से होने की आशंका है। इसके परिणामस्वरूप आपको आर्थिक नुकसान हो सकते हैं इसलिए आपको धन से संबंधित मामलों में काफी सूझबूझ के साथ आगे बढ़ने की सलाह दी जाती है।

आपके प्रेम संबंध के बारे में बात करें तो जातकों को उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। इस अवधि में आप दोनों के बीच गलतफहमियों के कारण विवाद पैदा होने के आसार हैं। आपको अपने रिश्ते को प्रेमपूर्वक चलाने के लिए सामंजस्य बिठाने की जरूरत है क्योंकि ऐसा न करने से आपकी परेशानियां बढ़ सकती हैं।

आपके स्वास्थ्य पर दृष्टि डालें तो बुध वृषभ राशि में अस्त होने के दौरान आपको नसों से संबंधित दिक्कत और सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। इस दौरान आपको योग का सहारा लेना चाहिए।

आठवें भाव से बुध आपकी कुंडली के पहले भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके फलस्वरूप आपको बेवजह की यात्राओं पर जाना पड़ सकता है और यह आपके लिए थोड़ी तनावपूर्ण साबित होने के आसार हैं। सकारात्मक पक्ष को देखें तो जातकों को इस दौरान अपने करियर को बेहतर बनाने के लिए कई अच्छे अवसरों की प्राप्ति होगी।

उपाय- रोज़ाना 11 बार “ॐ दुर्गाय नमः” का जाप करें।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं और अब यह सातवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि में आपके अंदर असुरक्षा की भावना बढ़ सकती है जिसके कारण आपको फैसले लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है और इसका सीधा प्रभाव आपके जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर पड़ेगा।

करियर के लिहाज़ से देखा जाए तो आपके ऊपर काम का दबाव बढ़ सकता है और आपको अपनी कड़ी मेहनत का श्रेय मिलने में भी बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपके सीनियर आपके काम में कुछ गलतियां निकाल सकते हैं जिसके कारण आप परेशानी में पड़ सकते हैं।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो इस समय में आपको कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलने के आसार हैं और संभव है कि आप इसे पार करने में असफल रहें। इस कारण आपको चीजों को व्यवस्थित करने में दिक्कत हो सकती है।

बुध वृषभ राशि में अस्त के दौरान बुध की सातवें भाव में मौजूदगी आपकी आर्थिक स्थिति को प्रभावित कर सकती है और ऐसे में, आपको धन से जुड़े मामलों में समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, हानि होने की भी आशंका है। इस अवधि में आपको कमाये हुए धन को बचाकर रखना मुश्किल लग सकता है।

आपके प्रेम संबंध के बारे में बात करें तो आपको अपने रिश्ते में काफी समझदारी से आगे बढ़ने की जरूरत होगी क्योंकि संकेत मिल रहे हैं कि आप दोनों के बीच विवाद पैदा हो सकता है। आप दोनों के बीच गलतफहमियों के कारण परेशानियां खड़ी हो सकती हैं इसलिए सतर्क रहें।

आपके स्वास्थ्य को देखें तो, इस अवधि में आपके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आने के आसार हैं। साथ ही, आपको स्किन से संबंधित परेशानी होने की आशंका है। हालांकि, इसके अलावा सेहत से जुड़ी कोई बड़ी समस्या नहीं होगी।

उपाय- रोज़ाना 27 बार "ॐ भौमाय नमः" का जाप करें।


बृहत् कुंडली: जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

धनु

धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और अब यह छठे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

आपके करियर के बारे में बात करें तो, यह अवधि काम करने की क्षमता के मामले में आपको सामान्य परिणाम दे सकती है। अगर आप अपने दिमाग का इस्तेमाल करते हुए व्यवस्थित ढंग से कार्य करते हैं तो आपको इस अवधि में निश्चित ही सफलता प्राप्त होगी।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो यह अवधि आपके लिए चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है। वहीं, जो साझेदारी में व्यवसाय करते हैं उन्हें पार्टनर का सपोर्ट न मिलने के चलते आर्थिक हानि उठानी पड़ सकती है।

आर्थिक पक्ष की दृष्टि से, बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि में धनु राशि के जातकों को अधिक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है और आपके लिए इन्हें मैनेज करना थोड़ा मुश्किल साबित हो सकता है। अगर आप ट्रेडिंग और शेयर बाजार से संबंध रखते हैं तो बुध वृषभ राशि में अस्त आपके लिए ज्यादा फायदेमंद रहने के आसार हैं।

घरेलू संबंधों को देखा जाए तो, बुध वृषभ राशि में अस्त के दौरान आप अपने पार्टनर के साथ विवाद में पड़ सकते हैं। इसके अलावा, आप अपने बच्चों को लेकर चिंतित नज़र आ सकते हैं।

स्वास्थ्य के लिहाज़ से, आपको गले से संबंधित इंफेक्शन की शिकायत हो सकती है और आपको अपने पार्टनर की सेहत पर भी अधिक धन खर्च करना पड़ सकता है।

छठे भाव से बुध आपकी कुंडली के बारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आपको आर्थिक नुकसान होने की आशंका है। हालांकि, इस दौरान पूजा-पाठ करना आपके लिए फलदायी साबित होगा।

उपाय- बृहस्पति ग्रह के लिए गुरुवार के दिन पूजा करें।

मकर

मकर राशि के जातकों के लिए बुध छठे और नौवें भाव के स्वामी हैं और अब यह पांचवें भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

करियर के लिहाज़ से देखें तो ,बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि करियर में प्रगति की दृष्टि से सामान्य परिणाम लेकर आने वाली है। हालांकि, इस दौरान यह भी संभव है कि आपको अपने काम के लिए उचित श्रेय न मिले और इसके परिणामस्वरूप, आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, कार्यस्थल पर आपके ऊपर काम का दबाव अधिक हो सकता है और यह भी मुमकिन है कि आप अपनी नौकरी में बदलाव करें।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो आपको इस समय ज्यादा धन लाभ न होने के आसार हैं। आसान भाषा में कहें तो बुध का अस्त होना आपके लिए व्यवसाय के मामले में सामान्य नतीजे लेकर आ सकता है। हालांकि, इस बात की भी संभावना है कि कड़ी प्रतिस्पर्धा के कारण आपको आर्थिक नुकसान उठाना पड़े।

आर्थिक पक्ष को देखें तो, आपकी कुंडली के पांचवें भाव में बुध अस्त हो रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आर्थिक मामलों में उतार-चढ़ाव आने की आशंका है। संकेत मिल रहे हैं कि

बुध वृषभ राशि में अस्त के दौरान पारिवारिक प्रतिबद्धताओं के कारण आपको परेशानियों का सामना भी करना पड़ सकता है।

पारिवारिक रिश्तों के संबंध में बात करें तो इस दौरान परिवार में कुछ विवाद पैदा होने की संभावना है जिसके चलते आपको औसत परिणामों की प्राप्ति हो सकती हैं। साथ ही, आपको अपने जीवनसाथी की जरूरतों को समझने में भी परेशानी होगी जिसका प्रभाव आपके रिश्तों पर पड़ेगा।

इस अवधि में आपके स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव आने के आसार हैं और आपको नसों से संबंधित दिक्कत परेशान कर सकती है और इसके परिणामस्वरूप आप तनावग्रस्त हो सकते हैं। इसके अलावा, संकेत मिल रहे हैं कि जातकों को अपनी माता जी के स्वास्थ्य पर भी अधिक पैसे खर्च करने पड़े।

चौथे भाव से बुध आपकी कुंडली के ग्यारहवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके प्रभाव से आपको करियर में अच्छे परिणाम मिलेंगे। हालांकि, आपको इस क्षेत्र में कड़ी टक्कर का भी सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, इस अवधि में आप काम में काफ़ी ज्यादा व्यस्त रहेंगे और पूरी लगन के साथ आगे बढ़ेंगे।

उपाय- हनुमान जी के लिए शनिवार को यज्ञ-हवन करें।

कुंभ

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें और आठवें भाव के स्वामी हैं और अब यह चौथे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त हो रहे हैं और यह आपके करियर के लिए उत्तम परिणाम लेकर आएंगे। आप नौकरी में अच्छी तरक्की करने में सफल होंगे, लेकिन इस अवधि में आपको प्रमोशन मिलने की संभावना बेहद कम है।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि आपके लिए सकारात्मक साबित होगी। इस समय आपको अच्छा धन लाभ प्राप्त होगा और आप आगे बढ़ने में सफल होंगे। आप चुनौतियों को आसानी से पार करने में भी सक्षम होंगे और अपने प्रतिद्वंदियों को कड़ी टक्कर देंगे।

आर्थिक पक्ष के बारे में बात करें तो चौथे भाव में बुध की मौजूदगी जीवन के इस क्षेत्र में कुछ परेशानियां लेकर आ सकती हैं क्योंकि इस अवधि में आपको अधिक खर्चों का सामना करना पड़ सकता है और यह भी मुमकिन है कि आपको लोन लेना पड़े।

अगर आपके प्रेम संबंध को देखें तो, बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि आपके लिए कुछ दिक्कतें खड़ी कर सकती हैं और संभव है कि आपको रिश्ते में सामंजस्य बिठाने में परेशानी हो। आप दोनों के बीच तालमेल की कमी रहने के आसार हैं और पारिवारिक मामलों में भी जातकों को थोड़ा कठिन समय झेलना पड़ सकता है।

इस दौरान आपको स्वास्थ्य के मामले में सतर्क रहना होगा क्योंकि इन जातकों को आंखों में जलन की परेशानी हो सकती है और यह समस्या लगातार बनी रह सकती है।

चौथे भाव से बुध आपकी कुंडली के दसवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके परिणामस्वरूप आप कुछ अहम मौके अपने हाथों से गंवा सकते हैं। इस दौरान आपको भाग्य का साथ न मिलने के आसार हैं।

उपाय- रोज़ाना ‘ॐ हनुमते नमः’ का जाप करें।

मीन

मीन राशि के जातकों के लिए बुध चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं और अब यह तीसरे भाव में अस्त होने जा रहे हैं।

करियर के लिहाज़ से, बुध वृषभ राशि में अस्त का समय आपके लिए ज्यादा अनुकूल न रहने की संभावना है। इस दौरान आपको मिलने वाले सकारात्मक परिणामों में कमी देखने को मिल सकती हैं। आपको अपने काम के लिए उचित सराहना और श्रेय मिलने में भी परेशानी होने की आशंका है।

अगर आप बिज़नेस करते हैं तो यह अवधि आपके लिए ज्यादा कारगर और फायदेमंद न रहने के संकेत हैं। आपको अपने प्रतिद्वंदियों से कड़ी टक्कर मिलने की आशंका है और जातकों को व्यवसाय में कुछ बाधाएं भी झेलनी पड़ सकती हैं।

बुध वृषभ राशि में अस्त की अवधि आपके आर्थिक पक्ष के लिए अनुकूल न होने के संकेत हैं। इस दौरान आप आउटसोर्सिंग या विदेशी माध्यम से धन कमाने में असफल रह सकते हैं।

आपके पारिवारिक जीवन को देखें तो, इस दौरान आपके पारिवारिक रिश्तों में सामंजस्य की कमी महसूस हो सकती है और आप अपने वैवाहिक जीवन में भी इसी परेशानी को झेल सकते हैं। बुध वृषभ राशि में अस्त के दौरान आपके प्रेम संबंध में खुशियों का अभाव देखने को मिल सकता है।

स्वास्थ्य के लिहाज़ से बात करें तो, इस अवधि में आपको आंखों में जलन की समस्या के साथ-साथ रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमज़ोरी महसूस हो सकती है। इसके अलावा आपको नींद न आने की भी समस्या हो सकती है।

तीसरे भाव से बुध आपकी कुंडली के आठवें भाव पर दृष्टि डाल रहे हैं और इसके फलस्वरूप आपको अनिश्चित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके अलावा, आपको ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं और आपके परिवार में सामंजस्य की कमी नज़र आ सकती है। इस अवधि में आपको लाभ मिलने में भी विलंब का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय- रोज़ाना 21 बार ‘ॐ गं गणपतये नमः’ का जाप करें।


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