ज्योतिष की दुनिया में गोचर बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसा
इसलिए माना जाता है क्योंकि सभी नवग्रह या नौ ग्रह हमारे आपके जीवन को
प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। चंद्रमा, सूर्य, मंगल, बुध,
बृहस्पति, शुक्र, शनि, राहु, और केतु कुछ ऐसे प्रमुख ग्रह हैं जिन्हें
ज्योतिष की दुनिया में काफी गंभीरता से लिया जाता है। ऐसे में यह बात
तो साफ है कि इन ग्रहों के गोचर या राशि परिवर्तन से हमारे जीवन पर असर
अवश्य ही पड़ता है।
बता दें कि हमारे जीवन में होने वाली सभी मुख्य घटनाएं इन ग्रहों के
चाल के ऊपर ही निर्भर करती हैं। ग्रहों की यह चाल हमारे जीवन में कुछ
बड़े तो कभी कुछ छोटे बदलाव लेकर आने वाली साबित होती है। इसके अलावा
यह सभी ग्रह हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को नियंत्रित करने की भी
क्षमता रखते हैं।
उदाहरण के तौर पर देख लीजिए जैसे कि चंद्रमा हमारे मन को नियंत्रित
करता है। ठीक इसी तरह सूर्य जिसे एक शाही ग्रह का दर्जा दिया गया है वह
हमारी कुंडली में सरकारी नौकरी और सेवाओं की संभावनाओं के लिए
जिम्मेदार माना गया है। ठीक इसी तरह शुक्र हमारे जीवन में प्रेम और
विवाह का कारक माना जाता है। इसके अलावा बुध ग्रह हमारी बौद्धिक
क्षमताओं को दर्शाता है। इसके अलावा बात करें अगर बृहस्पति ग्रह की तो
यह ग्रह मुख्य रूप से हमारे स्वास्थ्य को दर्शाता है। इसके बाद शनि
ग्रह की बात करें तो शनि ग्रह हमारे कर्म या कार्यों को दर्शाता है और
उसी के अनुसार हमें परिणाम देता है। इन्हीं सब कारणों की वजह से इन
ग्रहों के गोचर की तिथियों का सही ज्ञान, और गोचर के समय की उचित
जानकारी हमारे लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी गयी है। ताकि हम अपने जीवन में
होने वाले उन परिवर्तनों पर नज़र रख सकें जो ये गोचर हमारे जीवन में ला
सकते हैं।
यहां यह जानना बेहद जरूरी है कि सभी ग्रह एक समान गति से नहीं चलते
हैं। जहां कुछ ग्रह धीमी गति से आगे बढ़ते हैं वहीं कुछ ऐसे भी ग्रह है
जो काफी तेज गति से चलते हैं। उदाहरण के तौर पर समझाएं तो शनि ग्रह
बहुत धीरे चलने के लिए जाना जाता है, तो वहीं दूसरी तरफ बुध ग्रह एक
ऐसा ग्रह है जो काफी तेज गति से चलता है। यानी कि किसी भी व्यक्ति के
लिए ग्रहों की गतिविधियों पर नजर रखना असंभव सा होता है। हालांकि इन के
परिवर्तन से हमारे जीवन में काफी बदलाव आ सकते हैं। ऐसे में आपकी इसी
समस्या को समझते हुए हम आपके लिए सभी नव ग्रहों के गोचर की संपूर्ण
जानकारी, आपके जीवन में उनसे होने वाले बदलाव, गोचर का सटीक समय, और
तिथि इत्यादि की जानकारी आपके लिए लेकर आए हैं।
गोचर
सभी नवग्रहों के गोचर का सम्पूर्ण विवरण जानने के लिए आगे पढ़ें। साथ ही
जानें कब होने वाला है अगला गोचर?
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महीना
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दिन
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गोचर
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| जनवरी |
जनवरी 13th, 2026 |
शुक्र का मकर राशि में गोचर
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| जनवरी |
जनवरी 14th, 2026 |
सूर्य का मकर राशि में गोचर
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| जनवरी |
जनवरी 16th, 2026 |
मंगल का मकर राशि में गोचर
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| जनवरी |
जनवरी 17th, 2026 |
बुध का मकर राशि में गोचर
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 17th, 2026 |
शुक्र का कुंभ राशि में उदय
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 3rd, 2026 |
बुध का कुंभ राशि में गोचर
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 06th, 2026 |
शुक्र का कुंभ राशि में गोचर
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 10th, 2026 |
बुध का कुंभ राशि में उदय
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 13th, 2026 |
सूर्य का कुंभ राशि में गोचर
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 23rd, 2026 |
मंगल का कुंभ राशि में गोचर
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 26rd, 2026 |
बुध कुंभ राशि में वक्री
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| फ़रवरी |
फ़रवरी 28th, 2026 |
बुध कुंभ राशि में अस्त
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| मार्च |
02 मार्च 2026 |
शुक्र का मीन राशि में गोचर
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| मार्च |
11 मार्च 2026 |
बृहस्पति मिथुन राशि में मार्गी
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| मार्च |
13 मार्च 2026 |
बुध का कुंभ राशि में उदय
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| मार्च |
14 मार्च 2026 |
सूर्य का मीन राशि में गोचर
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| मार्च |
21 मार्च 2026 |
बुध कुंभ राशि में मार्गी
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| मार्च |
26 मार्च 2026 |
मंगल का कुंभ राशि में उदय
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| मार्च |
26 मार्च 2026 |
शुक्र का मेष राशि में गोचर
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| अप्रैल |
2nd अप्रैल 2026 |
मंगल का मीन राशि में गोचर
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| अप्रैल |
11th अप्रैल 2026 |
बुध का मीन राशि में गोचर, नीच राशि का प्रभाव
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| अप्रैल |
14th अप्रैल 2026 |
सूर्य का मेष राशि में गोचर, उच्च राशि में गोचर का प्रभाव
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| अप्रैल |
19th अप्रैल 2026 |
शुक्र का वृषभ राशि में गोचर, स्वराशि में गोचर का प्रभाव
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| अप्रैल |
30th अप्रैल 2026 |
बुध का मेष राशि में गोचर
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| मई |
01 मई 2026 |
बुध मेष राशि में अस्त
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| मई |
11 मई 2026 |
मंगल का मेष राशि में गोचर, स्वराशि में गोचर का प्रभाव
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| मई |
14 मई 2026 |
शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, मित्र राशि में गोचर का प्रभाव
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| मई |
15 मई 2026 |
सूर्य का वृषभ राशि में गोचर
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| मई |
26 मई 2026 |
बुध का वृषभ राशि में उदय
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| मई |
29 मई 2026 |
बुध का मिथुन राशि में गोचर
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| मई |
15 मई 2026 |
बुध का वृषभ राशि में गोचर
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| जून |
जून 2nd, 2026 |
गुरु का कर्क राशि में
गोचर |
| जून |
जून 8th, 2026 |
शुक्र का कर्क राशि में
गोचर |
| जून |
जून 15th, 2026 |
सूर्य का मिथुन राशि में
गोचर, बुध की राशि में सूर्य गोचर का प्रभाव |
| जून |
जून 21st, 2026 |
मंगल का वृषभ राशि में
गोचर, शुक्र की राशि में गोचर का प्रभाव |
| जून |
जून 22nd, 2026 |
बुध का कर्क राशि में गोचर
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| जून |
जून 29th, 2026 |
बुध कर्क राशि में वक्री
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| July |
04 July, 2026 |
शुक्र का सिंह राशि में गोचर
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| July |
07 July, 2026 |
वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर
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| July |
16 July, 2026 |
सूर्य का कर्क राशि में गोचर
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| July |
24 July, 2026 |
बुध मिथुन राशि में मार्गी
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| July |
27 July, 2026 |
शनि मीन राशि में वक्री
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| अगस्त |
1 August, 2026 |
शुक्र का कन्या राशि में गोचर
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| अगस्त |
2 August, 2026 |
मंगल का मिथुन राशि में गोचर
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| अगस्त |
5 August, 2026 |
बुध का कर्क राशि में गोचर
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| अगस्त |
17 August, 2026 |
सूर्य का सिंह राशि में गोचर
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| अगस्त |
22 August, 2026 |
बुध का सिंह राशि में गोचर
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| सितंबर |
2 September, 2026 |
शुक्र का तुला राशि में गोचर
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| सितंबर |
7 September, 2026 |
बुध का कन्या राशि में गोचर
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| सितंबर |
17 September, 2026 |
सूर्य का कन्या राशि में गोचर
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| सितंबर |
18 September, 2026 |
मंगल का कर्क राशि में गोचर
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| सितंबर |
26 September, 2026 |
बुध का तुला राशि में गोचर
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