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सूर्य का मिथुन राशि में गोचर (15 जून 2023)

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर 15 जून 2023 को शाम 18:07 बजे होगा, जब सूर्य देव शुक्र के आधिपत्य वाली वृषभ राशि से बाहर निकलकर बुध के आधिपत्य वाली मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। यहां पर सूर्य महाराज लगभग एक महीने तक विराजमान रह कर 16 जुलाई 2023 की प्रातः 4:59 बजे चंद्रमा के आधिपत्य वाली कर्क राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस प्रकार मिथुन राशि में सूर्य देव के रथ की गति मानव जीवन को अनेक रूपों में प्रभावित करती रहेगी।

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर 15 जून 2023 को होगा।

सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं और नवग्रहों के राजा माने जाते हैं। यह मेष राशि में उच्च अवस्था में माने जाते हैं तो तुला राशि में आकर यह नीच राशि स्थित हो जाते हैं। चंद्रमा, मंगल और बृहस्पति उनके परम मित्र ग्रह हैं और बुध भी इनके लिए सम हैं। सूर्य अपनी रश्मियों से मानव जीवन को और अनेक जीव धारियों को जीवन प्रदान करते हैं। इनकी रोशनी से मिलने वाला प्रकाश जहां पौधों को जीवन देता है तो मानव को भी अच्छी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रदान करता है। हमारे शरीर में प्राप्त होने वाला विटामिन डी सूर्य की ऊर्जा से धूप के रूप में ही हमें प्राप्त होता है। यदि धरती पर सूर्य का प्रकाश ना हो तो जीवन की कल्पना लगभग असंभव है। सूर्य हमारी हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और यह हमारे जीवन में आरोग्य के कारक देव माने गए हैं। इसके अतिरिक्त इन्हें प्रत्यक्ष देव भी माना जाता है। जन्म कुंडली में सूर्य राज कृपा पाने का अचूक प्रभाव दिखाते हैं। यदि आपको सरकारी नौकरी प्राप्त करने की इच्छा है या बड़े पद पर काम करना चाहते हैं तो कुंडली में सूर्य की स्थिति अवश्य देखनी चाहिए। यह सरकारी नौकरी, पिता, सरकारी कृपा, आदि के कारक ग्रह हैं। सूर्य की कृपा से व्यक्ति के अंदर राजा के समान गुण होते हैं। यदि सूर्य की स्थिति बिगड़ी हुई हो तो व्यक्ति अभिमानी भी हो सकता है जबकि अच्छा सूर्य व्यक्ति को कुशल नेतृत्वकर्ता बनाता है।

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मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं। यह एक द्विस्वभाव राशि है और वायु तत्व की राशि है जबकि सूर्यदेव अग्नि तत्व प्रधान ग्रह हैं। इस प्रकार अग्नि तत्व सूर्य का प्रवेश जब वायु तत्व की राशि में होगा तो गर्म हवाओं का प्रभाव बढ़ने लगेगा जिससे वातावरण में ग्रीष्म का प्रभाव दिखाई देने लगेगा। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपके जीवन को विभिन्न रूपों में प्रभावित करेगा क्योंकि सूर्य जब बुध की राशि में आते हैं तो यह अपने उत्तरायण की यात्रा की समाप्ति पर होते हैं क्योंकि मकर से लेकर मिथुन तक सूर्य देव उत्तरायण होते हैं और कर्क से लेकर धनु तक यह दक्षिणायन हो जाते हैं। बुध की राशि में सूर्य देव का गोचर बहुत महत्वपूर्ण इसलिए भी होता है क्योंकि बुध बुद्धि प्रदान करते हैं और ऐसे में सूर्य का कालचक्र की तीसरी राशि में प्रवेश करना अच्छा माना जाता है क्योंकि सूर्य का गोचर आमतौर पर तीसरे, छठे, दसवें और ग्यारहवें भाव में शुभ प्रभाव देने वाला माना गया है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए सूर्य का मिथुन राशि में गोचर क्या प्रभाव दिखाएगा।

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Read in English: The Sun Transit In Gemini (15 June 2023)

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य पंचम भाव के स्वामी हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके तृतीय भाव में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर से आपकी यात्राओं के योग बनेंगे। छोटी दूरी की अनेक यात्राएं होने लगेंगी। साहस और पराक्रम में बढ़ोतरी तो होगी लेकिन शासन और प्रशासन से आपको अच्छा सहयोग प्राप्त होगा। आपके कार्यों में उनका समर्थन रहेगा और अच्छे लोगों से आपकी मेल मुलाकात होगी। आपकी प्रशासनिक और नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी होगी। आर्थिक मोर्चे पर भी यह समय उन्नति दायक साबित होगा। भाई-बहनों के साथ तालमेल बिठाने के लिए आपको कुछ प्रयास जरूर करने होंगे। हालांकि वह आपकी सभी बातों को ध्यान पूर्वक समझेंगे और उन्हें महत्व देंगे। आपसी खींचातानी को दूर करने की कोशिश करें। यदि आप कोई खिलाड़ी हैं तो यह समय आपको अच्छी उन्नति देगा और आपको नई प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिलेगा। आपको संचार तंत्र के माध्यमों से अच्छा लाभ होगा। अपनी बात को लोगों तक पहुंचाने में सोशल मीडिया और संचार तंत्र का प्रयोग करना आपके लिए लाभदायक होगा और इससे आपके व्यापार में भी उन्नति होगी। कार्यक्षेत्र में आपके सहकर्मियों से अच्छा व्यवहार आपको लाभ देगा।

उपाय: प्रतिदिन श्री आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।


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वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए सूर्य चतुर्थ भाव के स्वामी ग्रह होकर आपके द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपके लिए मध्यम रूप से फलदायक साबित होगा। आपको बातचीत में बहुत ज्यादा ध्यान देना होगा क्योंकि सूर्य के दूसरे भाव में जाने से आपकी वाणी में कुछ कटुता बढ़ सकती है। आप अहम से ग्रसित हो सकते हैं जिससे आपके आसपास के लोग परेशान होंगे। उन्हें लगेगा कि आप इस तरीके की बातें क्यों करते हैं। पारिवारिक संबंधों पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वैसे इस दौरान आपके परिवार का सामाजिक स्तर ऊंचा होगा। आप अपने उपलब्ध संसाधनों का भली प्रकार प्रयोग कर पाएंगे। परिवार में किसी को सरकारी नौकरी प्राप्त हो सकती है या सरकार से धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं। कोई प्रॉपर्टी खरीदने में कामयाबी मिल सकती है और यदि आपकी कोई प्रॉपर्टी जो लंबे समय से आप बेचना चाह रहे थे, इस दौरान बिक सकती है। उससे आपको अच्छा धन लाभ हो सकता है। यह गोचर आपकी माताजी के लिए अनुकूल रहेगा।

उपाय: प्रतिदिन सूर्यदेव को अर्घ्य देने से आपको लाभ होगा।

मिथुन राशि

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए चंद्र राशि से प्रथम भाव में होगा यानि की आपकी ही राशि में यह गोचर होने वाला है। सूर्य देव आपके तृतीय भाव के स्वामी हैं। गोचर के परिणाम स्वरूप आपको अपनी उग्रता और अहम भावना को नियंत्रण में रखना अति आवश्यक होगा अन्यथा आपके बने बनाए काम बिगड़ जाएंगे। आप बिना वजह के ही आक्रामक होने लगेंगे और इससे आप अपने आसपास के लोगों में खुद को श्रेष्ठ साबित करने की कोशिश करते नजर आएंगे जिससे आपके प्रियजनों को निराशा होगी। आप अपने बल और प्रयासों को अपनी उन्नति के लिए इस दौरान लगाएंगे। यह एक अच्छी बात है और इससे आपको लाभ भी होगा लेकिन आप अकेले चलने की प्रवृत्ति से ग्रसित हो सकते हैं जो कि गलत है। कार्यक्षेत्र में भी आपको एक टीम के सदस्य की तरह काम करना ही लाभदायक रहेगा। केवल अपने बारे में सोचेंगे तो स्थितियां बदल सकती हैं और आपके सहकर्मियों से आपको परेशानी उठानी पड़ सकती है। व्यवसायिक लाभ होने के योग बन सकते हैं। उसके लिए आपको थोड़ा सा संयम रखना होगा। वैवाहिक जीवन में भी अहम भावना से दूर रहकर जीवन साथी को महत्व देंगे तो सब कुछ अच्छा रहेगा।

उपाय: सूर्य के गोचर काल के दौरान प्रतिदिन सूर्य अष्टक का पाठ करें।


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कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए सूर्य द्वितीय भाव के स्वामी ग्रह हैं और सूर्य का मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। इस गोचर के प्रभाव से आपके विदेश जाने के योग खुलेंगे। यदि आप बहुत लंबे समय से कोई विदेश यात्रा करना चाह रहे थे तो अब वह स्थिति आ सकती है कि जब आपकी बहुप्रतीक्षित यात्रा पूर्ण होगी और आपको विदेश जाने का मौका मिलेगा। इस दौरान आपको अपने खर्च पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा क्योंकि बेतहाशा खर्चों की बढ़ोतरी आपको कुछ परेशान कर सकती है इसलिए धन का सही कामों पर इस्तेमाल करना ही आपके लिए लाभदायक रहेगा। इस गोचर काल के दौरान आपको शेयर बाजार में सोच समझकर निवेश करना चाहिए। हालांकि कुछ क्षेत्रों में निवेश करने से आपको लाभ भी प्राप्त हो सकता है। स्वास्थ्य संबंधित समस्याओं के प्रति जागरूकता आपको परेशानियों से बचा सकती है। इस दौरिन तेज बुखार, सिर दर्द या आंखों में जलन जैसी समस्याएं परेशानी का कारण बन सकती हैं। कोई भी बड़ा फैसला लेने से बचने की कोशिश करनी चाहिए। अपने लोगों का विश्वासघात आपको परेशान कर सकता है इसलिए किसी पर बिना सोचे, पूर्ण रूप से भरोसा ना करें। हालांकि जो लोग विदेशों में काम कर रहे हैं या विदेशी कंपनियों में काम कर रहे हैं, उन्हें इस गोचर का लाभ मिलेगा और धन प्राप्ति के मार्ग खुलेंगे।

उपाय: आपको अपने घर में लाल फूल वाला पौधा लगाकर प्रतिदिन उसे जल से सिंचित करना चाहिए।

सिंह राशि

सिंह राशि में जन्म लेने वाले लोगों के लिए सूर्य देव मुख्य ग्रह हैं क्योंकि ये आपकी ही राशि के स्वामी हैं और सूर्य का मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपके एकादश भाव में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह गोचर कई मामलों में बहुत लाभदायक होगा। सूर्य का एकादश भाव में गोचर अनुकूल परिणाम देने वाला माना गया है। आपको सफलताएं मिलनी शुरू हो जाएंगी। जिस काम को आप करना चाहेंगे, वह काम आपको प्रशंसा भी दिलाएगा, लोकप्रियता भी दिलायेगा, लोगों से आपको आगे रखेगा और आपकी महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति कराएगा। इस दौरान प्रबल धन लाभ के योग बनेंगे। आपको समाज के रसूखदार और सम्मान प्राप्त लोगों से मेल मुलाकात का अवसर मिलेगा और आपके आपसी संबंध सुधरेंगे। प्रेम संबंधों में यह समय उतार-चढ़ाव से भरा रह सकता है। यदि आप अपने आप को ज्यादा महत्व देने की बजाय अपने प्रियतम को महत्व देंगे तो यह समय आपके प्रेम जीवन को पुष्पित और पल्लवित करेगा। यदि आप अभी तक अकेले हैं तो जीवन में किसी व्यक्ति की दस्तक सुनाई दे सकती है। आपके सामाजिक दायरे की बढ़ोतरी होगी और विशेष लोग आपकी दोस्ती पसंद करेंगे। सामाजिक तौर पर यह समय आपके परिवार को उन्नति दिलाएगा। आप धन प्राप्ति के लिए खूब प्रयास करेंगे और उसमें सफल भी होंगे। विद्यार्थियों को शिक्षा में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है।

उपाय: आपको उत्तम गुणवत्ता वाला माणिक्य रत्न रविवार के दिन प्रातः काल 8:00 बजे से पूर्व अपनी अनामिका अंगुली में धारण करना चाहिए।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए सूर्य देव द्वादश भाव के स्वामी हैं और यह आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेंगे। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपको अनुकूल फल प्रदान कर सकता है। यह गोचर काल आपको आपके कार्यक्षेत्र में उत्तम सफलता प्रदान करेगा। दशम भाव में सूर्य का दिग्बली होना आपको करियर में ऊंचाइयों पर ले जा सकता है। यदि आप नौकरी करते हैं तो नौकरी में बड़े पद की प्राप्ति हो सकती है और आपको किसी पुरस्कार से नवाजा जा सकता है। यदि आप व्यवसाय करते हैं तो इस दौरान आपके व्यवसाय की भी अच्छी उन्नति होने के योग बनेंगे। आपका विदेशी व्यापार भी बढ़ सकता है और विदेशी संपर्कों से आपको अपने कार्यक्षेत्र में लाभ हो सकता है। आप काम के सिलसिले में विदेश भी जा सकते हैं। हालांकि इस दौरान काम का दबाव आपके ऊपर होगा लेकिन वह आपके भले के लिए ही होगा। इस गोचर काल में पारिवारिक जीवन से थोड़ी सी उपेक्षा हो सकती है जिसे दूर करने की आपको समय-समय पर कोशिश करनी चाहिए। आपको कुछ नए कार्य सौंपे जा सकते हैं और कुछ नई जिम्मेदारियों के साथ आगे बढ़ने का मौका आपको मिलेगा। आपकी कार्यकुशलता में बढ़ोतरी होगी और एक अच्छे नेतृत्व कर्ता के रूप में आपकी पहचान बनेगी। आपके मित्रों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और कार्यक्षेत्र में भी बहुत सारे मित्र आपके बनेंगे जो आपकी मदद करते नजर आएंगे। आपको किसी भी बात को लेकर अति आत्मविश्वास का शिकार होने से बचना चाहिए और यदि आप ऐसा करते हैं तो यह गोचर आपको बहुत लाभ देगा।

उपाय: आपको गौ माता को गुड़ खिलाना चाहिए।

तुला राशि

तुला राशि में जन्म लेने वाले जातकों के लिए सूर्य ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपके नवम भाव में होगा भाग्य भाव में होने वाला सूर्य का यह गोचर पिताजी से संबंधों को बिगाड़ सकता है और उनके स्वास्थ्य के लिए भी अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता इसलिए आपको इस गोचर काल में उनकी सेहत का पूरा ध्यान रखना चाहिए। आपको समाज में मान-सम्मान तो मिलेगा लेकिन आप उसे एक नशे की तरह ना लें क्योंकि जब कोई नशा होता है तो उसका नुकसान उठाना पड़ता है इसलिए अपना काम सहज रूप से करते रहें। आप किसी से अपेक्षाएं ना रखें। इस दौरान लंबी यात्राओं के योग बनेंगे लेकिन यात्राओं के दौरान थोड़ी सावधानी भी बरतनी आवश्यक होगी अन्यथा शारीरिक और मानसिक समस्याएं सामने आ सकती हैं। तीर्थाटन करने में आपको सफलता मिलेगी। ईश्वर की शरण में जाकर मानसिक शांति प्राप्त होगी। नौकरी करने वाले लोगों को स्थानांतरण के आदेश हो सकते हैं। आपके कार्यों में कुछ विलंब हो सकता है। पारिवारिक सदस्यों, मित्रों और भाई बहनों से संबंध उतार-चढ़ाव के बीच सुधारते हुए नजर आएंगे। आपको जीवन में सफलता प्राप्ति के लिए थोड़ा प्रयास अधिक करना होगा और थोड़ा संघर्ष करना होगा, तब जाकर आपको सफलता मिलेगी। सूर्य का यह गोचर चुनौतियों को दरकिनार कर निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।

उपाय: आपको प्रतिदिन सूर्य नमस्कार करना चाहिए।

वृश्चिक राशि

सूर्य आपके दशम भाव के स्वामी ग्रह हैं और सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में होगा। इस भाव में सूर्य का जाना अनुकूल नहीं कहा जा सकता है इसलिए आपको बहुत ज्यादा एहतियात बरतनी होगी। आपके छुपे हुए राज बाहर आने से आपकी समस्याएं बढ़ सकती हैं। यदि आपने पूर्व में कोई ऐसा कार्य किया है जिसमें सरकार को नुकसान पहुंचाया हो तो इस दौरान आपको कोई सरकारी नोटिस या टैक्स डिमांड का सामना करना पड़ सकता है। आपको कार्यक्षेत्र में भी थोड़ी सावधानी रखनी पड़ेगी क्योंकि कोई आपके विरुद्ध षड्यंत्र कर सकता है और आपका नाम गलत कार्यों में डाला जा सकता है जिससे आपकी मानसिक शांति भंग होगी। हालांकि बाद में आप उससे बाहर निकल पाएंगे लेकिन वर्तमान में आप मानसिक तनाव का शिकार हो सकते हैं और मानहानि का सामना करना पड़ सकता है इसलिए इस दौरान थोड़ी सावधानी अवश्य बरतें। आमदनी को लेकर गलत रास्ता न चुनें बल्कि सही रास्ते से आमदनी आने दें भले ही वह कम हो, आपको मानसिक शांति मिलेगी। पारिवारिक माहौल पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है इसलिए घर में सुख शांति बनाए रखने की कोशिश करें। स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा ध्यान दें। ज्यादा स्वाद वाला भोजन करने से बचें क्योंकि इससे पेट खराब हो सकता है। आप को बुखार, पेट खराबी या गले से संबंधित समस्याएं परेशान कर सकती हैं। योग और ध्यान अवश्य करें और ईश्वर आराधना करें।

उपाय: आपको प्रतिदिन श्री रामरक्षा स्तोत्र का पाठ करने से लाभ होगा।


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धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य नवम भाव के स्वामी हैं और सूर्य का मिथुन राशि में गोचर होने से यह आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। यह गोचर जीवन साथी के साथ संबंधों पर असर डालने वाला होगा। आपके जीवन साथी और आप दोनों ही आपस में अहम के टकराव से बचकर रहेंगे तो रिश्ता खूबसूरत बना रहेगा अन्यथा रोज लड़ाई झगड़े और वाद-विवाद की स्थिति बन सकती है। हालांकि गोचर के प्रभाव से आपके व्यवसाय की बढ़ोतरी होगी। आपका नेतृत्व कौशल बढ़ेगा। आप लोगों से कम कराने में सक्षम होंगे और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने में भी आपको सफलता मिलेगी। कुछ बड़े लोगों के साथ मिलकर काम करने का मौका मिलेगा जिससे व्यवसायिक बाधाएं दूर होंगी। व्यवसायिक यात्राओं के दौरान थोड़ी सावधानी बरतें और किसी से व्यर्थ में उलझने से बचें। इस गोचर के प्रभाव से आपको जीवन साथी के माध्यम से कोई लाभ प्राप्त हो सकता है।

उपाय: तुलसी माता को प्रतिदिन (रविवार को छोड़कर) जल चढ़ाएं।

मकर राशि

मकर राशि के लिए सूर्य देव अष्टम भाव के स्वामी हैं ‌और सूर्य का मिथुन राशि में गोचर आपकी राशि से छठे भाव में गोचर करेंगे। इस गोचर का सबसे ज्यादा लाभ आपको यह होगा कि धन प्राप्ति के रास्ते खुलेंगे। आपको कर्ज मुक्ति का मुख देखना नसीब होगा यानी कि आपके पुराने कर्जे इस दौरान चुकता हो सकते हैं और आप ऋण मुक्त हो सकते हैं। इससे आपको राहत मिलेगी। नौकरी में आपकी स्थिति मजबूत होगी लेकिन इस दौरान किसी से भी झगड़ा आदि करने से बचें क्योंकि वह लंबा चल सकता है। स्वास्थ्य पर विशेष रूप से ध्यान देना होगा। आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता तो मजबूत रहेगी जो आपको रोगों से लड़ने में बचाव करेगी लेकिन फिर भी आप बीमारियों का शिकार भी हो सकते हैं। इस दौरान कोशिश करें‌ कि कोई नया कर्ज न लेना पड़े। मामा पक्ष से कहासुनी हो सकती है। आपको विदेश यात्रा का सौभाग्य प्राप्त हो सकता है। हालांकि खर्चों में बढ़ोतरी भी देखी जा सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके काम को सराहना प्राप्त होगी और वरिष्ठ अधिकारियों से आपके संबंध सुधरेंगे। यदि आप अपने जीवन में कष्ट पूर्ण समय से गुजर रहे हैं तो यह समय आपको मजबूती देगा और आपको उस समय से बाहर निकालने में मददगार साबित होगा।

उपाय: आपको रविवार के दिन बैल को गुड़ खिलाना चाहिए।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए सूर्य सप्तम भाव के स्वामी हैं और वर्तमान सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होने से यह आपके पंचम भाव में प्रवेश करेंगे। यह गोचर काल कोई नया कार्य शुरू करने के लिए अनुकूल रहेगा। प्रेम संबंधों में मिठास बढ़ेगी। आप यदि विवाहित हैं तो जीवन साथी से प्रेम और अंतरंग संबंधों की बढ़ोतरी होगी। इसके अतिरिक्त यदि आप किसी प्रेम संबंध में हैं तो उनसे विवाह का प्रस्ताव रखकर विवाह करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। एक दूसरे को समझने और जानने का मौका मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए यह गोचर अनुकूलता लेकर आएगा। आपको अपने अध्ययन में रुचि बढ़ेगी और आगे बढ़कर शिक्षा ग्रहण करने का मौका मिलेगा। हालांकि आपको अपने जीवन में किसी भी तरह की रूढ़िवादिता से बचना चाहिए। यदि आप विवाहित हैं और आपकी कोई संतान है तो उनके स्वास्थ्य पर इस दौरान ध्यान दें। इस दौरान वे चिड़चिड़े भी हो सकते हैं। व्यवसाय में उन्नति के योग बनेंगे और आपको धन लाभ होगा। पेट की गड़बड़ी से उदर रोग हो सकते हैं, इसके लिए सावधानी बरतें।

उपाय: आपको रविवार के दिन गुड़, गेहूं और तांबे का दान करना चाहिए।

मीन राशि

सूर्य का मिथुन राशि में गोचर मीन राशि के जातकों के चतुर्थ भाव में होगा। यह आपके लिए षष्ठ भाव के स्वामी हैं। सूर्य का यह गोचर अधिक अनुकूल नहीं कहा जा सकता है क्योंकि इससे पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। आपकी माता जी को स्वास्थ्य समस्याएं परेशान कर सकती हैं इसलिए उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी अति आवश्यक होगा। आपकी कोई संपत्ति वाद-विवाद में आ सकती है जिससे परिवार का माहौल बिगड़ सकता है। आपको थोड़ा सा ध्यान देना होगा और यदि कोई नई प्रॉपर्टी खरीदने जा रहे हैं तो उसकी पूरी जांच पड़ताल कर लें अन्यथा वह विवादित संपत्ति हो सकती है। हालांकि दूसरी ओर यदि न्यायालय में आपके विरुद्ध कोई मामला लंबित है तो उसका निर्णय आपके पक्ष में आने से आपको लाभ हो सकता है। आप अपने कार्य क्षेत्र को लेकर दृढ़ प्रतिज्ञाश रहेंगे और आप का संकल्प ही आपको अपने कार्यक्षेत्र में उन्नति प्रदान करेगा। थोड़ा सा मानसिक तनाव आपके ऊपर रहेगा। यह आपके कार्यक्षेत्र में भी दिखाई देगा लेकिन आप अपने काम को बेहतर करने की दिशा में आगे बढ़ेंगे और इसके सकारात्मक परिणाम प्राप्त होंगे। मानसिक तनाव को दूर करने के लिए पर्याप्त नींद लें और योग और ध्यान का सहारा लेंगे तो अच्छी सफलता प्राप्त कर पाएंगे। पारिवारिक जीवन में खुद को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की होड़ से बचकर रहें और सामान्य बने रहें तो आपको सब का प्यार मिलेगा।

उपाय: आपको श्री सूर्य चालीसा का पाठ करना चाहिए।


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