• AstroSage Brihat Horoscope
  • Ask A Question
  • AstroSage Child Report Banner
  • Raj Yoga Reort
  • Career Guidance

बृहस्पति का मकर राशि में गोचर (29 मार्च, 2020)

देवताओं का गुरु कहे जाने वाले बृहस्पति ग्रह 29 मार्च 2020, रविवार की रात्रि 7:08 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। यहाँ पर ये मकर राशि के स्वामी शनि से युति भी करेंगे। वैदिक ज्योतिष के अनुसार गुरु का राशि परिवर्तन काफी अनुकूल माना जाता है क्योंकि देव गुरु की दृष्टि अमृत समान मानी गई है। गुरु नैसर्गिक रूप से एक शुभ ग्रह है और सभी के लिए अच्छे परिणाम देने की सामर्थ्य रखता है। गुरु के मकर राशि में गोचर का असर सभी 12 राशियों पर किसी न किसी रूप में अवश्य होगा। तो आइये जानते हैं आपकी राशि पर गुरु का गोचर क्या प्रभाव दिखाने वाला है।

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें अपनी चंद्र राशि

गुरु बृहस्पति का मकर राशि में गोचर

गुरु गोचर - मेष राशि फलादेश

देव गुरु बृहस्पति आपकी राशि से दशम भाव में प्रवेश करेंगे। यह आपके नवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं। मकर राशि में गुरु गोचर के प्रभाव से आपके कार्यक्षेत्र में कुछ उतार-चढ़ाव की स्थितियां बनेंगी। कुछ लोगों को ट्रांसफर मिलने की संभावना रहेगी और यह बृहस्पति आपसे काफी मेहनत करवाएगा। कार्यक्षेत्र में बृहस्पति का गोचर विशेष रूप से आपको अपने बारे में विचार करने को मजबूर करेगा कि आप सही काम कर रहे हैं अथवा नहीं। आपकी योजनाएं फलीभूत होंगी लेकिन कार्यक्षेत्र में आपका अति आत्मविश्वास आपको परेशानियों में डाल सकता है, इसलिए अपने काम से काम रखें और दूसरों के कार्य में हस्तक्षेप करना बंद करें। बृहस्पति के इस गोचर से आपके धन की वृद्धि होगी और आप समाज में सम्मानित बनेंगे। आपके पारिवारिक जीवन में भी ख़ुशियाँ आएँगी और परिवार में बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा तथा जीवन में तरक्की करेंगे। इसके प्रभाव से आपको आपके भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आपके अटके हुए काम भी बनेंगे जिससे आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी और आप अपने सामाजिक स्तर को ऊंचा उठाने में सफल हो पाएंगे। आपको अपने काम पर पूरा ध्यान देना आवश्यक होगा।

उपाय : गुरुवार के दिन गौ माता को हल्दी व चने की दाल मिलाकर आटे की लोई खिलाएं।

गुरु गोचर - वृषभ राशि गोचरफल

देव गुरु बृहस्पति का गोचर आपकी राशि से नवें भाव में होने वाला है। यह आपकी राशि के लिए आठवें और ग्यारहवें भाव के स्वामी हैं। बृहस्पति का यह गोचर वृषभ राशि के जातकों के लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। इस गोचर के प्रभाव से सामाजिक रुप से आपकी काफी उन्नति होगी और आप का समाज में कद ऊंचा होगा। आपको अचानक से कोई पैतृक संपत्ति प्राप्त होने के योग बन सकते हैं, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर बनेगी। किसी गुरु अथवा गुरु तुल्य व्यक्ति से मिलने का मौका मिलेगा और उनकी सलाह जीवन में आपके बहुत काम आएगी। आर्थिक तौर पर यह गोचर सामान्य रहने वाला है। इस गोचर के प्रभाव से आपके मन में धार्मिक विचार रहेंगे और आप धार्मिक क्रियाकलापों में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। यह गोचर आपके अंदर आलस्य की वृद्धि करेगा, जिससे आप आलस की वजह से अपनी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं से हाथ धो सकते हैं, इसलिए थोड़ा ध्यान रखना चाहिए। आपकी संतान के लिए गोचर बहुत अनुकूल रहेगा और उनकी उन्नति होगी। यदि आप अभी अविवाहित हैं और किसी प्रेम संबंध में हैं तो इस गोचर का अनुकूल परिणाम मिलेगा और आपके प्रेम जीवन में बेहतरीन समय रहेगा। इस गोचर काल में आप किसी लम्बी तीर्थ यात्रा पर भी जा सकते हैं।

उपायः गुरुवार के दिन हल्दी व चना दाल का दान करें और गाय को रोटी खिलाएं।

पाएँ 250+ पन्नों की रंगीन कुंडली और भी बहुत कुछ: बृहत् कुंडली

गुरु गोचर - मिथुन राशि फलादेश

आपकी राशि के जातकों के लिए बृहस्पति सातवें और दसवें भाव का स्वामी है। सातवें भाव का स्वामी होने के कारण यह मारक भी है और इस गोचर काल में आपके अष्टम भाव में प्रवेश करेगा। मिथुन राशि के लोगों के लिए बृहस्पति का यह गोचर ज्यादा अनुकूल नहीं माना जाएगा क्योंकि इसके कुछ प्रतिकूल परिणाम भी सामने दिखाई देंगे। गुरु गोचर के प्रभाव से आपके खर्चों में यकायक वृद्धि होगी, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ सकती है और आपको बहुत ज्यादा तनाव का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि जो लोग आध्यात्मिक क्रियाकलापों में लगे हैं, उनके लिए बृहस्पति का गोचर काफी अनुकूल साबित होगा। फिर भी इस गोचर काल में आपको स्वास्थ्य संबंधित बड़ी परेशानियां सामने आ सकती हैं, इसलिए स्वास्थ्य संबंधित किसी भी समस्या को नज़रअंदाज़ ना करें और तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें। जो लोग ध्यान, मेडिटेशन और योग करते हैं, उनके लिए यह गोचर बेहतरीन अनुभव लेकर आएगा। आपको बेवजह के खर्चों से मुक्ति पानी होगी, नहीं तो आप काफी परेशान हो जाएंगे। बेवजह की यात्राएं आपके धन और स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती हैं, इसलिए इनसे दूर रहना ही बेहतर होगा। इस गोचर काल में आपके अपने ससुराल पक्ष से संबंधों पर भी थोड़ा असर पड़ सकता है और वे आपके मानसिक तनाव का कारण बन सकते हैं।

उपायः बृहस्पतिवार के दिन शुद्ध घी का दान करें।

गुरु गोचर - कर्क राशि भविष्यवाणी

आपकी राशि के लिए देव गुरु बृहस्पति का गोचर सदैव ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह आपके नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान के स्वामी भी हैं और छठे भाव के स्वामी भी। अपने इस गोचर काल में बृहस्पति देव आपके सातवें भाव में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि वालों के लिए देव गुरु बृहस्पति का यह गोचर कई मायनों में बहुत अनुकूल साबित होगा क्योंकि देव गुरु बृहस्पति की कृपा से आपकी आमदनी में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और आपकी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ बनेगी। व्यापार के मामले में भी आपके अच्छे संपर्क स्थापित होंगे, जो आपको आगे बढ़ने में मदद करेंगे। इस समय में आप अपने व्यापार को गति देने में भी सफल होंगे। एक बात का आपको विशेष ध्यान रखना होगा कि इस दौरान आपके अपने बिज़नेस पार्टनर से रिश्ते खराब हो सकते हैं, इसलिए उन्हें संभालने का प्रयास करें। यह गोचर दांपत्य जीवन में मिले जुले परिणाम लेकर आएगा। जहां एक ओर आपके रिश्ते में आपसी समझदारी बढ़ेगी, वहीं दूसरी ओर, आपका जीवन साथी का व्यवहार थोड़ा बदल सकता है और वह अहम की भावना से ग्रस्त हो सकते हैं। इसका असर आपके दांपत्य जीवन पर पड़ेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से बृहस्पति का गोचर थोड़ा कमजोर हो सकता है, इसलिए विशेष रुप से ध्यान दें। छोटी मोटी यात्राएं आपके व्यापार को वृद्धि प्रदान करेंगी। जिन लोगों का विवाह नहीं हुआ है, उन्हें इस गोचर का अनुकूल परिणाम मिलेगा और विवाह होने के योग बनेंगे।

उपायः हर गुरुवार को केले के वृक्ष का पूजन करें।

गुरु गोचर - सिंह राशि फलकथन

देव गुरु बृहस्पति का गोचर सिंह राशि के जातकों के छठे भाव में होगा। यह आपके राशि स्वामी के परम मित्र हैं और आपकी कुंडली में पांचवें और आठवें भाव के स्वामी भी हैं। इस गोचर के प्रभाव से आपके खर्चों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। यह वह समय होगा, जब आप स्वास्थ्य के क्षेत्र में कमजोर हो सकते हैं और आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। कोई बड़ी बीमारी भी शुरू हो सकती है, इसलिए विशेष रुप से ध्यान दें। इस समय काल में आपको वाहन सावधानी से चलाना चाहिए। किसी अन्य के झगड़े में हाथ ना डालें, अन्यथा नुकसान उठाना पड़ सकता है। कठिन मेहनत के उपरांत कार्य क्षेत्र में आंशिक सफलता मिलने की उम्मीद आप कर सकते हैं। इस समय में यदि आप प्रयास करेंगे तो आपको अपने ऊपर चढ़े हुए किसी भी प्रकार के कर्ज को चुकाने में सफलता मिलेगी लेकिन संभावना यह भी है कि आप किसी और से कर्ज लेकर पिछला क़र्ज़ चुकाएंगे। यदि आपके पास अधिक मात्रा में धन है तो किसी को अपना धन उधार ना दें क्योंकि उसके वापस लौटने की उम्मीद नहीं रहेगी। आमाशय तथा गुर्दों के रोगों से सावधान रहें। भोजन में वसा की मात्रा अधिक होने से मोटापा भी बढ़ सकता है।

उपायः बृहस्पति बीज मंत्र का जाप करें “ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवे नम:”

गुरु गोचर - कन्या राशि फलादेश

देव गुरु बृहस्पति का गोचर आपकी राशि से पांचवें भाव में होगा। कन्या राशि में जन्मे लोगों के लिए बृहस्पति चौथे और सातवें भाव के स्वामी हैं तथा यह सप्तम भाव के स्वामी होने से मारक भी कहलाते हैं। पंचम भाव में बृहस्पति का गोचर आपके लिए कुछ मामलों में बहुत अच्छे और कुछ मामलों में परेशानी जनक परिणाम लेकर आया है। यदि कुंडली में स्थितियां अनुकूल हों तो इस गोचर के प्रभाव से आप को संतान की प्राप्ति हो सकती है और आपकी बरसों की इच्छा पूरी हो सकती है। इस समय में आपके परिवार में सुख और शांति की बढ़ोतरी होगी और आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। यदि आप कोई व्यापार करते हैं तो यह वह समय होगा, जब आपके व्यापार में उन्नति का प्रसार होगा लेकिन आपके कुछ निर्णय गलत दिशा में भी जा सकते हैं। यहां पर बृहस्पति अपनी नीच राशि में है। हालांकि राशि का स्वामी शनि भी साथ होने के कारण आपको शुरुआत में कुछ अनुकूल परिणाम मिलने में देरी हो सकती है, फिर भी आपको अच्छे परिणाम भी मिलेंगे। इसके अलावा इस गोचर काल में शिक्षा के मामले में अच्छे परिणाम मिलेंगे और आपकी पढ़ाई आगे बढ़ेगी। आपके अंदर ज्ञान के प्रति जिज्ञासा की भावना जगेगी, जो आपको आगे बढ़ायेगी। यदि आप किसी से प्रेम संबंध में हैं तो यह गोचर आपके लिए उतार-चढ़ाव की स्थिति बनाएगा। आप यह निर्णय लेने में परेशान होंगे कि जिनसे आप प्रेम करते हैं, क्या वे वास्तव में आपके जीवन साथी बनने या लंबे समय तक साथ निभाने वाले रहेंगे अथवा नहीं। इस असमंजस से बचने के लिए आपको किसी समझदार और अनुभवी व्यक्ति की सलाह लेनी चाहिए। यदि आप नौकरी करते हैं तो इस समय में आपकी नौकरी जाने की संभावना भी बन सकती है।

उपायः प्रतिदिन अपने घर में कपूर का दीपक जलाएं।

गुरु गोचर - तुला राशि भविष्यवाणी

देव गुरु बृहस्पति का गोचर आपके चौथे भाव में होगा, इसलिए जो लोग तुला राशि में जन्मे हैं, उनको बृहस्पति के इस गोचर का प्रभाव विशेष रूप से पारिवारिक जीवन में देखने को मिल सकता है। बृहस्पति आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी भी हैं। चतुर्थ भाव में बृहस्पति का गोचर परिवार में तनाव को बढ़ा सकता है। लोगों में एक दूसरे को समझने की कमी हो सकती है, जिसकी वजह से परिवार की एकता खतरे में पड़ सकती है लेकिन यही गोचर कार्यक्षेत्र में आपकी स्थितियों को बलवान बनाएगा और आपके पक्ष में नतीजे आने लगेंगे। आपके काम की जमकर तारीफ भी होगी। इस गोचर काल में आपके परिवार के बुजुर्गों का स्वास्थ्य भी पीड़ित हो सकता है लेकिन इस गोचर का अच्छा फल यह होगा कि इस समय में आप कोई प्रॉपर्टी खरीदने में कामयाब होंगे और आपके प्रयासों से आपको सुखों की प्राप्ति होगी। आपकी माताजी के व्यवहार में कुछ बदलाव आ सकता है और उनकी सेहत भी उतार-चढ़ाव में रहेगी, इसलिए आपको उनका ध्यान रखना चाहिए। यह गोचर परिवार के प्रति आपको चिंतित बनाएगा और आपके घरेलू खर्च भी बढ़ेंगे। इस समय में आपको किसी भी प्रकार के विवाद से बच कर रहना चाहिए, जो विशेष रूप से आपके परिवार से संबंधित हो क्योंकि उससे आपको दुख होगा और आप अंदर से टूटन महसूस करेंगे।

उपायः प्रत्येक गुरुवार को घी का दान करना आपके लिए लाभदायक साबित हो सकता है।

किसी समस्या से हैं परेशान, समाधान पाने के लिए प्रश्न पूछें

गुरु गोचर - वृश्चिक राशि फलकथन

वृश्चिक राशि वालों के लिए बृहस्पति दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी है इसलिए यह दूसरे भाव का स्वामी होने से वृश्चिक राशि वालों के लिए मारक भी बनता है। गोचर की इस स्थिति में बृहस्पति आपके तीसरे भाव से गोचर करेगा और इसकी वजह से आपको यात्राओं पर बार-बार जाना पड़ेगा। आपकी काफी यात्राएं होंगी और ये यात्राएं मुख्य रूप से किसी तीर्थ स्थल के लिए तथा आर्थिक प्रयोजनों से हो सकती हैं। शुरुआती कुछ यात्राएं अनुकूल नहीं रहेंगी और आपको शारीरिक कष्ट और आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा लेकिन बाद में स्थिति बढ़िया हो जाएगी। यह गोचर काल आपके दांपत्य जीवन के लिए बेहद अनुकूल और प्रभावशाली रहेगा। यदि आपके रिश्ते में कोई तनाव चला आ रहा था तो वह भी अब दूर हो जाएगा और आपके रिश्ते में मजबूती आएगी। आपके भाई बहनों को आप आर्थिक तौर पर मदद देंगे और उनकी हर संभव सहायता करेंगे। आपकी संतान के लिए भी बृहस्पति का गोचर काफी अनुकूल रहेगा और इस समय में उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा। यदि आप अभी तक सिंगल हैं और किसी से प्रेम करते हैं तो यह गोचर आपके लिए अनुकूल रहेगा और आप अपने प्रियतम को विवाह के लिए प्रस्ताव दे सकते हैं और उसमें सफलता मिलने की भी अच्छी संभावना होगी।

उपायः भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना आपके लिए फलदायी रहेगा।

गुरु गोचर - धनु राशि फलादेश

बृहस्पति का गोचर आपकी राशि के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है क्योंकि गुरु ही धनु राशि का स्वामी ग्रह है। यह आपकी राशि के चौथे भाव का स्वामी भी है और वर्तमान गोचर में आपके दूसरे भाव में प्रवेश करेगा। बृहस्पति का दूसरे भाव में जाना आपके कुटुंब में वृद्धि की ओर संकेत करता है, जिसकी वजह से परिवार में किसी नए व्यक्ति का आगमन हो सकता है। चाहे आपके परिवार में किसी का विवाह हो अथवा कोई संतान जन्म हो, परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी और आप पूजा पाठ तथा शुभ कार्य संपन्न करेंगे। इसके अलावा परिवार में कोई शुभ आयोजन भी हो सकता है, जिससे लोगों से मिलना जुलना होगा और समाज में आपको ऊंचा स्थान मिलेगा। आपके परिवार की इज़्ज़त बढ़ेगी। इस समय में आपकी वाणी में गंभीरता आएगी और आप चीजों को सोच समझकर कहना शुरु करेंगे, जिससे आप प्रभावशाली बनेंगे। आप अपने परिवार को मजबूती देंगे तथा व्यापार तथा प्रॉपर्टी से अच्छा धन लाभ अर्जित करेंगे। यह गोचर आपके कार्यक्षेत्र को भी प्रभावित करेगा और आपकी सोचने समझने की शक्ति और आपका अंतर्ज्ञान आपको अपने कार्यक्षेत्र में मजबूत बनाएगा। आपका मन मीठा खाने को बहुत करेगा, जिससे आपके वजन में बढ़ोत्तरी भी हो सकती है।

उपायः घर में गुरु बृहस्पति यंत्र की स्थापना करें और रोज़ाना इसकी पूजा करें।

गुरु गोचर - मकर राशि भविष्यवाणी

मकर राशि के लिए बृहस्पति तीसरे और बारहवें भाव का स्वामी होता है और अपने इस गोचर काल में वह मकर राशि में ही गोचर कर रहा है। अर्थात आप के प्रथम भाव में बृहस्पति का गोचर होगा, जिसकी वजह से आपको एक बात का सबसे ज्यादा फायदा होगा, वह यह कि आपको सहज ज्ञान की प्राप्ति होगी और आप अपनी इनट्यूशन के बल पर बहुत अच्छे-अच्छे निर्णय लेंगे, जो आपके काम आएँगे। गुरु बृहस्पति के इस गोचर के प्रभाव से आपके पारिवारिक जीवन में ख़ुशियाँ आएँगी और आपका दांपत्य जीवन सुधरेगा। यदि उसमें स्थितियां बिगड़ी हुई थीं तो अब धीरे-धीरे सुधरने की ओर चल पड़ेंगी। एक दूसरे से नज़दीकी बढ़ेगी और समझदारी का विकास होगा। व्यापार के सिलसिले में यह गोचर आपके लिए काफी अनुकूल रहेगा। इसके अलावा आपकी संतान को भी इस समय में अच्छे नतीजे मिलेंगे। कुछ लोगों को संतान रत्न की प्राप्ति भी हो सकती है। यदि आप एक विद्यार्थी हैं तो बृहस्पति का गोचर आपकी शिक्षा में उन्नति के अवसर लेकर आएगा और आपकी मेहनत आपके काम आएगी। इस गोचर के प्रभाव से आपको लंबी यात्राओं पर जाने में भी रूचि जागेगी और आध्यात्मिक रूप से आप काफी मजबूत बनेंगे। आप का सामाजिक स्तर बढ़िया होगा और लोग आपकी तारीफ करेंगे। आप समाज में लोकप्रिय बनेंगे लेकिन आपको अपने आलस्य से बचना होगा क्योंकि यह आपकी उम्मीदों पर पानी फेर सकता है।

उपायः अपनी जेब में सदैव एक पीला रुमाल रखें और माथे पर प्रतिदिन केसर का तिलक लगाएँ।

गुरु गोचर - कुंभ राशि फलकथन

कुंभ राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर बारहवें भाव में होगा। आपकी राशि से दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी बृहस्पति आपके लिए मारक भी बनता है। द्वादश भाव में बृहस्पति का यह गोचर आपको शारीरिक तौर पर परेशान कर सकता है क्योंकि इस समय काल में आपका स्वास्थ्य बिगड़ सकता है और आप बीमार पड़ सकते हैं। अपने खान-पान पर विशेष ध्यान देंगे तो स्थिति में सुधार हो सकता है। आपकी जमा पूँजी कम होने लगेगी और आपके खर्चे एकाएक बढ़ने लगेंगे। आप परोपकार के कार्य में हद से ज्यादा रुचि लेंगे, जिससे अपनी जमा पूँजी को भी खत्म करने से नहीं हिचकिचाएंगे, इसलिए ऐसी स्थिति में आप को विशेष रुप से ध्यान रखना चाहिए। आप अच्छे और धार्मिक कार्यों पर खूब दिल खोलकर खर्च करेंगे लेकिन याद रखिए, ज्यादा खर्च भी आपकी आर्थिक स्थिति को बिगाड़ सकता है। इस गोचर काल में आपका पारिवारिक जीवन खुशनुमा रहेगा और परिवार की स्थिति बढ़िया रहेगी। लोगों में एक दूसरे के प्रति प्रेम की भावना बढ़ेगी। वाद विवाद तथा कोर्ट कचहरी से संबंधित मामलों के लिए यह समय कमजोर रह सकता है लेकिन जो लोग कानून के क्षेत्र में हैं, उन्हें यह गोचर काफी अनुकूल परिणाम देगा।

उपायः गुरुवार को सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल चढ़ाएँ। इस दौरान पीपल के वृक्ष का स्पर्श न करें।

गुरु गोचर - मीन राशि फलादेश

देव गुरु बृहस्पति मीन राशि के स्वामी हैं, इसलिए इनका यह गोचर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण होगा। इसके अतिरिक्त यह आपके कर्म भाव अर्थात दशम भाव के स्वामी भी हैं और अपने इस गोचर काल में वे आपके एकादश भाव में प्रवेश करेंगे। गुरु के गोचर के प्रभाव से आपको बहुत अच्छे नतीजे मिलेंगे। आपकी आमदनी उत्तरोत्तर वृद्धि को प्राप्त होगी, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। आपको समाज के बुद्धिमान और रसूखदार लोगों से मेलजोल बढ़ाने का मौका मिलेगा और उन से बनने वाले संपर्क आपको भविष्य में बहुत लाभ देंगे। किसी खास व्यक्ति की सलाह आपके बहुत काम आएगी। आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा। आपकी संतान को भी इस गोचर का अच्छा लाभ मिलेगा तथा दांपत्य जीवन में भी यह गोचर अनुकूल परिणाम प्रदान करेगा। रिश्तो में तनाव कम होगा, जिससे आप खुलकर राहत की सांस लेंगे। व्यापार के दृष्टिकोण से भी गोचर काफी अच्छा रहेगा और यदि आप नौकरी करते हैं तो आपकी अपने वरिष्ठ अधिकारियों से खूब छनेगी, जिससे आपको फायदे अवश्य मिलेंगे। यदि आप अभी तक सिंगल हैं तो यह गोचर प्रेम जीवन को प्रेम विवाह में बदलने के संकेत भी दिखा रहा है। ऐसे में आपके विवाह के योग भी बन सकते हैं, इसलिए आपके लिए गोचर काफी अनुकूल रहने वाला है।

उपायः गुरुवार के दिन पुखराज रत्न को सोने की अंगूठी में जड़वा कर तर्जनी अंगुली में धारण करें।

एस्ट्रोसेज मोबाइल पर सभी मोबाइल ऍप्स

एस्ट्रोसेज टीवी सब्सक्राइब

ज्योतिष पत्रिका

रत्न खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले रत्न, लैब सर्टिफिकेट के साथ बेचता है।

यन्त्र खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम के विश्वास के साथ यंत्र का लाभ उठाएँ।

फेंगशुई खरीदें

एस्ट्रोसेज पर पाएँ विश्वसनीय और चमत्कारिक फेंगशुई उत्पाद

रूद्राक्ष खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम से सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले रुद्राक्ष, लैब सर्टिफिकेट के साथ प्राप्त करें।