बुध का धनु राशि में गोचर, जानिये आप पर प्रभाव (17 दिसम्बर, 2020)

बुध ग्रह बृहस्पतिवार, 17 दिसम्बर 2020 को प्रातः 11:26 बजे मंगल की राशि वृश्चिक से निकल कर बृहस्पति के स्वामित्व की धनु राशि में प्रवेश करेगा। यह राशि काल पुरुष की कुंडली में नवम भाव अर्थात भाग्य भाव की राशि मानी जाती है। यह अग्नि तत्व की राशि भी है, इसलिए इस राशि में बुध का गोचर शीघ्रता से अपने परिणाम देने वाला साबित होगा।

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बुध ग्रह के धनु राशि में गोचर का राशिफल

अब जबकि बुध धनु राशि में गोचर करने वाला है तो आईये जानते हैं कि इस गोचर का आपकी राशि पर क्या खास प्रभाव पड़ने वाला है:

Read in English: Mercury Transit in Sagittarius

यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। जानें अपनी चंद्र राशि

बुध का धनु राशि में गोचर

मेष राशि

आपकी राशि के लिए बुध आपके तीसरे और छठे भाव के स्वामी हैं और धनु राशि में गोचर के कारण वे आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेंगे। नवम भाव को भाग्य स्थान भी कहा जाता है और इस भाव के द्वारा लंबी दूरी की यात्राएं, गुरु तथा गुरु समान लोग, आपके जीवन में धर्म और आस्था, तीर्थाटन, समाज में मान सम्मान, आदि के बारे में देखा जाता है।

नवम भाव में बुध का गोचर होने से आपको कुछ समस्याओं का सामना भी करना पड़ सकता है, विशेष रूप से किसी यात्रा में आपको कुछ असुविधा हो सकती है। यात्रा पर जाने से पहले अपनी पूरी तैयारी कर लें और अपने सभी जरूरी कागज़ात साथ रखें, नहीं तो आपको मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय में की गई यात्रा भविष्य के लिए बड़ी कारगर साबित होगी, इसलिए थोड़ा ध्यान अवश्य रखें।

साथ ही साथ आपके रिस्क लेने की प्रवृत्ति बढ़ेगी। इससे आपके व्यापार में अच्छे परिणाम मिलने शुरू हो जाएंगे। आप खूब मेहनत करेंगे, जिससे आपको अच्छा परिणाम मिल सके। छोटे भाई बहनों का भी पूरा सहयोग आपको मिलेगा और वे आपकी समाज में स्थिति को बेहतर बनाने में आपका पूरा सहयोग करेंगे। आपको किसी भी क्षेत्र में सफलता पाने के लिए इस समय में ज्यादा मेहनत करनी पड़ेगी। यदि आप मार्केटिंग, कम्युनिकेशन, राइटिंग के क्षेत्रों से जुड़े हुए हैं तो यह अवधि आपके लिए बहुत कारगर साबित होगी। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आपको जबरदस्त सफलता मिलेगी और आप लोकप्रियता भी हासिल करेंगे। मातृ पक्ष के लोगों के साथ कहीं दूर जाने का मौका मिलेगा और इस दौरान उनसे संबंध बढ़िया बनेंगे।

उपायः आपके लिए बुधवार के दिन व्रत रखना बेहतर फलदायी रहेगा।


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वृषभ राशि

आपकी राशि का स्वामी शुक्र है, जिसका परम मित्र है बुध और आपकी राशि के लिए यह दूसरे और पांचवें भाव का स्वामी होकर अपने इस गोचर काल की अवधि में आपकी राशि से अष्टम भाव में प्रवेश करेगा। अष्टम भाव को जीवन में अचानक से घटित होने वाली घटनाओं के लिए जाना जाता है और इसलिए इसके फल कथन को कहना अत्यंत कठिन काम है। इसके अतिरिक्त यह जीवन में अनचाही यात्राओं को भी बताता है।

आपके अष्टम भाव में बुध ग्रह का गोचर होने से आपको धन के मामले में कुछ चुनौतीपूर्ण समय का सामना करना पड़ेगा और धन हानि के योग बनेंगे। इसमें आपके कुछ अपने भी शामिल होंगे, जो आपको परेशान कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इस समय में आपको अपनी संतान से अच्छे समाचार सुनने को मिलेंगे और उन्हें सुखों की प्राप्ति होगी। आपकी संतान इस समय में खूब फले फूलेगी और आपको उन की प्रगति से खुशी मिलेगी।

प्रेम संबंध के दृष्टिकोण से यह समय बहुत अनुकूल है और इस समय अवधि में आपको अपने प्रियतम के साथ वक्त बिताने का पूरा मौका मिलेगा और आपका रिश्ता मजबूत होगा। आप एक दूसरे से अपनी सभी बातें साझा करेंगे, जिससे रिश्ता भी मजबूत होगा और एक दूसरे पर विश्वास बढ़ेगा।

इस समय में किसी प्रकार का मंत्र सिद्ध करना हो तो यह समय आपके लिए अच्छा रहेगा और आपको उस कार्य में सिद्धि अर्थात् सफलता मिलेगी। आध्यात्मिक रूप से आपको उन्नति मिल सकती है।

उपायः आपको बुध ग्रह के शुभ फल प्राप्त करने के लिए चार मुखी रुद्राक्ष बुधवार के दिन हरे रंग के धागे में धारण करना चाहिए।

मिथुन राशि

आपकी राशि का स्वामी बुध है, इसलिए बुध का गोचर आपके लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि इसका गोचर आपको सीधा सीधा प्रभावित करता है। आप के प्रथम भाव के साथ साथ बुध ग्रह आपके चतुर्थ अर्थात सुख स्थान का स्वामी भी है और अपने इस गोचर काल में वह आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेगा। सप्तम भाव दीर्घ कालीन साझेदारियों, विवाह, व्यापार तथा आयात निर्यात का भाव भी है।

बुध का गोचर सप्तम भाव में होने से आपको व्यापार में उत्तम लाभ की प्राप्ति होगी और आपका व्यापार विस्तार को प्राप्त होगा अर्थात आप अपने बिज़नेस को एक्सपैंड करेंगे और कुछ नई योजनाएं भी चालू कर सकते हैं, जिनसे आपके व्यापार को ऊर्जा मिलेगी और नए पूंजी निवेश से आपका व्यापार चमक उठेगा। इस समय काल में आपके दांपत्य जीवन में भी अच्छे पल आएंगे और आप और आपके जीवनसाथी के मध्य चले आ रहे तनाव से मुक्ति मिलेगी।

आप अपने जीवनसाथी के प्रति समर्पित रहेंगे और उनकी बातों को ध्यान पूर्वक सुनेंगे तथा उनका ध्यान रखेंगे, जिससे आपका रिश्ता मजबूत होगा। इसके अलावा आपका जीवनसाथी यदि कहीं काम करता है तो इस समय में उन्हें उनके कार्य क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलेंगे और आपकी पदोन्नति भी हो सकती है। समाज में आप की छवि अच्छी होगी और संपत्ति को लेकर कोई बड़ा निर्णय आप इस समय काल में लेंगे। आपको कोई संपत्ति खरीदने में भी सफलता मिल सकती है, जिससे आपकी खुशी दोगुनी हो जाएगी।

उपायः आपको बुधवार के दिन बुध ग्रह का यंत्र अथवा रत्न धारण विधिवत् तरीके से करना चाहिए।

कर्क राशि

आपकी राशि के लिए बुध तीसरे और बारहवें भाव का स्वामी है। बुध का धनु राशि में गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा। छठे भाव को अशुभ भाव माना जाता है क्योंकि यह शत्रु, विरोधी, कंपटीशन, प्रतियोगिता, चुनाव, बीमारियाँ, शारीरिक कष्ट, कर्ज और संघर्ष का भाव माना जाता है।

बुध के छठे भाव में गोचर करने से आपके खर्चों पर आपको ध्यान केंद्रित करना होगा क्योंकि वे हद से ज्यादा बढ़ सकते हैं और आपकी आर्थिक स्थिति पर प्रश्न चिन्ह लगा सकते हैं। इसके अतिरिक्त, आपको अपने विरोधियों से भी सतर्क रहना होगा क्योंकि इस दौरान वे भी काफी प्रबल हो सकते हैं और आपको उनके कारण अनेक प्रकार की समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है।

आपको इस समय में सोच समझकर बातचीत करनी होगी और व्यर्थ में किसी के झगड़े में पड़ने से बचना होगा। साथ ही साथ इस बात का ध्यान रखें कि इस समय में आपकी वाणी में कुछ समस्या हो सकती है। यानि कि आप खुद ब खुद कुछ ऐसी बातें कर सकते हैं, जिससे आपके अपने भी आपके शत्रु बन सकते हैं, इसलिए विशेष रुप से प्रोफेशनल लाइफ में इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है।

आप अपनी नौकरी को लेकर काफी संजीदा रहेंगे और आपकी मेहनत लोगों की नजरों में आएगी, जिससे आपको प्रशंसा भी मिलेगी और आपके कुछ विरोधी भी आपकी तारीफ करेंगे। ऐसे लोग, जिनकी आपको तारीफ की उम्मीद नहीं थी। इससे आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आपके कार्य तथा पदभार में वृद्धि होने के लिए प्रबल योग बनेंगे।

उपायः आपको बुधवार के दिन शाम के समय में किसी तीर्थ स्थल पर या मंदिर में काले तिलों का दान करना चाहिए।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए बुध ग्रह दूसरे और ग्यारहवें भाव का स्वामी है। दूसरा भाव धन भाव होता है तथा ग्यारहवां भाव आमदनी का भाव माना गया है, इसलिए दोनों ही भाव बड़े महत्वपूर्ण हैं। बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। पंचम भाव हमारी बुद्धि, हमारे स्वविवेक, हमारी कलात्मकता, हमारे प्रेम संबंध, हमारे जीवन के रुझान, हमारी संतान, आदि के लिए विशेष रूप से विचारणीय भाव होता है। यह त्रिकोण भाव होने के कारण एक अच्छा भाव माना गया है।

बुध के गोचर के परिणाम स्वरूप आपकी आमदनी में बढ़ोतरी होने के प्रबल योग बनेंगे और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों से भी आपको लाभ होगा। यदि पहले से ही किसी व्यापार में संलग्न हैं तो यह गोचर आपके लिए फायदे का समय साबित होगा और विभिन्न प्रकार के सूत्रों से आपको धन प्राप्त होने की संभावनाएं बनेंगी। इसके अतिरिक्त,कुछ लोग अपने बिजनेस में मामूली बदलाव करने का भी विचार करेंगे, जो उन्हें फायदा पहुंचाने वाला साबित होगा।

बुध ग्रह का गोचर आपकी संतान के लिए भी अनुकूल रहेगा और उन्हें इस समय में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।यदि वे विद्यार्थी हैं तो शिक्षा में उनकी बुद्धि तेज होगी और यदि कोई कार्य करते हैं तो उसमें भी उनकी प्रगति होगी। उनके लिए समय बेहतर रहेगा। इस समय काल में यदि आप किसी से प्रेम संबंध में हैं, तो आपके प्रेम संबंधों में बंधी हुई गांठें खुलने लगेंगी और समस्याएं दूर होंगी। एक दूसरे से साफ-साफ बात करने का मौका मिलेगा, जिससे मन की भावनाओं को जाहिर करेंगे और रिश्ता मजबूती की तरह आगे बढ़ेगा। साथ में कहीं यात्रा करने के भी योग बनेंगे। इसके अलावा,बुध ग्रह का यह गोचर विद्यार्थियों के लिए भी अनुकूल साबित होगा और उन्हें नये-नये विषयों की जानकारी प्राप्त करने में लालसा बढ़ेगी। वे कुछ नया सीखेंगे, उनकी स्मरण शक्ति विकसित होगी और इस समय काल में उन्हें अपनी शिक्षा से संबंधित बेहतरीन परिणाम प्राप्त होंगे।

उपायः बुध ग्रह के शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिये आपको बुधवार के दिन हरे पौधे लगाने चाहियें।

कन्या राशि

बुध ग्रह आपकी राशि का स्वामी है, इसलिए आपके लिए तो बुध का गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहेगा क्योंकि इसके प्रत्येक गोचर का आप पर खासा प्रभाव पड़ता है। यह आपके प्रथम भाव के अतिरिक्त दशम अर्थात कर्म भाव का भी अधिपति ग्रह भी है। प्रथम भाव आपके स्वास्थ्य, आपकी सोच, आपका शारीरिक रूप रंग, गठन और चरित्र के बारे में बताता है तो दशम भाव आपकी आजीविका और कार्य व्यवसाय तथा कर्म की गति को दर्शाता है। बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ स्थान में होगा, जिसे सुख भाव भी कहा जाता है। इस भाव से जातक की माता, जीवन में प्राप्त होने वाले विभिन्न प्रकार के सुख, सुविधाएँ, वाहन, चल व अचल संपत्ति, आदि का ज्ञान प्राप्त किया जाता है।

चतुर्थ भाव में होने वाला बुध ग्रह का गोचर पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव की ओर प्रबल संकेत दे रहा है। ऐसी स्थिति में आपको अपने परिवार में होने वाले किसी भी अहम के टकराव को रोकने का प्रयास करना चाहिए क्योंकि परिवार के लोग असंगठित होंगे तो परिवार की नींव हिल सकती है। आपका पूरा ध्यान अपने घर पर और घर से संबंधित स्थितियों पर रहेगा, जिससे आपके घरेलू खर्च भी बढ़ेंगे और आपकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी भी बढ़ेगी। बुध का गोचर आपको कोई संपत्ति भी दिलवा सकता है, विशेष कर कोई चल संपत्ति। यदि आप कोई वाहन खरीदना चाहते हैं तो इस समय में खरीद सकते हैं क्योंकि यह आपके लिए काफी शुभ रहेगा और आपको उन्नति दिलाएगा।

बुध ग्रह का धनु राशि में गोचर आपके कार्यक्षेत्र को भी मजबूती देगा और आप अपनी सहज बुद्धि और कार्यकुशलता के कारण अपने काम को बेहतरीन रूप से करेंगे, जिससे आपको कार्य क्षेत्र से संबंधित अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे और आपकी प्रशंसा भी होगी। इस समय काल में व्यापार में भी मंगल होगा और आपका व्यापार विस्तारित होगा अर्थात आप अपने बिज़नेस को आगे बढ़ाने में कामयाब होंगे। यदि आपका जीवनसाथी कार्यरत है तो उन्हें भी इस समय काल में अच्छे परिणाम मिलेंगे और वे उन्नति पाएंगे।

उपायः आपको बुधवार के दिन से शुरू करके बुध ग्रह के बीज मंत्र ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः का नित्य प्रति जाप करना चाहिए।

तुला राशि

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा। तीसरा भाव नैसर्गिक रूप से काल पुरुष की कुंडली में बुध की राशि मिथुन का भाव है, इसलिए इस गोचर का आपको अच्छा प्रभाव मिलेगा। तीसरा भाव आपकी श्रवण क्षमता अर्थात आपके कान, आपकी बाजू, आपके कंधे, आपके गले का भाव है। साथ ही साथ इसी से कम्युनिकेशन स्किल्स, मार्केटिंग, आप की हॉबी, आदि का भी तथा छोटे भाई बहनों का भी अंदाजा लगाया जाता है। बुध आपकी राशि के लिए नवम भाव अर्थात भाग्य भाव तथा द्वादश भाव अर्थात व्यय भाव का स्वामी भी है।

बुध ग्रह का तीसरे भाव में गोचर आपको अपनी बात को दूसरों के सामने रखने में मदद करेगा और इससे आपके आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी तथा आप खुद के प्रयासों के द्वारा अपने काम को तेजी से आगे ले जाने में कामयाब होंगे। यदि आप टूर्स एंड ट्रेवल्स का काम करते हैं तो यह गोचर आपके लिए बहुत अनुकूल रहेगा और आपको बहुत लाभ होगा। आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और भाग्य मजबूत रहेगा। इस वजह से आपके रुके हुए काम बनने लगेंगे और आपको समाज में बढ़िया मान सम्मान भी मिलेगा। आपकी मुलाकात कुछ पुराने मित्रों से भी हो सकती है, जिससे पुरानी यादें ताजा होंगी तथा कुछ नए लोगों से मित्रता भी संभव है। इस समय काल में आप लोगों के प्रिय बने रहेंगे।

आप अपने मन की समस्याएं और खुशियां दोनों ही अपने भाई बहनों के साथ साझा करेंगे, जिससे आपके बीच का रिश्ता मजबूत बनेगा। विदेशी संपर्कों से लाभ के लिए आपको अधिक प्रयास करने पड़ेंगे लेकिन एक बार आपने प्रयास कर लिया तो आपको सफलता मिलेगी। यदि आप कुछ लिखते हैं तो यह समय आपके लिए बहुत ही उन्नति दायक रहेगा और आप अपनी हॉबी को भी आगे बढ़ाने में कामयाब रहेंगे।

उपायः बुधवार के दिन विधारा की जड़ को जल में भिगो कर उस जल से स्नान करने से अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

वृश्चिक राशि

बुध ग्रह आपकी राशि के लिए आठवें तथा ग्यारहवें भाव का स्वामी है। आठवां भाव अनिश्चितता का भाव है जबकि ग्यारहवां भाव आमदनी का भाव माना जाता है। बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से दूसरे स्थान में होगा। दूसरा भाव धन भाव तथा वाणी भाव भी है। इसी से आपके कुटुंब के बारे में जानकारी प्राप्त की जाती है अथवा आपका धन, आपका खान-पान, आप का रहन सहन, आदि के बारे में दूसरे भाव से ही ज्ञात किया जाता है।

दूसरे भाव में बुध का गोचर होने से आपको अपनी आमदनी को संग्रह करने में अर्थात बचत करने में लाभ मिलेगा। यानि कि आप धन का संचय कर पाएंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आपके परिवार की भी स्थिति मजबूत होगी। परिवार में कुछ नए कार्य होंगे, जिसमें आप की उपलब्धता आवश्यक होगी और आप बड़ी सहजता से अपनी हर जिम्मेदारी का निर्वाह करेंगे, जिससे परिवार के लोगों में भी आपकी इज्जत बढ़ेगी।

इस समय काल में अचानक से भी कुछ ऐसी घटनाएं घटेंगी, जो आपको लाभ देंगी यानि कि आपने कुछ ऐसे लाभ की उम्मीद भी नहीं की होगी, जो आपको इस समय में मिल सकता है। आपको अपनी वाणी पर थोड़ा ध्यान जरूर देना होगा क्योंकि कभी-कभी आप ऐसी कोई बात कर सकते हैं, जो आपके विरुद्ध चली जाए। इस समय में आपके ससुराल पक्ष से भी आपको लाभ होने की उम्मीद रहेगी और वे किसी कार्य में आप की मदद भी करेंगे। इस समय में यात्रा करने से भी आपको लाभ मिलेगा और आपकी कोई बहन आपके काम बनाने में आपकी भली प्रकार मदद करेगी।

उपायः बुधवार के दिन हरी घास तथा हरा चारा गौ माता को अपने हाथ से खिलाना लाभप्रद रहेगा।

धनु राशि

आपकी राशि के लिए बुध का गोचर प्रथम भाव में होगा यानि की आपकी ही राशि में बुध का गोचर होने से बुध के प्रभाव आपको विशेष रूप से प्रभावित करेंगे। यह आपकी कुंडली के लिए सातवें और दसवें भाव का स्वामी है। सातवां भाव दीर्घ कालीन साझेदारी, विवाह और आयात निर्यात का भाव है तथा दशम भाव आपके कार्य, व्यवसाय और आजीविका का भाव माना गया है। प्रथम भाव का संबंध विशेष रूप से आपका व्यक्तित्व, शारीरिक रंग-रूप, गठन तथा समाज में आपका क्या चेहरा है, यह सब जानने में मदद करता है। साथ ही आपके शरीर के बारे में भी बताता है।

कुंडली के प्रथम भाव में बुध ग्रह का गोचर होने से आप हास्य विनोदी बनेंगे अर्थात मजाकिया अंदाज रखेंगे, जिससे लोगों को आपकी संगति भाएगी और आपकी सामाजिक स्थिति बेहतर बनेगी। आपको किसी भी शादी या पार्टी वगैरा में लोग काफी पसंद करेंगे क्योंकि आप ऐसी बातें करेंगे, जो उनके चेहरे पर हंसी लेकर आएगी। व्यापार के दृष्टिकोण से यह गोचर आपके लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा और आपका व्यापार दिनोंदिन उत्तरोत्तर वृद्धि को प्राप्त होने लगेगा, जिससे आपको अत्यंत प्रसन्नता होगी।

दांपत्य जीवन के दृष्टिकोण से भी बुध ग्रह गोचर काफी अच्छा रहने वाला है क्योंकि इससे आपके रिश्ते में जो समस्याऐं चली आ रही थीं, उन्हें दूर करने में मदद मिलेगी। आप अपने मन की गांठों को खोलने में कामयाब रहेंगे और इस समय में आप अपने जीवन साथी के साथ बैठकर जो भी बातें हैं, उन्हें सुलझा लेंगे, जिससे रिश्ता मजबूती की ओर आगे बढ़ेगा। आपका जीवन साथी भी मुखर होकर अपने मन की हर बात कहेगा, जिससे उनके अंदर का भी बोझ कम होगा। यह समय आपके दांपत्य जीवन को मजबूती देगा।

कार्यक्षेत्र में स्थितियां मजबूत होंगी लेकिन आपको विशेष रूप से स्वयं पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी। इस समय में आप अपने व्यक्तित्व में बदलाव लाने का भी प्रयास करेंगे।

उपायः आपको प्रतिदिन भगवान विष्णु जी की आराधना श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र से करनी चाहिए।

मकर राशि

आपकी राशि के लिए बुध ग्रह छठे और नवें भाव का स्वामी है। छठा ग्रह जहां बीमारी, संघर्ष, शत्रु और कर्ज का घर है तो वहीं नवम भाव भाग्यस्थान कहा गया है। यही धर्म स्थान है और इसी से आपके शिक्षक अथवा गुरुजनों के बारे में भी पता लगता है। बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से बारहवें भाव में होगा। बारहवें भाव को हानि अथवा व्यय का घर भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त, अस्पताल में भर्ती होना, विदेश जाना, जेल यात्रा करना, खर्चे होना, आदि यह सभी कुछ बारहवें भाव से पता चलते हैं।

बुध ग्रह का गोचर आपको अपने शत्रुओं से लड़ने के लिए तैयार करेगा क्योंकि वे इस दौरान प्रबलता की ओर बढ़ेंगे लेकिन आप भी अपनी ओर से पूर्ण प्रयास करेंगे कि उन्हें जीतने ना दिया जाए। ऐसे में आंख मिचौनी का खेल चलेगा और आपके निजी जीवन तथा पेशेवर जीवन में आपको अपने शत्रुओं से विजय हासिल करने के लिए अपनी बुद्धि का भरपूर इस्तेमाल करना पड़ेगा। इस अवधि में आपके खर्चों में बढ़ोतरी होना स्वभाविक है, इसलिए अपने बजट को नियंत्रित करके चलें ताकि आपकी आर्थिक स्थिति पर कोई नकारात्मक प्रभाव ना पड़े।

कुछ लोगों को इस समय में शहर बदलने अथवा राज्य बदलने या फिर विदेश जाने में सफलता मिल सकती है। यह यात्रा आपके लिए काफी अनुकूल रहेगी और आपको इससे काफी लाभ भी होगा तथा समाज में भी आप का स्तर ऊंचा उठेगा। भाग्य की प्रबलता रहने से आपके कामों में कोई रुकावट नहीं आएगी और आप दिल खोलकर खर्च भी करेंगे, जिससे इस समय का आनंद उठाने का प्रयास करेंगे।

केवल इतना ही नहीं, बुध का यह गोचर आपको कर्ज से मुक्ति दिला भी सकता है लेकिन आपको उसके लिए पुरजोर मेहनत और प्रयास करने पड़ेंगे। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी में लगे युवाओं को काफी मेहनत करने की आवश्यकता पड़ेगी, तभी उन्हें सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। आपके मन में आध्यात्मिक और धार्मिक विचारों की बढ़ोतरी होगी, जिससे आप परोपकार की भावना से भी जुड़ सकते हैं। एक बात का आपको खास ख्याल रखना होगा, अपना इनकम टैक्स आपने अगर सही भरा है तो ठीक, अन्यथा आपको कोई नोटिस आ सकता है।

उपायः बुध देव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए आपको बुधवार के दिन बुध की होरा में विधारा मूल धारण करनी चाहिए।

कुंभ राशि

बुध ग्रह का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। यह आपकी राशि के लिए पांचवें तथा आठवें भाव का स्वामी है। पांचवां भाव शुभ त्रिकोण भाव माना गया है तथा अष्टम भाव को अशुभ अभाव माना गया है। इस प्रकार बुध ग्रह का यह गोचर आपके लिए मिश्रित परिणाम लेकर आएगा। एकादश भाव हमारी आमदनी तथा लाभ को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त, यह जीवन में हमारी महत्वाकांक्षाओं और उन्हें पूर्ण करने के लिए हमारे प्रयासों को भी दर्शाता है। हमारी प्राप्तियाँ भी इसी भाव से देखी जाती हैं।

एकादश भाव में बुध का गोचर होने से आप सहज रूप से अपने धन को गुणा करने में अपना समय लगाएंगे। यानि कि धन प्राप्ति की ओर आपका पूरा ध्यान रहेगा और इससे आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती चली जाएगी। आप अपनी बुद्धि का पूरा इस्तेमाल करेंगे और इस समय में अपने चारों ओर लाभ ही लाभ आपको मिलेगा। आपके सामाजिक दायरे में भी बढ़ोतरी होगी और कुछ नए लोगों और मित्रों से मिलने का मौका मिलेगा। कुछ व्यापारियों से भी सम्पर्क स्थापित करने का मौका मिलेगा अर्थात यह समय आपके व्यापार को बढ़ाने वाला साबित हो सकता है, इसलिए इसका सदुपयोग करें।

बुध ग्रह के गोचर के दौरान आपके प्रेम जीवन में भी चार चाँद लगेंगे। आपको अपने प्रियतम के साथ वक्त बिताने के अनेक अवसर मिलेंगे, जिससे आप दोनों के बीच भावनाओं और विचारों का आदान-प्रदान होगा और आपका रिश्ता काफी मजबूती की ओर बढ़ेगा। यह गोचर आपके रिश्ते को पुष्पित और पल्लवित करेगा।

यदि आप शादीशुदा हैं तो आपकी संतान को इस समय में पूरी सफलता मिलेगी और वे जिस क्षेत्र में भी हैं, उसमें अपना बेहतरीन प्रदर्शन करने में कामयाब होंगे। आपकी बुद्धि का विकास होगा और आपकी स्मरण शक्ति में तीव्रता आएगी।

उपायः हरी साबुत मूंग की दाल बुधवार के दिन गौ माता को अपने हाथों से खिलाना हितकर रहेगा।

मीन राशि

आपकी राशि के लिए बुध ग्रह का गोचर आपके दशम भाव में होगा। बुध ग्रह आपके लिए चौथे और सातवें भाव का स्वामी है। चौथा भाव सुख भाव तथा सातवां भाव पार्टनरशिप का भाव है। दशम भाव में बुध का गोचर विशेष रूप से प्रभावी रहेगा क्योंकि दशम भाव आपका कर्म भाव है। इससे आपकी आजीविका का और आपके व्यवसाय का भी आंकलन किया जाता है।

दशम भाव में बुध ग्रह का गोचर आपको हाजिर जवाब बनाएगा और आप किसी भी प्रकार की हिचकिचाहट से दूर रहेंगे, जिससे अपने कार्य क्षेत्र में आप आगे बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे और अपने प्रदर्शन को ना केवल बढ़िया करने में बल्कि उसको सुंदरता से प्रस्तुत करने में भी सफल होंगे। इससे आप के अवसरों की संख्या बढ़ जाएगी और आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे। आपके पद की वृद्धि भी संभावित होगी। आपका बोलचाल का रवैया और शिष्टाचार आपके कार्यक्षेत्र में लोगों को बहुत पसंद आएगा और वे आपसे राय भी लेंगे। आपका मजाकिया अंदाज कार्यक्षेत्र के माहौल को हल्का रखेगा।

इसके अलावा, पारिवारिक जीवन के लिए भी यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा और आपके परिवार में सुख शांति का वातावरण रहेगा। परिवार के लोगों के बीच समन्वय और समरसता रहेगी, जिससे रिश्ते में मजबूती आएगी और परिवार की उन्नति होगी। आपके परिवार की सकल घरेलू आय में भी वृद्धि होगी तथा आप पारिवारिक खर्चों पर भी ध्यान देंगे। अपनी जिम्मेदारियां निभाने से आप में खुशी भी होगी और संतुष्टि भी। यह समय आपके दांपत्य जीवन के लिए थोड़ा सा परेशानी जनक हो सकता है, इसलिए इस समय में अपने जीवनसाथी के साथ मिल बैठकर आपसी समस्याओं को सुलझाने का प्रयास करेंगे तो बेहतर रहेगा।

उपायः आपको राधा जी का श्रृँगार करने के उपरांत बुधवार के दिन उनकी पूजा अर्चना करनी चाहिए।

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