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बुध का वृश्चिक राशि में गोचर- 23 अक्टूबर 2019

ज्योतिष शास्त्र में बुध बुद्धि का कारक ग्रह है। बुध ग्रह के आशीर्वाद से प्रभावित व्यक्ति जटिल से जटिल सवालों के जवाब ढूंढने में माहिर होते हैं। कुंडली में उत्तम बुध की स्थिति व्यक्ति को एक अच्छा व्यापारी, गणितज्ञ, वित्तीय कार्यों में कुशल, अपनी वाणी से लोगों को प्रभावित करने वाला तथा तेज बुद्धि का व्यक्ति बनाती है। नव ग्रहों में सूर्य ग्रह को राजा तो बुध ग्रह को राजकुमार की संज्ञा दी गई है। यह एक तटस्थ ग्रह है जो दूसरे ग्रहों की संगति के अनुसार फल देता है। सौम्य ग्रहों के साथ संबंध बनाने पर अनुकूल और अच्छे फल तथा क्रूर ग्रहों के साथ संबंध बनाने पर अशुभ फल देने में सक्षम होता है। यदि आप बैंकिंग सेक्टर की परीक्षा पास करना चाहते हैं अथवा सांख्यिकी और एप्टिट्यूड जैसे विषयों में सफलता तथा तार्किक क्षमता को बढ़ाना चाहते हैं तो आपको बुध की कृपा अवश्य चाहिए। भगवान गणेश बुध ग्रह के देव माने जाते हैं। बुध की कृपा प्राप्त करने के लिए उत्तम गुणवत्ता का पन्ना रत्न धारण करना चाहिए तथा गाय को हरा चारा खिलाना चाहिए। वहीं बुध ग्रह को मिथुन एवं कन्या राशि का स्वामी माना जाता है।

बुध का वृश्चिक राशि में गोचर

गोचर की समय व अवधि

बुध देव 23 अक्टूबर 2019, बुधवार रात्रि 22:47 बजे वृश्चिक राशि में प्रवेश करेंगे और 31 अक्टूबर 2019, बृहस्पतिवार को रात्रि 20:33 बजे वक्री हो जाएंगे। इस स्थिति में ये 7 नवंबर 2019, बृहस्पतिवार की शाम 16:04 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेंगे। ऐसे में आइये जानते हैं बुध के इस गोचर का सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव होगा।

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैल्कुलेटर

मेष

बुध आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होंगे। कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी। आपके पास धन आएगा और यदि लोन लेने की योजना बना रहे हैं तो इस दौरान आपको सफलता मिल सकती है। कार्य क्षेत्र में किसी प्रकार की रुकावट आने की संभावना है। ऐसी परिस्थिति में धैर्य से काम लें। वहीं इस अवधि में शोध और आध्यात्म में मन लगेगा। रहस्मयी चीज़ें आपको अपनी ओर अधिक आकर्षित करेंगी। पीएचडी कर रहे छात्रों के लिए यह समय अनुकूल साबित होगा। परिवार में भाई-बहनों को किसी प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में आप उनकी मदद इत्यादि कर सकते हैं। गोचर के दौरान अपनी सेहत को लेकर थोड़े गंभीर रहें। क्योंकि इस समय आपकी सेहत थोड़ी नाज़ुक रह सकती है। बुध के इस गोचर की वजह से अचानक ही यात्राओं पर जाना पड़ सकता है। इस दौरान वाहन आदि संभाल कर चलाएँ। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी को किसी प्रकार का लाभ प्राप्त हो सकता है।

उपाय: बुधवार के दिन हरी सब्जियों का दान करें।

वृषभ

बुध आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले पार्टनर्स का विचार किया जाता है। इस समय विवाहित जातकों के वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ आएँगी। जीवनसाथी को अपने क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। प्रेम जीवन भी ख़ुशहाल होगा। लव पार्टनर के साथ प्यार भरी बातों से प्रेम संबंधों में और भी ज़्यादा मज़बूती आएगी। प्रेम विवाह होने की संभावना तो है किंतु इसमें कुछ बाधाएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। करियर की दृष्टि से गोचर शुभ है। इस अवधि में आपको बेहतर अवसर प्राप्त हो सकता है। जॉब में भी परिवर्तन होने की संभावना नज़र आ रही है। यदि आप किसी के साथ साझेदारी में कोई काम या व्यापार कर रहे हैं तो उसमें आपको अनुकूल परिणाम मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। घर के सदस्यों के बीच आपसी प्रेम और सदभावना देखने को मिलेगी। संतान स्वस्थ एवं ख़ुश रहेगी। आर्थिक रूप से ख़र्चों में बढ़ोतरी के आसार हैं। अच्छा यह होगा कि आप अपने फ़िजूल के ख़र्चों को कम करें।

उपाय: श्री हरि विष्णु की पूजा करें और उनके समक्ष कपूर का दिया जलाएं।

मिथुन

बुध आपकी राशि से षष्ठम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। बुध का यह गोचर आपके लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। इस दौरान आपको विविध क्षेत्रों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ख़ासकर आपको अपनी सेहत पर अधिक ध्यान देने की आवश्यकता होगी। गोचर के दौरान आपका स्वास्थ्य कमज़ोर पड़ सकता है, इसलिए सेहत के मामले में अनदेखी न करें। दूसरी ओर, कार्य क्षेत्र में आपको अपने विरोधियों से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिलेगी। वे आप पर हावी होने का प्रयास करेंगे। लेकिन किसी भी सूरत में आपको उनके सामने झुकना नहीं है। किसी प्रकार के क़ानूनी विवाद का सामना करना पड़ सकता है, इसलिए ऐसा कोई भी ग़लत कार्य न करें जिससे आपको क़ानूनी केस का सामना करना पड़े। कार्य क्षेत्र में बाधाएँ आएँगी। लेकिन आप अपनी मेहनत के बलबूते इन बाधाओं से पार पा लेंगे। ननिहाल पक्ष के लोगों से से मुलाक़ात होने की संभावना है। आर्थिक दृष्टि से यदि गोचर को देखा जाए तो इस अवधि में ख़र्चों में बढ़ोत्तरी संभव है।

उपाय: बुधवार को गुड़ दान करें।


कर्क

बुध आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। इस दौरान संतान की सेहत पर ध्यान देना होगा। क्योंकि उन्हें किसी प्रकार की दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। अगर आप एक छात्र हैं और उच्च शिक्षा पाना चाहते हैं तो समय आपके अनुकूल होगा। उच्च शिक्षा के लिए आप विदेश में भी जा सकते हैं। इस अवधि में आप अपनी प्रतिभा को निखारने का प्रयास करेंगे। वहीं प्रेम जीवन में लव पार्टनर के साथ संबंध अच्छे होंगे। लेकिन इस दौरान किसी बात को लेकर आप दोनों के बीच अनबन भी हो सकती है। यदि आप सिंगल हैं और सच्चे प्यार की तलाश में है तो इस बीच आपके दिल को कोई अच्छा लग सकता है। उसके साथ नई रिलेशनशिप की शुरुआत भी हो सकती है। वैवाहिक जीवन में कुछ गलतफ़हमियों के कारण जीवनसाथी के साथ अनबन हो सकती है। जीवनसाथी के लिए ये गोचर सफलता लेकर आएगा। इस दौरान आप कोई बड़ा संकल्प ले सकते हैं। संवाद शैली पहले से बेहतर होगी और आप बुद्धिमानी व समझदारी से काम लेंगे।

उपाय: मौसी, बुआ या चाची को हरे वस्त्र दान करें।

सिंह

बुध आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर कर रहे हैं। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपके जीवन में खुशहाली व समृद्धि आएगी। घर-परिवार के लोगों के साथ समय बिताने का अच्छा अवसर प्राप्त होगा। इस बीच अपनों का साथ आपको प्रसन्नता का अनुभव कराएगा। गोचर के दौरान आपकी चल-अचल संपत्ति में वृद्धि होगी। आप कोई प्रॉपर्टी या फिर वाहन आदि ख़रीद सकते हैं। माता जी के लिए गोचर लाभकारी रहने के संकेत दे रहा है। उनकी सेहत बढ़िया रहेगी और आपको उनका आशीर्वाद प्राप्त होता रहेगा। वहीं अपने कार्यक्षेत्र में आप मन लगाकर कार्य करेंगे। अच्छे कार्य की वजह से आपको अपने सीनियर्स से प्रशंसा मिलेगी। अगर आप एक छात्र हैं तो आप अपने लक्ष्य को पाने में पूरे तन मन से जुट सकते हैं। समाज में आपको प्रसिद्धि प्राप्त होगी। बड़े और समाज के प्रभुत्वशाली लोगों के साथ आपका उठना बैठना हो सकता है।

उपाय: किन्नरों का आशीर्वाद प्राप्त करें।

कन्या

बुध आपकी राशि से तृतीय भाव में जाएंगे। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। गोचर के दौरान आपके साहस और आत्म-विश्वास में वृद्धि होगी। इस दौरान आप अपने जुनून व संकल्प को लेकर ज़्यादा गंभीर रहेंगे। आप निडरता के साथ आगे बढ़ेंगे और बेबाकी से अपने विचार दूसरों के समक्ष रखेंगे। संवाद शैली बेहतर होगी किंतु आपको अपने क्रोध पर काबू पाना होना अन्यथा किसी के साथ लड़ाई-झगड़ा भी हो सकता है। इस गोचर के दौरान आप अपनी जॉब भी बदल सकते हैं। दोस्तों व रिश्तेदारों की आवश्यकता पड़ने पर आप उनकी मदद कर सकते हैं। हालांकि किसी बात को लेकर आपका उनके साथ कोई मनमुटाव भी हो सकता है। नए लोगों से मिलने के आसार हैं। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी की सफलता से आपका सामाजिक स्तर और भी ऊँचा होगा। इस अवधि में छोटी-छोटी यात्राओं के भी योग हैं। छोटे भाई बहनों को सफलता मिलने की संभावना है। उनकी सफलता आपके चेहरे में मुस्कान लाएगी। ज़रुरत पड़ने पर आप उनकी मदद भी कर सकते हैं।

उपाय: दस मुखी रुद्राक्ष को गले में धारण करें।

तुला

बुध आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। बुध का गोचर आपके आर्थिक पक्ष के लिए सकारात्मक रहने वाला है। इस दौरान आपको आर्थिक लाभ मिलने की प्रबल संभावना है। यह लाभ घरेलू या विदेशी ज़मीन से प्राप्त हो सकता है। बेहतर आर्थिक स्थिति से आप अपने पुराने कर्ज को उतारने में कामयाब होंगे। अगर इस बीच आपने बैंक या अन्य किसी आर्थिक संस्था से लोन के लिए आवेदन किया है तो वह आवेदन आपका स्वीकार्य होगा। ख़र्चों पर नियंत्रण पाने के लिए वित्तीय मामलों में समझदारी दिखाने की ज़रूरत है। निजी जीवन में आपको गोचर के कई तरह से लाभ मिल सकते हैं। आपकी वाणी में मिठास आएगी और अपनी बातों से दूसरों को आकर्षित कर सकेंगे। इस दौरान मुमकिन है कि आपके इस मधुर व्यक्तित्व के कारण आपको कुछ और भी लाभ मिल जाएं। वैवाहिक जीवन में जीवन साथी का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है इसलिए उनका ख़्याल रखें। कार्य क्षेत्र में मेहनत व लगन के दम पर आपको करियर में सफलता मिलेगी। लेकिन खुद को विवादों से दूर भी रखें। परिवार में ख़ुशहाली आएगी। घर के सदस्यों के बीच प्रेम और सामंजस्य देखने को मिल सकता है।

उपाय: भगवान बुद्ध की पूजा करें और गाय को हरा चारा खिलाएं।

वृश्चिक

बुध ग्रह आपकी ही राशि में गोचर करेगा जो आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। बुध का गोचर आपके स्वभाव पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आपको मानसिक तनाव का सामना करना पड़ सकता है। इससे बचने के लिए ख़ुद को काम में व्यस्त रखना ही बेहतर होगा। सेहत के भी नाज़ुक रहने के आसार हैं। इस दौरान आपको त्वचा, रक्त आदि से संबंधित कोई परेशानी हो सकती है। ऐसे में आपको गोचर के दौरान अपनी सेहत के प्रति सावधान रहना होगा। इस दौरान आपका ध्यान आय के स्रोत को बढ़ाने पर रहेगा जिससे कई आर्थिक लाभ भी होंगे। सामाजिक समारोह में आना-जाना हो सकता है। भाई-बंधुओं के साथ विवाद हो सकते हैं इसलिए गुस्से पर काबू रखें। बरसों की कोई तमन्ना पूरी हो सकती है। इस दौरान विरोधियों का सामना डट कर सकेंगे और उन पर हावी रहेंगे। कार्य क्षेत्र पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे और सहकर्मी और सीनियर्स आपके कार्य की तारीफ करेंगे।

उपाय: बुधवार के दिन श्री विष्णु के मंदिर में कपूर दान करें।


धनु

बुध आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में यह भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है। बुध का गोचर आपके आर्थिक पक्ष को सबसे अधिक प्रभावित कर सकता है। इस अवधि में आपके ख़र्चें बहुत बढ़ जाएंगे। किसी कारण या फिर अनावश्यक रूप से पैसा ख़र्च हो सकता है। ऐसे में आपको अपने फ़िजूल के ख़र्चों में लगाम लगाने की आवश्यकता होगी। धन के मामले में किसी पर ज़रुरत से ज्यादा भरोसा करना भी हानिकारक हो सकता है। अगर आप किसी को उधार देते या फिर किसी से उधार पैसे लेते हैं तो उसका लिखित रूप में हिसाब ज़रुर रखें। बिज़नेस या फिर व्यावसायिक मामलों के लिए आप विदेश की ओर रुख कर सकते हैं। यह यात्रा आपके लिए फ़ायदेमंद साबित होगी। ध्यान रहे, गोचर के दौरान थोड़ा संभल कर भी रहें, क्योंकि आप इस दौरान विवादों में भी फँस सकते हैं। करियर का ग्राफ़ ऊपर जाएगा, साथ ही साथ विरोधी पक्ष भी मज़बूत हो जाएगा। ऐसे में उनके कुचक्र में न फँसें। सेहत को अनदेखा न करें अन्यथा कोई बड़ी प्रॉब्लम भी हो सकती है।

उपाय: बुधवार को हरी इलायची दान करें।

मकर

बुध आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहनों आदि को देखा जाता है। बुध का गोचर आपके लिए विभिन्न क्षेत्रों में लाभकारी होगा। इस दौरान आपके द्वारा किए गए प्रयास सफल होंगे। अपने लक्ष्यों को पूरा करने की लालसा बढ़ेगी और आप उस राह पर सकारात्मक भाव से आगे बढ़ेंगे। कुछ रुकावटें आ सकती हैं लेकिन आप उनका डटकर सामना करेंगे। आर्थिक रूप से भी गोचर आपके लिए लाभकारी रहने वाला है। किराये पर दी गई प्रॉपर्टी से मुनाफ़ा संभव है। आय प्राप्ति के साधनों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। इस अवधि में आपको भाग्य का साथ मिलेगा और आप आगे बढ़ते रहेंगे। निजी जीवन में मित्रों की संख्या में वृद्धि होगी और बड़े भाई बहनों को भी उनके कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। उनकी मदद से आपको किसी तरह का लाभ भी मिल सकता है। अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो प्रेम संबंधों में सुधार आएगा। लव पार्टनर आपकी भावनाओं की पूरी कद्र करेगा। कार्य क्षेत्र में आप अपने विरोधियों पर जीत हासिल करेंगे।

उपाय: गले या बाजू पर विधारा मूल पहनें।


कुंभ

बुध आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर एवं प्रोफेशनल, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। इस दौरान करियर में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे हालांकि आप अपनी बुद्धि व समझदारी के बल पर कार्यों में सफलता हासिल कर लेंगे। जो जातक नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं उन्हें इस दौरान अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। कार्य क्षेत्र में मिलने वाले परिणाम से आप असंतुष्ट दिखाई दे सकते हैं। हालाँकि ऐसे में अपने मन को मारकर बैठना सही नहीं होगा, बल्कि और भी अधिक परिश्रम करना होगा। निजी जीवन में प्रेम और सामंजस्य के बने रहने से संबंध मज़बूत होंगे। इसके साथ ही जीवनसाथी को सुखों की प्राप्ति होगी। बच्चों को सेहत से संबंधित परेशानियां हो सकती हैं। पिता जी की सेहत का ध्यान रखें। राजनीति से जुड़े जातकों के लिए गोचर बहुत ज्यादा अनुकूल तो नहीं है लेकिन अगर आप मेहनत से अपना कार्य कर रहे हैं तो आपको इसमें सफलता मिलने की संभावना है।

उपाय: श्री विष्णु सहस्त्रनाम स्तोत्र का जाप करें।

मीन

बुध आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है। गोचर के दौरान आपका भाग्य चमक सकता है। अगर आप एक छात्र हैं तो आपको इस दौरान अपने गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा और आप परीक्षा में अच्छे अंक हासिल करेंगे। इस बीच सहपरिवार आप किसी तीर्थ स्थान के दर्शन के लिए जा सकते हैं। वैवाहिक जीवन में आप जीवन साथी की सफलता से समाज में मान-सम्मान प्राप्त करेंगे। इस अवधि में आपको आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा। धर्म-कर्म और समाज हित में काम करने से आपको मानसिक संतुष्टि का आभास होगा। अपने कार्य में आप अपने सिद्धांतों और उसूलों को आगे रख सकते हैं। बिज़नेस पार्टनर से भी लाभ की प्राप्ति होगी। किसी ईनाम या अवार्ड के हक़दार भी हो सकते हैं। लेखन कला में अपनी रूचि बढ़ा सकते हैं या फिर उच्च शिक्षा का प्लान भी बना सकते हैं। बिज़नेस या शिक्षा के लिए लंबी यात्रा पर भी जाने का योग है। माता जी के स्वास्थ्य में गिरावट आ सकती है, लिहाज़ा उनकी सेहत का ख्याल रखें।

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