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बुध तुला राशि में वक्री (24 अक्टूबर, 2026)

खगोलीय दृष्टि से बात करें ग्रहों में वक्री गति (Retrograde Motion) की तो यह आकाश में किसी ग्रह की गति में दिखाई देने वाला एक परिवर्तन है। कोई ग्रह वक्री स्थिति में दरअसल वास्तविक रूप से पीछे की ओर चल नहीं रहा होता है बल्कि वो ग्रह, पृथ्वी और सूर्य की सापेक्ष स्थितियों और गति के चलते नज़र आने वाला मात्र दृष्टिभ्रम (Illusion) होता है। वैदिक ज्योतिष में इसे ही वक्री ग्रह (Vakri Graha) या ग्रह का वक्री होना कहा जाता है। अब 24 अक्टूबर 2026 को 12:14 बजे बुध ग्रह तुला राशि में वक्री होने जा रहा है।

बुध तुला राशि में वक्री (24 अक्टूबर, 2026)

तुला राशि में बुध वक्री के प्रभावों को समझने से पहले बुध ग्रह और तुला राशि के मूल स्वभाव एवं विशेषताओं को समझना बेहद जरूरी है, तो आइए पहले इसपर डाल लेते हैं एक नज़र।

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बुध ग्रह तुला राशि में मित्र भाव में स्थित होता है और तुला लग्न से नवम और द्वादश भाव का स्वामी माना जाता है। वैसे तो सामान्य तौर पर बुध ग्रह को शुभ परिणाम देने वाला ग्रह माना जाता है। तुला राशि का प्रभाव बुध पर पड़ने से व्यक्ति में कला, संगीत और सूक्ष्म समझ विकसित होती है। ऐसे जातक धन अर्जित करने वाला, सामाजिक, सौम्य स्वभाव वाला, रीति-रिवाजों को मानने वाला तथा ब्राह्मणों, देवताओं एवं विद्वानों का सम्मान करने वाला होता है। हालाँकि बुध के वक्री होने के चलते इसके प्रत्यक्ष शुभ परिणाम मिलने में कुछ चुनौतियाँ देखने को मिल सकती हैं।

Read Here In English: Mercury Retrograde In Libra 

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह वैसे तो ज़्यादा शुभ ग्रह नहीं माना गया है लेकिन यह आपके तृतीय भाव (पहल, संवाद, भाई-बहन और साहस) तथा षष्ठ भाव (शत्रु, प्रतियोगिता, रोग और परिश्रम) का स्वामी होता है।

जब बुध सप्तम भाव में वक्री होता है, जो कि साझेदारी और व्यावसायिक सहयोग का भाव माना गया है, तब मेष राशि के जातकों को इन मोर्चों से संबंधित विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ आपके जीवन में खड़ी हो सकती हैं साथ ही वैवाहिक जीवन में भी बातचीत की कमी या जीवनसाथियों के बीच प्रतिस्पर्धा के चलते तनाव बढ़ सकता है।

हाल ही में जिन मेष जातकों का विवाह हुआ है उन्हें भविष्य की योजनाओं में कुछ रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है, यहाँ तक कि कुछ प्रस्तावों पर पुनर्विचार या उनके रद्द होने की स्थिति भी बन सकती है। ऐसे में इस समय सावधानी और समझदारी से फैसला लेना आपके हित में होगा।

व्यापारिक साझेदारों के साथ गलतफहमियाँ या मतभेद की स्थिति खड़ी हो सकती है। इसके अलावा बुध वक्री आपकी सेहत को भी प्रभावित कर सकता है। साथ ही इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या संचार साधनों जैसे वाई-फाई मॉडेम, स्मार्ट टीवी या अन्य गैजेट्स में समस्या आ सकती है। अगर आप ऐसे किसी उपकरण को खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो वक्री अवधि समाप्त होने तक रुकने की आपको सलाह दी जाती है।

उपाय: अपने बेडरूम में एक इनडोर पौधा रखें और उसकी नियमित रूप से देखभाल करें।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध बेहद ही शुभ ग्रह माना जाता है। यह आपके द्वितीय भाव (धन और परिवार) और पंचम भाव (बुद्धि, शिक्षा, प्रेम संबंध, रचनात्मकता और संतान) का स्वामी है।

बुध तुला राशि में वक्री हो रहा है, जो आपके लिए षष्ठ भाव है। यह भाव शत्रु, स्वास्थ्य, प्रतियोगिता तथा मामा पक्ष का प्रतिनिधित्व करता है। वृषभ राशि वालों के लिए तुला राशि में बुध का यह गोचर बहुत अनुकूल नहीं रहने वाला है और वक्री गति परिस्थितियों को और भी चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

आपकी वाणी या संवाद शैली में भी इस अवधि में समस्या आ सकती है, जिससे विवाद या मतभेद बढ़ने की आशंका है। इसके अलावा आर्थिक मोर्चे पर बात करें तो आपकी बचत और बैंक बैलेंस पर भी वक्री बुध का प्रभाव पड़ सकता है।

अगर आप बैंकिंग, मार्केटिंग, डेटा एनालिसिस या अकाउंटिंग क्षेत्र से जुड़े हैं, तो आपको कार्यस्थल पर कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। छात्रों को पढ़ाई में रुकावटें आ सकती हैं। छोटे पारिवारिक सदस्यों, संतान या प्रेम संबंधों में गलतफहमियों के कारण दूरी महसूस हो सकती है।

तुला राशि में बुध वक्री होने के कारण पुराने स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे दोबारा आपके सामने आएँगे या पुराने कानूनी मामलों में फिर से उलझन पैदा होगी। एक ही चीज़ या काम पर दोबारा खर्च करने की स्थिति भी बन सकती है।

अगर आप इस समय विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अपने सभी दस्तावेज़ों की विशेष सावधानी रखें। लापरवाही के चलते कानूनी परेशानी या आर्थिक हानि की संभावना बन सकती है।

उपाय: प्रतिदिन बुध ग्रह के बीज मंत्र का जाप करें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

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मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध बेहद ही महत्वपूर्ण ग्रह माना जाता है क्योंकि यह आपका लग्नेश होने के साथ-साथ चतुर्थ भाव का स्वामी भी है। बुध तुला राशि में वक्री हो रहा है, जो आपका पंचम भाव है। यह भाव शिक्षा, प्रेम, संतान, सट्टा और पूर्व पुण्य भाव से संबंधित होता है।

मिथुन राशि के जातकों के लिए लग्नेश का वक्री होना स्वास्थ्य और समग्र जीवनशैली पर प्रभाव डालने के संकेत दे रहा है। इस राशि के जो लोग लंबे समय से अपनी सेहत की अनदेखी कर रहे हैं या लक्षणों को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं, उनके लिए अब सावधान रहने का समय आ गया है।

घर से जुड़ी समस्याएँ जैसे मरम्मत, वाहन या घरेलू व्यवस्था में कुछ बाधाएँ सामने आ सकती हैं। जैसा कि पंचम भाव सट्टा से भी जुड़ा होता है, इसलिए बुध वक्री के दौरान शेयर बाजार या किसी भी जोखिमपूर्ण निवेश से बचना आपके लिए अनुकूल रहेगा।

मिथुन राशि के विद्यार्थियों को नोट्स या अध्ययन सामग्री खोने जैसी परेशानियाँ हो सकती हैं। वहीं बात करें प्रेम संबंधों की तो उसमें गलतफहमी या विवाद की स्थिति बन सकती है, इसलिए बातचीत करते समय अपना पक्ष साफ़ और स्पष्ट रखें।

इसके अलावा वक्री बुध आपके एकादश भाव पर दृष्टि डाल रहा है, जो आय और दीर्घकालिक वित्तीय योजनाओं का भाव है। यह समय पिछले एक वर्ष के वित्तीय निर्णयों की समीक्षा करने और गलतियों को सुधारने के लिए अच्छा साबित हो सकता है। हालांकि इस दौरान बड़े आर्थिक जोखिम लेने से बचें।

उपाय: ज़्यादा से ज़्यादा हरे रंग के वस्त्र पहनें। साथ ही संभव न हो, तो कम से कम अपने पास हरे रंग का रूमाल तो ज़रूर रखें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह आपके तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी होता है। तृतीय भाव भाई-बहनों के साथ संबंध, रुचियों (हॉबीज़), छोटी दूरी की यात्राओं और संवाद कौशल का प्रतिनिधित्व करता है।

जब बुध चतुर्थ भाव में वक्री होता है, तब यह आपके घरेलू जीवन में कुछ समस्याएँ उत्पन्न करने वाला हो सकता है। इस दौरान आपके आपकी माँ के साथ रिश्ते में तनाव या उनकी सेहत से जुड़ी चिंताएँ सामने आ सकती हैं। घर के उपकरण बार-बार खराब हो सकते हैं या तकनीकी समस्याएँ आ सकती हैं। घर या वाहन की मरम्मत की आवश्यकता भी इस अवधि में पड़ सकती है।

इस समय आपको अपनी और अपनी माँ की सेहत का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होगी। चूँकि तृतीयेश बुध वक्री हो रहा है, इसलिए संवाद में कमी या गलतफहमी के चलते विवाद उत्पन्न हो सकते हैं। आत्मविश्वास और साहस में भी कमी महसूस हो सकती है।

इस राशि के जो लोग लेखन, मीडिया, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसिंग या निर्देशन से जुड़े हैं उनको कार्यक्षेत्र में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

साथ ही, द्वादशेश बुध के वक्री होने से अस्पताल या एकांत स्थानों पर अपेक्षा से अधिक समय बिताना पड़ सकता है। अगर आप किसी लंबी दूरी की यात्रा की योजना बना रहे थे, तो वह अचानक स्थगित या रद्द हो सकती है।

उपाय: रोज़ाना तुलसी के पौधे के सामने दीपक जलाएं और उसकी पूजा करें।

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध बेहद ही शुभ ग्रह माना गया है क्योंकि यह आय, बचत, निवेश, लाभ, अवसर, संपर्कों तथा निकट संबंधियों से जुड़े विषयों का कारक माना जाता है।

सिंह राशि के जातकों के लिए तुला राशि में बुध वक्री आपके आर्थिक पक्ष में कुछ चुनौतियाँ आने के संकेत दे रहा है क्योंकि बुध सीधे तौर पर वित्तीय मामलों को प्रभावित करता है।

यह समय अवधि पिछले एक वर्ष के आर्थिक फैसलों की समीक्षा करने के लिए काफ़ी अनुकूल रहने वाला है। अगर आपको लगता है कि पहले कोई गलत निर्णय लिया गया था, तो उसमें सुधार करने का प्रयास करें। साथ ही कोई भी बड़ा वित्तीय जोखिम लेने से बचें।

बुध तुला राशि में वक्री होकर आपके तृतीय भाव में स्थित होगा, जो भाई-बहन, रुचियाँ, छोटी यात्राएँ और संवाद कौशल का भाव है। इस दौरान आपकी बातचीत के तरीके के चलते लोगों से आपका विवाद या मतभेद हो सकता है। आपका आत्मविश्वास और साहस भी प्रभावित नज़र आयेगा।

गलतफहमियों या झूठे वादों के चलते अचानक खर्च या आर्थिक हानि होने की संभावना है। पिता या आध्यात्मिक गुरु के साथ वाद-विवाद की स्थिति भी बन सकती है। इसके प्रति सावधान रहें।

इस राशि के जो जातक रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, उन्हे इस अवधि में एकाग्रता बनाए रखने में कठिनाई हो सकती है। साथ ही, लैपटॉप, कंप्यूटर, मोबाइल फोन या कैमरा जैसे तकनीकी उपकरणों में समस्या आने की संभावना है, इसलिए बैकअप तैयार रखना आपके लिए बेहतर होगा।

उपाय: रोज़ तुलसी के पौधे को जल अर्पित करें और नियमित रूप से तुलसी का एक पत्ता ग्रहण करें।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह एक अत्यंत महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन है क्योंकि आपका लग्नेश और दशमेश बुध वक्री हो रहा है।

इस वक्री बुध के प्रभाव से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ, व्यक्तित्व में असंतुलन या नकारात्मक छवि बनने जैसी स्थितियाँ आपके जीवन में खड़ी हो सकती हैं। कार्यक्षेत्र में भी चुनौतियाँ आ सकती हैं, विशेष रूप से कार्यस्थल से जुड़े मुद्दों के कारण।

छोटी-छोटी गलतियों के चलते आपको बार-बार काम दोहराना पड़ सकता है। अधीनस्थों और वरिष्ठ अधिकारियों दोनों के साथ गलतफहमियाँ होने की भी आशंका है।

कन्या राशि के जो जातक व्यापार के क्षेत्र से जुड़े हैं उनको बार-बार नुकसान या व्यापारिक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

बुध तुला राशि में वक्री होकर आपके द्वितीय भाव में स्थित होगा, जो धन का भाव कहा गया है। ऐसे में यह समय आर्थिक दृष्टि से बहुत अनुकूल नहीं माना जाएगा। इस अवधि में आपके जीवन में अचानक खर्च या अप्रत्याशित परिस्थितियाँ आपकी बचत योजनाओं को प्रभावित कर सकती हैं।

गलत निवेश निर्णयों के चलते नुकसान की आशंका है, इसलिए बड़े आर्थिक जोखिम लेने से बचें। यदि आप पदोन्नति या वेतन वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, तो परिणाम अपेक्षा अनुसार नहीं मिल सकते और इच्छित उपलब्धि के लिए आपको ज़्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है।

अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और बोलने से पहले सोचें क्योंकि इससे परिवार के सदस्यों के साथ विवाद हो सकते हैं। मुख या गले से जुड़ी समस्याएँ भी आपके जीवन में खड़ी हो सकती है।

ससुराल पक्ष के साथ रिश्ते में भ्रम या गलतफहमियाँ हो सकती हैं। इस समय में अपने जीवनसाथी के साथ संयुक्त निवेश करने से बचें।

इसके अलावा, शोध कार्य से जुड़े लोगों को शोधपत्र तैयार करने या जमा करने में कठिनाइयाँ आ सकती हैं।

उपाय: शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए 5–6 कैरेट का पन्ना (Emerald) बुधवार के दिन पंचधातु या सोने की अंगूठी में धारण करें।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि के जातकों, आपके लिए बुध ग्रह नवम भाव और द्वादश भाव का स्वामी है और ये अब 24 अक्टूबर को आपके प्रथम भाव (लग्न भाव) में वक्री होने जा रहा है।

तुला राशि के जातकों, लग्न में होने वाला यह बुध वक्री आपके लिए कुछ नकारात्मक प्रचार या छवि संबंधी चुनौतियाँ पैदा कर सकता है। अगर आप किसी लीडर की भूमिका में हैं, अभिनेता हैं, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर हैं या किसी भी प्रकार के मीडिया क्षेत्र से जुड़े हैं, तो इस समय आपको ज़्यादा सतर्क रहने और कम प्रोफाइल बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

इसके अलावा इस अवधि में अपने स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें क्योंकि तंत्रिका तंत्र या त्वचा संबंधी एलर्जी की समस्याएँ भी होती नज़र आ रही हैं। आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि आपको भाग्य का पूरा सहयोग अपेक्षा अनुसार नहीं मिल रहा है।

बातचीत में कमी या झूठे वादों के कारण अचानक खर्च या आर्थिक हानि होने की स्थिति भी बन सकती है। पिता या गुरु के साथ वाद-विवाद या गलतफहमियाँ उत्पन्न हो सकती हैं।

इस अवधि में तुला राशि के जातकों को अस्पताल या एकांत स्थानों के कई चक्कर लगाने पड़ सकते हैं। अगर आप लंबी दूरी की यात्रा की योजना बना रहे थे, तो वह अचानक स्थगित या रद्द हो सकती है।

वक्री बुध का यह समय अपने खर्चों की समीक्षा करने और अनावश्यक खर्च को नियंत्रित करने के लिए उपयुक्त साबित होगा।

उपाय: बुधवार के दिन गणपति मंदिर जाएँ और भोजन अर्पित करें। साथ ही गणपति को दूध अर्पित करें।

तुला साप्ताहिक राशिफल

बृहत् कुंडली: जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह अष्टम भाव और एकादश भाव का स्वामी है। 24 अक्टूबर को बुध तुला राशि में वक्री होने जा रहा है, जो आपके द्वादश भाव में होगा।

द्वादश भाव विदेश, एकांत, अस्पताल, खर्च तथा बहुराष्ट्रीय कंपनियों से संबंधित होता है।

ऐसे में वृश्चिक राशि के वो जातक जिनका काम ज़्यादातर यात्रा से जुड़ा है, जैसे पायलट, केबिन क्रू या इसी प्रकार के अन्य कार्य, उन्हें कार्यस्थल पर अपेक्षा से अधिक दबाव और चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

विशेष रूप से अगर आप विदेश में काम करते हैं या अकेले रह रहते हैं, तो अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें। लापरवाही पुराने रोगों को दोबारा सक्रिय कर सकती है और अस्पताल के कई चक्कर लगाने पड़ सकते हैं।

यह बुध वक्री एक ही समस्या पर बार-बार खर्च या आर्थिक हानि की स्थिति भी उत्पन्न कर सकता है। पुराने कानूनी मामले या न्यायालय से जुड़े मुद्दे भी दोबारा सामने आ सकते हैं।

चूंकि बुध आपके एकादश भाव का स्वामी होकर वक्री हो रहा है, इसलिए नौकरीपेशा जातकों को आलोचना या विवाद का सामना करना पड़ सकता है। अगर कोई ईर्ष्यालु या अविश्वसनीय व्यक्ति आपकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा है, तो सामाजिक प्रतिष्ठा प्रभावित हो सकती है।

यह समय यह पहचानने का अच्छा अवसर है कि आपके वास्तविक मित्र कौन हैं और किन लोगों से दूरी बनानी चाहिए।

इस वर्ष किए गए निवेशों की समीक्षा करें और ऐसे निवेशों से बचें जो लाभ नहीं दे रहे हैं।

चूँकि बुध अष्टम भाव का भी स्वामी है, इसलिए त्वचा संबंधी एलर्जी, संक्रमण या UTI जैसी समस्याएँ दोबारा सामने आ सकती हैं। चिकित्सकीय परामर्श और स्वास्थ्य पर अधिक खर्च होने की संभावना रहेगी।

उपाय: बुधवार के दिन गाय को मूंग, गुड़ और रोटी खिलाएँ।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह सप्तम भाव और दशम भाव का स्वामी है। 24 अक्टूबर से बुध तुला राशि में वक्री गति शुरू करेगा, जो आपके एकादश भाव में होने जा रहा है।

कुंडली का एकादश भाव धन, लक्ष्य, कार्यक्षेत्र के कनेक्शन, बड़े भाई और चाचा आदि से संबंधित माना गया है।

एकादश भाव में बुध वक्री होने के चलते धनु राशि के जातकों को सामाजिक समूहों और कार्यक्षेत्र में कुछ गलतफहमियों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।

वित्तीय निवेश को लेकर भ्रम की स्थिति बन सकती है, इसलिए मुमकिन हो तो इस अवधि में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें। इसके लिए समय उपयुक्त नहीं है।

चूँकि बुध आपके सप्तम और दशम भाव का भी स्वामी है, इसलिए इसका प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन और करियर—दोनों पर पड़ने की आशंका है। इन दोनों क्षेत्रों में विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

अगर आपका जीवनसाथी किसी परेशानी से गुजर रहा है या आपसे नाराज़ है, तो उन्हें मनायें। समस्याओं को टालने से स्थिति और जटिल हो सकती है। साथ ही इस अवधि में विशेष रूप से अपने व्यवहार और रिश्तों पर विचार करें।

इसके अलावा अपने जीवनसाथी के स्वास्थ्य और मानसिक सुख का विशेष ध्यान रखें। अगर व्यापारिक साझेदारी में कोई समस्या है, तो उसे समय रहते सुलझाने की ज़रूरत होगी।

उपाय: सत्यनारायण व्रत एवं कथा का पालन करें।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह षष्ठ भाव और नवम भाव का स्वामी है और 24 अक्टूबर को यह तुला राशि में वक्री होकर आपके दशम भाव (कर्म एवं कार्यस्थल का भाव) में प्रवेश कर जाएगा।

इस स्थिति में मकर राशि के जातकों को अपने करियर को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होगी। काम में बार-बार रुकावट, सहकर्मियों के साथ गलतफहमियाँ, डॉक्यूमेंट्स से जुड़ी समस्याएँ और काम पूरा होने में देरी का सामना करना पड़ सकता है।

इन समस्याओं से बचने के लिए आपको बातचीत करते समय और डॉक्युमेंट्स और आर्थिक मामलों को संभालते समय थोड़ी अधिक सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी। साथ ही, अपने आर्थिक दायित्व समय पर पूरे करने का प्रयास करें क्योंकि किसी भी पेमेंट में देरी या जिम्मेदारियों की अनदेखी आपकी सार्वजनिक छवि को प्रभावित कर सकती है।

कुल मिलाकर कहें तो इस अवधि में सतर्क रहें और अनावश्यक विवादों या बहस से बचें। मकर राशि के वो जातक जो राजनीति के क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उन्हें अपने वक्तव्यों के कारण परेशानी हो सकती है। सार्वजनिक बयान देते समय विशेष सावधानी रखें।

पिता, गुरु और मार्गदर्शकों से बातचीत करते समय भी शब्दों का चयन सोच-समझकर करें क्योंकि अनजाने में कही गई बातें उन्हें दुख पहुँचा सकती हैं। साथ ही उनके स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि का भी विशेष ध्यान रखें।

इस राशि के वो जातक को उच्च शिक्षा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हे भी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: बुधवार के दिन तोते को हरी मिर्च खिलाएँ और अगर मुमकिन हो तो तोते का पालन करें।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह पंचम भाव और अष्टम भाव का स्वामी है और अब यह आपके नवम भाव में वक्री होने जा रहा है।

कुंडली का नवम भाव अध्यात्म, पिता, लंबी दूरी की यात्रा, तीर्थ यात्रा और भाग्य से संबंधित होता है। बुध के इस वक्री होने के कारण आपको बातचीत से संबंधी समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं, खासतौर पर अगर आप दार्शनिक, सलाहकार, शिक्षक या राजनीति के क्षेत्र से जुड़े हैं।

इस राशि के जातकों को सलाह दी जाती है कि अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें अन्यथा विवादों में उलझ सकते हैं। गलतफहमियों या विचारों में अंतर के कारण पिता या गुरु से मतभेद होने की भी आशंका है। उनके स्वास्थ्य का भी ध्यान रखें क्योंकि पुरानी स्वास्थ्य समस्याएँ दोबारा उभर सकती हैं।

आगे आपने इस दौरान लंबी यात्रा की योजना बनाई है, तो देरी, यात्रा रद्द होने या यात्रा संबंधी डॉक्युमेंट्स जैसे वीज़ा या पासपोर्ट से जुड़ी समस्याएँ सामने आ सकती हैं इसलिए पहले से सावधान रहें।

कुंभ राशि के माता-पिता को अपने बच्चों के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि पर ध्यान देने की ज़रूरत होगी। छात्रों को पढ़ाई में कठिनाई महसूस हो सकती है, विशेष रूप से अध्ययन सामग्री या नोट्स की कमी के कारण।

प्रेम संबंधों या वैवाहिक जीवन की बात करें तो बातचीत की कमी और एक-दूसरे को हल्के में लेने की प्रवृत्ति रिश्ते में दरार पैदा कर सकती है।

चूँकि बुध आपके अष्टम भाव का भी स्वामी है, इसलिए त्वचा संबंधी एलर्जी, संक्रमण या मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) जैसी समस्याएँ दोबारा सामने आ सकती हैं।

उपाय: भगवान गणेश की पूजा करें और उन्हें दूर्वा अर्पित करें।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध ग्रह चतुर्थ भाव और सप्तम भाव का स्वामी है। वर्तमान में बुध अष्टम भाव में वक्री हो रहा है, जो अचानक घटनाओं, रहस्यों और गूढ़ विषयों से संबंधित होता है।

आमतौर पर मीन राशि के लिए अष्टम भाव में बुध को बहुत अनुकूल नहीं माना गया है और यह वक्री गति परिस्थितियों को और चुनौतीपूर्ण बना सकती है।

स्वास्थ्य संबंधी समस्याएँ जैसे एलर्जी, त्वचा रोग, संक्रमण, कीटों के काटने से परेशानी, मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) या निजी अंगों से जुड़ी अन्य समस्याएँ उत्पन्न होने की संभावना इस समय अवधि में बढ़ सकती है।

तुला राशि में बुध वक्री होने से ससुराल पक्ष के साथ गलतफहमियाँ भी हो सकती हैं। इस राशि में शोध कार्य से जुड़े छात्रों को दस्तावेज़ या शोधपत्र संबंधी रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है।

वक्री बुध मीन राशि के जातकों के पारिवारिक सुख और वैवाहिक जीवन को भी प्रभावित कर सकता है, विशेष रूप से माता और जीवनसाथी के बीच मतभेद की स्थिति बन सकती है। अगर ऐसा नहीं होता, तो माता या जीवनसाथी की सेहत प्रभावित हो सकती है या फिर पुराने स्वास्थ्य संबंधी मुद्दे दोबारा सामने आ सकते हैं।

घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों या घरेलू सामान में बार-बार खराबी या तकनीकी समस्याएँ भी देखने को मिल सकती हैं।

उपाय: किन्नर समुदाय का सम्मान करें और संभव हो तो उन्हें हरे रंग के वस्त्र भेंट करें।

मीन साप्ताहिक राशिफल

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हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. बुध तुला राशि में वक्री कब होंगे?

बुध तुला राशि में वक्री 24 अक्टूबर 2026 को होंगे।

2. बुध ग्रह का रत्न कौन-सा है?

बुध ग्रह का रत्न पन्ना को माना जाता है।

3. बुध ग्रह कौन हैं?

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को तर्क, वाणी और संचार कौशल का ग्रह माना गया है।    

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