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वक्री बुध का कुम्भ राशि में गोचर - 15 मार्च, 2019

बुध को बुद्धि और संचार माध्यमों का कारक माना जाता है। जहाँ एक ओर कुछ ग्रह दिवा बली होते हैं और कुछ ग्रह रात्रि बली, वहीं बुध को सर्वदा बली माना जाता है। अर्थात बुध ग्रह दिन और रात दोनों में बली माना जाता है। एक विशेष बात बुध के साथ यह है कि जैसे कुछ ग्रह वात, कुछ ग्रह पित्त और कुछ ग्रह कफ़ प्रकृति पर आधिपत्य रखते हैं, लेकिन बुध एक ऐसा अकेला ग्रह है जो वात, पित्त और कफ़ तीनों प्रकार की प्रकृतियों पर अपना अधिकार रखता है और जातक के जीवन में त्रिदोष उत्पन्न कर सकता है। सामान्य रूप से बुध एक शुभ ग्रह है लेकिन अपनी संगति के अनुसार फल देता है। कोई ग्रह दशा के प्रारंभ में, तो कोई दशा के अंत में तो वहीं कोई दशा के मध्य में अपना फल देता है लेकिन बुध ग्रह संपूर्ण दशा में अपना फल प्रभावी रूप से प्रदान करता है।

वक्री बुध का कुम्भ राशि

बुध वक्री होना काफी महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि यह हमारी समय संचार व्यवस्था, हमारी वाणी, हमारे कम्युनिकेशन, लेखन, गणित तथा तार्किक कार्यों का संचालन करता है। इसके वक्री होने पर कई बार बात का बतंगड़ बन जाता है और लड़ाई झगड़े, वाद-विवाद तथा ग़लतफ़हमियाँ पैदा होती हैं। जो लोग दिमाग का प्रयोग अधिक करते हैं उन्हें समस्या आती है और निर्णय लेने में परेशानी भी होती है। लेकिन इसके वक्री से केवल अशुभ फल नहीं होते बल्कि शुभ फलों की प्राप्ति भी होती है। यदि बुध की स्थिति कुंडली में अच्छी है तो वक्री बुध आपको व्यापार में लाभ और धन प्राप्ति के साधन उपलब्ध कराता है तथा वाद-विवाद में विजय दिलाता है। बुध के कारण ही आप मंत्र शक्ति प्राप्त कर सकते हैं और विभिन्न प्रकार के शास्त्रों का अध्ययन कर सकते हैं।

सारे संसार को बोलने की शक्ति देने वाले और बुद्धि रूपी अस्त्र देने वाले बुध ग्रह मीन राशि में 5 मार्च 2019 दिन मंगलवार से अपनी वक्री गति प्रारंभ कर चुके हैं और 15 मार्च 2019 दिन शुक्रवार को प्रातः 9 बजे कुंभ राशि में इसी वक्री अवस्था में प्रवेश करेंगे। इसके पश्चात 28 मार्च 2019 बृहस्पतिवार से यह अपनी मार्गी गति प्रारंभ करते हुए 12 अप्रैल 2019, शुक्रवार को पुनः मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। इस प्रकार बुध देव की स्थिति में लगातार बदलाव होता रहेगा और उनका प्रभाव वक्री ग्रह के रूप में प्राप्त होगा। ऐसे में बुध देव के इस वक्री गति से गोचर करने का प्रभाव निश्चित रूप से सभी राशियों पर पड़ेगा। तो आइए जानते हैं आपकी राशि पर इस गोचर का क्या प्रभाव पड़ेगा।

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

मेष

वक्री बुध देव का गोचर आपकी राशि से एकादश भाव में होगा। यह भाव हमारी महत्वाकांक्षाओं को दर्शाता है और हमारे बड़े भाई बहनों की ओर इंगित करता है। विशेष रुप से यह हमारा लाभ भाव है तथा हमारी आमदनी का विचार भी इसी भाव से किया जाता है। इस गोचर के प्रभाव के कारण इस दौरान आपकी योजनाएं फलीभूत होगी और आपको विशेष प्रकार से धन लाभ होगा। पिछले कुछ समय से चली आ रही समस्याओं का अंत हो जाएगा और आप आर्थिक समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ेंगे। हालांकि इस दौरान आपको वाहन सावधानी पूर्वक चलाना चाहिए क्योंकि दुर्घटना होने की संभावना रहेगी। प्रतिस्पर्धा परीक्षा में कड़ी मेहनत के बाद आपको सफलता मिल सकती है। इस दौरान आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और आप के कुछ नए मित्र बन सकते हैं जो समाज में आप को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होंगे। प्रेमी युगल के लिए यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा और आप रोमांस में समय बिताएंगे। यदि आप अपनी किसी हॉबी को धन कमाने का माध्यम बनाते हैं तो आपको अच्छी सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही आपके मामा पक्ष से आपको लाभ मिल सकता है। यदि आपके ऊपर कोई कर्ज चला रहा है तो उसे चुका पाने में सफलता मिलेगी। इस दौरान आप अच्छे सेहत का आनंद लेंगे और अपने किसी प्रिय से कोई उपहार प्राप्त कर सकते हैं।

उपाय: इस दौरान नियमित हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृषभ

वक्री बुध देव अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि से दशम भाव में प्रवेश करेंगे। दशम भाव हमारे कर्म का स्थान है अर्थात हमारे प्रोफेशन के बारे में जानकारी देता है और हमारे समाज में हमारी स्थिति को भी दर्शाता है। बुध देव के इस गोचर के कारण आप कुछ नई योजनाएं बनाएँगे और आपके द्वारा बताए गई योजना आपको जीवन में आगे बढ़ाने में मददगार साबित कर आपको सफलता प्रदान करेगी। इस दौरान शेयर बाजार के माध्यम से आपको ज़बरदस्त लाभ मिल सकता है। हालांकि वक्री बुध की स्थिति के कारण धन का निवेश बहुत ही सोच-समझकर करें और इस क्षेत्र के किसी जानकार की मदद लें। इस दौरान अपने कार्यस्थल में किसी से भी बहस बाजी करने से आपको बचना चाहिए अन्यथा आपकी छवि को नुकसान पहुंच सकता है। पारिवारिक जीवन के लिए समय काफी अनुकूल रहेगा, हालांकि आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी। यह ख़र्चे परिवार के प्रति जिम्मेदारियों के कारण हो सकते हैं। इस समय के दौरान आपको कार्य क्षेत्र में एक नई पहचान मिलेगी और आपके सहकर्मी आपकी तारीफ करेंगे।

उपाय : छोटी कन्याओं को मिशरी खिलाएँ।

मिथुन

बुध वक्री गति से चलते हुए गोचर के दौरान आपकी राशि से नवम भाव में प्रवेश करेंगे। नवम भाव हमारे भाग्य का प्रतिनिधित्व करता है और सुदूर यात्राओं तथा तीर्थ यात्राओं के बारे में भी ज्ञान कराता है। हमारे धार्मिक विचारों के बारे में जानकारी भी नवम भाव से ही प्राप्त होती है। वक्री बुध के आपकी राशि से इस भाव में गोचर करने के कारण आपके घर में कोई धार्मिक कार्यक्रम संपन्न हो सकता है अथवा आप लोग तीर्थाटन के लिए किसी तीर्थ स्थल पर परिवार सहित जा सकते हैं। आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आर्थिक रुप से भी समृद्धि आएगी, क्योंकि इस गोचर के दौरान आपको अच्छा मुनाफा प्राप्त होगा। आपकी आमदनी में वृद्धि होगी और धन प्राप्ति के नए अवसर आपके हाथ लग सकते हैं। इसलिए इन अवसरों को हाथ से ना जाने दें और इस मौके का पूरा लाभ उठाए। इस दौरान आपको अपने भाग्य का भी पूरा सहयोग मिलेगा और लंबे समय से अटके हुए काम बनने लगेंगे जिससे आपको लाभ भी होगा और आपका मान-सम्मान भी बढ़ेगा।

उपाय : बहनों को अच्छा सा उपहार भेंट करें।

अवश्य पढ़ें: बुध के वक्री होने का महत्व और प्रभाव

कर्क

वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से अष्टम भाव में प्रभावी होगा। अष्टम भाव जीवन में आने वाले आकस्मिक परिवर्तन को दर्शाता है और आयु स्थान कहा जाता है। जीवन में आने वाली रुकावटें भी इसी भाव से पता चलती हैं। इस गोचर की वजह से आपको अपने अंदर आमूल चूल बदलाव महसूस होंगे। आपको छोटी-छोटी बात पर गुस्सा आ सकता है जिसकी वजह से जीवन में संघर्ष बढ़ सकता है। इसलिए आपको अपने गुस्से पर नियंत्रण रखना होगा और किसी भी प्रकार के षड्यंत्र में शामिल होने से बचना होगा अन्यथा इसका नुकसान उठाना पड़ सकता है। अपने ससुराल वालों से मिलकर उनके किसी कार्य पर खर्च कर सकते हैं और अपनी पुरानी उधारी चुकाने में भी सफल हो सकते हैं। इस दौरान आपको अचानक से कोई लाभ हो सकता है। सभी के साथ अच्छा व्यवहार करें और मधुर संबंध स्थापित करने का प्रयास करें। हालांकि इस गोचर का अनुकूल पक्ष ये रहेगा कि आप के मान और सम्मान में वृद्धि भी इसी दौरान होगी। लेकिन इस गोचर के दौरान आपके अपने भाई-बहनों से संबंध बिगड़ सकते हैं।

उपाय : गौ-माता को हरा चारा खिलाएँ।

सिंह

वक्री गति से चलते हुए बुध देव का गोचर आपकी राशि से सप्तम भाव में होगा। सप्तम भाव हमारी व्यवसायिक साझेदारी का भाव है और इसके अलावा वैवाहिक जीवन तथा लंबे चलने वाले रास्तों के बारे में भी बताता है। वक्री बुध के इस गोचर के प्रभाव के कारण इस दौरान आपको अपने कार्य में पूरी तरह से जुट जाना चाहिए और उसके लिए स्वयं पर भरोसा करना चाहिए न कि किसी अन्य पर निर्भर रहें। कार्यक्षेत्र में आपकी सफलता के जबरदस्त योग बनेंगे और लंबे समय से अटका हुआ प्रमोशन मिल सकता है। आपको अपने कार्यक्षेत्र में पदोन्नति की सौगात भी मिल सकती है। इस दौरान आपकी सुख सुविधाओं में वृद्धि होगी और यदि आप प्रयासरत हैं या चाहते हैं तो इस दौरान अपना वाहन अथवा अपना घर खरीद पाने में भी सफल होंगे। आपके वैवाहिक जीवन में ख़ुशियाँ आएँगी और दांपत्य जीवन मधुर बनेगा। आपके व्यवसायिक साझेदार से आपके संबंध मजबूत होंगे और इसका असर आपके व्यापार पर भी सकारात्मक रूप से पड़ेगा।

उपाय : रस से भरी हुई मिठाइयों का स्वाद लीजिए।

कन्या

वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से छठे भाव में होगा। यह भाव हमारी बीमारियाँ, हमारे शत्रु तथा विरोधी, प्रतिस्पर्धा परीक्षाएं, चुनाव तथा कर्ज़ आदि के बारे में बताता है। वक्री गति से चलते हुए बुध के इस भाव में गोचर करने के कारण आपको स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। यदि आपने पहले से कोई कर्ज लिया हुआ है तो उसको चुकाने में आपको परेशानी आएगी और यदि आप कोई नया कर्ज लेना चाहते हैं तो उसके लिए आपको काफी पापड़ बेलने पड़ेंगे। हालांकि इस दौरान आपको यात्राओं का अवसर प्राप्त होगा और आप मनचाही यात्राएँ कर पाएंगे। यदि आप विदेश यात्रा के प्रयास में लगे हुए हैं तो आपको सफलता मिल सकती है। इसके साथ ही आपको अपने कुछ कार्यों में रुकावटें आ सकती हैं और समय पर कार्य पूरा करने में परेशानी भी महसूस हो सकती है। आपको इस गोचर के दौरान स्वयं को किसी भी प्रकार के मानसिक तनाव से दूर रहना चाहिए अन्यथा कोई भी समस्या आपको शारीरिक रूप से परेशान कर सकती है। अपने स्वास्थ्य को लेकर सचेत रहें। इस दौरान आप अपने मातृ पक्ष के लोगों से मिलने जा सकते हैं।

उपाय : नियमित तौर पर भगवान गणेश की पूजा करें।

बुध ग्रह के दुष्प्रभाव से हैं पीड़ित, तो अवश्य करें: बुध ग्रह की शांति के उपाय

तुला

वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से पंचम भाव में होगा। पंचम भाव हमारी बुद्धि का भाव है तथा इसी के द्वारा हमारे प्रेम संबंध और हमारी शिक्षा, हमारे रुझान तथा हमारी संतान के बारे में पता चलता है। वक्री बुध के गोचर के फल स्वरुप आपको अनेक ऐसी अवांछनीय यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं जिनके बारे में अपने पहले से कोई विचार नहीं किया होगा। इसके अतिरिक्त आपकी आमदनी में वृद्धि होगी तथा आय के साधन सुलभ होंगे हालांकि दूसरी ओर आपके ख़र्चे भी बढ़ेंगे। आप बाल की खाल निकालने का प्रयास करेंगे और इस वजह से कुछ लोग आपके विरुद्ध भी हो सकते हैं। परिवार वालों के साथ आप अच्छा समय बिताएंगे और आपकी संतान को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिलेगी। यदि आप खुद एक छात्र हैं तो आपकी विदेश जाने की इच्छा पूरी हो सकती है लेकिन यह इच्छा पूरी होने में रुकावटें अवश्य आएँगी। आपके प्रेम जीवन के लिए भी यह गोचर काफी अच्छा रहेगा और आपको बार-बार अपने प्रियतम से मिलने का मौका मिलेगा। आप उनके लिए कोई महँगा तोहफा भी लेकर आ सकते हैं। लेकिन आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा क्योंकि जरा सी ग़लतफहमी और बड़बोलापन रिश्ते में तनाव पैदा कर सकता है।

उपाय : नियमित रूप से श्री शनि देव के किसी मंत्र का जाप करें।

वृश्चिक

वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से चतुर्थ भाव में होने जा रहा है। चतुर्थ भाव हमारी माता, सुख सुविधाओं, हमारा घर तथा हमारे वाहन आदि के बारे में बताता है। इस गोचर के परिणाम स्वरुप आपको लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से मुक्ति मिलेगी और आप सुकून की सांस ले पाएंगे। आपको अपने मन की भावनाएं व्यक्त करनी चाहिए और जिन्हे आप प्रेम करते हैं या जो आपके काफी निकट है उनसे अपने मन की हर बात अवश्य जाहिर करें और कुछ भी दिल के अंदर ना रखें। इस गोचर की वजह से ही आपको अनेक प्रकार के अच्छे परिणाम मिलेंगे। साथ ही गोचर काल के दौरान अचानक से आपका वाहन खराब हो सकता है जिस पर आपको धन व्यय करना पड़ेगा। इस दौरान आपको अपने मित्रों के साथ मस्ती करने का मौका मिलेगा और आप उन पर खर्च करेंगे या साथ ही कोई पार्टी भी कर सकते हैं। आप अपने घर की साज-सज्जा पर अच्छा ख़र्चा कर सकते हैं क्योंकि ऐसा करना आपको मानसिक रूप से खुशी देगा। वहीं कार्य स्थल पर भी आपको सफलता की प्राप्ति होगी और आपके आत्मविश्वास में पूर्व के मुकाबले वृद्धि होगी।

उपाय : माताजी को चांदी के गहने गिफ्ट करें।

धनु

वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से तीसरे भाव में होगा। तीसरा भाव हमारे संचार माध्यम, संचार कौशल, परिश्रम, छोटे भाई बहन तथा छोटी दूरी की यात्राओं के बारे में बताता है। इस गोचर के कारण आपके अंदर गजब का उत्साह देखने को मिलेगा और आप छोटी दूरी की यात्राएँ कर सकते हैं। आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी तथा आप अपनी कार्य कुशलता का पूरा फायदा उठाएंगे। इस दौरान आपके खर्चों में वृद्धि होगी लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि आपकी आमदनी भी उसी अनुपात में बढ़ जाएगी और आपके ऊपर किसी भी प्रकार का बोझ नहीं पड़ेगा। हालांकि इस दौरान आप अपने दिमाग की जगह दिल का इस्तेमाल करें और सही निर्णय लेने के लिए अपने दिल की ही सुनें। इस दौरान की गई यात्रा लाभकारी साबित होंगी और आपका जीवन साथी भी इस दौरान जन को सूचित कर पाने में सफल होगा। यदि आप किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं तो उसमें सफलता मिलने से आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा।

उपायः हर गुरुवार को काली गाय को हरा चारा खिलाएँ।

बुध ग्रह से शुभ फल की प्राप्ति के लिए धारण करें: पन्ना रत्न

मकर

वक्री बुध का गोचर आपकी राशि से दूसरे भाव में होगा। दूसरा भाग हमारे कुटुंब का भाव होता है तथा हमारा धन संचय का भाव भी होता है। इसके अतिरिक्त हमारे भोजन, हमारे मुख, हमारी वाणी तथा हमारी दाहिनी आँख का भी प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में वक्री बुध का गोचर आंखों से संबंधित रोग दे सकता है तथा आपको अव्यवस्थित खान पान के कारण शारीरिक समस्या भी उत्पन्न हो सकती हैं। परिवार में किसी बात को लेकर ग़लतफ़हमियाँ उत्पन्न हो सकती है तथा आपको अपनी बातों को तोल मोल कर ही आगे बढ़ाना होगा नहीं तो जरा सी बात किसी बड़े बवंडर का कारण बन सकती है। हालांकि इस दौरान आपको अपनी किसी परियोजना के माध्यम से कोई शुभ समाचार मिल सकता है जिससे आपकी खुशी का ठिकाना नहीं रहेगा। यदि आप किसी कोर्ट कचहरी के मामले में पड़े हुए हैं तो इस दौरान सोच समझ कर ही कोई कदम बढ़ाएं।

उपाय: शनिवार को चीटिंयों को आटा डालें।

कुंभ

अपने इस वक्री गति में गोचर के कारण बुध देव का आपकी राशि पर विशेष प्रभाव पड़ेगा। ईश्वर की कृपा से आपके जीवन में कोई खास व्यक्ति आपसे टकरा सकता है जो आपके जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा आप दोनों के बीच नज़दीकियों को बढ़ाने का काम करेगा। इस दौरान आप अपने कार्यस्थल पर अधिक व्यस्त रहेंगे और उसका प्रभाव आपके निजी जीवन पर पड़ सकता है। लेकिन दूसरी और आपकी यह व्यस्तता आपको उम्मीद से अधिक मुनाफ़ा दिलाएगी। इस दौरान आपकी बुद्धि का विकास होगा और आप कुछ नई चीजें सीखने में भी रुचि जाहिर करेंगे। हालांकि कोई बड़ा निर्णय लेने के लिए आपको समय लगेगा। लेकिन आपके आइडिया आपको तारीफ दिलवाएंगे। आपको अपने ससुराल पक्ष की ओर से कोई तोहफ़ा मिल सकता है जिससे आप बहुत खुश हो जाएंगे। अपने जीवनसाथी को खुश रखने का प्रयास करें और संभव हो तो उन्हें कहीं बाहर खाने पर लेकर जाएं। इससे आपका दांपत्य जीवन मजबूत होगा। आपके कम्युनिकेशन स्किल की वजह से आपको अच्छा लाभ मिल सकता है।

उपाय : पक्षियों को पीने के लिए घड़े में पानी भरकर रखें।

मीन

वक्री बुध का गोचर आपके बारहवें भाव में होगा। इस दौरान आप कोई नया कार्य शुरू कर सकते हैं क्योंकि इस काम को करने से आपके अच्छे दिन आएंगे और आपको बढ़िया मुनाफा होगा। जीवन में तरक्की पाने के लिए शांत रहना और धैर्य धारण करना आपके लिए बेहतर होगा। ऐसा करके आप कठिन से कठिन समय में भी दृढ़ता के साथ खड़े रहेंगे। इस समय का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए आप स्वयं को विभिन्न कार्यों में व्यस्त रखें। इस दौरान आपके ख़र्चों में भी वृद्धि होगी और विदेश जाने की संभावनाएं भी पैदा होंगी। अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखें क्योंकि यह आपको चिंतित कर सकता है। इस दौरान कानूनी कार्यवाही से संबंधित कार्यों में आपको अच्छी सफलता मिल सकती है और आप स्थान परिवर्तन के बारे में भी विचार कर सकते हैं। इस समय काल के दौरान आपको वाहन संबंधित खर्च करना पड़ सकता है। लेकिन आप चाहे तो इस समय विदेशी स्रोतों से अच्छी आमदनी अर्जित कर सकते हैं।

उपाय : भगवान शिव की आराधना करें और नियमित रुप से शिवलिंग पर बिल्वपत्र अर्पण करें।

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