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वक्री बुध का मिथुन में गोचर - 30 जुलाई 2019

वैदिक ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार और वाणी का कारक माना गया है। यह मिथुन और कन्या राशि का स्वामी है। इसे कन्या राशि में उच्च का माना जाता है और मीन राशि में नीच का। इस ग्रह के बारे में खास बात यह है कि यह अपनी राशि कन्या में ही उच्च भी होता है और यही उसकी मूल त्रिकोण राशि भी है। अश्लेषा, ज्येष्ठा और रेवती नक्षत्र बुध के नक्षत्र हैं। नवग्रह मंडल में बुध को राजकुमार का दर्जा दिया गया है और जिस प्रकार एक राजकुमार सीखने की आयु में होता है उसी प्रकार बुध का स्वभाव है अर्थात यह स्वभाविक रुप से बुद्धि का परिचायक है जो हमें नई-नई चीजें सीखने के लिए जिज्ञासु बनाता है। इसके साथ ही संगति के असर के रूप में ये अति शुभ ग्रहों के साथ युति करें या संबंध बनाए तो शुभ फल तथा अशुभ ग्रहों से संयोग होने पर अशुभ फल देता है।

बुध मिथुन राशि में वक्री

बुध ग्रह वात, पित्त और कफ़ त्रिदोष उत्पन्न करने की सामर्थ्य रखता है और दिन और रात सर्वदा बली रहता है। बुध के वक्री होने से सामान्यता कुछ कार्यों में विलंब होता है और सफलता के लिए प्रयास थोड़े अधिक करने पड़ते हैं। लेकिन बुध वक्री अवस्था में अधिक अच्छे फल भी देता है और व्यापार तथा वाणिज्य में अच्छा फल प्रदान करता है। कोई भी ग्रह अपनी महादशा, अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा में सर्वाधिक प्रभावशाली होता है और यदि उसे अनुकूल गोचर प्राप्त हो जाए तो फल पूर्णतया प्राप्त होते हैं।

गोचर काल का समय

बुध ग्रह ने 21 जून 2019 को कर्क राशि में प्रवेश किया था जहां 8 जुलाई को यह वक्री गति प्रारंभ कर चुका है। इसी वक्री अवस्था में चलते हुए 30 जुलाई मंगलवार दोपहर 12:25 बजे यह मिथुन राशि में प्रवेश करेगा और 1 अगस्त को मार्गी होने के बाद पुनः 3 अगस्त शनिवार सुबह 5:44 बजे कर्क राशि में प्रवेश कर जाएगा।

इस प्रकार बुध के इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। आईये जानते हैं आपकी राशि पर बुध के इस गोचर का क्या असर होगा।

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

वक्री बुध का मिथुन राशि में गोचर

मेष राशि

आपकी राशि के लिए बुध तीसरे और छठे भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान वक्री अवस्था में बुध आपके तृतीय भाव में गोचर करेगा। तीसरा भाव हमारे संचार का भाव है, इसके साथ-साथ इसके द्वारा हमारे छोटे भाई बहन, छोटी दूरी की यात्रा, हमारा परिश्रम, हमारी रुचियाँ आदि के बारे में भी पता चलता है। इस दौरान आपका उत्साह देखते ही बनेगा और आपके अंदर साहस और पराक्रम की वृद्धि होगी। नई चुनौतियों को आप हाथों-हाथ लेंगे और डटकर उनका मुकाबला करेंगे। आपके आत्मबल और दृढ़ संकल्प में वृद्धि होगी और अच्छे कार्य करने के लिए आप खुद भी प्रेरित होंगे और दूसरों को भी प्रेरित करेंगे। इस समय आपके भाई बहनों के जीवन में कोई बड़ा लेकिन अनुकूल बदलाव आ सकता है। इसके साथ ही आपके जीवन में संचार कौशल और संचार माध्यमों से कोई नई खुशख़बरी आ सकती है। आपके पिताजी को उनके करियर में अच्छी वृद्धि मिलेगी हालांकि माता-पिता का स्वास्थ्य थोड़ा प्रतिकूल रह सकता है। आपके जीवन साथी को भी कोई उपलब्धि प्राप्त हो सकती है। यदि आप एक लेखक हैं तो आपकी लेखनी लोगों को प्रभावित करेगी और आपका व्यंग्य लोगों को खूब पसंद आएगा और आप उसका आनंद उठाएंगे। इस दौरान नए-नए विचारों का आदान-प्रदान होगा और नए लोगों से मित्रता भी हो सकती है। मोबाइल का प्रयोग अधिक बढ़ने से आपकी आंखों और कानों पर असर पड़ सकता है। कुछ यात्राओं के भी योग बन सकते हैं और खर्चे भी थोड़े बढ़ेंगे। यदि किसी कानूनी मामले का सामना कर रहे हैं तो इस दौरान बेहतर यही होगा कि आपसी सुलह से ही मामले को निपटा लें। इस दौरान आप अपनी मस्ती में मस्त रहेंगे और दूसरों की बातों पर ज्यादा ध्यान नहीं देंगे। आपका व्यवहार आपके निकट के लोगों को पसंद नहीं आएगा और वह आपके प्रति कोई भ्रांति मन में बना सकते हैं। अच्छा यही होगा कि दूसरों की भी सुनें। किसी भी प्रकार का दिखावा करना आपके लिए अच्छा नहीं है और स्वयं को श्रेष्ठ साबित करने के लिए दूसरों को छोटा साबित करना भी हर वक़्त आवश्यक नहीं होता, इसलिए इस आदत से बाज आएं। कुछ कार्य में विलंब हो सकता है लेकिन कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा हालांकि यह विलंब अभी आपकी खुद की लापरवाही के कारण होने की संभावना है इसलिए आलस को त्यागें और काम पर लग जाएँ।

उपाय: बुधवार को हरी सब्जियों एवं ताज़े फलों का दान करें।

वृषभ राशि

बुध ग्रह को आपकी राशि से दूसरे और पांचवें भाव का स्वामित्व प्राप्त है। इस गोचर के दौरान बुध ग्रह आपके द्वितीय भाव में गोचर करेगा। यह कुंडली का धन भाव है और इसके द्वारा धन संचय की स्थिति का आकलन किया जाता है। इसके साथ ही कुटुंब, भोजन, दायाँ नेत्र, मुख, वाणी तथा प्रारंभिक शिक्षा के बारे में भी इसी भाव से जाना जा सकता है। यह समय आपके लिए धन के मामले में खुशी मनाने का है क्योंकि इस दौरान धन का संचय कर पाने में आप सफल रहेंगे और आर्थिक रुप से आपकी स्थिति मजबूत होगी। यदि आप विद्यार्थी हैं और कोई पढ़ाई कर रहे हैं तो उसमें आपको अच्छे परिणामों की प्राप्ति होने की प्रबल संभावना बन रही है। खाने-पीने की चीजों में आप काफी चूज़ी हो जाएंगे और आपका नई-नई चीजें खाने का मन करेगा। किसी खास बात को लेकर आप काफी कड़वी वाणी का प्रयोग कर सकते हैं जिससे आपके अपने आहत हो सकते हैं। इसलिए इस पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें। जीवनसाथी के स्वास्थ्य में उतार चढ़ाव की स्थिति बनेगी। अपनी शिक्षा के माध्यम से भी आप धन अर्जित कर पाएंगे। संतान की ओर से संतुष्टि का भाव रहेगा और आर्थिक रुप से संतान का सहयोग भी आपको प्राप्त होगा। इस दौरान आप अपने कार्य व्यवसाय एवं धन संबंधित क्रियाकलापों में अधिक व्यस्त रहेंगे और पैसे का लेन-देन आदि का हिसाब रखने में अधिक से अधिक रुचि दिखाएँगे।अपने दोस्तों के साथ मौज मस्ती करने का मौका मिलेगा और इस सब में थोड़ा धन भी खर्च करेंगे। इस दौरान आप कोई शॉर्ट टर्म कोर्स भी कर सकते हैं जो आपकी प्रतिभा को निखारेगा और कार्यक्षेत्र में भी आपके काम आएगा। परिवार के लोगों के प्रति आप ज़िम्मेदारी का एहसास करेंगे और उनकी भावनाओं को भी स्वयं से अधिक महत्व देंगे। लेकिन इसका दूसरा पहलू भी है वह यह कि आप इसके बदले में चाहेंगे कि वह अपनी अटेंशन आपको दें। आपके पास उपलब्ध संसाधनों का उचित प्रयोग कर पाएंगे और उससे अच्छा लाभ उठाना आपको आता है। कुछ गुप्त योजनाएं भी बनेंगी जो समय रहते अपना असर दिखाएँगे। अपनी सेहत को लेकर जागरूक रहें और किसी भी प्रकार के तनाव को खुद पर हावी ना होने दे। सामाजिक कार्यों में अधिक व्यस्त रहना आपको इस प्रकार के तनाव से दूर रख सकता है। बाकी आपका समय खुशनुमा बनाने के लिए आपके दोस्तों हैं ही।

उपाय: बुधवार को अपनी बहन अथवा चाची को कोई उपहार भेंट करें जिसमें हरे रंग का कोई सामान अवश्य हो जैसे कि चूड़ी, सूट, साड़ी आदि।

मिथुन राशि

बुध आपकी राशि के लिए राशि स्वामी भी है और आप के चतुर्थ भाव का स्वामी भी। अपनी वक्री अवस्था में बुध आपकी ही राशि में गोचर करेगा। अर्थात बुध का गोचर आपके प्रथम भाव में होगा। इसे लग्न भाव भी कहते हैं। लग्न कुंडली का एक ऐसा स्थान है जिसे त्रिकोण और केंद्र दोनों भावों के रूप में माना जाता है। इसके द्वारा हमारा शारीरिक रूप रंग और गठन, व्यक्तित्व, समाज में हमारी छवि, आदि के बारे में भी देखा जाता है। वक्री बुध के इस भाव में गोचर करने से आपके व्यक्तित्व में बुध की छाप देखने को मिलेगी। यानी कि आप थोड़े बातूनी हो जाएंगे और अपनी बातों को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत करेंगे। किसी एक बात को बार-बार कहना आपकी आदत बन जाएगी, इसकी वजह से आपके कुछ आसपास के लोग आपसे इरिटेट भी हो सकते हैं। आप किसी भी काम को दोबारा चेक करना पसंद करेंगे, जैसे घर का ताला लगाया है तो उसे दोबारा चेक करेंगे। वैसे यह कोई गलत बात नहीं लेकिन आपको इतना ध्यान रखना है कि ये आदत आपकी सनक ना बन जाए। समाज में आपकी पहचान बढ़ेगी और आपकी सेहत में सुधार होगा। दांपत्य जीवन में परेशानियां बढ़ सकती है, इसकी मुख्य वजह एक दूसरे की बातों को ना समझना होगी। परिवार में वैसे घरेलू रूप से शांति होगी और लोग आपसे सलाह लेना पसंद करेंगे। आपके संचार माध्यमों और संवाद में सुधार होगा तथा सामाजिक सरोकार के कार्य में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। इस दौरान एक अच्छी बात यह होगी कि आप अपने अंदर एक छोटे बच्चे की चुस्ती फुर्ती और आनंद महसूस करेंगे और जीवन जीने में मजा आएगा। आप हंस-मुख होंगे और छोटे-छोटे चुटकुले छोड़कर माहौल को हल्का बनाना आप को बड़ा पसंद आएगा। आपके दोस्तों और आसपास के लोगों को आपका यह रवैया बड़ा पसंद आएगा और इससे आपकी मित्र मंडली का दायरा बड़ा हो जाएगा। इस समय के दौरान आप अपने अंदर झाँकेंगे और अपनी आंतरिक क्षमता का विकास करने में सफल होंगे। किसी कार्य विशेष के लिए आपके अंदर जुनून देखा जा सकता है जो आपको अपने लक्ष्य पर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा। हालांकि चुनौतियाँ भी कम नहीं होंगी। इसलिए आपको अपनी क्षमता और कार्यकुशलता पर भरोसा रखना होगा। यदि आप इस काम में सफल हो गए तो यह मान कर चलिए कि सफलता आपके कदम चूमेगी। आप का थोड़ा जिद्दी स्वभाव भी हो सकता है लेकिन ज़िद किस काम में करनी चाहिए और किस में नहीं, इस पर आपको ध्यान देना होगा।

उपाय: बुधवार को छोटी उंगली में शानदार गुणवत्ता वाला पन्ना पहनें।

कर्क राशि

आपकी राशि के लिए बुध तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी है और इस दौरान बुध आपके द्वादश भाव में गोचर करेगा। द्वादश भाव को व्यय स्थान अथवा हानि स्थान भी कहा जाता है। इसके द्वारा विदेश और विदेशों से संपर्क, खर्च, शारीरिक कष्ट, नेत्र रोग निद्रा रोग, शयन सुख, अस्पताल, कारागार आदि के बारे में पता चलता है। इस गोचर के दौरान कोई चली आ रही बीमारी आपको परेशान कर सकती है अथवा कोई पुरानी बीमारी फिर से उभर सकती है। इसमें स्वास्थ्य के प्रति सजग रहे और आवश्यकता पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें। सुदूर यात्रा अथवा विदेश जाने का मौका मिल सकता है लेकिन आसानी से नहीं उसके लिए कुछ कष्ट भी झेलने पड़ेंगा। इस दौरान आपके निवास स्थान में परिवर्तन हो सकता है, हालांकि काम के सिलसिले में की गई यात्राएं आपके लिए अनुकूल साबित होगी और आप के दीर्घकालीन लाभ का मार्ग प्रशस्त करेंगी। विदेश जाकर धन कमाने की इच्छा पूरी हो सकती है अथवा देश में रहकर विदेशी स्रोतों से लाभ प्राप्ति हो सकती है। समुद्र पार का व्यापार लाभ देगा हालांकि आपके खर्चे भी अधिक रहेंगे जिनको समय रहते आप को नियंत्रण में करने की आवश्यकता होगी। कानूनी पचड़े, स्वास्थ्य, यात्रा में मुख्य रूप से इन तीन चीजों पर आपका खर्च हो सकता है। किसी से मामूली विवाद होने की भी संभावना रहेगी। आपके भाई बहन अच्छा अनुभव करेंगे। एकांत में अधिक सोचने की आदत से बचाना खुद से बात करना बंद करें। जीवन में संतुलन बनाकर चलें और अपने कार्यों के प्रति सजग रहें। एक बात का विशेष रूप से ध्यान रखना होगा कि अपने मान सम्मान पर आँच ना आने दें और इसके लिए कोई भी ऐसा कार्य न करें जो आपके लिए बदनामी का कारण बन जाए। समय से अपना टैक्स भरें अन्यथा टैक्स चोरी के चक्कर में हवालात के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। जीवन में कुछ पाने के लिए अपने पंख खोलकर उड़ने का प्रयास करें जिससे आपको एक स्वतंत्रता भी मिलेगी और जीवन जीने के लिए दिशा भी, लेकिन अनुशासित रहना आवश्यक है। अपने कार्य क्षेत्र को लेकर सजग रहें और कोई भी गलती ना करें नहीं तो ख़ामियाज़ा पक्का भुगतना पड़ेगा। यदि आप मेहनत करेंगे तो समय आपका साथ देगा। आपको विभिन्न प्रकार की परिस्थितियों में खुद को समायोजित करने का प्रयास करना सीखना होगा। तभी जीवन में उन्नति के पथ पर आप आगे बढ़ने में सफल होंगे।

उपाय: श्री विष्णु मंदिर में शुद्ध घी चढ़ाएं और प्रतिदिन ‘श्री विष्णु सहस्रनाम’ स्तोत्र का पाठ करें।

सिंह राशि

बुध आपके एकादश भाव में गोचर करेगा। यह आपके द्वितीय भाव और एकादश भाव का स्वामी है। एकादश भाव महत्वाकांक्षाओं की पूर्ति तथा वृद्धि का भाव है, इसके साथ ही इसके द्वारा आमदनी, लाभ, बड़े भाई बहन और उनसे संबंध, वरिष्ठ अधिकारी आदि के बारे में जाना जाता है। इस गोचर के दौरान आपकी कमाई में अच्छी वृद्धि देखने को मिलेगी और आर्थिक लाभ की प्राप्ति के उद्देश्य से जो कार्य करेंगे उसमें सफलता मिलेगी। लंबे समय से अटके हुए काम जिसके लिए आपने काफी जोर लगाया था पूरे हो जाएंगे और इससे आपका मन प्रसन्न होगा और आप ख़ुशियाँ मनाएंगे। आपके सामाजिक जीवन में वृद्धि होगी और नए लोगों से मिलने का मौका मिलेगा। जहां भी आप अपने दिमाग का प्रयोग करेंगे और अपनी बुद्धि लगाएंगे वहां आपको फायदा होगा। इस दौरान आप कुछ नया सीखने के लिए भी उतावले हो सकते हैं। यदि आप पढ़ाई करते हैं तो आपके लिए यह गोचर काफी अनुकूल रहेगा। प्यार संबंधित मामलों में थोड़ा सा उतार-चढ़ाव के साथ समय अनुकूल रहेगा बस आपको अधिक बोलने की आदत से अपने आप को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने की आदत से बचाना होगा। कुछ नए लोगों से मुलाकात भी संभव होगी। व्यापार से संबंधित कार्य में लाभ होगा और व्यापार विस्तार की योजनाएं पूरी होंगी। यदि आपकी कुछ परियोजनाएं पहले से अटकी हुई हैं तो वे इस दौरान चालू हो जाएंगी और आप सुकून का अनुभव करेंगे। इससे ज्यादा आपको और क्या चाहिए कि आप को धन, मान, सम्मान, मित्र और सौभाग्य की प्राप्ति होगी। इस दौरान कोई नया गैजेट भी खरीद सकते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद आपको एक बात का ध्यान रखना होगा कि किसी भी कार्य में लापरवाही आपके लिए खतरे की घंटी साबित होगी इसलिए अनुशासित रहकर कार्य करना आपको सफलता देगा। अपने स्वविवेक का इस्तेमाल करेंगे तो सफलता आपके कदम चूमेगी। अति भावुक होना और अति व्यवहारिक होना यह दोनों ही बुरी बात है और आपको इन दोनों बुरी बातों से दूर रहना होगा। यदि कोई कार्य शुरू करना चाहते हैं तो पहले से ही उसके बारे में कोई विचारधारा ना बनाएं बल्कि पूरी जांच पड़ताल करके अपनी राय कायम करें तब तक उस कार्य को करें।

उपाय: शुद्ध घी एवं कपूर से विष्णु जी की पूजा करें।

कन्या राशि

आपकी राशि के लिए बुध आपकी राशि का स्वामी होने के साथ-साथ आपके दशम भाव का स्वामी ग्रह भी है और इस दौरान आपके दशम भाव में गोचर करेगा। दशम भाव कुंडली का सबसे शक्तिशाली केंद्र भाव होता है। यह कर्म भाव भी कहलाता है। इसके द्वारा व्यवसाय, कर्म तथा आजीविका आदि के बारे में पता चलता है। काम के प्रति जागरूक रहना और वफादार रहना एक अच्छी बात है लेकिन हद से ज्यादा काम करना आपको तनाव दे सकता है और यही इस गोचर के दौरान आपको सीखने को मिलेगा। कार्यस्थल पर आप बहुत अच्छा प्रदर्शन करेंगे लेकिन काम के साथ-साथ आराम करना भी आवश्यक रहेगा। आपके फैसलों से आपकी पहचान बनेगी और लोग आपके काम की तारीफ करेंगे। बुद्धिमत्ता पूर्ण और दूरदर्शी विचारों के कारण आप के वरिष्ठ अधिकारी भी आपकी प्रशंसा करेंगे। अपनी ऐसी बुद्धि का इस्तेमाल आपको अपने निजी जीवन के घरेलू मुद्दों को दूर करने के लिए भी करना होगा। अति व्यस्तता के चलते पारिवारिक जीवन में समय कम दे पाएंगे जिसकी शिकायत आपके परिवार वालों को आपसे होगी। विदेशी स्रोतों से लाभ मिलने की संभावना रहेगी और विदेश यात्रा से संबंधित प्लानिंग हो सकती है। अपने अच्छे विचारों को लोगों के साथ बांटने का प्रयास करें क्योंकि आप प्रयास करेंगे तभी सफलता हाथ लगेगी, खुद चलकर आपके पास नहीं आने वाली। अति भावुकता को स्वयं पर हावी ना होने दें क्योंकि उसका असर आपकी निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ेगा। इस समय में आपको आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। अब यह आपके ऊपर है कि आप उनको कितना भुना पाते हैं। खुद पर विश्वास आप की सबसे बड़ी ताकत होना चाहिए और सबसे पहले ऐसा काम चुनें जो आपके लिए आसान हो क्योंकि इससे समय की बचत भी होगी और आपको सफलता भी शीघ्र मिलेगी यदि आप इस नीति के आधार पर काम करेंगे तो आपको आगे बढ़ने से कोई रोक नहीं पायेगा।

उपाय: इस मंत्र का जाप करें: “ओम ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः।”

तुला राशि

अपने इस गोचर के दौरान बुध आपके नवम भाव में प्रवेश करेगा जोकि आपके लिए नवम भाव और द्वादश भाव का स्वामी है। नवम भाव हमारे भाग्य का स्थान है और इसके द्वारा धर्म, पहचान, मान सम्मान, लंबी यात्राएं, तीर्थाटन,गुरु तथा गुरु तुल्य लोगों के बारे में पता चलता है। यह कुंडली का लक्ष्मी स्थान भी कहलाता है। इस गोचर के दौरान आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और आपको उत्तम लाभ प्राप्ति के अवसर प्राप्त होंगे। गोचर की अवधि में आपके मान सम्मान में वृद्धि होगी और आपका सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा। समाज में नाम और विद्वान लोगों में आपकी तारीफ होगी। प्रसिद्धि मिलने की भी संभावना रहेगी। यहां ध्यान देने की बात यह है कि आप कुछ ऐसा भी कर सकते हैं जिससे आपको प्रसिद्धि मिलते मिलते अपयश मिल जाए, इसलिए जो भी कहें या करें उसके बारे में पहले सोच विचार कर लें। लोग आपके ज्ञान का लोहा भी मानेंगे और इस दौरान आपको विदेश यात्रा करने का मौका मिल सकता है। इस दौरान की गई यात्रा आपके लिए अच्छी फल दायक साबित होंगी और भाई बहनों को भी लाभ होगा। आपके पिता के साथ आपके संबंध पहले के मुकाबले और भी अधिक मधुर बनेंगे और आपके जीवन साथी के मान लिया में प्रतिष्ठा की वृद्धि होगी। इस दौरान आप लोगों के प्रिय पात्र बनेंगे और आपकी लेखन में भी रूचि बढ़ेगी। आप उच्च शिक्षा के लिए विदेश का रुख कर सकते हैं अथवा अपने व्यवसाय को और अधिक मजबूती देने के लिए भी विदेश यात्रा पर जा सकते हैं। इस दौरान कुछ भूले बिसरे दोस्तों से दोबारा मुलाकात या बातचीत करने का मौका मिलेगा जिससे पुराने दिन ताजा हो जाएंगे और आपकी पुरानी कुछ यादें आपको तरोताजा बना देंगी। परिवार वालों को साथ लेकर या मित्र मंडली के साथ कहीं दूर घूमने फिरने का प्लान बना सकते हैं जिससे सभी का एंजॉयमेंट भी हो और बोरियत से भी बचा जा सके। अपने संचार माध्यमों का इस्तेमाल सोच समझकर करें और बिल्कुल भी दुरुपयोग ना करें क्योंकि इनके द्वारा कुछ ऐसा हो सकता है जिसका असर आपकी प्रतिष्ठा और गरिमा पर पड़े। इसके लिए सबसे आवश्यक है सोच समझकर बोलना। इस अवधि में आपके भाई बहनों को किसी छोटी मोटी समस्या से दो-चार होना पड़ सकता है और ऐसे में आपको उनकी मदद करना आवश्यक होगा। कुछ फैसले लेने में परेशानी हो सकती है लेकिन अपने पिता, गुरु या किसी बड़े व्यक्ति की सलाह से काम करना आपको उन्नति देगा। कार्यों के प्रति लापरवाही बिल्कुल भी ना बरतें। अपनी बात को दूसरों के समक्ष रखने की आदत डालें तभी आप उन्नति के पथ पर आगे बढ़ पाएंगे।

उपाय: भगवान विष्णु की पूजा करें और उन्हें चंदन चढ़ाएँ।

वृश्चिक राशि

आपकी राशि के लिए बुध अष्टम भाव और एकादश भाव का स्वामी ग्रह होकर अपने इस गोचर के दौरान आपके अष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे रंध्र भाव भी कहा जाता है। इस भाव के कारकत्वों के अंतर्गत अचानक से घटित होने वाली घटनाएँ, आध्यात्मिकता, परेशानियां, जीवन के बड़े परिवर्तन, षडयंत्र, शोध, आयु आदि के बारे में जाना जाता है। बुध के वक्री अवस्था में गोचर करने के कारण आपका मन गुप्त और छुपी हुई चीजों के प्रति खोजबीन करने की कोशिश करेगा। इस सब में कुछ धन का खर्च भी सम्मिलित होगा। आपको अपनी प्रशंसा सुनना बहुत पसंद है लेकिन इस दौरान स्तिथि इसके विपरीत होने की उम्मीद है। इस दौरान आपके पिताजी के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि आपको अचानक से धन प्राप्ति के योग भी बनेंगे। इस दौरान आपके जीवन साथी के व्यवहार में कुछ बदलाव आएगा जो आपको रास नहीं आएगा। ससुराल पक्ष के लोगों से भी संबंधों पर असर पड़ सकता है। क्योंकि बुध त्वचा का कारक है इसलिए त्वचा संबंधित कोई रोग, खुजली, दाद, खाज, एलर्जी या शरीर पर चकत्ते पड़ना आदि समस्याएं हो सकती हैं। इस दौरान आप कोई गुप्त व्यावसायिक योजना भी बना सकते हैं। अपने अंतरंग संबंधों के बारे में विचार-विमर्श कर उनके लिए यह समय उपयुक्त रहेगा। वैसे तो अष्टम भाव में अन्य ग्रहों की स्थिति अच्छी नहीं मानी जाती लेकिन बुध बुद्धि का प्रदाता ग्रह है इसलिए अष्टम भाव में बुध का गोचर आपको गुप्त ज्ञान,रहस्य, खोज, शोध आदि में काफी मदद करेगा और इसलिए इनसे संबंधित क्षेत्र में आपको अच्छे लाभ की उम्मीद करनी चाहिए। यदि आप किसी ऐसे पेशे से जुड़े हैं जिसमें आपको खोज बीन करनी पड़ती है या लोगों की जासूसी करनी पड़ती है अथवा कुछ लोगों की छुपी हुई हकीक़त को जानने का शौक हो तो इस समय में आपको इन सभी कामों में भरपूर सफलता मिलेगी। हालांकि इसका नुकसान यह होगा कि आपके विरोधी आपके सामने खड़े हो जाएंगे। जीवनसाथी को लेकर मतभेद सामने आएँगे और आपको बहुत ही धैर्य के साथ चलना होगा नहीं तो स्थिति बिगड़ सकती है। व्यावसायिक साझेदारी में काम करने वाले लोगों को भी इस दौरान थोड़ा संभलकर रहना होगा क्योंकि साझेदार से मतभेद आपके काम पर असर डालेंगे। इस दौरान आप नई-नई व्यावसायिक योजनाएं बनाएँगे हालांकि उन्हें अमली जामा पहनाना अभी आपके बस में नहीं होगा। आप अपनी ओर से पूरी मेहनत करेंगे। आपके ही कुछ अपने आपकी तरक्की से जल कर आपके खिलाफ ईर्ष्या का भाव रखेंगे क्योंकि आप आगे बढ़ने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। उनकी इस ईर्ष्या का ख़ामियाज़ा आपको अपने व्यावसायिक जीवन में उठाना पड़ सकता है इसलिए ऐसे लोगों से सावधान और सतर्क रहें।

उपाय: बुधवार के दिन ब्राह्मणों को फल दान में दें।

धनु राशि

आपकी राशि के सप्तम और दशम स्थान का स्वामी ग्रह बुध आपके सप्तम भाव में गोचर करेगा। सप्तम भाव के द्वारा जीवन में लंबे समय तक चलने वाली साझेदारी अर्थात रिश्ते, जीवनसाथी, विवाह, इंपोर्ट-एक्सपोर्ट, व्यावसायिक साझीदार आदि के बारे में जानकारी प्राप्त होती है। यह कुंडली का मारक भाव भी है। गोचर की इस अवधि में पदोन्नति की स्थिति बनेगी लेकिन बीच में कुछ अटकाव आएँगे जिनको आपको ही दूर करना होगा। संचार के माध्यमों में सुधार आएगा, वहीं जीवन साथी के साथ किसी बात को लेकर गहन बातचीत हो सकती है। करियर के परिप्रेक्ष्य में आपके लिए यह गोचर अनुकूल साबित होगा। आपको सामाजिक रूप से कोई भी बयान देने से पहले सोचना चाहिए क्योंकि इसका दुष्प्रभाव आपकी छवि पर पड़ सकता है। इस दौरान आपका जीवनसाथी भी कुछ ऐसी बातें करेगा जो आपको चुभ जाएंगी लेकिन अपने प्यार की ख़ातिर अपने रिश्ते को खूबसूरत बनाने का प्रयास करें। सप्तम भाव जो कि पति-पत्नी के संबंधों का भाव भी है इसलिए आपको इस गोचर के अनुकूल प्रभाव मिलेंगे। यदि आप अपनी बात पर ध्यान देंगे तो संतुलन बना रहेगा और चीजें आपके पक्ष में रहेंगी। आपकी हंसी मज़ाक करने की आदत आपको लोगों का प्रिय बनाएगी और इसी कारण लोग आपसे बात करके खुश होंगे। आपको अपने कार्यों में सफलता मिलेगी और उससे लाभ भी होगा। अधिक सोचने विचारने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि अधिक सोचने विचारने की स्थिति में कामों में विलंब होगा और लाभ प्राप्ति का अवसर हाथ से निकल जाएगा। हालांकि आपको लाभ होंगे फिर भी आपका आर्थिक बजट थोड़ा गड़बड़ा सकता है क्योंकि ख़र्चों में बढ़ोतरी होने की संभावना रहेगी। कुछ खर्चे बेवजह भी होंगे। परिवार में कोई विवाद जन्म ले सकता है इसलिए बेहतर होगा कि स्थिति को संभालने का प्रयास करें। गुस्से से दूर रहने का प्रयास करें क्योंकि क्रोध की स्थिति में बात बिगड़ सकती है। आपके शत्रु थोड़े मजबूत रहेंगे इसलिए उनके प्रति सावधानी बरतें। हल्के फुल्के शारीरिक कष्टों का सामना करना पड़ सकता है।

उपाय: गौ माता को गुड़ खिलाएं और उनकी सेवा करें।

मकर राशि

आपके छठे भाव तथा नवें भाव का स्वामी ग्रह होकर इस दौरान आपके षष्टम भाव में गोचर करेगा। छठे भाव से हमारे विरोधी, हमारी स्पर्धा, हमारी संघर्ष करने की क्षमता, प्रतियोगी परीक्षाएं, शरीर को लगने वाली बीमारियाँ, उधार, क़र्ज़, तथा नौकरी आदि के बारे में पता चलता है। छठे भाव में बुध का गोचर कोर्ट कचहरी के मामले में आपको जीत दिलवा सकता है लेकिन क्योंकि बुध वक्री अवस्था में है इसलिए आपको प्रयास थोड़े अधिक करने पड़ेंगे। कार्यस्थल पर अपने हक के लिए आपको बहस भी करनी पड़े तो करनी चाहिए। हालांकि आपके प्रदर्शन में सफलता मिलेगी। आप जो मेहनत करेंगे उसका फल आपको प्राप्त अवश्य होगा। दूसरी ओर आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की पूरी पूरी संभावना है। इस दौरान जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो सकता है और यदि वे प्रयास कर रहे हैं तो इस दौरान किसी सिलसिले में विदेश जाने की संभावना बन सकती है। हालांकि छठे घर में शुभ ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं मानी जाती है लेकिन मिथुन बुध की अपनी राशि है इसलिए आपको शुभ परिणाम भी अवश्य प्राप्त होंगे। आप अपने स्वास्थ्य के बारे में थोड़े चिंतित रहेंगे और इसलिए तले भुने और अधिक वसायुक्त भोजन से आप परहेज भी करेंगे। आपके कुछ अपने ही आपसे जलन रखेंगे और आपको परेशान करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। हालांकि वह बहुत अधिक नुकसान नहीं पहुंचा पाएंगे। आप अपने पथ पर आगे चलते रहिए बिना यह सोचे कि लोग क्या कहते हैं। इस गोचर के दौरान आप अपने निकट के लोगों का बहुत अधिक ध्यान रखेंगे और उनके प्रति चिंतित भी रहेंगे। लेकिन किसी ने कहा है कि अति हर चीज की बुरी होती है इसलिए हद से ज्यादा परवाह करना भी आपके प्रियजनों को परेशान कर सकता है। इसलिए सबको अपना जीवन सुचारु रुप से जीने दें और आप केवल अपने कर्तव्य का भली प्रकार निर्वाहन करें। इस गोचर की अवधि में जो भी चुनौतियाँ आपके सामने आएँगी, आप उनका डटकर सामना करेंगे। नौकरी बदलने के योग बन सकते हैं और यदि आप इस दिशा में प्रयास कर रहे हैं तो सफलता हाथ लग जाएगी। कोर्ट कचहरी के मामलों में फैसला आपके पक्ष में आ सकता है हालांकि इन सब पर ख़र्चा भी होने की संभावना है। आपके स्वभाव और स्वास्थ्य में बार-बार परिवर्तन आएँगे इसलिए इनके प्रति सजग रहें। अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखें और हर किसी से अपने मन की बात साझा ना करें अन्यथा वह इसका अनुचित लाभ उठा सकते हैं।

उपाय: बुधवार को गणेश जी को लड्डू प्रसाद स्वरूप चढ़ाएं।

कुंभ राशि

बुध आपके पंचम भाव में गोचर करेगा। यह आपके पंचम भाव और अष्टम भाव का स्वामी ग्रह है। पंचम भाव के द्वारा शिक्षा, जीवन के रुझान, बुद्धि, विवेक, संतान तथा प्रेम संबंधों के बारे में विचार किया जाता है। यह कुंडली का लक्ष्मी स्थान भी है। बुध के इस गोचर से नई-नई चीजें सीखने का मन करेगा और आपकी शिक्षा के क्षेत्र में सुधार होंगे। बुद्धि में वृद्धि होगी और एक ही चीज को बार बार रिवाइज़ करना अर्थात दोहराना आपको पसंद आएगा। इस दौरान आपकी आमदनी में भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी। दिमाग उर्वर बनेगा और उसमें नए-नए विचार आएँगे जिन्हें लागू करने के लिए आप आगे बढ़ेंगे और उनका समुचित लाभ उठा पाएंगे। सामान्य रूप से अलग कुछ विशेष विषयों जैसे कि ज्योतिष, शास्त्र, लेखन आदि में आपकी रूचि अधिक बढ़ेगी। इस दौरान आपकी संतान को स्वास्थ्य का सुख मिलेगा। आप उनके प्रति स्नेह का भाव रखेंगे और उनके साथ अपनी बातें करना तथा कुछ नए खेल खेलना भी आपको खूब रास आएगा। अपने दोस्तों के साथ आप शतरंज, पजल और वीडियो गेम जैसे दिमागी खेल खेल सकते हैं। जो लोग पार्ट टाइम नौकरी करने के इच्छुक हैं, उन्हें इस दौरान सफलता मिल सकती है। इस दौरान आप रीज़निंग और एप्टीट्यूड से संबंधित पढ़ाई भी खूब मन लगाकर करेंगे और उसके प्रश्नों का उत्तर बड़ी ही आसानी से दे पाएंगे। इस दौरान प्यार के मामले में भी आप किसी से पीछे नहीं रहेंगे और कोई नया साथी खोजेंगे। यदि आप पहले से ही प्रेम संबंध में हैं तो अपने प्रियतम को खुश रखने के लिए मीठी-मीठी बातें करना आपको भली प्रकार आता है। आप अपनी खूबी का बखूबी प्रयोग करेंगे। आपके अंदर एक नया जोश और जुनून देखने को मिलेगा जिसमें आप खुद को श्रेष्ठ साबित करना चाहेंगे। आपकी लड़ाई किसी अन्य से नहीं बल्कि अपने आप से ही होगी। हालांकि इसकी वजह से आपके अंदर अहंकार की प्रवृत्ति बढ़ सकती है जिसके प्रति आपको सचेत रहना चाहिए। यदि आप एक विद्यार्थी हैं तो इस दौरान आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी। परीक्षा में सफलता मिलने की संभावना अवश्य है। अपने व्यावसायिक जीवन में थोड़ा सोच-समझकर चलने की आवश्यकता होगी क्योंकि आप कुछ ऐसे काम कर सकते हैं जिनके लिए बाद में आपको पछताना पड़े। आप हर काम को अपने दम पर करना चाहेंगे और उसे बखूबी करने में सफल रहेंगे। अति आत्मविश्वास की भावना आपको परेशान कर सकती है। इस पर जितनी जल्दी नियंत्रण कर सकें, कर ले।

उपाय: हरे रंग का एक रूमाल अपने पास रखें।

मीन राशि

बुध ग्रह आपकी कुंडली के चतुर्थ और सप्तम भाव का स्वामी है और अपने इस वक्री गोचर के दौरान वह आपके चतुर्थ भाव में प्रवेश करेगा। चतुर्थ भाव हमारे जीवन की सुख सुविधाओं, मां, वाहन तथा चल-अचल संपत्ति के बारे में बताता है। गोचर की इस अवधि में जीवन में सुखों को पाने की लालसा बढ़ेगी और उसके लिए जो संभव होगा, आप करेंगे। आप अपने पारिवारिक जीवन में अधिक व्यस्त रहेंगे और आवश्यकतानुसार उसको पर्याप्त समय देंगे। घरेलू कार्य में व्यस्तता आपको परिवार के लोगों का प्रिय बनाएगी और आप इस दौरान कोई नया घर अथवा वाहन खरीदने का विचार भी बना सकते हैं। आपके गृहस्थ जीवन में भी सामंजस्य बना रहेगा जिससे परिवार में सुख शांति का एहसास होगा। यदि आपका जीवनसाथी कार्यरत है तो उसे एक नई पहचान मिलेगी। आपको अपने दांपत्य जीवन में सुखों का अनुभव होगा। इस दौरान आप कुछ अच्छे निर्णय लेंगे और उसके मूल में आपकी सहज बुद्धि ही होगी। इसका फायदा आपको अपने कार्यस्थल पर भी मिलेगा। आप अपनी कार्य क्षमता को बढ़ाने में सफल रहेंगे। यदि कोई व्यापारिक साझेदारी की हुई है तो उसमें भी आपको फायदा होगा और आपकी माता जी के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा। परिवार में आपसी सौहार्द देखने को मिलेगा और सबके बीच तालमेल बेहतर रहेगा। हंसी मज़ाक के क्षण आप लोगों के साथ बिताएंगे और आपके मित्र तथा अन्य निकटवर्ती लोग भी आपसे मिलने के लिए आएँगे। यह वह समय है जब आपको ये विचार करने की आवश्यकता होगी कि भविष्य में आप अपनी आर्थिक, मानसिक और सामाजिक स्थिति को कैसे मजबूत कर सकते हैं। आपके सामाजिक दायरे में वृद्धि होगी हालांकि धन से संबंधित सभी मामलों में आपको पूरा ध्यान देना होगा। वक्री बुध ग्रह का यह गोचर आपको काफी हद तक संवेदनशील बनाएगा और आप अपनी जिम्मेदारियों को समझकर उन्हें पूरा करने का प्रयास करेंगे। लेकिन उतार चढ़ाव भी रहेगा अर्थात कभी आप बहुत जिम्मेदार बनेंगे तो कभी बिल्कुल लापरवाह। इसलिए इस दौरान थोड़ा सावधान रहें क्योंकि जरा-सी असावधानी आपको निजी और पेशेवर जीवन में परेशानी दे सकती है। अपने कार्य क्षेत्र को लेकर थोड़ा सावधान रहें और काम के प्रति समर्पण दिखाए।

उपाय: बुधवार के दिन सवा पाव साबुत मूंग गाय को खिलाएं।

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लेखक: एस्ट्रोगुरु मृगांक

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