• Varta Astrologers
  • Arun
  • Biren
  • Debolina
  • Vinutha

बुध तुला राशि में वक्री (27 सितंबर 2021)

बुध सूर्य के सबसे निकट का ग्रह है, यह ग्रह जब पृथ्वी से देखे जाने पर पीछे की ओर गति करता हुआ प्रतीत होता है तो इसे वक्री गति कहा जाता है। बुध एक वर्ष में तीन बार वक्री गति करता है। प्रत्येक वक्री लगभग तीन सप्ताह तक रहता है।

बुध तुला राशि में वक्री

एस्ट्रोसेज वार्ता से दुनियाभर के विद्वान ज्योतिषियों से करें फोन पर बात

जैसा कि हम सभी जानते हैं कि बुध वैदिक ज्योतिष में संचार का ग्रह है और जब यह वक्री हो जाता है, तो पृथ्वी पर संचार में गलतफहमियां होने की संभावना होती है, तकनीकी चीजों में भी कुछ परेशानियां आने की इस समय संभावना रहती है। यह किसी भी प्रकार का निर्णय लेने या किसी विस्तृत यात्रा की योजना बनाने के लिए अनुकूल समय नहीं होगा। लोगों के साथ बातचीत करने के लिए भी यह चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है। मोटर वाहन आदि के लिए भी बुध का वक्री कठिन होता है, किसी चीज के टूटने से लेकर दुर्घटनाओं तक के लिए। इस दौरान आपके वाहन में खराबी आ सकती है और यांत्रिक मुद्दों का आपको निदान करना पड़ सकता है। अब जब तुला राशि में बुध का प्रतिगमन कोई भावनात्मक तीव्रता होगी। तुला राशि में बुध की वक्री गति के दौरान आपकी सोच में तीव्रता देखी जाएगी, आप क्या कर रहे हैं और आपके लिए क्या जरूरी है इसके बीच आप संतुलन बनाना शुरू कर सकते हैं। आप अपने जीवन में संतुलन की तलाश करेंगे। तुला राशि में बुध वक्री आंतरिक रूप से सामंजस्य स्थापित करने के लिए अच्छा है। जब बुध तुला राशि में मार्गी होता है, तो व्यक्ति शब्दों और विचारों का उपयोग बाहरी सद्भाव बनाने में करता है, लेकिन अब जब बुध वक्री है तो जातक अपने स्वयं के मन के भीतर शांति और संतुलन की तलाश करेंगे और उसके बाद दुनिया को प्रभावित करने की कोशिश करेंगे।

बुध, जो संचार, व्यावसाय, विश्लेषणात्मक और अवलोकन कौशल का कारक है, तुला राशि में वक्री हो रहा है। यह ग्रह बुद्धि, ज्ञान, मनोविज्ञान, विचारों और सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए भी जिम्मेदार माना जाता है। बुध ग्रह 27 सितंबर 2021 को सबुह 10:40 पर वक्री गति शुरू करेगा 18 तारीख तक यह इसी स्थिति में रहेगा और उसके बाद 18 अक्टूबर 2021 को कन्या राशि में मार्गी गति शुरू करेगा।

आइए जानें सभी राशियों पर बुध की इस वक्री गति का क्या असर पड़ेगा:

कुंडली में मौजूद राज योग की समस्त जानकारी पाएं

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। इसके अलावा व्यक्तिगत भविष्यवाणी जानने के लिए ज्योतिषियों के साथ फ़ोन पर या चैट पर जुड़े

Read in English: Mercury Retrograde in Libra (27 September 2021)

मेष

मेष राशि के जातकों के लिए बुध तीसरे और छठे घर का स्वामी है और यह आपके सातवें घर में वक्री अवस्था में होगा। सप्तम भाव विवाह और साझेदारी का भाव है इसलिए यह वैवाहिक जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव और अशांति लेकर आ सकता है और आप दोनों के बीच कुछ गलतफहमी भी पैदा कर सकता है। बुध के इस वक्री के दौरान आपको यह सलाह दी जाती है कि यदि शादी करने वाले हैं तो इस दौरान शादी की तारीख निर्धारित न करें, इसे तब तक स्थगित रखें जब तक बुध वक्री गति में है। व्यापारिक साझेदारी और व्यापार में अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों को लेकर आपको बहुत स्पष्ट होना चाहिए क्योंकि यह कार्यस्थल पर आपको झड़प और टकराव से बचने में मदद करेगा। किसी भी तरह की यात्रा से बचने की कोशिश इस दौरान करें क्योंकि यह आपको कोई लाभ प्रदान करने की बजाय नुकसान दे सकती है।

उपाय: हरे रंग की वस्तुओं का दान करें क्योंकि यह आपके लिए लाभदायक सिद्ध होगा।

वृषभ

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध दूसरे और पांचवें घर का स्वामी है। वर्तमान में यह ग्रह आपके ऋण, शत्रु और दैनिक मजदूरी के छठे भाव में वक्री होगा। इस वक्री के दौरान आपको बचत करने के लिए जोखिम लेने से बचना चाहिए, सट्टेबाजी से भी इस दौरान बचकर रहें। इस वक्री गति के दौरान मौद्रिक नुकसान की संभावना भी है। यह आपके लिए किसी विशेषज्ञ से सलाह लेने का सबसे अच्छा समय है, यदि निवेश करना आवश्यक हो तो स्थिति का गहराई से विश्लेषण अवश्य करें। माता-पिता को बच्चों के पोषण और शिक्षा में साथ देने का सुझाव दिया जाता है। स्वास्थ्य पर नजर डाली जाए तो, इस दौरान आप बीमार पड़ सकते हैं, आपको सलाह दी जाती है कि नियमित रूप से उचित आहार और कसरत करें।

उपाय: बुधवार को व्रत रखें क्योंकि इससे आपको अनुकूल परिणाम मिलेंगे।

मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध पहले और चौथे घर का स्वामी है और प्यार, रोमांस और बच्चों के पांचवें भाव में यह वक्री होगा। इस दौरान बातचीत के दौरान गलतफहमियां पैदा हो सकती है क्योंकि आप गपशप के दौरान अपनी बातों को लेकर स्पष्ट नहीं होंगे। आपके पुराने मित्र इस दौरान आप से संपर्क कर सकते हैं। माता के साथ आपके संबंध भी इस समय सुधरेंगे और यदि प्रॉपर्टी से जुड़ा कोई मुद्दा आपको परेशान कर रहा था तो वह भी इस समय दूर हो सकता है। घर का माहौल अधिकतर समय अच्छा रहेगा। आपके स्वास्थ्य पर नजर डाली जाए तो सेहत अच्छी रहेगी, कोई बड़ी दिक्कत इस दौरान नहीं आएगी।

उपाय: रविवार को छोड़कर हर दिन तुलसी के पौधे पर पानी डालें।


करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

कर्क

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध तृतीय और द्वादश भाव का स्वामी है। बुध वक्री आपकी माता, सुख आदि के चतुर्थ भाव में होगा। इस दौरान आप कुछ चुनौतियों का सामना कर सकते हैं, प्रॉपर्टी से जुड़े कुछ मुद्दे आपको परेशान कर सकते हैं और यह आसानी से हल भी नहीं होंगे। इस दौरान आपकी माता को स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियां हो सकती हैं। आपके आर्थिक पक्ष पर नजर डाली जाए तो आप अनचाहे खर्चों पर नियंत्रण कर पाएंगे साथ ही आपको धन लाभ होने की भी संभावना है।

उपाय: गरीब बच्चों या अनाथ बच्चों को जरूरी चीजों का दान करें, इससे आपको अच्छे परिणाम मिलेंगे।

सिंह

सिंह राशि के जातकों के लिए बुध उनके द्वितीय और एकादश भाव का स्वामी है। यह आपके तृतीय भाव में वक्री होगा। इस वक्री के दौरान आप भाई-बहनों के साथ यदि कोई परेशानी थी तो उसे दूर कर सकते हैं। इस दौरान आप यात्रा करने का विचार बना सकते हैं और यह आपकी उन्नति के लिए अच्छे होंगे। बुध की यह वक्री चाल भाई-बहनों के साथ अच्छा समय बिताने का भी आपको मौका देगी। इस वक्री के दौरान आपको निवेश करने से बचना चाहिए और यदि निवेश करना आवश्यक हो तो हर पक्ष पर नजर डालें और बहुत सावधानी से निवेश करें। इस राशि के नौकरी पेशा लोगों को प्रमोशन मिलने या सैलरी में वृद्धि मिल सकती है। कुछ लोगों को नई नौकरी मिलने की भी संभावना है। कार्यक्षेत्र के वरिष्ठ अधिकारियों और सहकर्मियों के साथ आपके संबंध इस समय सुधरेंगे।

उपाय: बुधवार के दिन गणेश जी के मंदिर जाएं और गणपति जी को लड्डू अर्पित करें।


चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

कन्या

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध पहले और दसवें घर का स्वामी है। दसवाँ भाव करियर औऱ पेशे का जबकि पहला भाव आपकी आत्मा का कारक माना जाता है। बुध का वक्री आपके धन, संचार और परिवार के द्वितीय भाव में होगा। इस दौरान आप अपने परिवार के सदस्यों के साथ कुछ मुद्दों का सामना कर सकते हैं, जिससे घर का माहौल बिगड़ सकता है। हालांकि, उचित संचार और बातचीत के साथ आप सभी मतभेदों को हल करने में सक्षम होंगे। नई निवेश योजना बनाने का यह एक अच्छा समय है जो सही दिशा में बचत करने में मदद करेगा। इस तरह आप इस वक्री बुध की ऊर्जा का सही इस्तेमाल कर सकते हैं। इस अवधि के दौरान आप अचानक और अप्रत्याशित लाभ की उम्मीद भी कर सकते हैं। व्यवसाय और नौकरी करने वालों को अतीत की तुलना में इस दौरान अच्छा लाभ मिलेगा।

उपाय: अंडा, मांस या शराब खाने से बचें ऐसा करना आपके लिए फायदेमंद साबित होगा।

तुला

तुला राशि के जातकों के लिए बुध नौवें और बारहवें भाव का स्वामी है। इस दौरान तुला राशि के जातक धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं, इसके अलावा इस राशि के कुछ जातक धार्मिक यात्राओं पर भी जा सकते हैं। आर्थिक रूप से, इस अवधि के दौरान आपके खर्च अधिक होंगे इसलिए उचित सावधानी बरतें और देख परख के निवेश करें। स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो आप थोड़ा तनाव महसूस कर सकते हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि नियमित व्यायाम / ध्यान या योग को अपने जीवन में शामिल करें।

उपाय: रात को अपने बिस्तर पर एक गिलास पानी रखें। सुबह इस पानी को पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें।

वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए, बुध आठवें और एकादश भाव का स्वामी है और यह खर्च, हानि और मोक्ष के आपके द्वादश भाव में वक्री होगा। आर्थिक रूप से, इस समय के दौरान पैसे का निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। निवेश करने से पहले किसी विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर होगा। रिश्तेनातों पर नजर डाली जाए तो, आप इस समय बहुत भावुक हो सकते हैं, इसलिए आपको दिल से ज्यादा इस दौरान दिमाग की सुननी चाहिए। आप इस अवधि के दौरान बातों को छिपा सकते हैं। नौकरी में जातकों को अपने वरिष्ठों से उचित सहयोग मिलने की संभावना कम है, इसलिए उनके साथ संवाद करते समय सावधानी बरतें। स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो अपने स्वास्थ्य का आपको विशेष ध्यान देना होगा नहीं तो छोटी बीमारियां भी बड़ी समस्या बन सकती हैं।

उपाय: प्रतिदिन सूर्य को जल चढ़ाएं और नियमित रूप से किसी मंदिर में दूध और चावल का दान करें।


बृहत् कुंडली: जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

धनु

धनु राशि के जातकों के लिए बुध सातवें और दसवें भाव का स्वामी है और वर्तमान में यह ग्रह आपकी सफलता, लाभ आदि के एकादश भाव में वक्री होगा। बुध की यह वक्री गति आपके लिए बहुत लाभदायक होगी क्योंकि आपकी सामाजिक स्थिति इस दौरान सुधरेगी। आपको करियर में नए अवसर मिलेंगे और यदि आप व्यावसायिक साझेदारी में हैं तो यह अवधि आपको लाभान्वित करेगी। इस दौरान आप बहुत सामाजिक होंगे और अपने दोस्तों के साथ समय बिताएँगे। इस राशि के जातक बुध के वक्री के दौरान अपने संगी या जीवनसाथी से अच्छा सहयोग प्राप्त करेंगे। इस दौरान यदि आप संपत्ति बेचने या खरीदने की योजना बना रहे हैं तो आपके सफल होने की संभावना है।

उपाय: किसी मंदिर के ब्राह्मण को चना दाल और पीले वस्त्र दान करें।

मकर

मकर राशि के जातकों के लिए बुध छठे और नौवें भाव का स्वामी है और करियर, नाम और प्रसिद्धि के आपके दसवें घर में यह वक्री गति करेगा। इसलिए आपको अपने कार्यों या करियर के लक्ष्यों को पूरा करने में कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। आपके अधीनस्थ आपके लिए बहुत सहायक होंगे और आपको अपनी कड़ी मेहनत का फल मिलेगा, जिसके परिणामस्वरूप कार्यस्थल पर आपकी दक्षता में वृद्धि होगी। बुध की यह वक्री गति आपके पिता के साथ आपके संबंधों को बेहतर बनाएगी और उनके द्वारा दी गई कोई सलाह लंबे समय तक आपके काम आ सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को इस अवधि के दौरान अच्छे फल मिलेंगे। आप धार्मिक कार्यों, दान-पुण्य या ऐसी ही गतिविधियों में इस दौरान शामिल हो सकते हैं। आधिकारिक काम के लिए विदेश यात्रा की भी संभावना है।

उपाय: गले में चांदी धारण करें क्योंकि इससे आपको अनुकूल परिणाम मिलेंगे।

कुंभ

कुंभ राशि के जातकों के लिए बुध पांचवें और आठवें भाव का स्वामी है और आपके भाग्य, धर्म आदि के नौवें भाव में यह वक्री गति करेगा। आपके बच्चे इस दौरान प्रगति के पथ पर अग्रसर होंगे इसलिए आपको भी संतुष्टि महसूस होगी। विद्यार्थी शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा प्रदर्शन करेंगे और आपको कार्यस्थल या नौकरी के मोर्चे पर भी बेहतर अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य के लिहाज से आप शारीरिक और मानसिक रूप से थकावट महसूस कर सकते हैं इसलिए बेहतर स्वास्थ्य के लिए योग / ध्यान का अभ्यास करने की सलाह दी जाती है। कुंभ राशि में बुध वक्री, आपके रिश्ते, मित्रता को प्रभावित कर सकता है इस दौरान गलतफहमियों के चलते झड़प होने की संभावना है इसलिए सावधानी से आगे बढ़ें।

उपाय: बुध के बीज मंत्र ‘ॐ बुधाय नमः’ का 108 बार जाप करें।

मीन

मीन राशि के जातकों के लिए बुध चौथे और सातवें घर का स्वामी है और यह आपके अष्टम भाव में वक्री गति करेगा परिवर्तन और अनुसंधान का कारक भाव कहा जाता है। अष्टम भाव में बुध के वक्री के दौरान आपको कुछ अशुभ परिणाम मिलने की आशंका है। बुध का वक्री इंगित करता है कि आपकी माँ को कुछ स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, जो आपके लिए चिंता और मानसिक तनाव का कारण होगा। वैवाहिक जीवन पर नजर डालेें तो आपको कुछ उतार-चढ़ाव और मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है। व्यावसायिक रूप से व्यापार और साझेदारी में कुछ मतभेद या लड़ाई-झगड़े होने की भी संभावना है क्योंकि इस दौरान आप अपने साझेदार पर बहुत संदेह कर सकते हैं। स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो आपको परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य पर खर्च करना पड़ सकता है क्योंकि उनके बीमार पड़ने के आसार हैं। आर्थिक रूप से आप संपत्ति के नवीनिकरण पर कुछ खर्च कर सकते हैं । ससुराल से आपके बेहतर संबंध होंगे और ससुराल पक्ष के लोगों से कुछ उपहार भी आपको मिल सकते हैं। यह आपके लिए रचनात्मक गतिविधियों का अभ्यास करने के लिए एक अच्छा समय है जैसे- लेखन, नृत्य, फोटोग्राफी, या पेंटिंग आदि।

उपाय: हर बुधवार को मंदिर में चावल, दूध, पीले रंग के कपड़े और चना दाल चढ़ाएं।


सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें: एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

एस्ट्रोसेज मोबाइल पर सभी मोबाइल ऍप्स

एस्ट्रोसेज टीवी सब्सक्राइब

ज्योतिष पत्रिका

रत्न खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले रत्न, लैब सर्टिफिकेट के साथ बेचता है।

यन्त्र खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम के विश्वास के साथ यंत्र का लाभ उठाएँ।

फेंगशुई खरीदें

एस्ट्रोसेज पर पाएँ विश्वसनीय और चमत्कारिक फेंगशुई उत्पाद

रूद्राक्ष खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम से सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले रुद्राक्ष, लैब सर्टिफिकेट के साथ प्राप्त करें।