• Talk To Astrologers
  • Talk To Astrologers
  • Talk To Astrologers
  • Talk To Astrologers
  • Talk To Astrologers
  • Talk To Astrologers

गुरु का सिंह राशि में गोचर (31अक्टूबर, 2026)

वैदिक ज्योतिष में बृहस्पति ग्रह को सबसे शुभ प्राकृतिक ग्रह माना जाता है, जो हमारे भाग्य को नियंत्रित करने के लिए जाना जाता है। बृहस्पति ग्रह गुरु, शिक्षक, मार्गदर्शक और दूसरों को सलाह देने की क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है। यह ज्ञान का कारक है। स्त्री की कुंडली में यह संतान और पति का प्राकृतिक कारक माना गया है। जीवन में मिलने वाले हर प्रकार के धन—चाहे वह ज्ञान का धन हो, संसाधनों का धन हो, सुख-सुविधाएँ हों या धार्मिक दृष्टिकोण—इन सभी पर बृहस्पति का ही प्रभाव माना गया है।

गुरु का सिंह राशि में गोचर (31 अक्टूबर, 2026)

अब 31 अक्टूबर को शाम 19:19 बजे, बृहस्पति सिंह राशि में गोचर करने जा रहा है। सिंह राशि राजसी स्वभाव, नेतृत्व और प्रतिष्ठा का प्रतिनिधित्व करती है।

विद्वान ज्योतिषियों से फोन पर बात करें और जानें गुरु का सिंह राशि में गोचर का अपने जीवन पर प्रभाव  

सिंह राशि में बृहस्पति का यह गोचर आपके अहं को बढ़ा सकता है, लेकिन साथ ही आपकी रचनात्मकता, आकर्षण और रोमांटिक ऊर्जा को भी विस्तार देगा। इस अवधि में आप अधिक प्रभावशाली, आकर्षक और आत्मविश्वासी दिखाई देंगे।

तो आइए अब आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं कि बृहस्पति के इस गोचर का सामान्य रूप से सभी राशियों पर कैसा प्रभाव पड़ेगा।

Read Here In English: Jupiter Transit in Leo 

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

मेष राशि

मेष राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति नवम भाव भाग्य, धर्म और द्वादश भाव व्यय, हानि का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को यह आपके पंचम भाव में गोचर कर रहा है, जो शिक्षा, संतान, प्रेम और रोमांस का भाव माना जाता है।

जैसा कि पहले बताया गया है, सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है। ऐसे में पंचम भाव में केतु के चलते जो समस्याएँ उत्पन्न हो रही थीं, उनसे अब राहत मिलने की संभावना बनेगी।

इस राशि के विद्यार्थियों के लिए यह समय पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने और शैक्षणिक प्रदर्शन बेहतर करने का समय साबित होगा। नवम भाव के स्वामी के रूप में बृहस्पति का पंचम भाव में गोचर इस बात के संकेत दे रहा है कि आपको अपने गुरु, शिक्षक या मेंटर का सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।

मेष राशि के जो जातक अबतक अपने प्रेम संबंधों में विवाद या चुनौतियों का सामना कर रहे थे, उनके रिश्तों में सुधार आएगा और कुछ लोगों के लिए रिश्ते सगाई या विवाह तक पहुँच सकते हैं।

इसके साथ ही इस राशि के जो जातक संतान प्राप्ति का प्रयास कर रहे थे लेकिन उनके जीवन में बाधाएं आ रहीं थीं, उन्हें शुभ समाचार मिलने में संकेत मिल रहे हैं।

द्वादश भाव के स्वामी के रूप में पंचम भाव में बृहस्पति का गोचर यह भी संकेत दे रहा है कि किसी विदेशी गुरु, दूर स्थान के मार्गदर्शक या विदेशी संस्थान से इस अवधि में आपको शुभ अवसर प्राप्त हो सकता है। अगर आपने विदेश में शिक्षा या किसी संगठन के लिए आवेदन किया है तो यहाँ से भी आपको सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कुछ लोगों के जीवन में विदेशी संस्कृति या अलग पृष्ठभूमि वाला साथी भी आ सकता है।

हालाँकि पढ़ाई या संतान से जुड़े खर्च इस अवधि में बढ़ सकते हैं, इसलिए आर्थिक योजना बनाकर चलने की सलाह दी जाती है। साथ ही संतान के स्वास्थ्य और देखभाल पर विशेष ध्यान दें।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि से पड़ने वाले प्रभाव की तो,  पंचम दृष्टि से नवम भाव पर प्रभाव के रूप में आपको अपने पिता एवं गुरुओं का आशीर्वाद मिलेगा।

सप्तम दृष्टि से एकादश भाव पर प्रभाव के चलते भौतिक इच्छाओं की पूर्ति होगी, आय के स्रोत बढ़ेंगे और सामाजिक दायरा बढ़ेगा।

नवम दृष्टि से लग्न पर प्रभाव के चलते व्यक्तित्व में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा। साथ ही स्वास्थ्य बेहतर होगा और जीवन में अधिक बुद्धिमत्ता विकसित होगी।

उपाय: गुरुवार के दिन केले के पौधे की जड़ को सोने में जड़वाकर पीले सूती धागे में धारण करें।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति अष्टम भाव यानी कि अचानक घटनाएँ एवं अनिश्चितता और एकादश भाव यानी कि लाभ एवं इच्छाएँ का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को यह आपके चतुर्थ भाव में गोचर करेगा, जो माता, भावनाएँ, घर, मातृभूमि, सुख-सुविधा और पारिवारिक जीवन का प्रतिनिधित्व करता है।

वैसे तो बृहस्पति आपके लग्न स्वामी का मित्र ग्रह नहीं माना जाता, लेकिन प्राकृतिक शुभ ग्रह होने के चलते सिंह राशि में इसका यह गोचर सकारात्मक परिणाम देने वाला साबित होगा। यहाँ पहले से स्थित केतु के साथ युति बनने से चतुर्थ भाव से जुड़ी परेशानियों में राहत मिलने के भी आसार हैं।

इस राशि के जिन जातकों की माता का स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था तो उन्हें माँ के स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है। माता के साथ आपके रिश्ते भी मजबूत होंगे। अगर आप अपनी भावनाएँ व्यक्त करने में कठिनाई महसूस कर रहे थे तो अब आप अधिक खुलकर अपने विचार रख पाएँगे।

इस राशि के जो जातक राजनीति या नेतृत्व के क्षेत्र से जुड़े हैं और जनता का विरोध झेल रहे थे, उन्हें अब लोगों की समस्याओं को हल कर उनका समर्थन प्राप्त होने की उम्मीद है।

अगर आप घर, संपत्ति, वाहन खरीदने या अपने घर का विस्तार करने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय अनुकूल साबित हो सकता है।

एकादश भाव के स्वामी के रूप में बृहस्पति चतुर्थ भाव में गोचर करके संकेत दे रहा है कि धन और निवेश घर, संपत्ति या घरेलू आवश्यकताओं पर खर्च हो सकते हैं। हालाँकि अष्टम भाव के स्वामी होने के चलते अचानक होने वाली घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि से मिलने वाले प्रभाव की तो, पंचम दृष्टि से अष्टम भाव पर प्रभाव स्वरूप अचानक समस्याओं और अनिश्चितताओं पर नियंत्रण मिलेगा तथा गूढ़ विज्ञान में आपकी रुचि बढ़ेगी।

सप्तम दृष्टि से दशम भाव पर प्रभाव के चलते करियर में उन्नति और सार्वजनिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। साथ ही नवम दृष्टि से द्वादश भाव पर प्रभाव के चलते खर्चों में वृद्धि हो सकती है।

उपाय: घर में सत्यनारायण पूजा का आयोजन करें और अपनी माता या किसी मातृ समान व्यक्ति को उपहार दें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

करियर की हो रही है टेंशन! अभी ऑर्डर करें कॉग्निएस्ट्रो रिपोर्ट

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति दशम भाव अर्थात व्यावसायिक जीवन एवं सार्वजनिक छवि और सप्तम भाव यानी कि विवाह एवं साझेदारी का स्वामी है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके तृतीय भाव में गोचर कर रहा है जो छोटे भाई-बहन, संचार, साहस, रुचि और पड़ोस का प्रतिनिधित्व करता है।

सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है। ऐसे में तृतीय भाव में केतु के चलते जो भी समस्याएँ आ रही थीं, उनमें अब राहत मिलने की संभावना बनेगी।

अगर पिछले कुछ समय से आपके छोटे भाई-बहनों, चचेरे भाई-बहनों या पड़ोसियों के साथ किसी प्रकार का विवाद चल रहा था, तो इस गोचर के प्रभावस्वरूप उसका भी निवारण होगा।

इस दौरान आपका आत्मविश्वास और साहस बढ़ेगा। आपकी वाणी और संवाद शैली ज़्यादा परिपक्व, प्रभावशाली और ज्ञानपूर्ण होगी।

मिथुन राशि के जो जातक मीडिया, शिक्षा, बैंकिंग, काउंसलिंग या संवाद संबंधित क्षेत्रों में कार्यरत हैं, उनके लिए यह समय पेशेवर रूप से अच्छा साबित होगा। इस अवधि में कई मिथुन जातक नई रुचियाँ या शौक भी विकसित कर सकते हैं।

दशम भाव के स्वामी के रूप में बृहस्पति का तृतीय भाव में गोचर इस बात के संकेत दे रहा है कि काम के चलते आपको छोटी दूरी की यात्राएँ करनी पड़ सकती हैं। फ्रीलांसर जातक अपने आसपास के क्षेत्र में नया कार्यालय भी शुरू कर सकते हैं।

इसके साथ ही, सप्तम भाव के स्वामी होने के चलते यह योग दर्शाता है कि आप अपने छोटे भाई-बहनों या रिश्तेदारों के साथ किसी नई साझेदारी की शुरुआत अगर करते हैं तो इसमें आपको सफलता मिलेगी।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि के प्रभाव की तो,  पंचम दृष्टि से सप्तम भाव पर प्रभाव के रूप में वैवाहिक जीवन में सुख और सामंजस्य बढ़ेगा।

सप्तम दृष्टि से नवम भाव पर प्रभाव स्वरूप इस अवधि में आपको पिता का प्रेम, सहयोग और आशीर्वाद मिलेगा। नवम दृष्टि से एकादश भाव पर प्रभाव की बात करें तो निवेश बढ़ाने, लाभ अर्जित करने और इच्छाओं की पूर्ति के लिए यह समय बेहद अनुकूल समय रहेगा।

उपाय: भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और नियमित रूप से विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति नवम भाव जो की भाग्य एवं धर्म और षष्ठ भाव यानी रोग, ऋण और शत्रु का स्वामी है। अब 31 अक्टूबर को यह आपके द्वितीय भाव में गोचर करेगा, जो वाणी, धन, बचत और निकट परिवार का प्रतिनिधित्व करता है।

सिंह राशि में बृहस्पति का यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है। ऐसे में द्वितीय भाव में केतु की वजह से जो समस्याएँ चल रही थीं, उनमें राहत मिलने की संभावना बनेगी।

अगर परिवार में किसी के साथ मतभेद या दूरी चल रही थी तो उस में भी सुधार देखने को मिलेगा। साथ ही पिछले कुछ समय से आपको जो भी मुख से जुड़ी परेशानियाँ थीं, उसमें भी बेहतर उपचार मिलने की संभावना बन सकती है।

जब बृहस्पति द्वितीय भाव में गोचर करता है, तब परिवार में सकारात्मकता बढ़ती है और परिवार में नए सदस्य के आने के योग भी बन सकते हैं।

यह समय आपकी बचत और बैंक बैलेंस बढ़ाने में सहायक साबित होगा। साथ ही पारिवारिक संपत्ति और विरासत को भी मजबूती मिलेगी।

हालाँकि इसका एक दूसरा पक्ष भी हो सकता है—इस दौरान स्वादिष्ट, तैलीय या भारी भोजन की इच्छा बढ़ सकती है, जो स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं होगी और इससे आपका वजन बढ़ा सकती है।

षष्ठ भाव के स्वामी के रूप में द्वितीय भाव में बृहस्पति का गोचर इस बात के संकेत दे रहा है कि आप दूसरों की समस्याओं का समाधान करके आय अर्जित कर सकते हैं। यह समय विशेष रूप से डॉक्टर, वकील और काउंसलर वर्ग के लिए अच्छा माना जा सकता है।

नवम भाव के स्वामी के रूप में यह गोचर द्वितीय भाव को शुभ फल देगा। आप परिवार के साथ धार्मिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं तथा किसी तीर्थ यात्रा की योजना भी बना सकते हैं।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि से मिलने वाले प्रभाव की तो, पंचम दृष्टि से षष्ठ भाव पर प्रभाव के रूप में आपको ऋण और स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

सप्तम दृष्टि से अष्टम भाव पर प्रभावस्वरूप जीवन की अनिश्चितताओं पर नियंत्रण मिलेगा तथा गूढ़ विद्याओं में आपकी रुचि बढ़ेगी। नवम दृष्टि से दशम भाव पर प्रभाव के चलते करियर और पेशेवर जीवन में उन्नति के संकेत मिलेंगे।

उपाय: प्रतिदिन बृहस्पति बीज मंत्र का 108 बार जप करें।

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति पंचम भाव अर्थात शिक्षा, प्रेम संबंध एवं संतान और अष्टम भाव यानी अचानक घटनाएँ, रहस्य एवं परिवर्तन का स्वामी है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके लग्न/प्रथम भाव में गोचर करेगा, जो आपके व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और स्वयं का प्रतिनिधित्व करता है।

सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है। ऐसे में लग्न में केतु के चलते जो चुनौतियाँ या असमंजस की स्थिति अबतक आपके जीवन में बन रही थी, उनमें अब राहत मिलने की संभावना बनेगी।

बृहस्पति का यह गोचर आपके लिए उन्नति देने वाला साबित होगा। यह समय पहचान बनाने, लोकप्रियता प्राप्त करने और लोगों के बीच अपनी छवि मजबूत करने के लिए अनुकूल रहने वाला है।

विशेष रूप से इस राशि के कलाकारों, जनसमूह के साथ काम करने वाले लोगों, राजनेताओं, समाजसेवियों और सामाजिक नेतृत्व से जुड़े लोगों के लिए यह समय काफी शुभ संकेत लेकर आने वाला है। नए उद्योगपति या बिज़नेस से जुड़े लोग भी लोगों की नज़र में आ सकते हैं।

पंचम भाव के स्वामी के रूप में लग्न में बृहस्पति का गोचर यह संकेत भी दे रहा है कि आपको आपकी व्यक्तित्व क्षमता, शिक्षा, रचनात्मकता, प्रदर्शन कला और उपलब्धियों के चलते सम्मान मिलेगा।

हालाँकि, बृहस्पति का लग्न में गोचर कुछ स्थितियों में वजन बढ़ने या स्वास्थ्य संबंधी लापरवाही की ओर भी इशारा कर रहा है। अगर वर्तमान दशा अनुकूल नहीं है, तो स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें।

दूसरी ओर, यह समय उन जातकों के लिए अत्यंत अनुकूल माना जा सकता है जो रिसर्च, पीएचडी, विज्ञान, ज्योतिष, न्यूरोलॉजी, टैरो रीडिंग जैसे क्षेत्रों में रुचि रखते हैं।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि के प्रभाव के बारे में तो, पंचम दृष्टि से पंचम भाव पर प्रभाव के रूप में शिक्षा, संतान, प्रेम और रोमांस से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। विद्यार्थियों को अध्ययन में प्रगति प्राप्त होगी। अविवाहित जातकों के जीवन में नया संबंध आ सकता है और संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है।

सप्तम दृष्टि से सप्तम भाव पर प्रभाव स्वरूप विवाह और साझेदारी के मामलों में अनुकूलता आएगी। प्रेम संबंध विवाह में परिवर्तित हो सकते हैं। इसके अलावा नवम दृष्टि से नवम भाव पर प्रभाव के चलते भाग्य मजबूत होगा तथा पिता, गुरु और मेंटर का सहयोग एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा।

उपाय: प्रतिदिन अपने मस्तक पर केसर का तिलक लगाएँ।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति चतुर्थ भाव यानी कि भावनाएँ, घर, माता, सुख-सुविधा एवं घरेलू जीवन और सप्तम भाव अर्थात् विवाह एवं साझेदारी का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके द्वादश भाव में गोचर करेगा, जो व्यय, हानि, एकांत और विदेश से संबंधित माना जाता है।

सिंह राशि में बृहस्पति का यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा। केतु की उपस्थिति पहले से ही आपको आध्यात्मिक दिशा में प्रभावित कर रही है, और अब बृहस्पति इस प्रवृत्ति को और बढ़ा सकता है।

इस दौरान आपके खर्च बढ़ सकते हैं। साथ ही आप अधिक आध्यात्मिक, आत्मविश्लेषी और एकांतप्रिय हो सकते हैं।

आध्यात्मिक रुचि रखने वाले कन्या राशि के जातक किसी धार्मिक स्थल, आश्रम, ध्यान केंद्र या योग केंद्र की यात्रा कर सकते हैं।

यह गोचर विदेश यात्रा की योजना बनाने, विदेश से लाभ पाने या विदेशी लोगों के संपर्क में आने के अवसर भी दे सकता है।

चतुर्थ भाव के स्वामी के रूप में द्वादश भाव में बृहस्पति का गोचर उन लोगों के लिए अच्छा रहने की संभावना है जो विदेश में बसना चाहते हैं या विदेश अथवा दूरस्थ स्थान पर संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं।

यदि वर्तमान दशा अनुकूल नहीं है, तो माता के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है।

सप्तम भाव के स्वामी के रूप में यह गोचर विदेशी साझेदारी के अवसर ला सकता है। अविवाहित जातकों को विदेश से विवाह प्रस्ताव भी मिल सकते हैं। हालाँकि, इस दौरान जीवनसाथी के स्वास्थ्य पर भी ध्यान देना आवश्यक रहेगा।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि के प्रभाव के बारे में तो,  पंचम दृष्टि से चतुर्थ भाव पर प्रभाव स्वरूप घर बनाने, घर खरीदने या घरेलू सुविधाओं पर खर्च हो सकता है तथा पारिवारिक वातावरण सुखद रहेगा।

सप्तम दृष्टि से षष्ठ भाव पर प्रभाव के कारण ऋण बढ़ सकते हैं, लेकिन सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा। नवम दृष्टि से अष्टम भाव पर प्रभाव के चलते जीवन की अनिश्चितताओं पर नियंत्रण मिलेगा, शोध कार्यों में सफलता मिलेगी और गूढ़ विद्याओं में रुचि बढ़ेगी।

उपाय: प्रतिदिन शिवलिंग पर गन्ने का रस अर्पित करें।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि के जातकों, के लिए बृहस्पति तृतीय भाव यानी सहोदर, संचार, साहस, रुचियाँ एवं पड़ोस और षष्ठ भाव यानी रोग, ऋण एवं दैनिक चुनौतियाँ का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके एकादश भाव में गोचर कर जाएगा जो धन लाभ, इच्छाओं की पूर्ति और सामाजिक दायरे का प्रतिनिधित्व करता है।

सिंह राशि में बृहस्पति का यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है। ऐसे में एकादश भाव में केतु के कारण जो बाधाएँ या असंतुष्टि की स्थिति आपके जीवन में अबतक बन रही थी, उनमें अब राहत मिलेगी।

इस गोचर के दौरान आप उच्च अधिकारियों, सरकारी प्रतिनिधियों या प्रभावशाली लोगों के संपर्क में आ सकते हैं, जिससे आर्थिक अवसरों और लाभ के नए रास्ते आपके सामने खुल सकते हैं।

इस अवधि में कुछ जातकों के प्रोफेशनल नेटवर्क और सामाजिक दायरा दोनों बढ़ने के आसार हैं। इस राशि के जो लोग पिछले कुछ समय से सामाजिक रूप से दूरी महसूस कर रहे थे, वे फिर से लोगों से जुड़ना शुरू कर सकते हैं।

निवेश से जुड़े मामलों में भी वृद्धि दिखाई देगी और पुराने निवेशों से अच्छा लाभ मिलने की भी प्रबल संभावना बन सकती है। इस समय आपकी कई इच्छाएँ पूर्ण होने के योग बन रहे हैं।

तृतीय भाव के स्वामी के रूप में एकादश भाव में बृहस्पति का गोचर इस बात को दर्शाता है कि आपकी बातचीत की क्षमता, साहस और व्यक्तित्व लोगों को प्रभावित करने में मदद करेगा। साथ ही आप अपने पुराने शौक या रुचियों को फिर से शुरू कर सकते हैं।

हालाँकि, षष्ठ भाव के स्वामी के रूप में यह गोचर यह भी संकेत देता है कि इच्छाओं की पूर्ति के लिए ऋण लेने या सामाजिक दायरे में किसी को धन उधार देने की स्थिति बन सकती है। ऐसा करने में सावधानी रखें, विशेषकर यदि आपकी वर्तमान दशा अनुकूल न हो, क्योंकि धन अटक सकता है या मित्रों के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि के प्रभाव की तो, पंचम दृष्टि से तृतीय भाव पर प्रभाव के कारण संचार कौशल, साहस और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। छोटे भाई-बहनों के साथ संबंध बेहतर हो सकते हैं।

सप्तम दृष्टि से पंचम भाव पर प्रभाव स्वरूप विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई में प्रगति के योग हैं। अविवाहित जातकों के जीवन में नया प्रेम संबंध आ सकता है और संतान की इच्छा रखने वालों को शुभ समाचार मिल सकता है।

वहीं अंत में नवम दृष्टि से सप्तम भाव पर प्रभाव के चलते विवाह और वैवाहिक जीवन के लिए यह समय अनुकूल रहेगा और रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा।

उपाय: गुरुवार के दिन केले के पेड़ को हल्दी मिला जल अर्पित करें और उसकी पूजा करें।

तुला साप्ताहिक राशिफल

बृहत् कुंडली: जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति द्वितीय भाव यानी धन, बचत, परिवार एवं वाणी और पंचम भाव यानी शिक्षा, संतान, प्रेम एवं रोमांस का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके दशम भाव में गोचर करेगा, जो करियर, पेशेवर जीवन और सार्वजनिक छवि का प्रतिनिधित्व करता है।

सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा। इसके प्रभावस्वरूप पिछले समय से करियर या जीवन में जो असंतुष्टि या दिशा की कमी महसूस हो रही थी, उसमें अब धीरे-धीरे सुधार आने लगेगा।

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर करियर ग्रोथ, प्रमोशन और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों को पहचान मिलेगी और आपके लिए बेहतर अवसरों के द्वार खुल सकते हैं।

इस राशि के कई जातकों को अपने सीनियर्स, गुरु या मेंटर का सहयोग प्राप्त हो सकता है। द्वितीय भाव के स्वामी के रूप में दशम भाव में बृहस्पति का गोचर दर्शाता है कि आपकी वाणी और संवाद क्षमता कार्यस्थल पर आपकी सबसे बड़ी ताकत बन सकती है। विशेष रूप से काउंसलिंग, ट्रेनिंग, शिक्षा या संवाद आधारित कार्यों से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है।

यह गोचर इस बात के भी संकेत दे रहा है कि परिवार का सहयोग आपके पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। पारिवारिक व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

पंचम भाव के स्वामी के रूप में दशम भाव में बृहस्पति का गोचर इस राशि के नए स्नातक जातकों के लिए करियर की अच्छी शुरुआत और अनुभवी लोगों के मार्गदर्शन में आगे बढ़ने के अवसर दे सकता है।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि के प्रभाव की तो, पंचम दृष्टि से द्वितीय भाव पर प्रभाव के कारण बचत और बैंक बैलेंस में वृद्धि हो सकती है तथा परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। विवाह या संतान के कारण परिवार में विस्तार भी संभव है।

सप्तम दृष्टि से चतुर्थ भाव पर प्रभावस्वरूप रियल एस्टेट से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रहेगा और घरेलू जीवन में सुख बना रहेगा। नवम दृष्टि से षष्ठ भाव पर प्रभाव के चलते सेवा क्षेत्र में कार्यरत जातकों के लिए यह समय सकारात्मक परिणाम देने वाला हो सकता है।

उपाय: प्रतिदिन भगवान विष्णु को पीले पुष्प अर्पित करें और उनकी प्रार्थना करें।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

धनु राशि के जातकों, के लिए बृहस्पति लग्न भाव अर्थात शरीर, व्यक्तित्व एवं स्वयं और चतुर्थ भाव अर्थात घर, सुख एवं घरेलू जीवन का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके नवम भाव में गोचर करेगा, जो भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा और जीवन के मार्गदर्शन का भाव माना जाता है।

जैसा कि पहले बताया गया है, सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है। इस गोचर के दौरान धनु राशि के जातकों के जीवन में उच्च शिक्षा के नए अवसर खुलने की संभावना है।

अगर पिछले समय से केतु के प्रभाव के चलते उच्च शिक्षा, मास्टर्स या आगे की पढ़ाई को लेकर भ्रम या बाधाएँ आपके जीवन में आ रही थीं, तो अब उनमें सुधार आने की संभावना है।

इस दौरान किसी गुरु, मेंटर या मार्गदर्शक आपके जीवन आयेगा में जो आपको सही दिशा दिखाने में सहायता करेगा। आप किसी प्रतिष्ठित या सरकारी शैक्षणिक संस्था से जुड़ सकते हैं या शिक्षा से संबंधित कारणों से लंबी दूरी की यात्रा कर सकते हैं। किसी दूर स्थान के गुरु या ज्ञान स्रोत से संपर्क बनने की संभावना भी है।

इसके अलावा इस गोचर के दौरान पिता के जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। अगर आप पिछले कुछ समय से पिता के साथ दूरी, मतभेद या भावनात्मक खिंचाव महसूस कर रहे थे, तो अब उसमें सुधार हो सकता है और उनका प्रेम व सहयोग प्राप्त हो सकता है।

लग्नेश के रूप में नवम भाव में बृहस्पति का गोचर आपको धर्म, आध्यात्मिक गतिविधियों और जीवन के गहरे अर्थों की ओर आकर्षित कर सकता है। आप किसी तीर्थ यात्रा की योजना बना सकते हैं या किसी धार्मिक संस्था अथवा मंदिर से जुड़ सकते हैं।

चतुर्थ भाव के स्वामी के रूप में नवम भाव में बृहस्पति यह भी दर्शाता है कि इस समय आपकी भावनात्मक शांति और संतुष्टि धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों से मिल सकती है। किसी धार्मिक स्थान या संस्था से विशेष जुड़ाव महसूस हो सकता है।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टियों के प्रभाव के बारे में तो,  पंचम दृष्टि से लग्न पर प्रभाव पड़ने से व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव आएगा, स्वास्थ्य में सुधार और उच्च ज्ञान की प्राप्ति के योग बनेंगे।

सप्तम दृष्टि से तृतीय भाव पर प्रभाव स्वरूप संवाद कौशल, आत्मविश्वास और साहस में वृद्धि होगी। नवम दृष्टि से पंचम भाव पर प्रभाव के चलते विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक प्रगति का समय रहेगा तथा अविवाहित जातकों के जीवन में नए प्रेम संबंध की शुरुआत हो सकती है।

उपाय: गुरुवार के दिन सोने की अंगूठी में जड़ा पीला पुखराज अपनी तर्जनी उंगली में धारण करें।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि के जातकों, के लिए बृहस्पति तृतीय भाव अर्थात छोटे भाई-बहन, रिश्तेदार, संवाद एवं साहस और द्वादश भाव यानी व्यय, हानि एवं विदेश का स्वामी है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके अष्टम भाव में गोचर करेगा, जो अनिश्चितता, रहस्य, परिवर्तन और गूढ़ विद्याओं का भाव माना जाता है।

सिंह राशि में बृहस्पति का यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा। यह योग आपको गूढ़ विषयों, जीवन के रहस्यों और गहन अध्ययन की ओर अधिक आकर्षित कर सकता है।

अगर अभी तक आपने ऐसे विषयों को गंभीरता से नहीं अपनाया था, तो इस दौरान ज्योतिष, रहस्य विज्ञान, शोध और जीवन के गहरे पक्षों के प्रति रुचि बढ़ सकती है।

यह गोचर जीवन में कुछ अचानक परिवर्तन और अनिश्चित परिस्थितियाँ भी ला सकता है, लेकिन साथ ही यह आपको अंदर से मजबूत और परिवर्तित भी करेगा।

आप स्वयं को अधिक रिसर्च, विश्लेषण और गहन अध्ययन में व्यस्त पा सकते हैं। यह समय विशेष रूप से रिसर्च क्षेत्र, पीएचडी या गहन अध्ययन से जुड़े लोगों के लिए अनुकूल माना जा सकता है।

द्वादश भाव के स्वामी के रूप में अष्टम भाव में बृहस्पति का गोचर विपरीत राजयोग का निर्माण कर सकता है। इसका संकेत यह है कि जीवन में चुनौतियाँ आएँगी, लेकिन आपकी बुद्धिमत्ता और क्षमता आपको उन्हीं परिस्थितियों को अवसर में बदलने की शक्ति दे सकती है।

आप शोध कार्य, योग या ध्यान के लिए कुछ समय एकांत में भी बिताना चाहेंगे। हालाँकि, अगर आपकी वर्तमान दशा अनुकूल नहीं है तो स्वास्थ्य और दिनचर्या के प्रति विशेष सावधानी रखने की सलाह दी जाती है।

तृतीय भाव के स्वामी के रूप में अष्टम भाव में बृहस्पति यह संकेत देता है कि छोटे भाई-बहनों के जीवन में कुछ चुनौतियाँ आ सकती हैं। संवाद में थोड़ी उलझन या भावनाओं को व्यक्त करने में कठिनाई महसूस हो सकती है। कुछ मामलों में आप निजी या गोपनीय बातचीत को प्राथमिकता दे सकते हैं।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टियों के प्रभाव के बारे में तो,  पंचम दृष्टि से द्वादश भाव पर प्रभाव का प्रभाव खर्चों में वृद्धि करवाएगा।

सप्तम दृष्टि से द्वितीय भाव पर प्रभाव स्वरूप बचत और बैंक बैलेंस में सुधार होगा। नवम दृष्टि से चतुर्थ भाव पर प्रभाव के चलते घरेलू सुख और पारिवारिक वातावरण बेहतर हो सकता है।

उपाय: प्रतिदिन स्नान के पानी में थोड़ा हल्दी और केसर मिलाकर स्नान करें।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों, के लिए बृहस्पति द्वितीय भाव यानी धन, बचत, वाणी एवं निकट परिवार और एकादश भाव अर्थात सामाजिक दायरा, लाभ एवं इच्छाओं का स्वामी है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके सप्तम भाव में गोचर करेगा, जो विवाह, साझेदारी और सार्वजनिक संबंधों का भाव माना जाता है।

सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा क्योंकि केतु पहले से ही यहाँ स्थित है और ये आपके वैवाहिक जीवन में कुछ चुनौतियाँ उत्पन्न कर रहा था। ऐसे में यह गोचर उन समस्याओं में राहत देने में मददगार साबित होगा।

सप्तम भाव अन्य लोगों और सार्वजनिक पहचान का भाव भी माना जाता है, इसलिए इस दौरान आप लोगों के बीच अधिक दिखाई दे सकते हैं और आपकी पहचान बढ़ने की भी संभावना है।

विशेष रूप से इस राशि के वो जातक जो मीडिया, टेलीविजन, फिल्म, सोशल मीडिया और सार्वजनिक क्षेत्र से जुड़े हुए हैं उनके लिए यह समय लोकप्रियता और पहचान लेकर आएगा।

इस राशि के जो जातक विवाह योग्य हैं उन्हें इस दौरान विवाह प्रस्ताव और विवाह के अवसर अधिक प्राप्त हो सकते हैं। जो जातक वैवाहिक जीवन में दूरी या मतभेद का अनुभव कर रहे थे, उनके लिए यह गोचर रिश्तों में सुधार और निकटता बढ़ाने का संकेत दे रहा है।

कुंभ जातकों, बृहस्पति आपके लिए वित्त का भी प्रमुख ग्रह है क्योंकि यह आपके लिए द्वितीय और एकादश दोनों भावों का स्वामी है इसलिए इस दौरान आपके वित्तीय निर्णयों पर जीवनसाथी का प्रभाव बढ़ सकता है या विवाह, जीवनसाथी अथवा साझेदारी पर अधिक खर्च हो सकता है।

इस राशि के व्यवसाय करने वाले जातक अपनी साझेदारी में निवेश बढ़ा सकते हैं। एकादश भाव के स्वामी के रूप में सप्तम भाव में बृहस्पति का गोचर यह भी दर्शाता है कि विवाह प्रस्ताव आपके सामाजिक दायरे से भी आ सकता है।

द्वितीय भाव के स्वामी के रूप में यह संकेत देता है कि परिवार विवाह के लिए प्रेरित कर सकता है या आपके वैवाहिक जीवन को बेहतर बनाने में सहयोग देगा।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि से पड़ने वाले प्रभाव की तो,  पंचम दृष्टि से एकादश भाव पर प्रभाव के कारण इस दौरान आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा और इच्छाओं की पूर्ति के अवसर मिलेंगे।

सप्तम दृष्टि से लग्न पर प्रभाव के चलते स्वास्थ्य, व्यक्तित्व और जीवन दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आ सकते हैं। नवम दृष्टि से तृतीय भाव पर प्रभाव स्वरूप छोटी यात्राएँ बढ़ सकती हैं और आत्मविश्वास और संवाद कौशल मजबूत होगा।

उपाय: प्रतिदिन या गुरुवार के दिन पीपल के वृक्ष की जड़ों में जल अर्पित करें।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि के जातकों, आपके लिए बृहस्पति लग्न भाव यानी स्वयं एवं व्यक्तित्व और दशम भाव अर्थात करियर एवं पेशेवर जीवन का स्वामी माना गया है। अब 31 अक्टूबर को बृहस्पति आपके षष्ठ भाव में गोचर करेगा, जो रोग, ऋण, प्रतिस्पर्धा और शत्रुओं का भाव माना जाता है।

सिंह राशि में यह गोचर केतु के साथ युति बनाएगा। केतु पहले से ही आपके शत्रुओं और प्रतिस्पर्धी परिस्थितियों को दबाने का कार्य कर रहा था, लेकिन अब लग्नेश बृहस्पति का षष्ठ भाव में जाना यह संकेत देता है कि कुछ परिस्थितियों में आपकी अपनी जल्दबाज़ी या निर्णय भी चुनौतियों का कारण बन सकते हैं।

यह समय प्रतिस्पर्धा और विरोध की परिस्थितियाँ बढ़ने के संकेत दे रहा है। अगर आप किसी कानूनी मामले या कोर्ट केस से गुजर रहे हैं तो उसमें ज़्यादा सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी।

हालाँकि, अगर आप लंबे समय से किसी स्वास्थ्य समस्या से परेशान थे लेकिन कारण स्पष्ट नहीं हो पा रहा था, तो यह गोचर रोग की पहचान और उपचार मिलने में सहायता कर सकता है।

यह समय उधार लेने या अनावश्यक ऋण लेने के लिए बहुत अनुकूल नहीं माना जा रहा है। परिस्थितिवश ऋण लेना पड़े तो क्रेडिट कार्ड और वित्तीय निर्णयों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

चूँकि बृहस्पति आपके दशम भाव का भी स्वामी है, इसलिए यह गोचर करियर के लिए सकारात्मक परिणाम दे सकता है, विशेष रूप से उन जातकों को जो शिक्षण, बैंकिंग, सेवा क्षेत्र, खाद्य उद्योग या लग्ज़री सेवा क्षेत्रों से संबंधित हैं।

व्यवसाय करने वाले जातकों को अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ विवाद से इस अवधि में बचें।

स्वास्थ्य के स्तर पर यह समय फैटी लिवर, शरीर के निचले हिस्से में जल संचय या ऋण संबंधी दबावों की ओर संकेत कर सकता है, इसलिए दिनचर्या पर ध्यान देंगे तो लाभ मिलेगा।

अब बात करें बृहस्पति की दृष्टि के प्रभाव की तो, पंचम दृष्टि से दशम भाव पर प्रभाव के चलते नौकरी और व्यवसाय में विकास के अवसर बन सकते हैं।

सप्तम दृष्टि से द्वादश भाव पर प्रभाव के चलते खर्च और व्यय बढ़ सकते हैं। नवम दृष्टि से द्वितीय भाव पर प्रभावस्वरूप धन, बचत और बैंक बैलेंस को संतुलन और सुरक्षा मिल सकती है।

उपाय: गुरुवार के दिन गाय को चने की दाल और गुड़ खिलाएँ।

मीन साप्ताहिक राशिफल

सभी ज्योतिषीय समाधानों के लिए क्लिक करें:एस्ट्रोसेज ऑनलाइन शॉपिंग स्टोर

हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. गुरु का सिंह राशि में गोचर कब होगा?

गुरु ग्रह 31 अक्टूबर 2026 को सिंह राशि में गोचर करेंगे।

2.  सिंह राशि के स्वामी कौन हैं?

सिंह राशि के स्वामी देव सूर्य ग्रह हैं।

3. गुरु ग्रह किस राशि के स्वामी हैं?

गुरु ग्रह धनु और मीन राशि के स्वामी हैं।  

एस्ट्रोसेज मोबाइल पर सभी मोबाइल ऍप्स

एस्ट्रोसेज टीवी सब्सक्राइब

रत्न खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले रत्न, लैब सर्टिफिकेट के साथ बेचता है।

यन्त्र खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम के विश्वास के साथ यंत्र का लाभ उठाएँ।

फेंगशुई खरीदें

एस्ट्रोसेज पर पाएँ विश्वसनीय और चमत्कारिक फेंगशुई उत्पाद

रूद्राक्ष खरीदें

एस्ट्रोसेज डॉट कॉम से सर्वश्रेष्ठ गुणवत्ता वाले रुद्राक्ष, लैब सर्टिफिकेट के साथ प्राप्त करें।