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शुक्र का कन्या में गोचर (23rd October 2020)

शुक्र को प्रेम, जीवनसाथी, कामुक विचारों और सभी प्रकार के भौतिक सुखों का कारक माना जाता है, और अब यही शुक्र ग्रह 23 अक्टूबर 2020, शुक्रवार को सुबह 10.34 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा। जो यहाँ अगले 25 दिनों तक इसी अवस्था में रहेगा, और फिर पुनः अपना गोचर करते हुए, 17 नवंबर 2020, मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 50 मिनट पर, कन्या राशि से निकल कर तुला राशि में विराजमान होगा।

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ऐसे में शुक्र के कन्या राशि में होने वाले इस गोचर का प्रभाव, करीब-करीब सभी 12 राशियों पर देखने को मिलेगा। तो आइए अब जानते हैं कि, शुक्र के कन्या में होने वाले गोचर का सभी राशियों पर क्या पड़ेगा ज्योतिषीय प्रभाव-


यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि।
शुक्र का कन्या में गोचर

मेष राशिफल

शुक्र आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। ऐसे में शुक्र के इस गोचर का, आपकी राशि पर नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

ज्योतिष अनुसार, आपके लिए शुक्र दूसरे और सातवें भाव के स्वामी हैं, जिससे परिवार, धन, साझेदार और जीवनसाथी का विचार किया जाता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान शुक्र आपकी राशि में सबसे ज्यादा कमज़ोर स्थिति में होंगे, जिसके परिणामस्वरूप आपको इस दौरान, कई प्रकार की विपरीत परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ सकता है।

कार्यक्षेत्र पर आपके शत्रुओं और विरोधियों की संख्या में बढ़ोतरी होगी, इसलिए आपको इस समय अपने बेहतर प्रर्दशन की ओर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत होगी। आपको इस बात को भी समझना होगा कि, अपने जीवन में सफल होने के लिए आपको सभी शत्रुओं और विरोधियों से सीख लेने और उन पर विजय प्राप्त करने की आवश्यकता है।

वहीं दूसरे भाव से धन, संतान, स्त्री के प्रति आकर्षण और पारिवारिक जीवन, आदि का ज्ञात होता है। ऐसे में शुक्र देव इस दौरान, निर्बल अवस्था में होंगे, जिस कारण आपको बहुत-सी परेशानियों से गुज़रना पड़ सकता है। इस तरह की किसी भी खराब परिस्थिति से निकलने के लिए, आपको अपने धन को सही रणनीति और सही योजना के अनुसार ही, खर्च करने की ज़रूरत होगी, अन्यथा आगे चलकर आर्थिक तंगी भी हो सकती हैं। इस दौरान धन को लेकर किसी भी तरह के लेन-देन को न करें। यदि आप पार्टनरशिप में बिज़नेस करते हैं तो, आशंका है कि आपके अपने साझेदार से संबंध खराब हो, इसलिए थोड़ा सतर्क रहें।

इस समय किसी यात्रा पर जाने के योग बनेंगे, लेकिन इस दौरान हर प्रकार की यात्रा को टालना ही, आपके लिए बेहतर विकल्प साबित होगा, अन्यथा इस यात्रा से आपकी धन हानि के साथ-साथ, समय की हानि भी हो सकती है।

सप्तम भाव से जीवनसाथी का विचार किया जाता है। ऐसे में शुक्र का ये गोचर आपके वैवाहिक जीवन में बहुत से उतार-चढ़ाव लेकर आने वाला है। इसलिए यदि आप शादीशुदा हैं तो, अपने जीवनसाथी से किसी भी प्रकार की बहस या विवाद में न पड़े। छात्रों को भी इस दौरान पहले से अधिक मेहनत करने और पढ़ाई-लिखाई पर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत होगी।

स्वास्थ्य जीवन को देखें तो, शुक्र के इस गोचर के दौरान, आपको वाहन चलाने से परहेज करना चाहिए, अन्यथा कोई दुर्घटना होने की आशंका साफ़ दिखाई दे रही है। आपके साहस और पराकर्म में भी इस समय, कमी देखी जाएगी। साथ ही नेत्र संबंधी समस्या भी, परेशान कर सकती है। इसलिए ज़रूरत से ज्यादा टी.वी. देखने और मोबाइल का इस्तेमाल करने से बचें।

उपायः शुभ फलों की प्राप्ति के लिए “ललिता सहस्रनाम” का जप करें।

वृषभ राशिफ

शुक्र देव आपकी राशि के ही स्वामी माने जाते हैं, यानि कि आपके पहले भाव के स्वामी होने के साथ-साथ शुक्र, आपके छठे भाव के भी स्वामी हैं। कन्या राशि में शुक्र देव के इस गोचर की अवधि में, वे आपके पंचम भाव भाव में जाएंगे। कुंडली में पंचम भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है।

ऐसे में दांपत्य जीवन में आपको संतान पक्ष की ओर से, कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। जिससे आपको ख़ुशी की अनुभूति होगी और आपकी संतान इस समय, उन्नति करती दिखाई देंगी। इस अवधि में संतान आप से स्नेह और आपका सम्मान करेगी, जिससे आपके उनके साथ संबंधों में मिठास आएगी। वो जातक जो, अपने परिवार को बढ़ाने का सोच रहे थे, तो उसके लिए भी ये समय बेहद उत्तम है। आप इस समय बेहद ऊर्जावान एवं बेहद सकारात्मक दिखाई देंगे, जिससे समाज में आपके मान-सम्मान में भी वृद्धि होगी।

कार्यक्षेत्र पर आपको, धन कमाने के साथ-साथ प्रगति करने के भी कई अवसर प्राप्त होंगे। चूंकि शुक्र रचनात्मकता और प्रेरक शक्तियों का भी कारक माना जाता है, इसलिए आप इस दौरान, अपने विचारों से दूसरों को आकर्षित करने में सफल होंगे। जिस कारण आपकी पदोन्नति संभव है।

हालांकि बीच-बीच में शुक्र, आपको आलस प्रदान करेगा, जिससे आप इस गोचर के समय बेहतर परिणाम प्राप्त करने में, थोड़ा विलंब महसूस कर सकते हैं। वहीं प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को, इस समय अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी।

उपायः शुभ परिणामों के लिए अपने दाहिने हाथ की अनामिका में, सफ़ेद ओपल रत्न चाँदी की अंगूठी में धारण करें।

मिथुन राशिफल

आपकी राशि के लिए शुक्र देव, पाँचवें और बारहवें भाव के स्वामी माने जाते हैं, तथा कन्या राशि में गोचर के दौरान, ये आपकी राशि से चतुर्थ भाव में विराजमान होंगे। कुंडली के चौथे भाव को, सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। ऐसे में शुक्र का ये गोचर, आपके लिए अच्छा रहने वाला है।

कार्यक्षेत्र पर आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी, क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध देव, शुक्र के परम मित्र होते हैं। ऐसे में आपके विचारों और सुझावों की इस समय, जमकर प्रशांसा होगी, जिससे वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे खुश दिखाई देंगे। इस समय आपके सोचने-समझने की शक्ति भी प्रबल दिखाई देंगी, जिस कारण आप कार्यस्थल पर अपना प्रदर्शन पहले से और अच्छा दे सकते हैं।

आपकी मां से आपके संबंधों में निखार आएगा। जिससे आपकी मां का स्वास्थ्य भी अच्छा हो सकेगा। इस गोचर के समय आप पूर्ण रूप से खुद को खुश रखने व अपनी और अपने परिवार की इच्छाओं की पूर्ति के लिए भी, प्रयास करते दिखाई देंगे। कोई नया वाहन या घर भी लेने का प्लान कर सकते हैं, लेकिन इस समय अपने धन को, खर्च करते समय अधिक सावधान रहने की ज़रूरत होगी।

प्रेम जीवन में इस समय, आप अपनी भावनाओं को अपने प्रियतम के साथ, सांझा करते भी दिखाई देंगे, जिससे आपका रिश्ता न केवल मजबूत होगा, बल्कि उसमें निखार भी आएगा। विदेशी यात्रा पर जाने का अवसर मिलेगा और इस समय आप खुलकर इस यात्रा का आनंद लेते भी दिखाई देंगे।

उपायः शुक्रवार के दिन सफ़ेद वस्तुओं का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।


रंगीन बृहत कुंडली आपके सुखद जीवन की कुंजी

कर्क राशिफल

आपकी राशि के लिए शुक्र देव चौथे भाव और ग्यारहवें भाव के स्वामी होकर, इस गोचर की अवधि में आपकी राशि से तृतीय भाव में प्रवेश करेंगे। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। ऐसे में इस गोचर के दौरान आपके साहर और पराक्रम में वृद्धि होगी।

आप अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए, हर संभव प्रयास करते दिखाई देंगे। जिससे भविष्य में आपको उत्तम परिणाम प्राप्त हो सकेंगे। आप इस समय समाज के कार्यों में भी, बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे, जिससे आपके मित्रों की संख्या में अचानक से इज़ाफा होगा।

आपके भाई-बहन भी, इस समय सफल होंगे, जिससे आपको प्रसन्नता और ख़ुशी की अनुभूति होगी। हालांकि आपकी मां की खराब सेहत के चलते आपको, कुछ मानसिक तनाव हो सकता है। ऐसे में उनका ध्यान रखें। कार्यक्षेत्र पर इस गोचर से आपको, अनुकूल फल मिलेंगे। यदि आप नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे थे तो, आपको इस समय स्थानांतरण करने के कई अवसर मिलने की संभावना रहेगी। कार्यस्थल पर किसी महिला सहकर्मी और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा, जिससे आप पहले से और बेहतर प्रदर्शन करने में सफल होंगे।

स्वास्थ्य के दृष्टि से देखें तो, शुक्र के कन्या में गोचर के दौरान आपकी सेहत सामान्य से ठीक-ठाक ही रहेगी। हालांकि बीच-बीच में गले या गर्दन से संबंधित, कोई समस्या परेशान कर सकती है। इसलिए अधिक खाने की अपनी आदत को सुधारें और ज्यादा ठंडी चीज़ों के सेवन से परहेज करें।

कुल मिलाकर कहें तो, शुक्र का ये गोचर आपकी लंबे समय से, अधूरी पड़ी इच्छाओं, जैसे नृत्य, गाना, यात्रा करना आदि, को पूरा करने में आपकी मदद करेगा। जिससे आप खुलकर अपने जीवन को जीते और, अपने विचारों व योजनाओं को बेहतर बनाते दिखाई देंगे।

उपायः शुभ परिणामों की प्राप्ति के लिए, अपने दाहिने हाथ की अनामिका में चंद्रमणि धारण करें।

सिंह राशिफल

आपकी राशि के लिए, शुक्र देव तीसरे और दसवें भाव के स्वामी हैं और कन्या राशि में गोचर करते हुए शुक्र, आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। चूँकि ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन, आदि का विचार किया जाता है। ऐसे में इस गोचर से आपको, अपने पारिवारिक व्यवसाय से लाभ होगा। आपको उन्नति और तरक्की करने के भी कई अवसर प्राप्त होंगे।

यदि आप नौकरी करते हैं तो, इस समय आपको कार्यक्षेत्र में बहुत से उतार-चढ़ावों से दो-चार होना पड़ सकता है। संभावना है कि, आपको कोई ऐसा काम दिया जा सकता है, जिसे करने में आपकी रूचि कम होगी। इस कारण आप अपने काम से असंतुष्ठ दिखाई देंगे। साथ ही आपका अपने वरिष्ठ अधिकारियों से, मतभेद भी संभव है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि हर परिस्थिति में न केवल खुद को शांत रखें, बल्कि जल्दबाज़ी में कोई भी निर्णय लेने से भी परहेज करें।

पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा। यदि आप दांपत्य जीवन बढ़ाने की सोच रहे थे तो, उसके लिए समय बेहद शुभ है। जीवनसाथी के साथ रोमांटिक समय बिताने का मौका मिलेगा। उन्हें आप कोई उपहार देकर खुश करते दिखाई देंगे, जिससे आप दोनों के बीच संबंधों में मजबूती आएगी। शुक्र का ये गोचर पारिवारिक वातावरण, अच्छा रखने में बेहद मददगार साबित होगा। आप घर की साज-सज्जा पर खुलकर खर्च करते भी, दिखाई देंगे, लेकिन इस दौरान धन को अधिक खर्च करने से भी आपको बचना होगा।

छात्रों को इस समय अपने परिवार से आर्थिक और नैतिक सहयोग प्राप्त होगा। जिसके परिणामस्वरूप, वो अपनी पढ़ाई-लिखाई में अपना प्रदर्शन और बेहतर करने में सफल होंगे। सेहत के लिहाज से भी समय अच्छा रहने की उम्मीद है।

उपायः नियमित रूप से गाय को गेहू का आटा खिलाएँ।

कन्या राशिफल

कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र देव, आपके दूसरे और नौवें भाव के स्वामी होते हैं, और इस गोचर के दौरान शुक्र ग्रह आपकी ही राशि में, यानी आपके प्रथम भाव, अर्थात लग्न भाव में स्थित होंगे। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। इसलिए इस गोचर के दौरान आप सकारात्मक, उल्लासपूर्ण और आशावादी रहेंगे, जिससे अन्य लोग आपकी ओर आकर्षित होते दिखाई देंगे। आप किसी के साथ भी सही से घुल-मिलने में सफल होंगे, और आपके इसी हुनर के चलते, आप विपरीत लिंगी लोगों का दिल जीत पाने में कामयाब रहेंगे।

प्रेमी जातकों के लिए समय अच्छा है। आपको अपने इस सुन्दर रिश्ते को और मजबूत बनाने के भी कई मौके मिलेंगे। वहीं शादीशुदा जातक, अपने परिवार को बढ़ाने के बारे में कोई बड़ा निर्णय इस समय ले सकते हैं।

हालांकि इस समय शुक्र, आपको अधिक इच्छावादी बनाएगा, जिससे आपका ध्यान अपने लक्ष्य से कुछ भटक सकता है। इसलिए अपनी इच्छाओं को पूरा करते समय, अपने लक्ष्य पर भी केंद्रित रहना आपके लिए बेहद ज़रूरी होगा। यदि आप व्यापार करते हैं तो, आपको इस अवधि में आर्थिक और सामाजित लाभ मिलेगा। आपका परिवार खासतौर से, आपके पिता भी इस समय आपको पूरी तरह सहयोग करते दिखाई देंगे।

चूँकि शुक्र आपकी राशि में नवम भाव के स्वामी माने जाते हैं, ऐसे में आपको इस गोचर के दौरान भाग्य का साथ मिलेगा। जिससे आप हर कार्य को समय से पहले पूरा करने में सफल होंगे। हालांकि इस समय आप सराहना पाने के लिए, हर किसी को खुश करते भी दिखाई देंगे, जिसे आपको तुरंत रोकने की ज़रूरत होगी। अन्यथा आपको लोग गलत समझ सकते हैं।

उपायः मां लक्ष्मी की स्तुति के लिए “श्री सूक्त स्तोत्र” का पाठ करना, आपके लिए शुभ रहेगा।


तुला राशिफल

शुक्र देव आपकी राशि के ही स्वामी हैं, अर्थात आपके प्रथम भाव के साथ-साथ, शुक्र आपके अष्टम भाव के स्वामी भी है और अब शुक्र देव कन्या राशि में गोचर के दौरान आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आपको मिश्रित परिणामों की प्राप्ति होगी। ज्योतिष में द्वादश भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है।

कार्यक्षेत्र में ये गोचर, आपको विदेशी स्रोतों और विदेशी व्यापार से अच्छा लाभ दिलाएगा। इसके साथ ही यदि आप, किसी मल्टी नेशनल कंपनी में काम करते हैं तो भी, आपके लिए ये गोचर बेहद शुभ रहने वाला है। हालांकि शुक्र देव की ये स्थिति, आपके मन में खुद की योग्यता को लेकर कई प्रकार के संदेह उत्पन्न करने का भी कार्य करेगी, जिससे आप थोड़ा असहज महसूस करते हुए, बहुत से अच्छे अवसर गवा सकते हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि, खुद पर और अपनी योग्यता पर भरोसा रखते हुए ही, हर कार्य को सफलता पूर्वक करें।

ये समयावधि शानो-शौकत भरा जीवन जीने के लिए, बेहद शुभ है। आप अपने दोस्तों एवं करीबियों की मदद से, कोई लाभ उठा सकते हैं। हालांकि इस समय आपके ख़र्चों में लगातार, वृद्धि देखी जाएगी। प्रेम जीवन में आपको सफलता मिलेगी और आप प्रेमी संग, रोमांटिक पल बिताते नज़र आएँगे। इस समय ये आशंका भी दिखाई दे रही है कि, आपके निजी विचार आपके रिश्ते में कुछ विवाद भी उत्पन्न कर सकते हैं। इसलिए कुछ भी ऐसा न करें, जिससे प्रियतम नाराज़ हो या उन्हें बुरा लगे।

वहीं, आपके स्वास्थ्य जीवन को देखें तो, सेहत के लिहाज से ये समय थोड़ा कष्टदायक रहने वाला है। आपको नेत्र संबंधित या वजन संबंधित किसी प्रकार की समस्या हो सकती है। इसलिए लगातार अपने खान-पान का ध्यान रखें और, अपनी आँखों पर भी ज्यादा ज़ोर डालने से बचें।

उपायः शुक्रवार के दिन 'अष्टलक्ष्मी स्तोत्र' का पाठ करना, आपके लिए शुभ रहेगा।

वृश्चिक राशिफल

आपकी राशि के लिए, शुक्र देव सातवें और बारहवें भाव के स्वामी हैं, तथा गोचर की इस अवधि में शुक्र आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होंगे, जिससे आपको अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है।

करियर और कार्यक्षेत्र के लिए ये गोचर, अच्छा रहने वाला है, क्योंकि आपको इस समय पदोन्नति और सफलता की प्राप्त होगी। साथ ही पार्टनरशिप में बिज़नेस करने वाले जातकों को भी, शुभ फल मिलेंगे। नौकरी पेशा जातकों को, आगे बढ़ने और विदेश जाने के कई अवसर मिलेंगे। हालांकि आपको विदेशी कार्यों से जुड़ी योजनाओं पर अधिक ध्यान देने की ज़रूरत होगी, क्योंकि उनसे ही आपको आगे चलकर, कोई बड़ा मुनाफ़ा प्राप्त हो सकता है।

उन्नति और तरक्की के चलते समाज में भी, आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। साथ ही आपकी जीवन शैली में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा। आर्थिक जीवन के लिए भी समय अच्छा है। आपको किसी प्रकार का कोई धन लाभ होने की संभावना रहेगा। उम्मीद है कि, आपका कोई पुराना अटका हुआ धन आपको वापस मिले।

पुराने दोस्तों से, मुलाकात करने का मौका मिलेगा और इस दौरान आप उदासीन और खुश दोनों ही दिखाई देंगे। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी आपको हर कदम पर सहयोग करेगा, जिससे आप जीवन में और बेहतर करने में सफल होंगे। हालांकि इस दौरान, आपके जीवनसाथी का स्वास्थ्य थोड़ा कमज़ोर रह सकता है, क्योंकि शुक्र आपकी राशि के सप्तम भाव का स्वामी है। ऐसे में शुक्र के चलते, आपके जीवनसाथी को कष्ट पहुंच सकता है और संभव है कि, शुरुआत में आप दोनों के बीच किसी बात को लेकर, ग़लतफहमी जैसी स्थिति भी उत्पन्न हो। इसलिए बेहतर होगा कि, उनकी सेहत का ध्यान रखते हुए और उनके साथ समय बिताते हुए, संवाद बनाए रखें। इससे आप दोनों के बीच आ रही हर परेशानी दूर होगी, और आपका रिश्ता और मजबूत बनेगा।

उपायः उत्तम परिणामों की प्राप्ति हेतु, "भगवान परशुराम" के अवतार की, संपूर्ण कथा पढ़ें या सुनें।

धनु राशिफल

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र देव, छठे भाव के साथ-साथ ग्यारहवें भाव के स्वामी भी होते हैं और गोचर की इस अवधि में, वे आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको प्रतिकूल परिणाम प्राप्त होंगे। ज्योतिष में दशम भाव करियर एवं प्रोफेशन, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है।

कार्यक्षेत्र में इस गोचर के दौरान आपको, हर कार्य में असंतुष्टि महसूस होगी। आपके शत्रु सक्रिय रहेंगे और आप अपनी योग्यताओं को लेकर, थोड़ा उलझन में दिखाई देंगे। जिसका लाभ उठाते हुए, आपके शत्रु आपको हानि पहुंचा सकते हैं। इस दौरान आपके अंदर नकारात्मक सोच हावी रहेगी, जिससे आप अपनी नौकरी छोड़ने के बारे में भी विचार कर सकते हैं।

हालांकि इस दौरान आपको सलाह दी जाती है कि, खुद को जितना संभव हो सकारात्मक बनाएं रखें और मेहनत करते रहें, तभी ये प्रतिकूल समय निकल सकेगा। कार्यस्थल पर महिला सहकर्मियों से बातचीत करते समय सतर्क रहें, अन्यथा उनके साथ विवाद संभव है, जिससे आपकी छवि को भी, नुकसान पहुँच सकता है।

इस समय हर प्रकार के धन के लेन-देन से परहेज करें। साथ ही पैसा कमाने के लिए, किसी भी तरह का शार्टकट न अपनाएँ, अन्यथा किसी बड़ी परेशानी में आप खुद को फँसा लेंगे। आपके निजी जीवन की बात करें तो, दोस्तों और करीबियों से झगड़ा संभव है। पारिवारिक जीवन में भी पिता की खराब सेहत, आपके मानसिक तनाव को लगातार बढ़ाने का कार्य करेगी।

वैवाहिक जीवन में आप, अपने प्रियतम का सारा ध्यान अपनी ओर चाहेंगे, जिससे आप थोड़े मतलबी दिखाई देंगे और इस कारण आप दोनों में बार-बार टकराव की स्थिति, उत्पन्न होती रहेगी। इसलिए साथी का ध्यान पाने की जगह, उनकी देखभाल करना आपके लिए बेहद अच्छा रहेगा। इससे आप दोनों के रिश्ते में भी मजबूती आएगी।

सेहत के लिहाज से, ये गोचर आपको मानसिक तनाव और थकान देने वाला है, जिससे आपके स्वास्थ्य को नुक्सान पहुँचेगा। इस समय आपको नेत्र संबंधित समस्या भी, परेशान करेगी। इसलिए सही खान-पान के साथ-साथ, आराम करना आपके लिए सबसे बेहतर विकल्प साबित होंगे।

उपायः शुक्रवार के दिन सफ़ेद रंग के वस्त्र पहनने से, अच्छे फलों की होगी प्राप्ति।

मकर राशिफल

आपकी राशि के लिए, शुक्र देव पांचवें और दसवें भाव के स्वामी हैं और इस प्रकार आपके लिए ये एक योगकारक ग्रह हैं। गोचर की इस अवधि में शुक्र आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे, जिससे आपको बेहद अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी। ज्योतिष में नवम भाव को, भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है।

कार्यक्षेत्र पर नौकरी पेशा जातकों और उन जातकों को जो नौकरी बदलने के बारे में सोच रहे थे, दोनों को ही इस गोचर के दौरान बहुत लाभ और तरक्की करने के कई अवसर प्रदान होंगे। खासतौर से नौकरी बदलने वाले जातकों को, भाग्य का पूरा साथ मिलेगा, जिससे आपको कार्य से संबंधित यात्रा पर भी जाना पड़ सकता है। आप अपनी मेहनत और समझ से, इस यात्रा से अच्छा लाभ भी अर्जित करने में सफल होंगे।

पारिवारिक जीवन में, पिता या पिता तुल्य किसी व्यक्ति से आपके संबंध बेहतर होंगे। जिस कारण आपको हर ज़रूरी सहयोग और सलाह उनसे मिल सकेगी। आपका रुझान धार्मिक कार्यों में अधिक लगेगा। संभावना है कि, आप इस गोचर के दौरान, किसी धार्मिक स्थल की यात्रा पर भी जाने का प्लान करें। इस यात्रा से आपको ख़ुशी और मानसिक शांति की प्राप्ति होगी, जिससे आप अंदर से प्रसन्न दिखाई देंगे।

गोचर की इस समयावधि के दौरान, आपको किसी मांगलिक कार्यक्रम में जाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, साथी से प्यार और सहयोग की भी भरपूर प्राप्ति होगी। दाम्पत्य जीवन में भी संतान पक्ष अपने कार्यस्थल पर तरक्की करने में सफल होगी, जिसे देख, आपको भी ख़ुशी महसूस होगी। उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए, विदेश जाने की इच्छा रखने वाले जातकों को इस गोचर के दौरान विदेश जाने का अवसर प्राप्त होगा।

उपायः नियमित रूप से, शुक्रवार के दिन शुक्र यंत्र स्थापित करें।

कुंभ राशिफल

आपकी राशि के लिए, शुक्र देव आपके चौथे और नौवें भाव के स्वामी होकर योगकारक ग्रह हैं और कन्या राशि में गोचर के दौरान, शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होंगे, जिससे आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से, जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है।

कार्यक्षेत्र पर आप पहले से अधिक साहस और, पराक्रम के साथ हर कार्य को करते दिखाई देंगे। आप इस समय किसी भी कार्य को करने में, संकोच नहीं महसूस करेंगे। आपकी इसी कला के चलते, आपको अपने सहकर्मियों और वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग प्राप्त होगा और, वो लोग आपकी जमकर प्रशंसा भी करते दिखाई देंगे। वहीं, यदि आप अपना व्यापार करते हैं तो, आपको शुक्र के इस गोचर के दौरान, धन लाभ के कई मौके मिलेंगे, जिनका आप भली-भांति लाभ उठाने में भी सफल हो जाएंगे।

पारिवारिक जीवन में भी घर-परिवार का अच्छा वातावरण, आपको प्रसन्न करेगा। संभावना है कि, आपको अपनी किसी पैतृक संपत्ति से लाभ मिले। प्रेम जीवन को देखें तो, प्रेमी के साथ आपका रिश्ता एक अलग ही ऊचाई पर, इस गोचर के दौरान दिखाई देगा। आप स्वयं अपनी किसी खराब आदत और खराब रवैये को सुधारने के लिए प्रयास करेंगे। हालांकि मां की खराब सेहत, आपकी चिंता का सबसे बड़ा कारण बन सकती है।

आप इस समय, शोध कार्य या रहस्यमय विज्ञान जैसे, ज्योतिष, जादू-टोना, आदि सीखने की ओर अधिक आकर्षित दिखाई देंगे। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए ये समय अच्छा रहेगा। उन्हें अपनी इच्छा अनुसार, शुभ फलों की प्राप्ति होगी।

उपायः शुभ फलों की प्राप्ति के लिए, रोज़ाना अपने माथे पर चंदन का तिलक लगाएँ।

मीन राशिफल

आपकी राशि के लिए, शुक्र देव तीसरे और आठवें भाव के स्वामी हैं और गोचर की इस अवधि में, शुक्र आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे, जिससे आपको सामान्य से अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवन साथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदारों का विचार किया जाता है। इसलिए कार्यक्षेत्र पर आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

आशंका है कि, आपका अपने अधीन काम करने वाली कर्मियों के साथ, किसी बात को लेकर मतभेद हो, इसलिए आपको इस तरह की किसी भी स्थिति से बचने की ज़रूरत होगी, अन्यथा आपकी छवि को नुकसान पहुँच सकता है। यदि आप पार्टनरशिप में व्यापार करते हैं तो, आपका अपने सहयोगी संग विवाद संभव है। इसलिए इस गोचर के दौरान अपने पार्टनर के साथ, समय-समय पर संवाद करते रहें, तभी आप दोनों लाभ का फायदा उठाने में सफल होंगे।

शादीशुदा जातकों का, अपने जीवनसाथी के साथ अहम का टकराव हो सकता है। हालांकि ये टकराव ज्यादा समय तक नहीं रहेगा, क्योंकि आप दोनों अपनी समझ से, हर विवाद को सुलझाने में सफल होंगे। आप इस समय बेहद भावुक भी नज़र आएँगे। वहीं, प्रेम में पड़े जातक इस दुविधा में रहेंगे कि, साथी के सामने अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त करने से कहीं प्रियतम नाराज़ न हो या वो छोड़ न चला जाएं।

स्वास्थ्य के लिहाज से, आपको आपको इस गोचर के दौरान कुछ समस्या हो सकती है। आशंका है कि, आपको पेट या मूत्र संबंधित कोई विकार परेशान करें, इसलिए बेहतर होगा कि, समय-समय पर साफ़ पानी पीते रहें।

उपायः किसी भी महत्वपूर्ण कार्य पर जाने से पहले, इलायची के बीज चबाना आपके लिए शुभ रहेगा।

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