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शुक्र का तुला राशि में गोचर (02 सितंबर, 2026)

शुक्र का तुला राशि में गोचर: शुक्र दुनिया को खूबसूरत बनाने वाले, आपकी खूबसूरती में चार चांद लगाने वाले शुक्र ग्रह नीच राशि से दूर जाने वाले हैं यानी शुक्र के कारकत्त्वों में मजबूती आने वाली है। जी हां दुनिया को खूबसूरत बनाने वाले और आपकी खूबसूरती में भी चार चांद लगाने वाले ग्रह शुक्र; अपनी नीच राशि को 2 सितंबर 2026 को छोड़ रहे हैं। शुक्र ग्रह 2 सितंबर 2026 दिन बुधवार की दोपहर लगभग 01 बजकर 41 मिनट पर तुला राशि में प्रवेश करने वाले। ये शुक्र ग्रह की अपनी स्वयं की राशि है। अत: शुक्र यहां पर काफ़ी अनुकूल स्थिति वाले कहे जाएंगे। हालांकि तुला राशि में रहते रहते ही यानी 3 अक्टूबर 2026 को शुक्र ग्रह वक्री हो जाएंगे यानी प्रतीकात्मक रूप से उल्टा चलने वाली स्थिति में कहे जाएंगे।

शुक्र का तुला राशि में गोचर

विद्वान ज्योतिषियों से फोन पर बात करें और जानें शुक्र का तुला राशि में गोचर का अपने जीवन पर प्रभाव

शुक्र ग्रह 14 नवंबर 2026 तक वक्री रहने वाले हैं और वक्री अवस्था में ही शुक्र ग्रह 6 नवंबर 2026 को पुनः कन्या राशि में लौटेंगे लेकिन 2 सितंबर 2026 से लेकर 6 नवंबर 2026 तक तुला राशि में रहते हुए यह आपको कैसे परिणाम देंगे यह जानने से पहले यह भी जान लेना जरूरी है कि इसी बीच में 13 अक्टूबर 2026 से लेकर 28 अक्टूबर 2026 यानी की 15 दिनों के लिए शुक्र ग्रह अस्त भी रहेंगे, यह एक कमजोर बिंदु है।

सरल शब्दों में कहें, तो 2 सितंबर से 03 अक्टूबर तक शुक्र ग्रह पूरी मजबूती के साथ आपको परिणाम देंगे, जबकि उसके बाद के समय में शुक्र की मजबूती का ग्राफ कमजोर हो सकता है। हालांकि इसके बावजूद भी अपनी राशि में रहने के कारण शुक्र अपने लेवल पर अनुकूल होने की स्थिति में आपका अच्छा सपोर्ट कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कई तरह के बदलावों से भरा रहने वाला शुक्र का यह गोचर आपको कैसे परिणाम दे सकता है और सबसे पहले चर्चा करते हैं मेष राशि की…

Read Here In English: Venus Transit in Libra

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

शुक्र का तुला राशि में गोचर 2026: सभी राशियों पर प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शुक्र देव आपकी कुंडली में दूसरे और सातवें भाव के स्वामी होते हैं और ये आपके सातवें भाव में ही गोचर करने जा रहे हैं। वैसे सामान्य तौर पर शुक्र के सातवें भाव में गोचर को बहुत अच्छा नहीं माना जाता लेकिन शुक्र अपनी राशि में रहेंगे। इसलिए सामान्य तौर पर यह आपको अच्छे परिणाम देना चाहेंगे। विशेषकर 2 सितंबर से लेकर 3 अक्टूबर के बीच जब शुक्र पूर्णत: स्वस्थ और मजबूत स्थिति में रहेंगे। उस अवधि में यह आपको अच्छे परिणाम देना चाहेंगे। ये परिणाम आपको आर्थिक और पारिवारिक मामलों में अच्छाई के रूप में मिल सकते हैं।

साथ ही साथ दैनिक रोजगार व्यापार व्यवसाय के रूप में भी मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन में अनुकूलता देने का काम भी शुक्र का यह गोचर कर सकता है। प्रेम संबंधों में भी अपने स्तर पर शुक्र का यह गोचर आपके अनुकूलता देना चाहेगा। वहीं इसके बाद यानी की 3 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच परिणाम मिले जुले रहते सकते हैं। ऐसे में स्त्रियों से विवाद बिल्कुल नहीं करना है और व्यर्थ की यात्राओं से भी बचना है। इसके अलावा अपने स्वास्थ्य का भी ख्याल रखना है, जिससे यदि किसी कारण से कोई नकारात्मकता का योग भी हो तो वह भी शांत रहें और आप बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें।

उपाय: लाल गाय की सेवा करना शुभ रहेगा।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालो के लिए शुक्र आपकी कुंडली में लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके छठे भाव के भी स्वामी होते हैं और यह आपके छठे भाव में ही गोचर करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर छठे भाव में शुक्र के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता लेकिन अपनी राशि में होने के कारण शुक्र आपको मिले-जुले परिणाम दे सकते हैं। यानी शुक्र के इस गोचर से बहुत अच्छे परिणामों की उम्मीद नहीं रखनी चाहिए लेकिन व्यक्तिगत रूप से आपके लिए यानी वृषभ राशि वाले लोगों के लिए शुक्र का है गोचर मिले-जुले परिणाम दे सकता है। विशेषकर 2 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच परिणाम तुलनात्मक रूप से ज्यादा अच्छे रहेंगे। वहीं 3 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच परिणाम थोड़े से कमजोर रह सकते हैं। इस गोचर की अवधि में आपको सावधानी अपनाने की आवश्यकता बनी रहेगी लेकिन सावधानी के बाद परिणाम सामान्य तौर पर आपके फीवर के हो सकते हैं।

यदि आप नौकरीपेशा व्यक्ति हैं और आपकी बॉस या सहकर्मी कोई स्त्री है तो उसके साथ आपको अपने संबंधों को मेंटेन करने की जरूरत रहेगी। व्यापार व्यवसाय से जुड़े हुए लोगों को भी सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की आवश्यकता रहेगी। शुक्र का यह गोचर प्रेम संबंधों में कमजोरी दे सकता है अथवा किसी स्त्री से विवाद करवा सकता है। इससे बचने की आवश्यकता लगातार बनी रहेगी। मंगल का गोचर भी कुछ समय तक प्रेम संबंधों में कमजोरी दे रहा है और शुक्र की यह स्थिति भी कमजोरी दे रही है। फलस्वरूप शुक्र के इस गोचर की अवधि में प्रेम संबंधों को हल्के में लेना ठीक नहीं रहेगा। इसके अलावा मित्रों के साथ भी अपने संबंधों को मेंटेन करने की जरूरत रहेगी। अर्थात सावधानी पूर्वक निर्वाह करके आप नकारात्मकता से बच सकेंगे।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में कन्याओं का पूजन कर उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में पंचम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ द्वादश भाव के भी स्वामी होते हैं और यह तुला राशि में गोचर करने की अवधि में आपके पंचम भाव में रहने वाले हैं। पंचम भाव में शुक्र के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा माना जाता है। ऊपर से शुक्र अपनी राशि में रहेंगे यह और भी अच्छी स्थिति कही जाएगी। ऐसे में शुक्रदेव विद्यार्थियों को काफी अच्छे परिणाम दे सकते हैं। विशेषकर कला और साहित्य से जुड़े हुए विद्यार्थियों को बहुत अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

विदेश से संबंध रखने वाले लोगों को भी शुक्र का यह गोचर अच्छे परिणाम दे सकता है। यानी की कार्य व्यापार और नौकरी में भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावनाएं बन रही हैं। प्रेम संबंध के दृष्टिकोण से इस गोचर को बहुत अच्छे परिणाम देने वाला माना जाएगा। साथ ही साथ दांपत्य संबंधी मामलों में भी शुक्र का यह गोचर आपको अच्छे परिणाम दे सकता है। आमोद प्रमोद और मनोरंजन की दृष्टिकोण से भी इस गोचर को अच्छा कहा जाएगा।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में भगवान शिव को सुगंधित पुष्प चढ़ाना या सुगंधित जल से अभिषेक करना शुभ रहेगा। और आइए अब जान लेते हैं कि शुक्र का है गोचर कर्क राशि वाले लोगों को कैसे परिणाम दे सकता है?

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में लाभ भाव के स्वामी होने के साथ-साथ चतुर्थ भाव के भी स्वामी होते हैं और तुला राशि में गोचर करने की अवधि में शुक्र आपकी चौथे भाव में ही रहने वाले हैं। चौथे भाव में शुक्र के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है। ऊपर से शुक्र अपनी राशि में रहेंगे और 3 अक्टूबर तक काफी मजबूत स्थिति में रहेंगे। ऐसे में 3 अक्टूबर तक शुक्र से काफी अच्छे परिणामों की उम्मीद की जा सकती है।

शुक्र का यह गोचर मनोकामना पूर्ति में सहायक बनेगा। भूमि, भवन, वाहन से संबंधित मामलों में लाभ करवा सकता है। घर गृहस्थी में अनुकूलता दे सकता है। विभिन्न प्रकार के लाभ करवाने में भी शुक्र का यह गोचर मददगार बनेगा। हालांकि 3 अक्टूबर से लेकर 6 नवंबर के बीच उपलब्धियां के ग्राफ में मामूली सी कमी देखने को मिल सकती है लेकिन ओवरऑल इस गोचर से हम अच्छे परिणामों की उम्मीद करते हैं। यह गोचर प्रियजनों से भेंट करवाने में और उनके साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करने में मददगार बनेगा। प्रियजनों का सर्कल भी और ज्यादा बढ़ सकता है। कुल मिलाकर इस गोचर से अच्छे परिणाम मिलने की अच्छी उम्मीदें हैं।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में बहते हुए शुद्ध जल में चावल बहाना शुभ रहेगा।

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में दशम तथा तीसरे भाव के स्वामी होते हैं और तुला राशि में गोचर करने की अवधि में शुक्र आपके तीसरे भाव में ही रहने वाले हैं। तीसरे भाव में शुक्र के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा माना जाता है। ऊपर से शुक्र अपनी राशि में रहेंगे। यह अच्छाई के ग्राफ को और बढ़ा सकता है। यानी कि इस गोचर से अच्छे परिणामों की उम्मीद की जा सकती है। विशेषकर 3 अक्टूबर तक शुक्र पूर्णत: स्वस्थ और मजबूत रहेंगे। अतः शुक्र अच्छाई के ग्राफ को अच्छे से मेंटेन करेंगे। 13 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच शुक्र की ताकत में कुछ कमी देखने को मिलेगी। अतः परिणामों की अनुकूलता में भी मामूली सी कमी देखने को मिल सकती है। फिर भी ओवरऑल इस गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला ही माना जाएगा।

यह गोचर आपको मित्रों की प्राप्ति करवा सकता है अथवा मित्रों के माध्यम से लाभ पहुंचा सकता है। आपका आत्मविश्वास सामान्य तौर पर अच्छा रहेगा। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर कर सकेंगे। कार्यक्षेत्र में अच्छी अनुकूलता देखने को मिलेगी। विशेषकर यदि आपका काम यात्राओं से जुड़ा हुआ है, तो आप काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। अच्छे समाचार भी सुनने को मिल सकते हैं। भाई बंधु और पड़ोसियों के साथ आपके संबंधों में और अधिक अनुकूलता देखने को मिल सकती है।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में महिलाओं का सम्मान करना और उनका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में भाग्य भाव के स्वामी होने के साथ-साथ दूसरे भाव के भी स्वामी होते हैं और तुला राशि में गोचर करने की अवधि में शुक्र देव आपके दूसरे भाव में रहने वाले हैं। दूसरे भाव में शुक्र के गोचर को अच्छा माना गया है। ऐसा कहा जाता है कि दूसरे भाव में शुक्र का गोचर नए वस्त्र आभूषण दिलवाने में मदद करता है। यानी कि आप अपने पसंद की चीजें खरीद सकते हैं। गीत संगीत में आपकी रुचि बढ़ सकती है। घर परिवार में कोई मांगलिक कार्य भी हो सकता है। यदि आप संगीत या गायन से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो यह अवधि आपको बहुत प्रशंसा दिला सकती है।

आर्थिक मामले में भी इस गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाएगा। भाग्य का अच्छा सपोर्ट मिलने की संभावना है। साथ ही साथ पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों का भी अच्छा सपोर्ट मिल सकता है। ऐसे में इस गोचर से काफी अच्छे परिणामों की उम्मीद है। हालांकि यदि आर्थिक मामले में कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेने हो तो 3 अक्टूबर से पहले ले लेना ज्यादा ठीक रहेगा। क्योंकि 3 अक्टूबर से 6 नवंबर के बीच का समय आर्थिक मामले में कुछ उलझाव दे सकता है। अतः महत्वपूर्ण निर्णय को 3 अक्टूबर से पहले संपन्न कर लेना ज्यादा अच्छा रहेगा।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में देसी गाय का घी मां दुर्गा के मंदिर में दान करना शुभ रहेगा।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए तुला राशि वालों शुक्र आपके लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपकी कुंडली के आठवें भाव के भी स्वामी होते हैं और तुला राशि में रहने की अवधि में यह आपके प्रथम भाव में रहने वाले हैं। प्रथम भाव में शुक्र के गोचर को अच्छा माना जाता है। ऊपर से शुक्र अपनी राशि में रहेंगे यह और भी अच्छी स्थिति है। ऐसा शुक्र घूमने फिरने और मनोरंजन करने के मौके देता है। परिजनों और मित्रों से मिलने मिलवाने का काम करवाता है। क्योंकि शुक्र अपनी राशि में रहेगा। अतः स्वास्थ्य संबंधी मामलों में सामान्य तौर पर अनुकूल परिणाम देना चाहेगा। हालांकि आपके लिए शुक्र अष्टमेश भी है।

अतः कुछ कामों में अड़चने भी रह सकती हैं लेकिन लग्न या राशि के स्वामी को हमेशा शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है। अतः कठिनाइयां कम और सफलताएं ज्यादा रहेंगी। फिर भी आप कठिनाइयों के प्रति लापरवाह नहीं रहेंगे तो परिणाम और भी ज्यादा अच्छे मिल सकेंगे। शुक्र का यह गोचर आपको सुख संपदा का लाभ करवा सकता है। विद्यार्थियों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में तुलनात्मक रूप से अनुकूलता देखने को मिलेगी। क्योंकि पहले से ही राहु का गोचर पंचम भाव में है। अतः प्रेम संबंधों में परेशानियां पहले से चल रही हो सकती हैं लेकिन शुक्र का यह गोचर में परेशानियों में कमी देने का काम करेगा। यदि परेशानियां नहीं हैं तो अनुकूलता का ग्राफ और भी ज्यादा बढ़ सकता है।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में काली गाय की सेवा करना शुभ रहेगा।

तुला साप्ताहिक राशिफल

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में सप्तम भाव के स्वामी होने के साथ-साथ द्वादश भाव के भी स्वामी होते हैं और जब तक शुक्र तुला राशि में रहेंगे, तब तक ये आपके द्वादश भाव में ही बने रहेंगे। वैसे तो द्वादश भाव में सामान्य तौर पर बहुत सारे ग्रहों के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन शुक्र के गोचर को द्वादश भाव में अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है। ऊपर से शुक्र अपनी राशि में रहेंगे, तो स्वाभाविक है कि सामान्य तौर पर शुक्र आपको अच्छे परिणाम देना चाहेंगे। विशेषकर जिन लोगों का संबंध अपने जन्म स्थान से दूर के स्थान से है, जैसे कि विदेश से है या फिर अपने जन्म स्थान से काफी दूर रह रहे हैं; उन्हें शुक्र अच्छे परिणाम देना चाहेंगे।

हालांकि सप्तमेश का द्वादश भाव में जाना जीवन साथी या जीवन संगिनी के स्वास्थ्य में मामूली सा उतार चढ़ाव दे सकता है। अतः उन संबंधों के प्रति सजग रहना ज्यादा अच्छा रहेगा। अपने लाइफ पार्टनर के साथ या व्यावसायिक पार्टनर के साथ लॉयल बने रहना भी एक अच्छा निर्णय होगा। व्यापार व्यवसाय को विस्तार देने में यह गोचर आपके लिए मददगार बन सकता है। यानी कि खर्चों को रोकेंगे और अति महत्वाकांक्षी होने से बचेंगे तो परिणाम सामान्य तौर पर अच्छे रहेंगे।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में सम्मानपूर्वक किसी स्त्री को सौभाग्य सामग्री भेंट कर उसका आशीर्वाद लेना शुभ रहेगा।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए धनु राशि वाले शुक्र आपकी कुंडली में छठे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ लाभ भाव की भी स्वामी होते हैं और तुला राशि में गोचर करने के बाद में शुक्र आपके लाभ भाव में रहने वाले हैं। लाभ भाव में शुक्र ग्रह के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। ऊपर से शुक्र अपनी राशि में रहेंगे यह और भी अच्छी स्थिति है। ऐसे में विशेषकर 2 सितंबर से 3 अक्टूबर के बीच शुक्र आपको बहुत अच्छे परिणाम दे सकते हैं। वहीं 3 अक्टूबर के बाद परिणाम थोड़े से कमजोर लेकिन फिर भी सामान्य से बेहतर लेवल के रह सकते हैं। कुल मिलाकर इस गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाएगा।

छठे भाव के स्वामी का लाभ भाव में जाना, नौकरीपेशा लोगों को अच्छे लाभ दिलवा सकता है। वहीं व्यापार व्यवसाय से जुड़े हुए लोग भी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। प्रतिस्पर्धात्मक कामों में आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंध के लिए भी इस गोचर को अच्छा कहा जाएगा। हालांकि दांपत्य संबंधी मामलों में मंगल के प्रभाव के चलते कुछ परेशानियां आने की संभावनाएं हैं लेकिन शुक्र उन परेशानियों को दूर करने में सहायक बनेगा। अर्थात शुक्र अपने लेवल पर आपको हर तरह से सपोर्ट करने का काम कर सकता है।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में शनिवार के दिन सरसों के तेल या फिर तिल के तेल का दान करना शुभ रहेगा।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए मकर राशि वालों शुक्र आपकी कुंडली में पांचवें भाव के स्वामी होने के साथ-साथ दशम भाव के लिए स्वामी होते हैं। यानी कि शुक्र आपकी कुंडली में योग कारक ग्रह माने गए हैं और तुला राशि में गोचर करने की अवधि में शुक्र आपके कर्म स्थान पर ही रहने वाले हैं। वैसे तो दशम भाव में शुक्र के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन अपनी राशि में होने के कारण यानी कर्म स्थान के स्वामी का कर्म स्थान में जाने के कारण शुक्र आपको अपने लेवल पर काफी सपोर्ट दे सकते हैं। फिर भी कार्य व्यापार में कोई रिस्क नहीं लेना है। जो जैसे चल रहा है उसी को मेंटेन करेंगे तो अच्छे परिणाम मिलते रहेंगे। महत्वपूर्ण कामों को आप शुक्र के गोचर के अनुकूल होने के बाद संपन्न कर सकते हैं।

पंचमेश का दशम भाव में जाना इस बात का संकेत है कि यदि आपका प्रेम संबंध कार्य स्थल पर ही है, यानी ऑफिस के किसी सहकर्मी से है तो आपको अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। हालांकि आपके प्रेम संबंधों पर आपके सीनियर्स या बॉस की नजर भी रह सकती है। काम को लेकर किसी भी तरीके की कोताही ठीक नहीं रहेगी। काम के समय में काम करें और फिर बाकी समय में आप अपने दिली मामलों को शेयर कर सकते हैं। इस तरह की सावधानियां रखने की स्थिति में आपको नकारात्मकता देखने को नहीं मिलेगी और सामान्य तौर पर आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मांस, मदिरा व अंडे जैसी चीजों का त्याग करना यानी कि स्वयं को सात्विक बनाए रखना उपाय की तरह काम करेगा।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में चतुर्थ भाव के स्वामी होने के साथ-साथ भाग्य भाव के भी स्वामी होते हैं और तुला राशि में गोचर करने की अवधि में शुक्र आपके भाग्य भाव में रहने वाले हैं। भाग्य भाव में शुक्र ग्रह के गोचर को धार्मिक यात्रा इत्यादि के लिए अनुकूल परिणाम देने वाला माना गया है। उस पर भी शुक्र अपनी राशि में हैं। अतः यह भाग्य को और मजबूती देंगे और विभिन्न मामलों में आपकी सहायता कर सकते हैं।

धार्मिक यात्रा की बात हो या फिर किसी मेहनत में भाग्य के सपोर्ट की आवश्यकता; लगभग हर मामले में शुक्र आपको अपने लेबल पर अच्छा सपोर्ट दे सकते हैं। कहीं से कोई अच्छा समाचार भी सुनने को मिल सकता है। शासन से जुड़े मामलों में भी अनुकूल परिणाम देखने को मिल सकते हैं। घर परिवार या रिश्तेदारी में कोई मांगलिक कार्य हो सकता है। चतुर्थ भाव के स्वामी का भाग्य भाव में जाना घर गृहस्थी से संबंधित मामलों में अच्छे निर्णय लेने के लिए भी प्रेरित कर सकता है। कुल मिलाकर इस गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला माना जाएगा।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में चांदी की लोटे में जल भरकर नीम के पेड़ की जड़ों पर डालना शुभ रहेगा।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए शुक्र आपकी कुंडली में तीसरे भाव के स्वामी होने के साथ-साथ आठवें भाव के स्वामी होते हैं और तुला राशि में गोचर करने की अवधि में शुक्र आपके आठवें भाव में ही रहने वाले हैं। वैसे तो अष्टम भाव में सामान्य तौर पर अधिकांश ग्रहों के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन शुक्र ग्रह के गोचर को अष्टम भाव में भी अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है लेकिन अविवाहित लोगों को वासनात्मक विचारों से बचने की सलाह हम देना चाहेंगे। विवाहित लोगों को भी संबंधों में मर्यादित रहने की सलाह दी जाती है।

विशेषकर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स में रुचि रखने वाले लोगों को सावधान रहने की जरूरत रहेगी। बाकी अन्य लोगों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। तीसरे भाव के स्वामी का अष्टम भाव में जाना इस बात का संकेत है कि कम दूरी की यात्राओं के दौरान सावधानी रखने की आवश्यकता रहेगी। मंगल का गोचर भी इस बात का संकेत कर रहा है कि वाहन इत्यादि सावधानी से चलना है। फिर भी शुक्र के गोचर की स्थिति को देखते हुए हम यही कहेंगे कि डरने जैसी कोई बात नहीं है। बस सावधान रहना है। प्रेम संबंधों में मर्यादा की जरूरत रहेगी। अप्रत्याशित रूप से कुछ फायदे आपको मिल सकते हैं।

उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में नियमित रूप से मां दुर्गा की पूजा अर्चना करना शुभ रहेगा।

मीन साप्ताहिक राशिफल

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. शुक्र का तुला राशि में गोचर कब होगा?

शुक्र देव तुला राशि में 02 सितंबर 2026 को गोचर कर जाएंगे।

2. तुला राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की सातवीं राशि तुला के अधिपति देव शुक्र ग्रह हैं।

3. शुक्र कौन हैं?

ज्योतिष में शुक्र ग्रह को प्रेम, वैवाहिक जीवन, सौंदर्य और भोग-विलास के कारक ग्रह माना जाता है।

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