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शुक्र तुला राशि में अस्त (19 अक्टूबर, 2026)

तुला राशि में शुक्र अस्त 2026: सभी राशियों पर प्रभाव

अस्त क्या होता है?

जब भी कोई ग्रह सूर्य के बहुत नज़दीक आ जाता है और उसे आसानी से आकाश में देख पाना कठिन हो जाता है, तो उसे अस्त (Combust)कहा जाता है। सरल शब्दों में बतायें तो, इसका अर्थ है कि बुध या कोई अन्य ग्रह सूर्य के इतना करीब आ जाता है कि वह दिन हो या रात, दृष्टिगोचर नहीं होता। ज्योतिषीय दृष्टि से यह स्थिति इस बात को दर्शाती है कि जन्म कुंडली में सूर्य के प्रभाव के कारण वह ग्रह अपने शुभ या अशुभ फल को पूरी क्षमता से व्यक्त नहीं कर पाता।

शुक्र तुला राशि में अस्त (19 अक्टूबर, 2026)

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वैदिक ज्योतिष में शुक्र को तब अस्त माना जाता है जब वह मार्गी अवस्था में सूर्य से 10 डिग्री के भीतर हो तथा वक्री अवस्था में सूर्य से 8 डिग्री के भीतर आ जाए।

शुक्र का तुला राशि में अस्त होना 19 अक्टूबर 2026 को सुबह 08:09 बजे (IST) होगा।

तुला राशि में शुक्र का गोचर एवं अस्त अवस्था

तुला राशि शुक्र की स्वयं की राशि होने के साथ-साथ उसकी मूलत्रिकोण राशि भी कही जाती है। यह एक चर, विषम तथा वायु तत्व प्रधान राशि है। यहां शुक्र बेहद ही सहज, शक्तिशाली और अनुकूल स्थिति में माना जाता है। शुक्र ग्रह सौंदर्य, वैभव, भाग्य और सामाजिक आकर्षण प्रदान करने की क्षमता रखता है। आमतौर पर तुला राशि में शुक्र के रहने से इस राशि के सभी सकारात्मक गुणों में वृद्धि होती है, लेकिन इस बार शुक्र अस्त होने के चलते अपने श्रेष्ठ फल देने में पूर्णतः सक्षम नहीं रहेगा।

Read Here In English: Venus Combust In Libra 

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र दूसरे और सप्तम भाव का स्वामी है। ऐसे में शुक्र का अस्त होना आपके पारिवारिक जीवन, वैवाहिक संबंधों और आर्थिक मामलों पर सीधा प्रभाव डालने के उच्च संकेत दे रहा है।

कुंडली का दूसरा भाव धन, बचत, परिवार और खानपान से संबंधित माना गया है, जबकि सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी और साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। शुक्र ग्रह प्रेम, सौहार्द, आकर्षण और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसके अस्त होने से इन क्षेत्रों में कुछ असंतुलन देखने को मिल सकता है।

इस दौरान परिवार के सदस्यों या जीवनसाथी के साथ किसी बात को लेकर मतभेद उत्पन्न होने की आशंका है। प्रेम संबंधों में भी भावनात्मक दूरी महसूस होने की संभावना है। अगर आप किसी नए रिश्ते की शुरुआत करने या विवाह के लिए उपयुक्त साथी की तलाश में हैं, तो फिलहाल थोड़ा धैर्य रखने की सलाह आपको दी जाती है।

उपाय: अपने बेडरूम को हमेशा साफ-सुथरा, व्यवस्थित और सुंदर बनाए रखें।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र आपका लग्नेश ग्रह है। यह आपके व्यक्तित्व, शरीर, जीवन शक्ति, रोग प्रतिरोधक क्षमता और आत्म-छवि का प्रतिनिधित्व करता है। साथ ही शुक्र आपके षष्ठ भाव का भी स्वामी है, जो दैनिक दिनचर्या, स्वास्थ्य, नौकरी, प्रतिस्पर्धा और शत्रुओं से संबंधित माना गया है।

अब शुक्र आपके षष्ठ भाव में अस्त होने जा रहा है। लग्नेश के अस्त होने से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं, ऊर्जा में कमी और व्यक्तित्व के आकर्षण में गिरावट जैसी परेशानियां आपके जीवन में नज़र आ सकती हैं।

षष्ठ भाव में शुक्र को एक प्रकार की मारक अथवा ऋणात्मक स्थिति प्राप्त होती है और अब अस्त होने के चलते इसकी शक्ति और भी कमजोर हो जाएगी। जिसके परिणाम स्वरूप शुक्र न तो पूर्ण रूप से शुभ फल दे पाएगा और न ही पूरी तरह से अशुभ परिणाम ही दे सकेगा।

वैवाहिक एवं प्रेम संबंधों में अस्थायी दूरी या भावनात्मक अलगाव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका है। इस राशि के प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को पढ़ाई में कुछ रुकावटें और एकाग्रता की कमी का सामना करना पड़ सकता है।

हालांकि शुक्र की इस स्थिति का एक सकारात्मक पक्ष भी है। षष्ठ भाव के स्वामी के अस्त होने से शत्रु कमजोर रहेंगे और इस समय अवधि में आपके विरोधी आपको नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाएंगे।

उपाय: शुक्रवार के दिन किसी विवाहित महिला को खीर और सफेद मिठाई का दान करें।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

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मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए शुक्र एक मित्र ग्रह है। इसके साथ ही यह आपके  पंचम भाव और द्वादश भाव का स्वामी है।

जहाँ एक तरफ़ पंचम भाव शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध, बुद्धि, भविष्य की योजनाओं तथा मंत्र साधना से जुड़ा होता है। वहीं द्वादश भाव आत्म-जागरूकता, आध्यात्मिकता, व्यय, दान-पुण्य और विदेश संबंधी विषयों का प्रतिनिधित्व करता है।

वर्तमान में शुक्र आपके पंचम भाव में अस्त हो रहा है। ऐसे में इस राशि के विद्यार्थियों के लिए यह समय विशेष रूप से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है क्योंकि बदलती भावनाओं के चलते आपको पढ़ाई में ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई आने की आशंका है।

प्रेम संबंधों की बात करें तो इस राशि के जातकों को अपने साथी के साथ गलतफहमियों या मतभेदों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी तरफ़ गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं, जबकि माता-पिता को संतान से जुड़ी कुछ चिंताओं का सामना भी करना पड़ सकता है।

हालांकि द्वादश भाव के स्वामी शुक्र के प्रभाव से खर्चों पर नियंत्रण रखने में आपको अवश्य मदद मिलेगी और अनावश्यक खर्चे भी कम होंगे।

इस दौरान आपके जीवन में कुछ भ्रमपूर्ण परिस्थितियां और आर्थिक अस्थिरता भी देखने को मिल सकती है। इस अवधि में विशेष रूप से अपनी भावनाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त ना कर पाने के चलते कठिनाई के कारण दूसरों के साथ आपकी बातचीत प्रभावित हो सकती है।

इस राशि के जो जातक सट्टा, ट्रेडिंग या शेयर बाजार से जुड़े हुए हैं, उन्हें इस समय किसी भी प्रकार का बड़ा जोखिम लेने से बचने की सलाह दी जाती है। पंचम भाव से शुक्र की एकादश भाव पर दृष्टि होने के बावजूद अस्त अवस्था के चलते अपेक्षित आर्थिक लाभ आपको इस समय प्राप्त नहीं हो सकेगा।

उपाय: नेत्रहीन बच्चों के विद्यालयों में सेवा करें और जितना हो सके दान-पुण्य करें।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र आपके चतुर्थ भाव और एकादश भाव का स्वामी है। चतुर्थ भाव आपके सुख, घरेलू वातावरण, माता, संपत्ति, वाहन, भौतिक सुविधाओं और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं एकादश भाव लाभ, इच्छाओं की पूर्ति, मित्रों, सामाजिक दायरे और भौतिक उपलब्धियों से संबंधित होता है।

अब शुक्र आपके चतुर्थ भाव में अस्त हो रहा है। ऐसे में ये स्थिति इस बात की तरफ़ संकेत देती है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के चलते आपको अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और आकांक्षाओं को दबाना पड़ सकता है। जिसका सीधा असर आपके घरेलू जीवन पर भी पड़ने की आशंका है।जिससे पारिवारिक सुख-शांति में कमी महसूस हो सकती है।

इस दौरान आर्थिक समस्याएं आपके जीवन में खड़ी हो सकती हैं, इसलिए किसी भी प्रकार का बड़ा निवेश करने से बचने की सलाह आपको दी जा रही है। माता के साथ किसी बात को लेकर मतभेद होने की संभावना है तथा उनके स्वास्थ्य को लेकर भी आपको सतर्क रहने की आवश्यकता इस अवधि में पड़ेगी।

घरेलू सुख और मानसिक संतुष्टि में कमी आ सकती है। साथ ही, शुक्र के इस अस्त होने के चलते आपको अपने करियर या पेशेवर जीवन में इस गोचर के पूर्ण शुभ परिणाम प्राप्त नहीं हो पाएंगे।

उपाय: प्रतिदिन अपनी माता का सम्मान करें, उनका आशीर्वाद लें तथा समय-समय पर उन्हें फूल भेंट करें।

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र तुला राशि में आपके तृतीय भाव में अस्त होने जा रहा है। शुक्र आपके तृतीय भाव और दशम भाव का स्वामी है।

जहाँ एक तरफ़ दशम भाव कर्म, करियर, व्यवसाय, प्रतिष्ठा, कार्यक्षेत्र और पेशेवर उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं तृतीय भाव साहस, पराक्रम, प्रयास, संचार कौशल, छोटे भाई-बहनों और आत्मविश्वास से जुड़ा होता है।

शुक्र और आपके लग्नेश सूर्य के बीच बहुत सहज संबंध नहीं माना जाता, लेकिन फिर भी सिंह लग्न के लिए शुक्र अपने भाव स्वामित्व के कारण एक तटस्थ ग्रह के रूप में कार्य करता है।

दशमेश शुक्र के अस्त होने से करियर और पेशेवर विकास में कुछ बाधाओं का सामना आपको करना पड़ेगा। नौकरीपेशा जातकों को वरिष्ठ अधिकारियों या सहकर्मियों के साथ तालमेल बैठाने में कठिनाई आएगी। वहीं व्यापार से जुड़े लोगों को सरकारी नियमों, नीतियों या प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

तृतीयेश शुक्र का लग्नेश सूर्य द्वारा अस्त होना इस बात का संकेत देता है कि इस अवधि में आपके और छोटे भाई-बहनों के बीच मतभेद या दूरी बढ़ सकती है इसलिए उनके स्वास्थ्य और कल्याण का खास ख़याल रखें।

अहंकार या ख़ुद को सबसे श्रेष्ठ मानने की भावना आपके संवाद कौशल को प्रभावित कर सकती है, जिससे आपकी बातों का प्रभाव कम हो सकता है इसलिए सलाह दी जाती है कि इस समय विनम्रता और संयम बनाए रखना आपके लिए लाभकारी रहेगा।

उपाय: अपने छोटे भाई-बहन को इत्र, घड़ी या कोई लग्जरी वस्तु गिफ्ट करें।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए शुक्र आपके द्वितीय भाव में अस्त होने जा रहा है। शुक्र आपके द्वितीय भाव और नवम भाव का स्वामी है।

जहाँ एक तरफ़ द्वितीय भाव धन, बचत, परिवार, वाणी, भोजन और संचित संपत्ति का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं नवम भाव भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, आध्यात्मिक ज्ञान, लंबी यात्राओं, पिता तथा पारिवारिक परंपराओं से संबंधित होता है।

आर्थिक रूप से बात करें तो शुक्र के अस्त होने से बढ़ते हुए खर्चों के कारण आपकी बचत और बैंक बैलेंस प्रभावित होने की संभावना है। इस दौरान धन संचय करना आपके लिए कठिन रहने वाला है। विशेष रूप से स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में वृद्धि होने की संभावना बन रही है।

पारिवारिक जीवन में किसी नुकसान, चिंता या दुःख के चलते निकट संबंधियों के साथ रिश्तों में तनाव आ सकता है। इस दौरान आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है।

अगर आप किसी धार्मिक यात्रा, तीर्थयात्रा या लंबी दूरी की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो अत्यधिक खर्चों के कारण उसमें देरी या रद्द होने की आशंका बनती नज़र आ रही है।

पिता या पिता तुल्य व्यक्ति के साथ अहंकार संबंधी मतभेद हो सकते हैं। हालांकि इसी के साथ आपको उनके स्वास्थ्य और सुख-सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता भी पड़ेगी।

उपाय: प्रतिदिन 108 बार "ॐ शुक्राय नमः" मंत्र का जप करें।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र आपकी लग्नेश ग्रह होने के साथ-साथ अष्टम भाव का भी स्वामी है। यह आपके व्यक्तित्व, शारीरिक स्वास्थ्य, जीवन शक्ति, रोग प्रतिरोधक क्षमता और आत्म-छवि का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं दूसरी तरफ़ अष्टम भाव आयु, गुप्त इच्छाओं, रहस्यों, आकस्मिक घटनाओं और जीवन की कठिन परिस्थितियों से उबरने की क्षमता को दर्शाता है।

शुक्र आपकी लग्न राशि में ही अस्त होने जा रहा है। लग्नेश के अस्त होने के कारण आपको जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय लेते समय पहले से ज़्यादा सावधानी और व्यावहारिकता अपनाने की सलाह दी जाती है। इस दौरान भ्रम, असमंजस और निर्णय लेने में कठिनाई जैसी परिस्थिति आपके जीवन में आ सकती है।

यह गोचर इस बात के संकेत दे रहा है कि सामाजिक दायरे या आसपास के लोगों के प्रभाव में आकर आप मानसिक दबाव महसूस कर सकते हैं। आपके आत्मविश्वास में कमी देखने को मिलेगी और भौतिक सुख-सुविधाओं या इच्छाओं की पूर्ति के लिए आप ख़ुद पर ज़्यादा दबाव डाल सकते हैं। जिसके चलते स्वास्थ्य को आप नज़रअंदाज़ कर सकते हैं।

इस अवधि में जीवनसाथी के साथ साझा धन, संयुक्त संपत्ति या निवेश से जुड़े मामलों में कुछ परेशानियां आ सकती हैं। ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में भी तनाव उत्पन्न होने की प्रबल आशंका है।

शुक्र की सप्तम भाव पर दृष्टि होने के बावजूद उसके अस्त होने के चलते इस राशि के वैवाहिक जातकों के जीवन में मतभेद, संवादहीनता या जीवनसाथी के साथ विवाद की स्थिति बन सकती है इसलिए रिश्ते में धैर्य और समझदारी बनाए रखना आवश्यक होगा।

उपाय: शुक्र ग्रह के शुभ प्रभाव प्राप्त करने के लिए दाहिने हाथ की कनिष्ठिका (छोटी उंगली) में सोने में जड़ा हुआ उच्च गुणवत्ता वाला ओपल या हीरा धारण करें।

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वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शुक्र सप्तम भाव और द्वादश भाव का स्वामी है। सप्तम भाव विवाह, जीवनसाथी, प्रेम संबंधों और व्यापारिक साझेदारी का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं द्वादश भाव व्यय, दान-पुण्य, आध्यात्मिक चेतना, शयन सुख और विदेश यात्राओं से संबंधित होता है।

इस दौरान शुक्र आपके द्वादश भाव में अस्त होने जा रहा है। द्वादशेश शुक्र के अस्त होने से आपके अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी।

हालांकि धन और वित्तीय मामलों को लेकर आपके वैवाहिक या प्रेम संबंधों में चर्चा और तनाव बढ़ने की आशंका है। इस अवधि में आर्थिक मुद्दे जीवनसाथी या साथी के साथ विवाद का कारण बन सकते हैं, इसलिए विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत पड़ेगी।

इस दौरान आप अपने जीवन में प्रेम, स्नेह और भावनात्मक जुड़ाव की कमी महसूस करने वाले हैं। आप अपने करियर और पेशेवर जिम्मेदारियों पर ज़्यादा ध्यान केंद्रित करेंगे, जिसके चलते आपका वैवाहिक जीवन प्रभावित हो सकता है।

इस राशि के जो जातक व्यापारिक साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं, उन्हें अपने साझेदार के साथ तालमेल बनाए रखने में कुछ चुनौतियों का सामना करने की आशंका नज़र आ रही है। व्यक्तिगत छवि, महत्वाकांक्षा और पेशेवर विकास पर ज़्यादा  ध्यान देने के चलते साझेदारी में असंतुलन उत्पन्न हो सकता है। साथ ही व्यवसाय को ज़्यादा समय देने के चलते आप अपने पार्टनर की भावनाओं को अनदेखा भी कर सकते हैं।

काम का बोझ ज़्यादा होने के चलते यात्रा योजनाएं भी स्थगित या रद्द हो सकती हैं। ऐसे में समय निकालकर जीवनसाथी के साथ प्रकृति के बीच कुछ समय बिताना आपके रिश्ते के लिए शुभ रहने वाला है।

इसके अलावा, नींद से संबंधित दिक्कतें भी आपको परेशान कर सकती हैं, इसलिए पर्याप्त आराम और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

उपाय: अपने आसपास जरूरतमंद महिलाओं को दान दें और जितना हो सके उनकी सहायता करें।

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र आपके लग्नेश बृहस्पति का मित्र ग्रह नहीं माना जाता है। शुक्र आपके षष्ठ भाव और एकादश भाव का स्वामी है। ये दोनों भाव प्रतिस्पर्धा, विरोधियों, ऋण, रोग तथा इच्छाओं और लाभों से संबंधित माने गए हैं।

वैदिक ज्योतिष में एकादश भाव को भावात् भावम् सिद्धांत के अनुसार षष्ठ भाव का षष्ठ माना जाता है, इसलिए यह विरोधियों और प्रतिस्पर्धा से भी जोड़कर देखा जाता है।

अब शुक्र आपके एकादश भाव में अस्त होने जा रहे हैं। यह स्थिति इस बात के संकेत दे रही है कि इस दौरान आपको भाग्य का साथ मिलेगा जिससे आपके शत्रु और प्रतिस्पर्धी आपको नुकसान पहुंचाने में असफल रहेंगे।

अगर आप लंबे समय से किसी स्वास्थ्य संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं और इलाज के बावजूद आपको अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा था, तो इस समय अवधि में आपको सही उपचार या समाधान प्राप्त होने की उच्च संभावना है।

इसके अलावा अगर कोई न्यायालयीन मामला, कानूनी विवाद या मुकदमा चल रहा है, तो यह समय उसे सुलझाने के लिए अनुकूल साबित होने वाला है क्योंकि परिस्थितियां आपके पक्ष में रहने के संकेत दे रही हैं।

किसी कठिन समस्या के समाधान के लिए पिता या पिता तुल्य लोगों का मार्गदर्शन आपके लिए शुभ साबित होगा। हालांकि दूसरी ओर बड़े भाई-बहन, मामा या पिता के साथ अहंकार के चलते टकराव की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है।

पिता आपके निवेश, भौतिक इच्छाओं या मित्र मंडली पर नियंत्रण रखने का प्रयास कर सकते हैं, जिससे आप दोनों के बीच मतभेद पैदा हो सकता है।

आर्थिक दृष्टि से यह समय पूरी तरह अनुकूल नहीं कहा जा सकता। निवेश करते समय सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी क्योंकि वित्तीय मामलों में चुनौतियां सामने आ सकती हैं। साथ ही अपनी कुछ इच्छाओं और योजनाओं को भी फिलहाल स्थगित भी करना पड़ सकता है।

उपाय: शुक्रवार के दिन माता वैभव लक्ष्मी की पूजा करें, उनका व्रत रखें तथा उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करें।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए शुक्र एक योगकारक ग्रह है और आपकी कुंडली के सबसे शुभ ग्रहों में से एक माना जाता है। शुक्र आपके पंचम भाव और दशम भाव का स्वामी भी है।

दशम भाव कर्म, करियर, व्यवसाय, नौकरी, प्रतिष्ठा और पेशेवर उपलब्धियों का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं पंचम भाव शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध, बुद्धि, रचनात्मकता और भविष्य की सफलता से जुड़ा होता है।

इस अवधि में शुक्र आपके दशम भाव में अस्त होने जा रहा है। यह स्थिति इस बात के संकेत दे रही है कि कार्यक्षेत्र में कुछ अनिश्चितताएं और छिपे हुए विरोधियों के चलते आपके पेशेवर जीवन पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। करियर में अपेक्षित प्रगति प्राप्त करने में बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है।

इसके अलावा इस राशि के विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से भटक सकता है, जिसके चलते उनकी शैक्षणिक उपलब्धियां प्रभावित हो सकती हैं।

प्रेम संबंधों में कुछ जातकों को भावनात्मक दूरी, प्रेम और सामंजस्य की कमी महसूस हो सकती है। साथी से कुछ बातें छिपाना या बातचीत की कमी रिश्तों में तनाव का कारण बन सकती है।

माता-पिता को अपनी संतान के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्क रहने की सलाह दी जाती है, क्योंकि आकस्मिक घटनाओं या चोट लगने की आशंका बनती नज़र आ रही है।

इस राशि की वो महिलाएँ जो गर्भवती हैं उनको भी इस अवधि में ज़्यादा सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी तथा स्वास्थ्य संबंधी किसी भी लापरवाही से भी आपको बचने की सलाह दी जाती है।

उपाय: कार्यस्थल पर महिलाओं का सम्मान करें तथा अपने कार्यस्थल में श्री यंत्र स्थापित करें।

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए शुक्र भी एक योगकारक ग्रह है क्योंकि यह एक केंद्र भाव और एक त्रिकोण भाव का स्वामी है।

शुक्र आपके चतुर्थ भाव का स्वामी है, जो माता, घर, संपत्ति, सुख-सुविधाओं, मातृभूमि और मानसिक शांति का प्रतिनिधित्व करता है। यह कुंडली का ऐसा भाव है जहां व्यक्ति ख़ुद को सबसे ज़्यादा सुरक्षित, सुखी और संतुष्ट महसूस करता है।

साथ ही शुक्र आपके नवम भाव का भी स्वामी है, जो भाग्य, धर्म, उच्च शिक्षा, लंबी यात्राओं, पिता, गुरु, मार्गदर्शक और आध्यात्मिक ज्ञान से संबंधित होता है।

अब शुक्र आपके नवम भाव में ही अस्त होने जा रहा है। ऐसे में यह अवधि आपके लिए कुछ चुनौतियां लेकर आ सकती है और आपको ऐसा महसूस हो सकता है कि भाग्य आपका साथ नहीं दे रहा है।

शुक्र अस्त की अवधि में आपकी घरेलू सुख-शांति भी प्रभावित हो सकती है। इस राशि की विवाहित जातकों के जीवनसाथी और माता-पिता के बीच मतभेद या अहंकार संबंधित टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

अगर आप अविवाहित हैं, तो विवाह के लिए आपकी पसंद या निर्णय को परिवार की स्वीकृति न मिल पाने के चलते घर में तनाव और विवाद की स्थिति बन सकती है।

स्वास्थ्य की दृष्टि से बात करें तो पेट संबंधी कुछ समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन या छाती से संबंधित संक्रमण इस समय आपको परेशान कर सकते हैं।

इसके अलावा माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी आपको विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत होगी क्योंकि इस दौरान उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा।

उपाय: अपने अंगूठे में चांदी की अंगूठी धारण करें।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए शुक्र बहुत अधिक अनुकूल ग्रह नहीं माना जाता क्योंकि यह आपके लग्नेश बृहस्पति का शत्रु ग्रह है। शुक्र आपके तृतीय भाव और अष्टम भाव का स्वामी है।

तृतीय भाव साहस, पराक्रम, प्रयास, संचार कौशल, परिवर्तन, छोटी यात्राओं तथा विशेष रूप से छोटे भाई-बहनों का प्रतिनिधित्व करता है। वहीं अष्टम भाव आयु, अचानक होने वाली घटनाओं, रहस्यों, शोध तथा जीवन की चुनौतियों से जुड़ा होता है।

वर्तमान में शुक्र आपके अष्टम भाव में अस्त हो रहा है। यह स्थिति दर्शाती है कि इस दौरान आपके छोटे भाई-बहनों को जीवन में कुछ कठिनाइयों या स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही आपकी उनके साथ मतभेद या विवाद होने की भी आशंका है।

हालांकि इस गोचर का एक सकारात्मक पक्ष भी है। अष्टमेश शुक्र के अस्त होने से जीवन में आने वाली अचानक परेशानियों, अनिश्चितताओं और अप्रत्याशित समस्याओं से आपको छुटकारा मिलेगा।

वहीं दूसरी तरफ़ ऋण, कानूनी विवाद या वित्तीय उलझनों के कारण जीवनसाथी के साथ साझा संपत्ति या संयुक्त धन को लेकर चुनौतियां सामने आ सकती हैं। ऐसे मामलों में आर्थिक नुकसान की आशंका भी बन रही है।

ससुराल पक्ष के साथ संबंधों में तनाव या मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, इसलिए व्यवहार में संयम और धैर्य बनाए रखना आवश्यक होगा।

उपाय: प्रतिदिन श्रद्धापूर्वक महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र का पाठ करें।

मीन साप्ताहिक राशिफल

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हम आशा करते हैं कि आपको ये आर्टिकल पसंद आया होगा। एस्ट्रोसेज के साथ जुड़े रहने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद!

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. शुक्र तुला राशि में अस्त कब होंगे?

शुक्र देव 19 अक्टूबर 2026 को तुला राशि में अस्त हो जाएंगे।

2.  तुला राशि के स्वामी कौन हैं?

तुला राशि के स्वामी ग्रह शुक्र देव हैं।

3. तारा डूबना किसे कहते हैं?

शुक्र ग्रह के अस्त होने को तारा डूबना भी कहा जाता है।

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