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सूर्य का कन्या राशि में गोचर - 17 सितम्बर, 2019

वैदिक ज्योतिष के अनुसार सूर्य ग्रह सभी ग्रहों का राजा है। इसलिए सूर्य से प्रभावित जातक राजकीय कार्यों में सफलता पाते हैं। सूर्य देव एक दिन में लगभग 1 डिग्री चलते हैं और इस प्रकार एक माह अर्थात 30 दिन में अपना राशि परिवर्तन करते हैं। सूर्य के एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करने को ही संक्रांति कहा जाता है। चूंकि सूर्य आत्मा, पिता, मान-सम्मान और उच्च सरकारी सेवा का कारक माना जाता है इसलिए सूर्य के गोचर का प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। सूर्य के शुभ प्रभाव से व्यक्ति को सरकारी और अन्य सेवाओं में बड़े पदों की प्राप्ति होती है। यह सिंह राशि का स्वामी है और मेष राशि में उच्च अवस्था में माना जाता है, जबकि तुला इसकी नीच राशि है। जन्म कुंडली में सूर्य के अनुकूल होने से जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है और व्यक्ति राजा के समान यश, मान, सम्मान और प्रसिद्धि प्राप्त करता है।

सूर्य के गोचर का प्रभाव

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को जगत पिता कहा गया है। सूर्य के बिना पृथ्वी पर मानव जीवन का अस्तित्व संभव नहीं है। इसकी शक्ति से समस्त ग्रह चलायमान हैं। वैदिक ज्योतिष में सूर्य आत्मा, पिता, पूर्वज, उच्च सरकारी सेवा और राज शाही गौरव आदि का कारक कहा जाता है। सूर्य के शुभ प्रभाव से हर तरह की सेवाओं में उच्च पद की प्राप्ति होती है और व्यक्ति वैभवशाली जीवन व्यतीत करता है। वहीं सूर्य के अशुभ प्रभाव से मान-सम्मान में कमी, पिता को कष्ट और नेत्र पीड़ा की संभावना रहती है। अब यही सूर्य देव 17 सितम्बर 2019, मंगलवार को सूर्य दोपहर 12:43 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा और 18 अक्टूबर 2019, शुक्रवार 00:41 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा।

सूर्य के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर होगा। आईये इस राशिफल के माध्यम से डालते हैं उन प्रभावों पर एक नज़र...

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यह राशिफल चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैल्कुलेटर

Surya ka Kanya rashi mein gochar

मेष

सूर्य आपकी राशि के लिए पंचम भाव का स्वामी है और आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। छठे भाव में सूर्य का गोचर शुभ माना जाता है। इस भाव के द्वारा हम अपने विरोधी, अपने शत्रु, अपनी संघर्ष क्षमता, नौकरी, बीमारियाँ, कंपटीटिव एग्जाम, बैंक लोन, मामा पक्ष, आदि के बारे में जान सकते हैं। इस भाव में सूर्य का जाना आपके लिए कई परेशानियों से मुक्ति दिलाने वाला साबित होगा। कोर्ट कचहरी से जुड़े मामलों में आप सफलता के नए आयाम लिखेंगे और आपको इन सब में लाभ होगा। आपके खर्चे ज़रूर बढ़ जाएंगे लेकिन नौकरी और कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा बढ़ेगा। आपके विरोधी आपके सामने आने की हिम्मत नहीं कर पाएंगे और इसलिए भी यह गोचर आपके लिए काफी सकारात्मक साबित होगा। हालांकि इस दौरान आपके साहस और बल में वृद्धि होगी तथा किसी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी का एग्जाम दिया हुआ है तो उसमें सफलता मिलने से मन में हर्ष होगा। कार्यस्थल पर आप के वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे और जरूरत पड़ने पर आवश्यक सहयोग भी करेंगे। इस दौरान आपके स्वास्थ्य में लाभ होगा और आप काफी चुस्त दुरुस्त महसूस करेंगे। सरकारी क्षेत्र से या सरकार की किसी योजना से आपको लाभ मिलेगा और आपके निजी जीवन में ख़ुशियाँ बनी रहेंगी। आपको संतान की प्रगति होगी और उनकी प्रगति से आपका मन प्रसन्नचित्त रहेगा।

उपाय: रात्रि में ताँबे के पात्र में जल भरकर सिरहाने रख दें तथा अगले दिन प्रातः काल उसे पिए।

वृषभ

सूर्य देव आपके चतुर्थ भाव के स्वामी हैं और इस दौरान आपके पंचम भाव में गोचर करेंगे। पंचम भाव हमारे जीवन का महत्वपूर्ण भाव है। इसे लक्ष्मी स्थान भी कहा जाता है। इस भाव के द्वारा हमारी शिक्षा, संतान, प्रेम संबंध, बुद्धि एवं विवेक तथा हमारे रुझान पता चलते हैं। सूर्य का गोचर इस भाव में होने के कारण आपको कुछ कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है जिनमें मुख्य रूप से आप असमंजस की स्थिति में रहेंगे जिसके कारण किसी प्रकार के महत्वपूर्ण निर्णय लेने में आपको समस्या आ सकती है। संतान का स्वास्थ्य चिंतित कर सकता है और इसलिए आप अधिक गंभीर रहेंगे और उनके स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे। हालांकि उन्हें अपने करियर में ज़बरदस्त सफलता मिलने के योग बनेंगे। आपके कार्यक्षेत्र में स्थितियाँ बदल सकती हैं और आपका अपने वरिष्ठ अधिकारियों से तालमेल बिगड़ सकता है। बेहतर यही है कि उनसे अच्छे संबंध कायम रखें तभी आप कुछ अच्छे की उम्मीद लगा सकते हैं। समाज के कुछ लोगों से आपका वाद विवाद हो सकता है, अतः सावधान रहें। इस गोचर का अनुकूल परिणाम आपके जीवनसाथी को भी प्राप्त होगा और उन्हें आंशिक रूप से धन लाभ होगा तथा उनके माध्यम से आपको भी धन लाभ होने की संभावना बनेगी। इस दौरान की गई यात्राएं आपके लिए अधिक शुभ फलदायक नहीं होंगी इसलिए यात्रा के दौरान थोड़ा ध्यान रखें तथा कुछ यात्राओं को आगे के लिए टाल दें।

उपाय: आदित्य हृदय स्तोत्र का नियमित पाठ करें।

मिथुन

आपके लिए सूर्य देव तीसरे भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के दौरान आपकी राशि से चतुर्थ भाव में प्रवेश करेंगे। चतुर्थ भाव के द्वारा जीवन में सभी प्रकार के सुख और सुविधाओं का आकलन किया जाता है। इसके अतिरिक्त व्यय भाव हमारी मां, चल और अचल संपत्ति तथा वाहन के बारे में भी बताता है। सूर्य के इस गोचर के परिणाम स्वरूप आपकी पारिवारिक स्थिति में उतार चढ़ाव आएगा। आपका रवैया परिवार के लोगों को पसंद नहीं आएगा और उसकी वजह होगी कि आप अपने आप को सबसे श्रेष्ठ साबित करना चाहेंगे और साथ ही यह भी चाहेंगे कि लोग आपकी बात ही मानें और आपके अनुसार कार्य करें। आपको अपनी इस आदत से बचने का प्रयास करना चाहिए। इस दौरान मानसिक तनाव में वृद्धि होगी तथा आपका स्वास्थ्य कुछ कमजोर पड़ सकता है। माता जी के स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी आपके लिए आवश्यक होगा। इस तनाव को दूर करने के लिए आप मनोरंजन का सहारा ले सकते हैं अथवा अपने परिवार को कहीं घुमाने लेकर जा सकते हैं। घरेलू मुद्दे ही आपका अधिकांश समय चाहेंगे इसलिए इनका जल्द से जल्द निपटारा आपके लिए बेहतर होगा। वैवाहिक जीवन में भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है हालांकि आपके जीवनसाथी को कार्यक्षेत्र में ज़बरदस्त सफलता एवं पदोन्नति मिलने के योग बनेंगे।

उपाय: भगवान विष्णु की उपासना करें।


कर्क

सूर्य देव आपके लिए द्वितीय भाव के स्वामी हैं और इस गोचर के दौरान आपकी राशि से तृतीय भाव में संचरण करेंगे। तीसरा भाव हमारे भाई-बहनों को और उनके साथ हमारे संबंधों को प्रदर्शित करता है। इसके अतिरिक्त हमारे परिश्रम, रूचि, छोटे भाई-बहन तथा छोटी दूरी की यात्राएं भी तृतीय भाव के द्वारा देखी जाती हैं। तीसरे भाव में सूर्य का गोचर अनुकूल माना जाता है। इस गोचर के परिणाम स्वरूप आप में चुनौतियों का सामना करने हेतु पर्याप्त आत्मबल होगा तथा आप किसी भी चुनौती को हाथों-हाथ लेंगे। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी यह गोचर आपको सकारात्मक परिणाम देगा तथा इस दौरान यात्राओं से आपको लाभ मिलेगा। आप अपने भाई बहनों की आर्थिक रूप से मदद भी करेंगे तथा उनकी सुख सुविधाओं का ध्यान रखेंगे। आप अपने लक्ष्य को पाने का हर संभव प्रयास करेंगे और उसके लिए ज़बरदस्त तरीके से मेहनत भी करेंगे। आपके कार्यों की प्रशंसा होगी और आपके वरिष्ठ अधिकारी भी आपसे खुश रहेंगे। आपके सामाजिक दायरे में बढ़ोतरी होगी और समाज के प्रतिष्ठित लोग आपके संपर्क में आएँगे। अपने मित्रों के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और विरोधियों पर आपका डर बना रहेगा। समाज में मान और यश की प्राप्ति होगी तथा कार्य क्षेत्र में भी उत्तम परिणामों की प्राप्ति होने की प्रबल संभावना बनेगी। अपने आसपास के लोगों के प्रति आपका व्यवहार काफ़ी अनुकरणीय रहेगा।

उपाय: “ॐ घृणि सूर्याय नमः’’ मंत्र का जाप करें।

सिंह

सूर्य आपकी ही राशि के स्वामी हैं और इस दौरान आपके द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। दूसरा भाव हमारी वाणी का भाव कहा गया है। इस भाव के द्वारा हमारा कुटुंब, हमारा संचित धन, हमारा मुख, हमारा भोजन तथा प्रारंभिक शिक्षा के बारे में जाना जा सकता है। दूसरे भाव में सूर्य का गोचर अधिक अनुकूल नहीं होता इसलिए इस दौरान आपको थोड़ा देखभाल कर चलना होगा। अपने शब्दों में कड़वाहट और कटुता से आपको बचना होगा और किसी को भी अपशब्द नहीं बोलने, जिससे उनकी भावना आहत हो बल्कि सभी से प्रेम पूर्वक वार्तालाप करना बेहतर रहेगा। इस दौरान एक ओर आपकी मानसिक चिंताएं बढ़ेगी तो दूसरी ओर शारीरिक समस्याओं का सामना भी आपको करना पड़ सकता है। सिर दर्द, बुखार, अधिक गर्मी लगना, आंखों में संक्रमण जैसी समस्याओं से दो-चार होना पड़ सकता है। आपके पारिवारिक जीवन में कुटुंब के लोगों में किसी बात को लेकर झगड़ा हो सकता है, इस दौरान आपको मध्यस्थ की भूमिका निभा कर झगड़े को समाप्त करवाना चाहिए। इस दौरान जीवनसाथी का स्वास्थ्य भी कमजोर रहने की संभावना है, इसलिए उनका भी पूरा ध्यान रखें। धन संबंधित मामलों में सोच समझ कर ही हाथ डालें और पूरी समझदारी बरतें। आपको अपने निकटतम रिश्तेदारों तथा मित्रों से भी व्यर्थ वाद विवाद से बचना चाहिए क्योंकि ज्यादा तूल देने से ऐसे मामले बढ़ सकते हैं और ऐसी स्थिति में आपको ही परेशानी होगी। पारिवारिक मामलों के कारण आपका मानसिक तनाव बढ़ सकता है, इसके लिए आपको मनोरंजन का सहारा लेना चाहिए तथा स्वयं को व्यस्त रखना चाहिए।

उपाय: अपने हाथ में मौली अर्थात कलावा छह बार लपेट कर बाँधे।


जानें विभिन्न भावों में सूर्य का प्रभाव: ज्योतिष में सूर्य ग्रह

कन्या

सूर्य आपके द्वादश भाव के स्वामी हैं और आपकी राशि में ही गोचर करेंगे अर्थात यह आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव में गोचर करेंगे। प्रथम भाव काफी महत्वपूर्ण भाव है क्योंकि इसी के द्वारा हमारा व्यक्तित्व निर्मित होता है। इस भाव के द्वारा हमारा शरीर, शारीरिक रंग-रूप एवं बनावट, समाज में हमारा चेहरा, हमारा दिमाग, हमारा मान सम्मान और स्वास्थ्य को देखा जाता है। चंद्र राशि पर सूर्य का गोचर अधिक अनुकूल नहीं माना जाता और इस दौरान आपको धन संबंधित मामलों में कोई ना कोई समस्या आ सकती है। साथ ही यदि आप कोई गलत कार्य करते हैं, तो इस दौरान समाज में आपका नाम खराब हो सकता है। स्वास्थ्य से संबंधित तकलीफ़ें आ सकती हैं। तेज बुखार, चित्त की व्याकुलता, अधिक मानसिक तनाव, अनिर्णय की स्थिति, जैसी कुछ समस्याएं आपके सामने आ सकती हैं, इसलिए अपनी सेहत का पूरा ध्यान रखें। अपने आलस्य को दूर रखने में आपको वक्त नहीं लगाना चाहिए, अन्यथा समस्या बढ़ सकती हैं और आप अपने मुख्य कार्यों से वंचित हो सकते हैं। कार्य एवं व्यवसाय के सिलसिले में आपको परिवार से कुछ समय के लिए दूर जाना पड़ सकता है, वहीं तनाव और अहम की भावना आपके जीवन को प्रभावित करेगी और उसका सबसे अधिक असर आपके स्वास्थ्य तथा आपके दांपत्य जीवन पर पड़ सकता है। इस दौरान विदेश में रह रहे जातकों अथवा विदेशी कंपनियों में काम करने वाले लोगों को अधिक लाभ मिलने की संभावना रहेगी।

उपाय: प्रतिदिन गायत्री मंत्र का जाप करें।

तुला

सूर्य आपकी राशि से एकादश भाव के स्वामी होकर इस गोचर के दौरान आपके द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। यह भाव हमारा हानि अथवा व्यय भाव कहलाता है। इस गोचर का सबसे अनुकूल प्रभाव यह होगा कि आपको विदेश जाने का मौका मिल सकता है और यदि आप इस सिलसिले में पहले से ही प्रयास कर रहे हैं तो आपको सफलता मिल सकती है। वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है, इसलिए आपको बिल्कुल भी लापरवाही स्वास्थ्य संबंधी मामलों में नहीं करनी चाहिए। कार्य में अधिक व्यस्तता भी परिवार से दूरी का कारण बन सकती है। आप किसी रमणीय स्थल की यात्रा या किसी हिल स्टेशन पर जा सकते हैं। यात्रा के दौरान आपको सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। इस अवधि में आपके ख़र्चों में अधिक वृद्धि हो जाएगी जिस पर संतुलन बिठाना आवश्यक होगा अन्यथा आर्थिक स्थिति पर बुरा असर पड़ेगा। इस गोचर के दौरान कोई भी ऐसा कार्य न करें, जिसका परिणाम आपके मान की हानि हो। आपको अपने विरोधियों से भी सावधान रहना चाहिए और जो आपके अपने आपसे धन की मांग कर रहे हैं, उन्हें भी अपना धन उधार देने से बचना चाहिए। यदि अपने दोस्तों के साथ कोई मनमुटाव हो तो उसे तुरंत दूर कर लें और बात को अधिक न बढ़ाएं। मल्टीनेशनल कंपनी में कार्य करने वाले लोगों को अच्छा लाभ मिल सकता है।

उपाय: गेहूं, तांबा एवं गुड़ का दान करें।

वृश्चिक

आपके लिए सूर्य देव दशम भाव के स्वामी हैं और अपने इस गोचर के दौरान सूर्य आपकी राशि से एकादश भाव में संचरण करेंगे। एकादश भाव वृद्धि का स्थान है, इसलिए इस भाव में सूर्य का गोचर बदलाव का संकेत देता है। इसके अतिरिक्त इस भाव के द्वारा हमारे बड़े भाई बहन, वरिष्ठ अधिकारी, महत्वाकांक्षाएं तथा आय के स्रोत का पता लगते हैं। सूर्य का यह गोचर आपके लिए काफी सकारात्मक रहेगा और आपको एक से अधिक स्रोतों से लाभ मिलने की आशा करनी चाहिए। इस दौरान आपकी आमदनी में ज़बरदस्त वृद्धि होगी और ख़र्चों पर अंकुश लगेगा, जिससे आप अपनी आर्थिक स्थिति को सुधार पाने में सफल होंगे। आप अपने शत्रुओं पर विजय प्राप्त करेंगे और वह आपके सामने आने की हिम्मत नहीं जुटा पाएंगे। दान, धर्म, पुण्य आदि कार्यों में आप का बहुत मन लगेगा। अपने वरिष्ठ अधिकारियों के सहयोग से आप जीवन में आगे बढ़ेंगे और लाभ प्राप्ति की संभावनाओं को तलाशेंगे। इस दौरान कोई बड़ी उपलब्धि हाथ लग सकती है। अपने पिता का पूरा सम्मान करें और उनसे आशीर्वाद लें क्योंकि उनकी प्रेरणा से आपको कोई अच्छा लाभ मिल सकता है। प्रेम संबंधों में कुछ कमी आ सकती है और आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि आपका प्रियतम किसी बात को लेकर नाराज़ तो नहीं है अन्यथा रिश्ते में अलगाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। सरकारी क्षेत्र से लाभ मिलने की पूरी संभावना बनेगी। किसी दीर्घावधि की परियोजना में आपको अत्यधिक लाभ प्राप्त होगा।

उपाय: लाल चन्दन को घिस कर स्नान के जल में मिलाएँ और उसी जल से स्नान करें।


सूर्य देव की अनुकूलता पाने के लिए स्थापित करें सूर्य यंत्र

धनु

सूर्य आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। यह आपके नवम भाव का स्वामी है। दशम भाव को कर्म भाव भी कहा जाता है क्योंकि इसके द्वारा आपका प्रोफेशन निर्धारित होता है। दशम भाव में सूर्य को अधिक बल प्राप्त होता है इसलिए यह आपके कर्म भाव को मजबूत बनाएगा अर्थात इस दौरान आपको अपनी नौकरी में अनुकूलता मिलेगी और पदोन्नति के अवसर प्राप्त होंगे। आपकी आमदनी में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी साख मजबूत होगी। इस दौरान सरकार से अर्थात सरकारी क्षेत्र से किसी प्रकार का लाभ मिलने के अच्छे संकेत दिखाई देते हैं। केवल यही नहीं स्वास्थ्य और आर्थिक दृष्टिकोण से आपके लिए ये गोचर अत्यधिक शुभ रहने की ओर इंगित कर रहा है। समाज में आपका रुतबा बढ़ेगा और प्रभावशाली हस्तियों से आपके संपर्क बनेंगे जो आने वाले समय में आपके भाग्य को मजबूत बनाने में आपकी सहायता करेंगे। इस दौरान आपको अपने भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और जिस काम में आप हाथ डालेंगे, उसी में सफलता अर्जित करेंगे। पारिवारिक जीवन में थोड़ी अशांति ज़रूर रह सकती है। नौकरी में मनचाहा ट्रांसफर अथवा स्थान परिवर्तन के योग भी बन सकते हैं, यह परिवर्तन आपको सफलता की ऊँचाइयों पर लेकर जाएगा। आपको अपने पिताजी के साथ संबंधों में मधुरता बनाए रखने का प्रयास करना चाहिए। इससे जितना आपके पिताजी से आपके संबंध बेहतर होंगे और आप उनकी इज़्ज़त करेंगे, उतना ही आपके कार्य और व्यवसाय में उन्नति होगी।

उपाय: लाल गाय को रविवार के दिन दोपहर के समय दोनों हाथों में गेहूँ भरकर खिलाएँ।

मकर

सूर्य आपके अष्टम भाव का स्वामी होकर आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। नवम भाव को हमारे भाग्य के स्थान के रूप में जाना जाता है। इस भाव के द्वारा धार्मिक मान्यताओं, सुदूर यात्राएं, तीर्थाटन, गुरु एवं गुरु तुल्य लोग, समाज में मान सम्मान आदि के बारे में जाना जाता है। सूर्य के नवम भाव में गोचर करने का प्रभाव सबसे पहले आपके पिताजी के स्वास्थ्य पर पड़ेगा और उन्हें स्वास्थ्य संबंधित समस्याएं होने की संभावना रह सकती है। इस अवधि में आपको थोड़ा उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। अचानक से कुछ काम बनते बनते रह सकते हैं और कुछ काम अचानक से बन सकते हैं। इस दौरान आपको कुछ भी ऐसा करने से बचना चाहिए जो विधि एवं कानून के विरुद्ध हो, अन्यथा आपकी मानहानि होने की संभावना बनेगी। धन संबंधित मामलों में लेन देन के समय काफी सावधानी बरतें क्योंकि धन की हानि हो सकती है। संभव हो तो इस अवधि में किसी को अपना धन देने से बचें। अपने स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखें क्योंकि स्वास्थ्य संबंधित कुछ तकलीफें परेशान कर सकती हैं। किसी भी प्रकार के तनाव को स्वयं पर हावी ना होने दें और मानसिक तनाव से मुक्ति पाने के लिए योग एवं ध्यान का सहारा लें। इस दौरान ऐसा मुमकिन है कि किसी खास मुद्दे पर आपका वरिष्ठ लोगों से वैचारिक मतभेद हो जाए। अपने कार्य क्षेत्र में सफलता पाने के लिए आपको एड़ी से चोटी तक का जोर लगाना पड़ेगा और खूब पसीना बहाना पड़ेगा। अचानक से किसी यात्रा पर जाना पड़ सकता है। इस दौरान पैतृक संपत्ति मिलने की संभावना काफी प्रबल है।

उपाय: पिता का सम्मान करें और प्रातः काल जल्दी उठे।

कुंभ

सूर्य आपकी राशि से अष्टम भाव में गोचर करेगा। यह आपके सप्तम भाव का स्वामी है। अष्टम भाव को वैदिक ज्योतिष में काफी रहस्यमय माना गया है। इसके द्वारा जीवन में आने वाले बड़े बदलाव, आध्यात्मिकता, जीवन का संघर्ष और रुकावटें, अप्रत्याशित लाभ एवं हानि, ससुराल पक्ष आदि के बारे में जाना जाता है। अष्टम भाव में सूर्य के जाने से इस अवधि में आपको किसी वाद विवाद का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि आपको बात को बढ़ने से रोकने का प्रयास करना चाहिए। दांपत्य जीवन में भी तनाव बढ़ सकता है और संभावना है कि आपका अपने जीवनसाथी अथवा ससुराल पक्ष के लोगों से मनमुटाव हो। इस दौरान आपके शत्रु प्रबल हो सकते हैं, इसलिए उनके प्रति सचेत रहें। अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें और किसी भी रोग की स्थिति में तुरंत डॉक्टरी परामर्श लें। इस दौरान किसी भी तरह के गैर कानूनी कार्यों से दूर रहें और अपने जीवन साथी के स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखें। अनचाहे खर्चे भी आपको उठाने पड़ सकते हैं। इसका असर आपकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल रूप से पड़ सकता है। इसलिए खर्च और आमदनी में बेहतर तालमेल बनाए रखने का प्रयास करें ताकि आप किसी भी प्रकार की समस्या में ना उलझ जाएं और धन की बचत करने पर जोर डालें। व्यावसायिक साझेदार से भी अच्छा व्यवहार बनाए रखें।

उपाय: रविवार के दिन लाल चन्दन मिले हुए जल से सूर्य देव को अर्घ्य दें।

मीन

सूर्य आपकी राशि के लिए षष्ठम भाव का स्वामी है और अपने इस गोचर के दौरान आपकी राशि से सप्तम भाव में जाएगा। सप्तम भाव जीवन में लंबे समय तक चलने वाले रिश्तों को बताता है और इसके साथ साथ आपके विवाह पर भी दृष्टि डालता है। आपका जीवन साथी, आप का व्यावसायिक साझेदार, आपका इंपोर्ट-एक्सपोर्ट का व्यापार, आपकी समाज में छवि, आदि के बारे में सप्तम भाव के द्वारा ही पता चलता है। इस गोचर की अवधि में दांपत्य जीवन में तनाव बढ़ने की संभावना काफी प्रबल रहेगी और आपके अपने जीवनसाथी से मतभेद हो सकते हैं। आपके रिश्ते में तनाव की वजह होगी अहम की लड़ाई, जिस को नियंत्रण में रखने के लिए आप दोनों को ही प्रयास करना चाहिए। इस गोचर के दौरान आपके जीवनसाथी और उनके साथ ही साथ आपकी संतान के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए इन सभी की सेहत का ध्यान रखें। व्यापार के लिए परिस्थितियां अभी आपके अनुकूल नहीं हैं, लिहाजा बिज़नेस के मामले में कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचना चाहिए। अपने व्यावसायिक साझेदार से अच्छा व्यवहार बनाए रखना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए, लेकिन दूसरी ओर खुशी की बात यह है कि यदि आप किसी प्रकार की नौकरी करते हैं, तो आपको कोई शुभ समाचार मिल सकता है, जिसके बाद आपके चेहरे की रौनक देखते ही बनेगी। इस समय अंतराल में यदि आप किसी यात्रा पर जा रहे हैं, तो थोड़ा सावधान रहें, विशेष रूप से अपने स्वास्थ्य के प्रति, क्योंकि आपको पेट दर्द, अपच, मानसिक तनाव और सिर दर्द जैसी समस्याएं घेर सकती हैं।

उपाय: प्रातः काल सूर्योदय के पूर्व उठें और लाल रंग के पुष्प वाले पौधों एवं वृक्षों को जल से सिंचित करें।

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