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सूर्य का कन्या राशि में गोचर (17 सितंबर, 2026)

सूर्य का कन्या राशि में गोचर: सूर्य जिसे ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों का राजा कहा जाता है। सूर्य, आत्मा, पिता, आरोग्यता, आत्मविश्वास और सरकारी क्षेत्र के कारक माने गए हैं। उनका गोचरीय बदलाव भी सब पर प्रभाव डालता है। ऐसे सूर्य ग्रह कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस लेख के माध्यम से हम जानेंगे कि 17 सितंबर 2026 से लेकर 17 अक्टूबर 2026 तक कन्या राशि में गोचर करने वाले सूर्य ग्रह आपको कैसे परिणाम दे सकते हैं? जी हाँ ग्रहों के राजा सूर्य 17 सितंबर 2026 को सुबह 07 बजकर 47 मिनट पर कन्या राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं।

सूर्य का कन्या राशि में गोचर

विद्वान ज्योतिषियों से फोन पर बात करें और जानें सूर्य का कन्या राशि में गोचर का अपने जीवन पर प्रभाव

सूर्य देव 17 सितंबर 2026 को स्वयं की राशि सिंह राशि को छोड़कर बुध ग्रह की दूसरी राशि कन्या राशि में गोचर करने जा रहे हैं। वैसे तो सूर्य और बुध आपस में मित्र हैं लेकिन तत्कालिकता के आधार पर बुध और सूर्य के बीच के संबंध 26 सितंबर 2026 तक ठीक नहीं रहेंगे। हालांकि नैसर्गिक रूप से मित्र होने के कारण इनके बीच कोई समस्या नहीं आएगी लेकिन फिर भी देखा जाय तो 17 सितंबर से 26 सितंबर के बीच परिणामों का ग्राफ थोड़ा सा कम रह सकता है।

इसके बाद जब बुध ग्रह अपनी राशि बदल देंगे और नैसर्गिक तथा तात्कालिक दोनों ही दृष्टिकोण से उनके संबंध मजबूत हो जाएंगे तब परिणामों का ग्राफ और भी बेहतर हो सकेगा। सूर्य के कन्या राशि में जाने का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा यह जानने से पहले यह जान लिया जाय कि कन्या राशि में सूर्य का गोचर भारतवर्ष के लिए कैसा रहेगा?

सूर्य का कन्या राशि में गोचर: भारतवर्ष पर प्रभाव:

भारतवर्ष के लिए देखें तो स्वतंत्र भारत की लग्न कुंडली के अनुसार सूर्य का गोचर पांचवे भाव में रहेगा। ऐसे में सूर्य का विशेष प्रभाव युवाओं और विद्यार्थियों से संबंधित मामलों की ओर रह सकता है। देश से जुड़े अन्य मामलों में कुछ असंतोष भी देखने को मिल सकता है। वहीं चंद्र कुंडली से गोचर को देखें तो सूर्य तीसरे भाव में रहेंगे और यह स्थिति, सूर्य के लिए काफी अच्छी स्थिति होगी। जो दूर संचार से संबंधित मामलों में अनुकूलता दे सकती है।

पड़ोसी राष्ट्रों के साथ वाद संवाद करने की जरूरत पड़ सकती है। इसी अवधि में नेताओं की कुछ गलतबयानियां भी सुर्खियां बटोरने का काम कर सकती हैं। किसी स्त्री से जुड़ा कोई मुद्दा या केश भी चर्चा का केंद्र बिंदु रह सकता है। सूर्य का यह गोचर तापमान में भी कुछ उधर चढ़ा दे सकता है। यातायात से जुड़े हुए मामले भी चर्चा का विषय बन सकते हैं। सूर्य के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या प्रभाव पड़ेगा आइए जानते हैं और सबसे पहले चर्चा करते हैं मेष राशि की।

Read Here In English: Sun Transit in Virgo

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी व्यक्तिगत चन्द्र राशि अभी जानने के लिए चंद्र राशि कैलकुलेटर का उपयोग करें

सूर्य का कन्या राशि में गोचर 2026: सभी राशियों पर प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में पंचम भाव का स्वामी होते हैं और वर्तमान में ये आपके छठे स्थान पर गोचर करने जा रहे हैं। यहां पर दो दृष्टिकोण हैं; पहला यह कि सूर्य का छठे भाव में जाना कैसे परिणाम देगा? तो सूर्य का छठे भाव में जाना सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला माना गया है लेकिन पंचम भाव के स्वामी के छठे भाव में जाना एक कमजोर बिंदु है। वैसे भी पंचम भाव पर राहु केतु का प्रभाव पहले से बना हुआ है। तो हो सकता है कि पंचमेश का छठे भाव में जाना प्रेम संबंध के मामले में अच्छे परिणाम न दे। यानी की प्रेम संबंधों में कठिनाई की संभावना रहेगी।

ऐसे में किसी भी अपनत्त्व वाले संबंधों को मेंटेन करने की जरूरत रह सकती है। विद्यार्थियों को भी अपेक्षाकृत अधिक मेहनत करने की जरूरत रहेगी लेकिन विद्यार्थियों के मामले में अनुकूल बात यह रहेगी कि प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं के मामले में विद्यार्थी अच्छा कर सकेंगे। यानी लगन के साथ पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को सूर्य का यह गोचर अच्छे परिणाम दिलाने में मददगार बनेगा। स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने में भी सूर्य गोचर आप का फ़ेवर कर सकता है। कम दूरी की यात्राओं में भी आपको अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। कहीं से कोई अच्छा समाचार भी सुनने को मिल सकता है।

दैनिक रोजगार, व्यापार व्यवसाय के मामले में भी काफी हद तक अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर कर सकेंगे। शासन प्रशासन से जुड़े मामलों में भी सूर्य का यह गोचर आपका अच्छा सपोर्ट कर सकेगा। यानी कि ज्यादातर मामलों में सूर्य का यह गोचर आपको अच्छे परिणाम देगा। सिर्फ प्रेम, संबंध, संतान और शिक्षा के मामले में सावधानी पूर्वक निर्वाह करने की स्थिति में ही अच्छे परिणाम मिल सकेंगे।

उपाय: उपाय के रूप में बंदरों को गेहूं और गुड़ खिलाना शुभता देगा।

मेष साप्ताहिक राशिफल

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में चौथे भाव के स्वामी होते हैं तथा वर्तमान में ये आपके पंचम भाव में गोचर करने वाले हैं। सूर्य के गोचर को पंचम भाव में सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से पंचम भाव और सूर्य पर शनि की दृष्टि भी रहेगी। ये मुख्य कारण हैं, जो सूर्य के पंचम भाव के गोचर को नकारात्मक दिशा में ले जाने का काम कर सकते हैं। वैसे पंचम भाव काल पुरुष की कुंडली में सूर्य का अपना भाव होता है; इसलिए सूर्य इस भाव को कोई बड़ी नकारात्मकता नहीं देते हैं लेकिन शनि के प्रभाव के चलते कभी कभार कुछ नकारात्मकता देखने को मिल सकती है।

ऐसे में यदि आप विद्यार्थी हैं तो आपको अपने सब्जेक्ट पर फोकस करने के लिए और मेहनत करनी पड़ सकती है। वहीं हर व्यक्ति को यह सलाह दी जाती है कि यदि किसी भी मामले में किसी भी तरीके की कोई कंफ्यूजन हो या कोई डाउट हो तो एक्सपर्ट एडवाइस जरूर ले लें। विद्यार्थी पढ़ाई पर लगातार ध्यान देते रहें। ऐसा करने से ही उन्हें बेहतर परिणाम मिल सकेंगे।

मित्रों के साथ संबंध बिगड़ने न पाए इस बात की कोशिश भी जरूरी रहेगी। घर गृहस्थी से संबंधित मामलों में किसी भी प्रकार के लापरवाही नहीं बरतनी है। क्योंकि चतुर्थेश इसकी स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। ऊपर से चतुर्थ भाव में राहु केतु का प्रभाव बना हुआ है। अतः सूर्य के इस गोचर से घर गृहस्थी पर और अधिक ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी। तनाव बढ़ाने की स्थिति में ध्यान, योग, मेडिटेशन इत्यादि करने से राहत मिलेगी।

उपाय: उपाय के रूप में सरसों के तेल की कुछ बंदे कच्ची मिट्टी में टपकना शुभ रहेगा।

वृषभ साप्ताहिक राशिफल

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मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में तीसरे भाव के स्वामी होते हैं तथा ये गोचरवश आपके चतुर्थ भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर चतुर्थ भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता ऊपर से शनि की दृष्टि भी सूर्य पर लगातार बनी रहेगी। क्योंकि तीसरे भाव के स्वामी होकर सूर्य चतुर्थ भाव में आए हैं अतः भाई बंधु और पड़ोसियों के साथ संबंधों को मेंटेन करने की भी जरूरत पड़ सकती है।

मन किसी बात को लेकर असंतुष्ट रह सकता है। कभी-कभार तनाव की स्थितियां भी देखने को मिल सकती हैं। विशेष कर घर परिवार का माहौल या गृहस्थी का माहौल थोड़ा सा तनाव दे सकता है। सूर्य का यह गोचर इस बात का संकेत कर रहा है कि यदि माता का स्वास्थ्य पहले से ही ठीक नहीं है तो इस अवधि में उन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता रहेगी।

आपको यदि हृदय या सीने के आसपास की कोई तकलीफ पहले से रही है तो इस गोचर की अवधि में उन स्वास्थ्य समस्याओं के प्रति लापरवाह बिल्कुल नहीं होना है। घरेलू विवाद हो या फिर जमीन जायदाद से संबंधित कोई मामला, इन सभी मामलों में बहुत ही शांति के साथ विवाद को शांत करने की जरूरत रहेगी। यदि सब कुछ पहले से शांत है तो कोई ऐसा विवाद उभरने न पाए इस बात को लेकर प्रयास जरूरी रहेगा। यानी कि इस तरह की समझदारियां दिखाते हुए और सधा हुआ बर्ताव करने की स्थिति में आप परिस्थितियों को विरुद्ध जाने से रोक सकेंगे।

उपाय: उपाय के रूप में गरीबों की यथाशक्ति मदद करें और अपनी सामर्थ्य के अनुसार उन्हें भोजन करवाएं।

मिथुन साप्ताहिक राशिफल

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में धन भाव के स्वामी होकर आपके तीसरे भाव में गोचर करने वाले हैं। तीसरे भाव में सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर बहुत अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है और दूसरे भाव के स्वामी का तीसरे भाव में जाना भी एक अच्छी स्थिति है लेकिन यहां पर दूसरे भाव में केतु के गोचर को अच्छा नहीं माना जाएगा और दूसरे भाव के स्वामी सूर्य पर शनि की दृष्टि को भी अच्छा नहीं माना जाएगा। यानी कि दूसरे भाव की स्थिति ठीक नहीं है लेकिन दूसरे भाव का स्वामी तुलनात्मक रूप से बेहतर हो रहा है। इसलिए परिणामों के भी बेहतर होने की उम्मीद है।

सीधे शब्दों में तीसरे भाव में सूर्य का गोचर अच्छा माना जाता है लेकिन अन्य स्थितियां अनुकूल नहीं है। इसलिए जिस लेवल के अच्छे परिणाम सूर्य को देना चाहिए शायद उस लेवल के अच्छे परिणाम सूर्य डिलीवर न कर सकें। इसके बावजूद भी सूर्य तुलनात्मक रूप से स्थितियों को बेहतर करने का प्रयास करेंगे। सूर्य का यह गोचर आपका कॉन्फिडेंस को बढ़ाने का काम करेगा। कहीं से कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कम दूरी की यात्राएं फायदेमंद रह सकती हैं।

आर्थिक मामले में भी यह आपको अच्छे परिणाम दे सकता है। क्योंकि दूसरे भाव का स्वामी होकर सूर्य मजबूत हो रहा है। फलस्वरूप पारिवारिक मामलों में भी अनुकूलता देखने को मिल सकती है। सूर्य का यह गोचर जमीन जायदाद से जुड़े मामलों में भी अच्छे परिणाम दिलवाने में मददगार बन सकता है। शासन प्रशासन से संबंधित कामों में भी आपको अच्छी अनुकूलता देखने को मिल सकती है।

उपाय: उपाय के रूप में पिता की सेवा करना अथवा पिता तुल्य व्यक्तियों की सेवा करना शुभ रहेगा।

कर्क साप्ताहिक राशिफल

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य आपके लग्न या राशि के स्वामी होते हैं तथा वर्तमान में ये आपके दूसरे भाव में गोचर करने वाले हैं। दूसरे भाव में सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता लेकिन बुध की राशि में होने के कारण सूर्य बहुत ज्यादा नुकसान नहीं करेंगे। फिर भी इस गोचर से मिलने वाले परिणामों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत तो रहेगी। सूर्य का यह गोचर आर्थिक मामलों में कुछ उतार-चढ़ाव दे सकता है। बीच-बीच में कुछ खर्च भी देखने को मिल सकते हैं लेकिन अनुकूल बात यह रहेगी कि व्यर्थ में धन खर्च नहीं होगा।

हो सकता है कि यह धन आप अपने परिजनों के हित के लिए खर्च करें या अन्य जरूरी मामलों में खर्च करें लेकिन परिजनों के लिए खर्च करने के बावजूद भी परिजनों के द्वारा आपके प्रयासों को नजरअंदाज किया जा सकता है। शायद इस बात को लेकर आपके मन में कुछ खिन्नता भी रहे, इसके बावजूद भी आपको पारिवारिक सामंजस्य बिठाने की कोशिश करनी होगी। इस अवधि में खान-पान पर संयम रखना भी जरूरी रहेगा। साथ ही साथ अपनी आंखों की सुरक्षा को लेकर के भी जागरूक रहना जरूरी है। क्योंकि आंखों में जलन चोट लगने जैसी शिकायत भी देखने को मिल सकती है। यानी इस गोचर की अवधि में कई मामलों में विशेष ख्याल रखने की जरूरत रहेगी। तभी स्थितियां नियंत्रण में हो सकेंगी।

उपाय: उपाय के रूप में किसी धार्मिक स्थान पर जाकर वहां नारियल चढ़ाना अथवा बादाम चढ़ाना शुभ रहेगा।

सिंह साप्ताहिक राशिफल

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए सूर्य आपकी कुंडली में द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और द्वादश भाव के स्वामी होते हुए ये आपके प्रथम भाव में गोचर करने वाले हैं। पहले भाव में सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता है। ऊपर से द्वादश भाव का स्वामी होकर सूर्य पहले भाव में आया है। यह भी एक कमजोर स्थिति है। सूर्य पर शनि की दृष्टि है, तो स्वाभाविक है कि आपकी लग्न पर भी शनि की दृष्टि है। इस तरह से सूर्य का यह गोचर अनुकूलता देने में काफी हद तक पीछे रह सकता है। इसलिए इस अवधि में अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखना है।

स्वास्थ्य को लेकर किसी भी तरह के लापरवाही उचित नहीं रहेगी। सिर दर्द, बुखार या चोट लगने जैसे घटनाक्रम हो सकते हैं। यदि आपकी कुंडली में दशाएं भी अनुकूल नहीं है तो आपको विशेषतौर पर सावधानी बरतने की जरूरत रहेगी। वहीं यदि दशाएं अनुकूल चल रही हैं, तो यह गोचर मामूली सी परेशानी देकर शांत हो सकता है। यानी कि इस गोचर को सामान्य तौर पर अच्छा नहीं माना जाएगा।

इस गोचर की अवधि में स्वयं के भीतर क्रोध और अहंकार को बढ़ाने से भी रोकने की जरूरत रहेगी। शासन प्रशासन से जुड़े हुए लोगों के साथ अपने संबंधों को मेंटेन करने की जरूरत रहेगी। साथ ही साथ उचित खान-पान भी अपनाने की जरूरत रहेगी। अर्थात इन सावधानियां को अपनाकर के ही आप स्थितियों पर नियंत्रण पा सकेंगे।

उपाय: उपाय के रूप में इस गोचर की अवधि में गुड़ का सेवन न करना उपाय की तरह काम करेगा।

कन्या साप्ताहिक राशिफल

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सूर्य आपके लाभेश होकर द्वादश भाव में गोचर करने वाले हैं। यहां पर सूर्य के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता। हालांकि लाभ भाव के स्वामी का व्यय भाव में जाना इस बात का भी संकेत हो सकता है कि आपको विदेश से संबंधित मामलों को आगे बढ़ाने में सूर्य का यह गोचर मदद कर सकता है। यानी कि यदि आपका संबंध विदेश से है तो हो सकता है कि आप कुछ मामलों में अच्छे परिणाम भी प्राप्त करें लेकिन सामान्य तौर पर इस स्थिति को खर्च बढ़ाने वाली स्थिति कहा जाएगा। इसलिए इस समय अवधि में गैर जरूरी खर्चों से बचने का प्रयास करें। सूर्य का यह गोचर आपकी यात्राएं करवा सकता है।

यात्राओं में कुछ हद तक कठिनाई भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में व्यर्थ और बेकार की यात्राओं से बचना समझदारी का काम होगा। शासन प्रशासन से जुड़े हुए व्यक्तियों से इस टाइम ड्यूरेशन में बिल्कुल नहीं उलझना है। बेहतर नींद लेने की कोशिश करनी है। यानी कि तनाव मुक्त होकर सोने की कोशिश करें तो आप बेहतर नींद ले सकेंगे और उसके कारण आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा। अन्यथा स्वास्थ्य में भी कुछ कमजोरी देखने को मिल सकती है। यानी की सावधानियों को अपनाने के बाद ही अनुकूलता की उम्मीद रख सकते हैं।

उपाय: उपाय के रूप में नियमित रूप से गणेश जी के मंदिर जाना या फिर किसी भी धार्मिक स्थान पर जाना शुभ रहेगा।

तुला साप्ताहिक राशिफल

बृहत् कुंडली : जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए दशम भाव के स्वामी होकर सूर्य आपके लाभ भाव में जा रहे हैं। सामान्य तौर पर लाभ भाव में सूर्य के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। ऊपर से कर्म स्थान के स्वामी का लाभ भाव में जाना भी एक अच्छी स्थिति है। हालांकि सूर्य पर शनि की दृष्टि रहेगी लेकिन इसके बावजूद भी सूर्य काफी हद तक अनुकूल परिणाम देने की कोशिश करेंगे। फलस्वरूप आपके काम बनेंगे।

इस अवधि में आपके ऐसी काम भी आगे बढ़ सकते हैं; जो लंबे समय से लंबित पड़े रहे होंगे और सभी कामों के अच्छे परिणाम मिलने की भी संभावनाएं मजबूत होंगी। सामाजिक मान प्रतिष्ठा दिलाने में भी सूर्य का यह गोचर अच्छी भूमिका निभा सकता है। आपके सामाजिक दायरे को बढ़ाने में भी सूर्य का यह गोचर मददगार बन सकता है। प्रमोशन और इंक्रीमेंट इत्यादि के लिए भी इस गोचर को अनुकूल परिणाम देने वाला माना जाएगा।

उपाय: उपाय के रूप में स्वयं को शुद्ध और सात्विक बनाए रखना उपाय की तरह काम करेगा। आइए अब जान लेते हैं कि सूर्य के इस गोचर का धनु राशि पर कैसा प्रभाव पड़ने वाला है?

वृश्चिक साप्ताहिक राशिफल

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए भाग्य भाव के स्वामी होकर सूर्य आपके दशम यानी कर्म भाव में गोचर करने वाले हैं। कर्मभाव यानी की दशम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। हालांकि दशम भाव में शनि की दृष्टि लगातार बनी हुई है और चतुर्थ भाव में शनि की गोचर को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन इसके बावजूद भी सूर्य पुरानी स्थितियों को और ज्यादा सकारात्मक बनाने का काम करेंगे। यानी कि यदि कोई दिक्कत पहले से थीं तो वह दिक्कतें कम हो सकती है।

भाग्येश होकर कर्म भाव में पहुंचे हुए सूर्य भाग्य और कर्म के संगम से आपकी स्थिति को और बेहतर करने का काम करेंगे। सूर्य का यह गोचर आपकी सामाजिक प्रतिष्ठा को बढ़ाने का काम कर सकता है। आपके कामों में और भी उन्नति देखने को मिल सकती है। आपके काम तेजी से आगे बढ़ सकते हैं। सामाजिक डायरी के साथ-साथ कार्य क्षेत्र का दायरा भी बढ़ सकता है। कुल मिलाकर पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों का सहयोग भी आपकी उपलब्धियां में सहायक बनेगा। कुल मिलाकर यह गोचर आपके लिए अनुकूल परिणाम देना चाहेगा।

उपाय: उपाय किसी गरीब व्यक्ति को शनिवार के दिन काले कपड़े का दान करना शुभ रहेगा।

धनु साप्ताहिक राशिफल

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सूर्य आपके अष्टमेश होते हैं और वर्तमान में ये आपके भाग्य भाव अर्थात नवम भाव में गोचर करने जा रहे हैं। सामान्य तौर पर भाग्य भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से अष्टम भाव के स्वामी होकर सूर्य भाग्य भाव में जा रहे हैं, यह भी बहुत अच्छी स्थिति नहीं है। इसके अलावा सूर्य पर शनि ग्रह की दृष्टि रहेगी। यद्यपि शनि की प्लेसमेंट सही है लेकिन दृष्टि कहीं न कहीं धीमापन देने का काम कर सकती है। यानी कि भाग्य का सपोर्ट शायद आपको प्रॉपर्ली नहीं मिल पाएगा। अष्टमेश सोने के कारण कुछ मामलों में सूर्य अप्रत्याशित परिणाम दे सकते हैं। परिणाम सकारात्मक हो या नकारात्मक लेकिन अप्रत्याशित रूप से देखने को मिल सकते हैं।

हालांकि वरिष्ठों के साथ तालमेल बिठाकर बड़े बुजुर्गों के निर्देशन में काम करके पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों का आशीर्वाद लेते हुए आगे बढ़ाने की स्थिति में कुछ लाभ मिल सकते हैं। यानी कि सूर्य का यह गोचर बहुत अच्छा नहीं माना गया है फिर भी पूरी तरह से सावधानी रखते हुए बर्ताव करने की स्थिति में आप नकारात्मकता पर नियंत्रण पाकर सही डायरेक्शन में आगे बढ़ सकेंगें

उपाय: उपाय रविवार के दिन नमक का सेवन न करना उपाय की तरह काम करेगा

मकर साप्ताहिक राशिफल

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए सप्तमेश सूर्य आपके अष्टम भाव में गोचर करने वाले हैं। अष्टम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से सप्तमेश का अष्टम भाव में जाना भी अनुकूल स्थिति नहीं मानी जाएगी। वैसे भी आपका सप्तमेश राहु केतु के प्रभाव के चलते कमजोर चल रहा है। ऐसे में सप्तमेश का भी कमजोर हो जाना अनुकूल स्थिति नहीं मानी जाएगी। सूर्य का आठवें भाव में जाना, आपको रोजगार के मामलों में कुछ कठिनाई दे सकता है। यानी कि यदि आप व्यापार या व्यवसाय से जुड़े हुए व्यक्ति हैं। तो सूर्य का यह गोचर कुछ कठिनाइयां देने का काम कर सकता है।

दांपत्य संबंधी मामलों में भी कुछ परेशानियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि कुछ एक मामलों में सूर्य अप्रत्याशित रूप से भले फायदा भी दिला सकता है लेकिन ज्यादातर मामलों में कुछ कठिनाइयां रह सकती हैं। इस गोचर की अवधि में वाहन इत्यादि भी सावधानी से चलाना है। इसके अलावा अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखना है। इन सावधानियां को अपनाने की स्थिति में आप परिणामों को संतुलित रख सकेंगे।

उपाय: उपाय के रूप में स्वयं को क्रोध और विवाद से दूर रखना उपाय की तरह काम करेगा।

कुंभ साप्ताहिक राशिफल

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए सूर्य आपके छठे भाव के स्वामी होकर आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं। सप्तम भाव में सूर्य के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से छठे भाव के स्वामी का सप्तम में जाना भी अनुकूल स्थिति नहीं है। सप्तम भाव की स्थिति वैसे भी शनि के प्रभाव के चलते कमजोर चल रही है। ऐसे में छठे भाव के स्वामी का सप्तम भाव में पहुंच जाना इस बात का संकेत है कि पार्टनरशिप में कुछ दिक्कतें रह सकती हैं। यानी कि दांपत्य जीवन में कुछ उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। साझेदारी के कामों में भी कुछ विसंगतिया देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में आपकी कोशिश यही होनी चाहिए कि पार्टनर के साथ विवाद न होने पाए।

यदि आप विवाहित है तो जीवनसाथी अथवा जीवन संगिनी के साथ विवाद वाली स्थितियों से बचने की कोशिश करें। साथ ही साथ उनके स्वास्थ्य का भी ख्याल रखें। बेवजह के क्रोध और आक्रोश से स्वयं को बचाएं। साझेदारी के कामों में भी पार्टनर की बातों को अनसुना न करें। ऐसा करने की स्थिति में परिणाम कुछ हद तक बेहतर अथवा संतुलित हो सकेंगे।

उपाय: उपाय के रूप में सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान आदि से निवृत होकर सूर्य भगवान को कुमकुम मिला हुआ जल चढ़ाना शुभ रहेगा।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. सूर्य का कन्या राशि में गोचर कब होगा?

सूर्य का कन्या राशि में गोचर 17 सितंबर 2026 को होने जा रहा है।

2. सिंह राशि का स्वामी कौन है?

राशि चक्र की पांचवीं राशि सिंह के स्वामी सूर्य देव हैं।

3. सूर्य ग्रह का गोचर कितने दिन में होता है?

सूर्य देव का राशि परिवर्तन हर 30 दिन में होता है।

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