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सूर्य का तुला राशि में गोचर 17 अक्टूबर 2020

17 अक्टूबर को सुबह 06:50 बजे सूर्य ग्रह राशिचक्र की सप्तम राशि तुला में प्रवेश करेगा और 16 नवंबर 2020 को सुबह 06:39 तक इस राशि में रहेगा। वैदिक ज्योतिष में पिता, नेतृत्व, इच्छा शक्ति, साहस, हड्डियों का प्रतिनिधित्व करने वाला सूर्य इस गोचर काल के दौरान अपनी नीच अवस्था में होगा। वैदिक ज्योतिष में मेष राशि में सूर्य उच्च का और तुला राशि में नीच का माना जाता है।

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आईए जानते हैं कि सूर्य के इस गोचर से सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।

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Read Here In English: Sun transit in Libra
सूर्य का तुला राशि में गोचर

मेष

सूर्य ग्रह जो आपके प्यार, बुद्धि, संतान आदि के पांचवें घर का स्वामी है, इस गोचर के दौरान आपके प्रेम और रिश्तों के सातवें घर में प्रवेश करेगा। सूर्य की इस स्थिति से पता चलता है कि आपके जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं और मतभेदों के कारण आपके रिश्ते खराब हो सकते हैं। इस दौरान जीवनसाथी के साथ बात करते समय आपको अपने क्रोध पर काबू रखना होगा।

व्यावसायिक रूप से, पंचम भाव प्लानिंग और आपके विचारों का प्रतिनिधित्व करता है और इस भाव का स्वामी “सूर्य” दुर्बल अवस्था में है। इससे पता चलता है कि इस दौरान आप अपने विचारों को वास्तविकता में ढालने की पूरी कोशिश करेंगे लेकिन, ऐसा हो पाना बहुत मुश्किल हो सकता है। इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में उच्च प्रबंधन के साथ रिश्तों में कुछ परिवर्तन आ सकता है लेकिन इन मतभेदों को ज्यादा तूल न देना ही आपके लिए सही रहेगा।

इस राशि के जो जातक साझेदारी में बिजनेस करते हैं, साझेदार के साथ उनके मतभेद हो सकते हैं। ऐसे समय में आपको अपने कागजातों को बहुत संभाल कर रखना चाहिए और साझेदारी खत्म होने की स्थिति में अपने लिए नए अवसर तलाशने के लिए तैयार रहना चाहिए।

इस राशि के जातकों के बच्चों का स्वास्थ्य इस गोचर काल के दौरान नाजुक रह सकता है, जो कि आपके लिए चिंता का विषय होगा। सूर्य पर शनि की दृष्टि भी पड़ रही है इसलिए सूर्य के इस गोचर काल के दौरान पिता के साथ मतभेद पैदा होने की भी संभावना है।

उपाय- अपने दाहिने हाथ की अनामिका अंगुली में तांबे या सोने की अंगूठी में रूबी रत्न धारण करना आपके लिए शुभ रहेगा।

वृषभ

सूर्य ग्रह का गोचर आपके षष्ठम भाव में होगा, जिससे प्रतियोगिताओं, शत्रुओं आदि के बारे में विचार किया जाता है। यह गोचर आपके लिए शुभ साबित होगा।

पेशेवर जीवन में आप ऊर्जा से भरे रहेंगे आपमें उत्साह देखने को मिलेगा और अपने अटके हुए कामों को पूरा करने में भी इस दौरान आप सफल होंगे। अपने प्रतिद्वंदियों पर आप विजय प्राप्त कर पाएंगे और आपके शत्रु आपसे दूरी बनाकर चलेंगे। मेष राशि के जातक होने के चलते आपकी मुख्य ताकत उन कार्यों को स्थिर करने की आपकी क्षमता जो आपके सामने आते हैं। इस गोचर काल के दौरान भी आपको ऐसे ही काम मिल सकते हैं।

यह गोचर उन पेशेवर लोगों के लिए शुभ साबित होगा जो लंबे समय से नौकरी में परिवर्तन करने की कोशिश कर रहे थे। सूर्य के इस परागमन के दौरान आपको कई अवसर इस दौरान प्राप्त हो सकते हैं। वहीं कुछ जातकों को वर्तमान नौकरी में ही नई जिम्मेदारियां मिल सकती जिससे उनकी योग्यता और अनुभव में निखार आएगा।

निजी जीवन में माता का खराब स्वास्थ्य आपकी परेशानी और चिंता का विषय बन सकता है। पैतृक संपत्ति को लेकर अपने भाई-बहनों के साथ कुछ कानूनी मुद्दों के चलते आपके धन की बर्बादी हो सकती है। हालांकि फैसला आपके हक में आने की पूरी संभावना है।

इस राशि के जो छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें शुभ फलों की प्राप्ति होगी। स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो यह गोचर आपके लिए अनुकूल साबित होगा, इस गोचर के दौरान किसी लंबी बीमारी से आपको छुटकारा मिल सकता है। सूर्य आपके चौथे घर का स्वामी है जो कि वाहन आदि का प्रतिनिधित्व करता है और इस गोचर के दौरान आपके छठे घर में अपनी दुर्बल अवस्था में है। इसलिए इस गोचर के दौरान आपको वाहन चलाते समय बहुत सावधान रहने की जरुरत है, नहीं तो दुर्घटना होने की संभावना है।

उपाय- सूर्योदय के समय सूर्य नमस्कार करना आपके लिए शुभ रहेगा।


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मिथुन

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य उनके प्रयासों के भाव का स्वामी होकर इस गोचर के दौरान प्रेम, बुद्धि और संतान के पंचम भाव में गोचर करेगा। सूर्य का यह गोचर मिथुन राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।

पेशेवर जीवन की बात की जाए तो, वैदिक ज्योतिष में तृतीय भाव प्रयासों के बारे में बताता है और आपके इस भाव का स्वामी दुर्बल अवस्था में है। यह इंगित करता है कि कार्यक्षेत्र में आपके प्रयास सही दिशा में नहीं जाएंगे जिसके कारण आप परेशान हो सकते हैं। इसके कारण जीवन के अन्य क्षेत्रों पर भी बुरे प्रभाव पड़ सकते हैं। हालांकि इस राशि के जो जातक अपने शौक को अपने पेशे में बदलना चाहते हैं उनके लिए यह गोचर अनुकूल साबित होगा। लेकिन इस गोचर काल के दौरान किसी भी तरह की यात्रा करने से बचें क्योंकि यात्राओं से लाभ की बजाय आपको हानि हो सकती है।

आपके निजी जीवन की बात की जाए तो छोटे भाई-बहनों के साथ इस गोचर काल के दौरान आपके मतभेद हो सकते हैं। इसलिए आपको उनके साथ वक्त बिताना चाहिए, उनकी बातों को ध्यान से सुनें इससे आप लोगों के बीच की गलतफहमियां दूर होंगी।

तीसरी भाव से आपकी संचार क्षमता का भी पता चलता है, इस गोचर काल के दौरान आप अपनी बातों को लवमेट या जीवनसाथी से स्पष्टता से व्यक्त कर पाने में असमर्थ होंगे जिसके कारण रिश्ते में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं। इस दौरान आपको ई-मेल, ग्रीटिंग कार्ड का सहारा लेकर अपनी भावनाओं को व्यक्त करना चाहिए और अपने सच्ची भावनाओं को व्यक्त करना चाहिए। ऐसा करने से आप दोनों के बीच की दूरी कम होगी।

आपके स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए आपके बाहर का तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए नहीं तो पेट से संबंधी कोई समस्या आपको हो सकती है। अपनी दिनचर्या में योग, ध्यान या किसी शारीरिक गतिविधि को जगह दें। इससे अपनी ऊर्जा को आप सही दिशा दे पाएंगे।

उपाय- रविवार के दिन तांबे का दान करना आपके लिए शुभ रहेगा।

कर्क

सूर्य जोकि आपके परिवार, धन, संसाधनों आदि के कारक द्वितीय भाव का स्वामी है, इस गोचर काल के दौरान अपनी दुर्बल अवस्था में आपके चतुर्थ भाव में रहेगा। सूर्य इस स्थिति में काफी कमजोर माना जाता है इसलिए कर्क राशि के जातकों के लिए यह बहुत शुभ नहीं कहा जा सकता।

पेशेवर रुप से देखा जाए तो द्वितीय भाव संसाधनों की ओर इशारा करता है और इसका स्वामी सूर्य अपनी दुर्बल अवस्था में है। यह इंगित करता है कि सूर्य के इस गोचर के दौरान आप अपने संसाधनों का सही से इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे जिसके कारण कार्यक्षेत्र में आपकी कार्य क्षमता पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इस गोचर के दौरान संसाधनों का सही से इस्तेमाल करना आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए।

आपके निजी जीवन की बात करें तो वैदिक ज्योतिष में चतुर्थ भाव से आपकी माता के बारे में विचार किया जाता है। इस गोचर काल के दौरान आपकी माता की सेहत नाजुक रह सकती है। जिसके कारण आप भी परेशान रहेंगे। चूंकि चतुर्थ भाव प्रॉपर्टी के बारे में भी बताता है इसलिए इस समय काल में प्रॉपर्टी से जुड़े लेन-देन आदि में दिक्कतें आ सकती हैं। इसलिए प्रॉपर्टी से जुड़े कामों को यदि इस दौरान नहीं करेंगे तो आपके लिए अच्छा रहेगा और आप अपनी ऊर्जा को भी बचा पाएंगे।

आपके स्वास्थ्य जीवन पर नजर डालें तो, इस गोचर के दौरान आपको वाहन सावधानी से चलना चाहिए नहीं तो दुर्घटना हो सकती है। वैदिक ज्योतिष में सूर्य आपकी आंखों का प्रतिनिधित्व करता है और इस गोचर के दौरान यह अपनी नीच अवस्था मेें है। यह इंगित करता है कि अनिद्रा की समस्या इस दौरान आपको हो सकती है, आप तनावग्रस्त हो सकते हैं जिसके चलते आपकी आंखों पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है। खासकर दायीं आंख पर। इसलिए आपको 7-8 घंटों की पर्याप्त नींद लेनी चाहिए और अपनी आंखों पर स्ट्रैस डालने से बचना चाहिए।

उपाय- राम रक्षा स्तोत्र का पाठ करना आपके लिए शुभ फलदायक रहेगा।


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सिंह

सिंह राशि के जातकों के तृतीय भाव में सूर्य ग्रह का गोचर होगा। इस भाव से आपके साहस, पराक्रम, इच्छाओं और छोटे भाई-बहनों के बारे में विचार किया जाता है। सूर्य की यह स्थिति बताती है कि आपकी महत्वकांक्षाएं और साहसिक प्रवृति इस दौरान अपने शिखर पर होगी।

पेशेवर रुप से देखा जाए तो आप कुछ भी नया करने से इस दौरान हिचकिचाएंगे नहीं ऐसा करना आने वाले समय में आपकी सफलता के लिए बहुत अच्छा है। आपकी रचनात्मकता इस दौरान शिखर पर होगी, अपने प्रयासों और कार्यों को करिश्माई ढ़ंग से पूरा कर पाएंगे। इसके साथ ही इस दौरान आपको उच्च अधिकारियों से सराहना भी मिल सकती है।

अपनी क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करने के लिए यह समय अच्छा है। इसलिए यदि आप खेलकूद जैसे किसी पेशे में हैं तो आपको कई अवसरों की प्राप्त हो सकती है जिनसे करियर में आगे बढ़ने में आपको मदद मिलेगी।

निजी जीवन में काफी उत्साही रहेंगे और अपने प्रियजनों के प्रति आपका नजरिया सुरक्षात्मक रहेगा। इससे आपके घर का माहौल बहुत सौहार्दपूर्ण रहेगा। प्रेम जीवन की बात की जाए तो सहायक और देखभाल करने वाला आपका पक्ष सामने आएगा और साथी को सांत्वना और आराम प्रदान करने में मदद करेगा।

हालांकि सिंह राशि के जातक होने के कारण गरिमा की भावना आपका सहज स्वभाव है। आप लोगों को सम्मान देते हैं और उनसे सम्मान की चाह करते हैं। हालांकि आपको यह समझना होगा कि गरिमा की भावना और घमंड में बहुत कम फासला होता है। कई बार आप इस फासले को खत्म कर देते हैं और जीवन के कई अच्छे अवसरों से हाथ धो देते हैं। इस गोचर काल के दौरान आपको इस बात का ख्याल रखना होगा।

आपके स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो यह समय अच्छा रहेगा, हालांकि तृतीय भाव आपके कान का होता है और इस समय सूर्य अपनी नीच अवस्था में है, यह इंगित करता है कि आपको कान से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। इसलिए आपको ईयर फोन को ऊंची आवाज़ पर इस दौरान नहीं सुनना चाहिए। इसके साथ ही कान की सफाई पर भी ध्यान दें।

उपाय- सोने या तांबे में जड़ित स्टार रूबी रत्न (5-6 कैरेट) पहनना शुभ परिणाम देगा।

कन्या

पृथ्वी तत्व की कन्या राशि के जातकों के लिए सूर्य का गोचर संचित धन, परिवार और बचत के द्वितीय घर में होगा। चूंकि सूर्य खर्चों और अनिश्चित स्थितियों के आपके द्वादश भाव का स्वामी है इसलिए सूर्य का यह गोचर आपके लिए बहुत अच्छा नहीं कहा जा सकता।

व्यक्तिगत रूप से, आपको कुछ अवांछित परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है, जिसके परिणामस्वरूप अधिक खर्च हो सकता है, इसके साथ ही सौदेबाजी में अनावश्यक तनाव और मानसिक बेचैनी पैदा हो सकती है। द्वितीय भाव से आपकी वाणी पर भी विचार किया जाता है इसलिए बातचीत के दौरान आपको सही शब्दों का चुनाव करना चाहिए। किसी पर व्यंग करने या किसी का मजाक उड़ाने से इस गोचर के दौरान बचें, अगर आप ऐसा करते हैं तो बाकी लोगों का दिल दुख सकता है।

पेशेवर और आर्थिक रुप से यह समय अच्छा नहीं है इसलिए इस गोचर के दौरान आपको निवेश करने से बचना चाहिए क्योंकि निवेश से आपको मनचाहे फलों की प्राप्ति होनी मुश्किल है। विशेष रूप से अपने वरिष्ठ प्रबंधन के साथ अपने कार्यस्थल पर किसी भी प्रकार के टकराव और संघर्ष से बचें। अगर आप ऐसा करते हैं तो इस गोचर के दौरान परेशानी में पड़ सकते हैं। आपके लिए इस समय सीमा के दौरान अपने संयम को बनाए रखना सर्वोपरि है।

विद्यार्थियों में इस दौरान एकाग्रता की कमी देखी जा सकती है, जिसके कारण उच्च शिक्षा अर्जित कर रहे लोगों की पढ़ाई में कमी आने की संभावना है।

स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो आंखों और पेट से जुड़ी समस्याएं आपको हो सकती हैं। इसलिए स्वास्थ्य को लेकर आपको सावधान रहने की जरुरत।

उपाय- सूर्य की उपासना करते हुए आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा।

तुला

सूर्य ग्रह का गोचर आपके लग्न भाव में होगा। इस भाव से आपकी आत्मा, व्यक्तित्व आदि के बारे में विचार किया जाता है। यह इंगित करता है कि सूर्य का यह गोचर आपके लिए बहुत अनुकूल नहीं रहेगा।

व्यावसायिक रूप से, आपकी सफलता और लाभ के एकादश घर के स्वामी सूर्य की यह स्थिति आपके लिए अच्छी नहीं है क्योंकि सूर्य यहां पर अपनी दुर्बल अवस्था में है। सूर्य की इस स्थिति से पता चलता है कि आपके जीवन में उतार-चढ़ाव इस दौरान आ सकते हैं। इस गोचर के दौरान, आपके दृष्टिकोण में आत्मविश्वास की कमी देखी जा सकती है और इस वजह से, आप दूसरों को खुश करने की कोशिश करते नजर आएंगे। इससे आपको अशांति भी हो सकती है जो आपके कार्यालय में आने वाले नकारात्मक परिणामों को और बढ़ा सकती है। इसलिए सूर्य के इस गोचर के दौरान आपको अपने फैसलों को लेकर दृढ़-निश्चय होना चाहिए और अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए।

निजी तौर पर, आप छोटे मुद्दों के बहाने आक्रामक और आसानी से नाराज हो सकते हैं जिससे आपके पारिवारिक जीवन और व्यक्तिगत संबंधों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए इस गोचर काल के दौरान आपको शांत रहकर अपने परिवार वालों से बात करनी चाहिए यही आपके लिए अच्छा रहेगा। जैसा कि एकादश भाव से आपके मित्रों के बारे में पता चलता है और इसका स्वामी आपके लग्न भाव में नीच स्थिति में है, इसलिए इस दौरान आप अपने दोस्तों के साथ समय बिताएंगे उतना आपके लिए लाभप्रद रहेगा।

आपके स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो, सूर्य एक शुष्क ग्रह है और पित्त प्रकृति का कारक है इसलिए आपको त्वचा से संबंधी समस्याएं इस दौरान हो सकती हैं। इसलिए इस समस्या को दूर करने के लिए इस दौरान ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें, मसालेदार और अत्यधिक तला-भुना खाना खाने से बचें।

उपाय- प्रतिदिन 108 बार गायत्री मंत्र का जाप करना आपके लिए शुभ रहेगा।


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वृश्चिक

वृश्चिक राशि के जातकों के द्वादश भाव में सूर्य ग्रह का गोचर होगा, इस भाव से विदेश और जीवन में होने वाली हानियों के बारे में विचार किया जाता है। सूर्य का द्वादश भाव में गोचर आपके लिए शुभ नहीं कहा जा सकता।

पेशेवर रुप से देखा जाए तो सूर्य जोकि आपके कर्म और करियर के दशम भाव का स्वामी है द्वादश भाव में नीच अवस्था में विराजमान है, यह इंगित करता है कि इस गोचर काल के दौरान कार्यों को पूरा करने में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं, आपको लगेगा कि आपको समस्या का सही समाधान नहीं मिल पाएगा। इसके कारण आप अपने कामों को बीच में ही छोड़ सकते हैं, हालांकि आपको ऐसा नहीं करना चाहिए और अपने काम में निरंतरता बनाए रखनी चाहिए।

आपके अंदर अपने किये गये कार्यों की प्रशंसा पाने की प्रवृत्ति भी हो सकती है। इसकी वजह से आप हर काम को दूसरों की नजर में बेहतर बनने के लिए करेंगे ना कि यह सोचकर की आपके लिए क्या सही है। इसकी वजह से कार्यक्षेत्र में आपकी कार्यक्षमता पर प्रभाव पड़ सकता है। इस समय कोई वरिष्ठ कर्मचारी जिसे आप गुरुतुल्य मानते हैं आपकी मदद कर सकता है। हालांकि इस दौरान विदेशों से जुड़ा कोई लाभ आपको हो सकता है। इसलिए यदि आप अपनी ऊर्जा को इसी क्षेत्र में लगाएं तो आपके लिए अच्छा होगा।

आपके निजी जीवन की बात की जाए तो पिता या पितातुल्य किसी व्यक्ति से आपके मतभेद हो सकते हैं जिससे घर का माहौल खराब होगा। इसलिए बातचीत के दौरान अपनी सीमाओं से बाहर जाने से बचें। इस समय आपको ऐसा कोई भी काम नहीं करना चाहिए जिससे कानून का उल्लंघन हो, नहीं तो किसी बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं।

आपके स्वास्थ्य जीवन पर नजर डालें तो, नीच के सूर्य पर शनि की दृष्टि होने के कारण आपको नींद से जुड़ी कोई परेशानी हो सकती है जिसके कारण आपकी आंखों पर भी बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

उपाय- सूर्य देव की उपासना में सूर्य अष्टकम का पाठ करना आपके लिए शुभ रहेगा।

धनु

धनु राशि के जातकों का भाग्य का स्वामी सूर्य इस गोचर काल के दौरान लाभ के एकादश भाव में स्थित होगा। यह गोचर आपके लिए कई मायनों में सफलतादायक सिद्ध होगा। इस गोचर के दौरान कार्यक्षेत्र में आपको अपने वरिष्ठ अधिकारियों से प्रशंसा और सराहना प्राप्त होगी। आपको भाग्य का पूरा साथ मिलेगा जिसके चलते आपके बहुत कम प्रयास के बाद भी आपके कई महत्वपूर्ण काम पूरे हो जाएंगे। इस समय आपको कार्यक्षेत्र में अपने अधीनस्थ अधिकारियों से भी पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।

एकादश भाव नेटवर्क और संचार का प्रतिनिधित्व भी करता है, इसलिए सूर्य के इस गोचर काल में यदि आप सामाजिक रुप से सक्रिय रहते हैं तो लाभ मिल सकता है। इस दौरान यात्राएं करना भी आपके लिए शुभफलदायक सिद्ध होगा खासकर काम से जुड़ी यात्राएं आपके लिए आर्थिक रुप से फायदेमंद होंगी।

अगर आपके निजी जीवन पर नजर डालें तो, पिता के साथ यदि किसी बात को लेकर मनमुटाव था तो वो इस दौरान दूर हो जाएगा। इसके साथ ही आपके पिता को कार्यक्षेत्र में इस दौरान प्रगति मिलेगी। प्यार और रिश्ते आपमें नई ऊर्जा का संचार करेंगे। लेकिन कभी-कभी, आप अपने आदर्शों को लेकर बहुत कठोर हो सकते हैं जिसके कारण टकराव की स्थिति पैदा हो सकती है।

स्वास्थ्य अच्छा रहेगा इस दौरान आप खुद को फिट महसूस करेंगे। यदि किसी बीमारी से परेशान चल रहे हैं तो इस दौरान उसमें सुधार करने की आप पूरी कोशिश करेंगे।

उपाय- रविवार के दिन गाय को गुड़ खिलाना आपके लिए शुभ रहेगा।

मकर

मकर राशि के जातकों के दशम भाव में सूर्य देव का गोचर होगा। इस भाव से आपके कर्म और करियर पर विचार किया जाता है। दशम भाव में सूर्य शक्तिशाली अवस्था में होता है। यह इंगित करता है कि सूर्य का यह गोचर आपके लिए शुभ रहेगा।

पेशेवर रुप से देखा जाए तो यह गोचर आपके लिए अच्छा होगा इस दौरान आप सक्रिय रहेंगे। सूर्य आपके अष्टम भाव का स्वामी है और इस गोचर के दौरान आपके दशम भाव में विराजमान है, इसलिए यदि आपके जीवन में कोई समस्या है तो, इस दौरान आप हर समस्या के मूल को समझने की कोशिश करते हुए उसे सुलझाने की कोशिश करेंगे। इसके कारण आप कार्यक्षेत्र में अपने वरिष्ठों और अधिनस्थों से दो कदम आगे रहेंगे। कार्यक्षेत्र में नया पद मिलने की भी संभावना है। यदि आप किसी सरकारी संगठन में काम करने का अवसर ढूंढ रहे हैं या अनुबंध कर रहे हैं, तो आपको इस समय सीमा के दौरान से अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।

निजी जीवन की बात की जाए तो पिता के साथ इस दौरान आपके संबंध सुधरेंगे। प्रेम जीवन की बात की जाए तो इस गोचर के दौरान आपको अपने लवमेट से किसी तरह का सरप्राइज गिफ्ट मिल सकता है, जिससे आपका रिश्ता और भी मजबूत होगा।

शोध कार्य, उच्च अध्ययन या प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों को इस अवधि के दौरान अनुकूल वातावरण और समर्थन मिलने की संभावना है। इसके चलते विद्यार्थियों को शुभफल मिलेंगे।

यदि ब्लड प्रेशर या कॉलेस्ट्रॉल से जुड़ी कोई स्वास्थ्य समस्या आपको है तो इस दौरान आपको सावधानी बरतने की जरुरत है। शारीरिक क्रियाएं करना और तनाव से दूर रहने से आपके स्वास्थ्य में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

उपाय- घर की उत्तर-पूर्व दिशा में सूर्य देव की तस्वीर लगाना आपके लिए शुभ रहेगा।

कुंभ

कुंभ राशि के जातकों के नवम भाव में सूर्य ग्रह का गोचर होगा। यह भाव भाग्य, धर्म, लंबी यात्राओं आदि का कारक है। इस भाव में सूर्य गोचर काल में आपको बहुत अच्छे फल नहीं देगा।

निजी जीवन की बात की जाए तो आपके रिश्तों और जीवनसाथी के सप्तम भाव का स्वामी इस गोचर काल के दौरान अपनी नीच अवस्था में है। यह इंगित करता है कि जीवनसाथी के साथ आपका टकराव हो सकता है जिसके कारण आपका रिश्ता प्रभावित होगा। लेकिन आपको जीवनसाथी को हर स्थिति में मनाना चाहिए क्योंकि कहीं न कहीं उनका साथ आपकी तरक्की और भाग्य से जुड़ा हुआ है।

पेशेवर जीवन पर नजर डालें तो यह समय काम से संबंधी यात्राओं के लिए अच्छा नहीं है, आपके खर्चे हो सकते हैं और घाटा होने की भी संभावना है। इसके साथ ही आपके विचारों और प्लान्स को भी गलत ठहराया जा सकता है। यह आपको निराश कर सकता है और वरिष्ठ प्रबंधन के साथ आपके टकराव हो सकते हैं। ऐसे समय में आपको धैर्य बनाए रखना चाहिए। यदि आप साझेदारी में बिजनेस करते हैं तो घाटा उठाना पड़ सकता है। इसलिए सूर्य के गोचर की इस अवधि में आपको पिता, पितातुल्य या अनुभवी लोगों से सलाह लेकर ही कोई कदम उठाना चाहिए।

इस राशि के जो विद्यार्थी उच्च शिक्षा अर्जित कर रहे हैं या प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उनकी एकाग्रता में कमी आ सकती है, जिसके कारण पढ़ाई में कमी आ सकती है और परिणामों पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है।

स्वास्थ्य ठीक रहेगा लेकिन आपको अपने खान पान को लेकर सतर्क रहना होगा नहीं तो स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

उपाय- भगवान सूर्य की सोने की परत वाले पैंडेंट के साथ सोने की चेन पहनने से शुभ फल प्राप्त होंगे।

मीन

सूर्य ग्रह का गोचर आपके परिवर्तन और अनिश्चितता के अष्टम भाव में होगा जिसके चलते आपके जीवन में कुछ परेशानियां आ सकती हैं।

आर्थिक और पेशेवर रुप से देखा जाए तो यह समय चुनौतीपूर्ण रहेगा। अगर आप नौकरी में परिवर्तन करने के बारे में विचार बना रहे हैं तो इस गोचर के दौरान इस विचार को मूर्त रुप देने की कोशिश न करें। आपके शत्रु आपके खिलाफ किसी तरह की साजिश इस दौरान कर सकते हैं, इसलिए इस गोचर के दौरान आपको बहुत सतर्क रहने की जरुरत है। इसके साथ ही सूर्य के गोचर की इस अवधि में आपको लोन या उधार लेने से बचना चाहिए।

सूर्य ग्रह आपकी वाणी के द्वितीय भाव पर दृष्टि डाल रहा है, इसलिए बातचीत के दौरान आप थोड़े कठोर हो सकते हैं। इसकी वजह से घर के लोग और प्रियजनों से आपके रिश्ते खराब हो सकते हैं। इस गोचर काल के दौरान आपके मामा को स्वास्थ्य से जुड़ी कोई समस्या हो सकती है। चूंकि अष्टम भाव से जीवनसाथी के परिवार के बारे में विचार किया जाता है, सूर्य के गोचर के चलते ससुराल पक्ष के लोगों से आपके मतभेद हो सकते हैं जिसके कारण जीवनसाथी के साथ भी आपके संबंध खराब हो सकते हैं।

यदि आप विद्यार्थी हैं और किसी विषय को प्रारंभिक स्तर से सीखना चाहते हैं तो यह गोचर आपके लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा करेगा।

आपके स्वास्थ्य जीवन की बात की जाए तो आपकी प्रतिरोधक क्षमता इस दौरान कम रह सकती है। इसके चलते आपको आंखों और दाँतों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए अपने खान पान पर विशेष ध्यान दें और ध्यान-योग को दिनचर्या में जगह दें इससे आपकी प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होगा। इससे आपकी सेहत भी दुरुस्त रहेगी।

उपाय- किसी जरुरी काम पर जाने से पहले पिता या पितातुल्य लोगों का आशीर्वाद लेना आपके लिए शुभ रहेगा।


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