मंगल का गोचर

मंगल को क्रूर ग्रह माना जाता है। मंगल ग्रह ऊर्जा, शक्ति एवं पराक्रम का कारक है। इसके अलावा यह रक्तपात एवं ख़ून से संबंधित बीमारियों का भी प्रतिनिधित्व करता है। कर्क एवं सिंह राशि के लिए मंगल एक योगकारक ग्रह है और यहग मेष एवं वृश्चिक राशि का स्वामी ग्रह है। मंगल साहस और संकल्प शक्ति को भी दर्शाता है। यदि मंगल जातक की कुंडली में तीसरे, छठे, दसवें एवं ग्यारहवें भाव में स्थित हो तो इसके परिणाम अच्छे और लाभकारी होंगे। मंगल ग्रह जातक के भाई-बहनों के साथ उसके रिश्ते को भी प्रदर्शित करता है। यह क़रीब 45 दिनों में किसी एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है। आइए जानते हैं आपकी राशि के लिए क्या कहता है मंगल का गोचर।

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