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शुक्र का सिंह राशि में गोचर (16 अगस्त, 2019)

हिन्दू धर्म में शुक्र ग्रह को लेकर कई पौराणिक कथाओं का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि भगवान शिव के वरदान से शुक्राचार्य इस पृथ्वी लोक और परलोक की सारी संपत्ति के स्वामी हैं। वहीं आदिपर्व के अनुसार, शुक्र संपत्तियों का ही नहीं बल्कि औषधि और मंत्र आदि के भी स्वामी माने गये हैं। वैदिक ज्योतिष में शुक्र को लाभ दाता ग्रह माना गया है। शुक्र को कला, प्रेम, सांसारिक और वैवाहिक सुख का कारक कहा जाता है। शुक्र के प्रभाव से भौतिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। ऐसे में अगर किसी जातक की कुंडली में शुक्र की स्थिति शुभ न हो अथवा वह पीड़ित हो तो जातक को भौतिक और वैवाहिक सुखों का आनंद नहीं मिल पाता है और उसे जीवन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसलिए जातकों को शुक्र की शांति के उपाय करने चाहिए जिससे की उन्हें शुक्र के शुभ फलों की प्राप्ति हो सके।

ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को वृषभ और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। वहीं मीन इसकी उच्च राशि मानी जाती है और कन्या इसकी नीच राशि कहलाती है। कोई भी ग्रह अपनी स्वराशि और उच्च राशि में मजबूत स्थिति में होता है। जबकि नीच राशि में वह कमज़ोर स्थिति में पाया जाता है। नक्षत्रों में यह भरणी, पूर्वा फाल्गुनी और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्रों का स्वामी है। ग्रहों में बुध और शनि ग्रह शुक्र के मित्र ग्रह हैं और सूर्य और चंद्रमा इसके शत्रु ग्रह कहलाते हैं।

गोचर का समय व अवधि

शुक्र ग्रह 16 अगस्त 2019, शुक्रवार को रात्रि 20:23 बजे सिंह राशि में गोचर करेगा और 10 सितम्बर 2019, मंगलवार को प्रातः 01:24 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। ऐसे में शुक्र के इस गोचर का प्रभाव आपकी राशि में भी पड़ेगा और इसका असर सीधे आपके दैनिक जीवन पर पड़ेगा। तो आइए, जानते हैं सभी 12 राशियों पर शुक्र के गोचर का होने वाला असर और इस दौरान किए जाने वाले उपाय :-

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यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। चंद्र राशि कैल्कुलेटर से जानें अपनी चंद्र राशि

शुक्र का सिंह राशि में गोचर

मेष

शुक्र आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। शुक्र का यह गोचर आपके प्रेम संबंधों में मिठास लाएगा। रिश्तों में प्यार के बढ़ने से निजी संबंध मज़बूत होंगे। अगर आप सिंगल हैं तो किसी के साथ प्यार की नई शुरुआत हो सकती है। अगर पहले से ही प्यार में हैं तो पार्टनर के साथ विवाह की बात भी चल सकती है। हालांकि छोटे-मोटे लड़ाई-झगड़े भी होते रहेंगे। शिक्षा के क्षेत्र में छात्रों को पढ़ाई में दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है। उनका मन पढ़ाई की बजाय कहीं और लग सकता है। लेकिन मेहनत करने पर छात्रों को सफलता भी मिलने की संभावना है। वैवाहिक जीवन में संतान प्राप्ति की चाह फलीभूत हो सकती है। संतान की ओर से आपको ख़ुशियाँ प्राप्त होंगी। उनकी कामयाबी से स्वयं को गौरवान्वित महसूस करेंगे। इस दौरान उनकी सेहत का भी ख़्याल रखें। आर्थिक जीवन में शुक्र का गोचर आपको सफलता प्रदान करेगा। आपके अच्छे कार्यों में परिजनों का भी सहयोग प्राप्त होगा।

उपाय: शुक्रवार के दिन कन्याओं को मोमबत्तियां दान करें।

वृषभ

शुक्र आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। शुक्र के गोचर से आप अपने निजी जीवन से प्रसन्न रहेंगे। घर-परिवार में ख़ुशियाँ आएँगी। अगर आप जॉब के कारण घर से दूर रहते हैं तो परिजनों के साथ समय बिताने का मौ़क़ा मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में भी परिस्थितियाँ आपके अनुकूल होंगी। इस अवधि में आपकी आर्थिक परेशानियाँ दूर होंगी। समाज में आपका मान-सम्मान बढ़ेगा। साथ ही आपकी लोकप्रियता में वृद्धि होगी। आर्थिक जीवन से भी आपको सकारात्मक परिणामों की प्राप्ति होगी। शुक्र के गोचर से आपकी चल-अचल संपत्ति में वृद्धि होगी। इस दौरान आप कोई नया वाहन या फिर किसी प्रकार की नई संपत्ति आदि ख़रीद सकते हैं। घर के सौंदर्यीकरण में धन के ख़र्च होने की संभावना है। माता जी की सेहत अच्छी रहेगी। उनके साथ आपके संबंध मधुर होंगे और उनके आशीर्वाद से आप कोई शुभ कार्य कर सकते हैं।

उपाय: शुक्रवार के दिन उंगली में हीरा धारण करें, शुभ रहेगा।


शुक्र ग्रह की शांति के लिए स्थापित करें शुक्र यंत्र

मिथुन

शुक्र आपकी राशि से तृतीय भाव में जाएगा। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस गोचर के प्रभाव से आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आप निडरता से अपनी बातों को रखेंगे। साथ ही आपके व्यक्तित्व का भी विकास होगा और आपके अंदर आत्म-विश्वास बढ़ेगा। किसी मुनाफ़े के लिए आप जोख़िम उठाना पसंद करेंगे। कार्य क्षेत्र में आपकी ऊर्जा आपको सदैव कार्य के प्रति क्रियाशील बनाए रखेगी। इस दौरान अति आत्मविश्वास से बचें। क्योंकि यह आपकी छवि को चोट पहुँचा सकता है। वैवाहिक जीवन में आपको आनंद आएगा और प्रेम जीवन में रिश्ते प्रगाढ़ होंगे। हालाँकि किसी बात को लेकर लाइफ/लव पार्टनर से बहसबाज़ी भी संभव है। ऐसी स्थिति में ख़ुद को शांत रखें। छात्रों को पढ़ाई में आनंद आएगा और इस दौरान उनका प्रदर्शन भी प्रशंसनीय रह सकता है।

उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें सफेद चंदन व फूल चढ़ाएं।


जानें: राशि रत्न से जुड़ी हर बात, जो आपके लिए जानना है जरूरी

कर्क

शुक्र आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान आपको कई वित्तीय फायदे होंगे और आप अपने भविष्य के लिए अच्छी रक़म जोड़ सकेंगे। आय के स्रोतों में वृद्धि होने की संभावना है। शुक्र का गोचर आपके आर्थिक पहलू को और भी मजबूत स्थिति में लाएगा। आर्थिक पक्ष को लेकर कोई रुकी हुई योजना पुनः प्रारंभ हो सकती है। प्रॉपर्टी से भी फायदा संभव है। संवाद शैली में सुधार आएगा और आप दूसरों को अपनी बातों से आकर्षित कर पाएंगे। घर-परिवार में कोई समारोह हो सकता है या फिर किसी नए मेहमान का आगमन भी संभव है। घर में परिजनों के बीच सामंजस्य का वातावरण देखने को मिल सकता है। शिक्षा के क्षेत्र में जातकों का मन थोड़ा पारिवारिक मुद्दों पर अधिक लग सकता है। इस दौरान उनकी पढ़ाई में व्यवधान पैदा हो सकता है।

उपाय: शनिवार को बजरंग बली को सिंदूर चढ़ाएं।


शुक्र के शुभ प्रभाव प्राप्त करने के लिए धारण करें: जरकन रत्न

सिंह

शुक्र ग्रह आपकी ही राशि में गोचर करेगा जो प्रथम भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। इस दौरान आप अपने अच्छे कार्यों के लिए जाने जाएंगे। बीते समय में किए गए संघर्षों का लाभ इस दौरान प्राप्त होगा। शुक्र के प्रभाव से आपके व्यक्तित्व में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा जिससे आपके प्रति लोग आकर्षित होंगे। गंभीर मुद्दों पर लोग आपकी सलाह ले सकते हैं। भाई-बहनों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। अपने लिए कुछ ऐसा करेंगे जिससे आपको खुशी हासिल होगी। शादीशुदा ज़िंदगी में सुधार आएगा हालांकि थोड़े बहुत झगड़े संभव हैं इसलिए कुछ ऐसा न कहें या करें जिससे बात आगे बढ़े। वहीं प्रेम जीवन में साथी आपकी ओर अधिक आकर्षित होगा। यदि आप कला, संगीत, अभिनय, लेखन आदि क्षेत्र से संबंध रखते हैं तो आपको गोचर के दौरान अधिक लाभ होने के संभावना है।

उपाय: शुक्रवार के दिन मंदिर में देवी को लाल गुलाब अर्पित करें।

कन्या

शुक्र आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में यह भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है। गोचर के दौरान भोग-विलास के प्रति आपका मन ज़्यादा लगेगा और मन वासनात्मक क्रियाओं में अधिक लगेगा। आर्थिक जीवन की बात करें तो, आपके ख़र्चों में वृद्धि होने की प्रबल संभावना है। अनावश्यक रूप से धन ख़र्च होगा। ऐसी स्थिति में आपको अपने व्यय को नियंत्रण में रखना होगा अन्यथा आपके सामने आर्थिक संकट की घड़ी आ सकती है। विदेश गमन के योग बन रहे हैं। करियर में नए अवसर के लिए आप विदेश की ओर भी अपना रुख़ कर सकते हैं। लंबी दूरी की यात्रा संभव है। यह यात्रा आपके लिए लाभकारी सिद्धि हो सकती है। पिकनिक या कहीं बाहर घूमने जाने का प्लान बन सकता है। जीवन साथी की सेहत बिगड़ सकती है। ऐसे में उनकी सेहत का ख़्याल रखें।

उपाय: शुक्रवार के दिन भगवान शिव को दही व चीनी का भोग लगाएं और फिर ब्राह्मणों को दान करें।


सुंदरता एवं मानवांछित फल पाने के लिए पहनें : तेरह मुखी रुद्राक्ष

तुला

शुक्र आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है। इस दौरान आपके जीवन में खुशहाली व समृद्धि आएगी। आप जो भी करेंगे उसमें सफलता मिलेगी। दिल की कोई मुराद पूरी हो सकती है। विपरीत लिंग के जातकों की मदद से आगे बढ़ने में आपको सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ की संभावना है। प्रेम संबंधों में प्यार और बढ़ेगा। सामाजिक समारोह में जाना पसंद करेंगे, साथ ही दोस्तों व रिश्तेदारों के संग अच्छा समय गुज़ारेंगे। बच्चे भी इस गोचर काल का पूरा आनंद उठाएंगे हालांकि उनकी सेहत में थोड़ी बहुत गिरावट आ सकती है। नए रिश्ते का आगमन हो सकता है। शादीशुदा ज़िंदगी और मज़बूत होगी।

उपाय: शुक्रवार को रिंग फिंगर में अच्छी क्वालिटी का ओपल रत्न धारण करें।

वृश्चिक

शुक्र आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। शुक्र के कर्म भाव में गोचर से आपको कार्य क्षेत्र में ज़बरदस्त लाभ होगा। आपके कार्य क्षेत्र का दायरा बढ़ेगा। करियर में तरक्की होगी। ऑफिस में आपको नई ज़िम्मेदारी मिल सकती है और आपका प्रभाव क्षेत्र भी बढ़ सकता है। किसी विदेशी कंपनी से संधि हो सकती है जो आपके करियर व बिज़नेस के लिए बेहद प्रगतिशील व लाभदायक साबित होगी। कार्य से संबंधी छोटी या फिर लंबी यात्रा भी संभव है। कार्यक्षेत्र पर बिज़नेस और लाइफ पार्टनर का सहयोग पूर्ण रूप से प्राप्त होगा। निजी संबंधों में प्रेम व सौहार्द बना रहेगा, बहस से बचें साथ ही कार्यालय में भी अनैतिक संबंधों से दूरी बनाए रखें।

उपाय: गाय की पूजा करें व उन्हें गुड़ खिलाएं।


शुक्र ग्रह के शुभ फल पाने के लिए धारण करें : अरंड मूल की जड़ी

धनु

शुक्र आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है। गोचर के दौरान आपको अच्छे फलों की प्राप्ति होगी। भाग्य का साथ आपको कई क्षेत्रों में सफल परिणाम दिलाएगा। छात्रों को गुरुजनों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। उनके आशीर्वाद से आप अपनी पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। आप अपने सिद्धांतों को आगे रखेंगे और उन्हीं के अनुसार कार्य करेंगे। सामाजिक कार्यों को करने में आपका मन लगेगा। साथ ही धार्मिक और आध्यात्मिक कार्य को करने से मन प्रसन्न रहेगा। इस अवधि में आप किसी तीर्थ यात्रा पर जा सकते हैं।

उपाय: हर गुरुवार को पीपल के वृक्ष को बिना छुए पानी दें।


कुंडली में शुक्र ग्रह से शुभ फल की प्राप्ति के लिए देखें शुक्र ग्रह के उपाय

मकर

शुक्र आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होगा। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपका मन भौतिक सुखों के प्रति अधिक लगेगा। मन में वासनात्मक विचार अधिक आएंगे। ऐसे में आपको इन पर नियंत्रण रखना होगा। कार्य क्षेत्र में थोड़ी परेशानियाँ आएंगी। लेकिन अगर आप मेहनत और ईमानदारी से अपना कार्य करेंगे तो इन परेशानियों को आसानी से दूर कर लेंगे। ससुराल पक्ष से रिश्ते बेहतर होंगे। संभव है कि उनकी ओर से आपको कोई प्यारा तोहफ़ा मिले। इस दौरान आपको सेहत से जुड़ी परेशानियाँ हो सकती है। लिहाज़ा अपनी सेहत का भी ध्यान रखें।

उपाय: हर रोज़ दुर्गा मंत्र का जाप करें।

कुंभ

शुक्र आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदारों का विचार किया जाता है। शुक्र का शुभ प्रभाव आपके वैवाहिक जीवन को मधुर बनाएगा। जीवनसाथी और आपके बीच सामंजस्य की स्थिति बनेगी। जीवनसाथी आपकी भावनाओं की कद्र करेगा, साथ ही आप दोनों के बीच प्रेम भी बढ़ेगा। निजी जीवन में सकारात्मकता आएगी। वहीं प्रेम जीवन में भी आप अपने लव पार्टनर के प्रति अधिक आकर्षित होंगे। दूसरी ओर, यदि आप किसी साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं तो उसमें आपको ज़बरदस्त मुनाफ़ा होने की उम्मीद है। विपरीत लिंग के जातकों की मदद से आप अपने लक्ष्य को पाने में कामयाब रहेंगे।

उपाय: शुक्रवार को शुक्र यंत्र स्थापित करके पूजा करें।

मीन

शुक्र आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। चूंकि शुक्र एक अच्छा ग्रह है और अच्छे ग्रह छठे, आठवें और द्वादश भाव में अच्छे फल नहीं देते हैं। इस दौरान आपको थोड़ा सतर्क रहना होगा। सेहत के नज़रिए से शुक्र का गोचर आपके लिए ठीक नहीं है। ऐसी स्थिति में आपको अपनी सेहत पर ध्यान देना होगा। वहीं कार्य क्षेत्र में आपको अपने विरोधियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। वे आपके ख़िलाफ़ कोई साज़िश रच सकते हैं। इस अवधि में अपने शत्रुओं से न उलझे। अगर किसी कॉम्पीटीशन की तैयार कर रहे हैं तो अपनी मेहनत को दोगुना कर लीजिए। क्योंकि कठिन परिश्रम के बल पर ही आपको सफलता मिलने की संभावना है। वैवाहिक जीवन में जीवनसाथी के साथ तालमेल बनाकर रखने की सलाह आपको दी जाती है।

उपाय: आटे की लोई व गुड़ गाय को खिलाएं।

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