शुक्र का गोचर

वैदिक ज्योतिष में शुक्र को शुभ ग्रह माना जाता है। यह भौतिक सुख-सुविधा, प्रेम, विवाह, वासना एवं कला आदि का कारक है। यदि जातक के जीवन में प्रेम और विवाह का पक्ष कमज़ोर हो तो उसे अपनी कुंडली में शुक्र की स्थिति को अवश्य देखना चाहिए। शुक्र का गोचर भौतिक सुख-समृद्धि जैसे अवसरों को अपने साथ लेकर आता है। यदि शुक्र आपकी कुंडली में त्रिकोणीय भाव (प्रथम, पंचम एवं नवम भाव) में स्थित है तो इसको अति शुभ माना जाता है। जातक को इसके अच्छे परिणाम प्राप्त होते हैं। शुक्र प्रत्येक तीन सप्ताह में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करता है। मकर एवं कुंभ राशि के लिए शुक्र लाभकारी ग्रह है। यह वृषभ एवं तुला राशि का स्वामी होता है। वहीं बुध एवं शनि इसके मित्र ग्रह हैं। आइये जानते हैं शुक्र का यह गोचर सभी 12 राशियों पर क्या प्रभाव डालता है।

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