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आज का चौघड़िया दिल्ली के लिए

हमारे Aaj Ka Choghadiya नामक इस पृष्ठ पर जानें सटीक गणना के साथ दिल्ली के लिए आज का चौघड़िया। वैदिक ज्योतिष पर आधारित चौघड़िया की मदद से आप जान सकेंगे दिन और रात के शुभ-अशुभ मुहूर्त।

मंगलवार, जुलाई 17, 2018 को दिल्ली का चौघड़िया मुहूर्त

चौघड़िया आरंभ का समय समाप्ति का समय शुभ / अशुभ

चौघड़िया हिंदू पंचांग का एक विशेष अंग है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिले तो उस अवस्था में चौघड़िया का विधान है इसलिए किसी भी मांगलिक कार्य को प्रारंभ करने के लिए चौघड़िया का उपयोग किया जाता है। पारंपरिक रूप से चौघड़िया को यात्रा मुहूर्त के लिए देखा जाता है परंतु इसकी सरलता के कारण इसे हर मुहूर्त के लिए उपयोग में लाया जाता है।

चौघड़िया हिंदू पंचांग का एक विशेष अंग है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यदि किसी महत्वपूर्ण कार्य के लिए कोई शुभ मुहूर्त न मिले तो उस अवस्था में चौघड़िया का विधान है इसलिए किसी भी मांगलिक कार्य को प्रारंभ करने के लिए चौघड़िया का उपयोग किया जाता है। पारंपरिक रूप से चौघड़िया को यात्रा मुहूर्त के लिए देखा जाता है परंतु इसकी सरलता के कारण इसे हर मुहूर्त के लिए उपयोग में लाया जाता है।

ज्योतिष शास्त्र में चार प्रकार की शुभ चौघड़िया होती हैं और तीन प्रकार की अशुभ चौघड़िया हैं। प्रत्येक चौघड़िया किसी न किसी कार्य के लिए निर्धारित है।

भारत में, लोग पूजा-पाठ, हवन आदि या फिर कोई भी शुभ कार्य करने से पहले मुहूर्त देखते हैं। किसी भी काम को शुभ मुहूर्त या समय पर शुरू किया जाए तो परिणाम इच्छा अनुसार आएगा इसकी संभावना ज्यादा होती है। अब आप यह सोच रहे होंगे की आज का शुभ समय क्या है इसकी जानकारी हमें कैसे होगी। तो आप आज का चौघड़िया देखकर शुभ समय ज्ञात कर सकते हैं।

अधिकांश तौर पर इसका प्रयोग भारत के पश्चिमी राज्यों में किया जाता है। चौघड़िया का उपयोग विशेष रूप से संपत्ति की खरीद और बिक्री में किया जाता है। चौघड़िया सूर्योदय पर निर्भर करता है, इसलिए आमतौर पर प्रत्येक शहर के लिए इसके समय में भिन्नता होती है। यह आपको हिंदू पंचांग में आसानी से मिल सकता है।

चौघड़िया क्या है?

चौघड़िया हिंदू कैलेंडर पर आधारित शुभ और अशुभ समय का पता लगाने की एक प्रणाली है। आज का चौघड़िया ज्योतिषीय गणना से तैयार किया जाता है, जो नक्षत्र और वैदिक ज्योतिष के आधार पर किसी भी दिन के पूरे 24 घंटों की स्थिति का प्रतिनिधित्व करती है। यदि आपको अचानक कोई नया काम शुरू करना है, तो उस अवधि के दौरान शुभ चौघड़िया मुहूर्त का इस्तेमाल करना आपके लिए अच्छा रहेगा। चौघड़िया में 24 घंटों को 16 भागों में विभाजित किया गया है। जिसमें आठ मुहूर्त का संबंध दिन से होता है और आठ मुहूर्त का संबंध रात से। हर मुहूर्त 1.30 घण्टे का होता है। दिन और रात मिलाकर हर हफ्ते में 112 मुहूर्त होते हैं। दिन और रात के समय पूजा-पाठ आदि करने के लिए मुहूर्त का ज्ञान बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, जरुरी यात्रा या विशेष और शुभ कार्य के लिए चौघड़िया मुहूर्त बहुत महत्वपूर्ण होता है। यह माना जाता है कि अगर किसी भी महत्वपूर्ण कार्य को शुभ समय में किया जाता है, तो उस काम से व्यक्ति को बेहतर परिणाम मिलता है।

चौघड़िया का अर्थ क्या होता है ?

चौघड़िया एक संस्कृत शब्द है जो "चौ" और "घड़िया" से मिल कर बना है। चौ का अर्थ होता है "चार" और "घड़िया " का अर्थ होता है "समय"। "घड़िया" को "घटी" के रूप में भी जाना जाता है। प्राचीन समय में समय देखने की प्रणाली आज के समय से काफी भिन्न थी। लोग "घंटों" के बजाय "घटी" देखा करते थे। यदि दोनों समय प्रारूपों की तुलना की जाये, तो हम पाएंगे कि "60 घटियाँ" और "24 घंटे" दोनों बराबर होते हैं। हालांकि, इसमें एक विषमता भी देखने को मिलती है, अर्थात दिन 12:00 बजे आधी रात से शुरू होता है और अगली मध्यरात्रि 12:00 बजे समाप्त होता है। अगर हम भारतीय समय प्रारूप की बात करें तो इसके अनुसार दिन सूर्योदय से शुरू होता है और अगले सूर्योदय पर ही समाप्त होता है। हर चौघड़िया में 3.75 घंटियाँ होती हैं, मतलब लगभग 4 घंटे इसलिए एक दिन में 16 चौघड़िया होती हैं।

चौघड़िया के प्रकार

चौघड़िया (मुहूर्त) के 7 प्रकार होते हैं, उद्बेग, चाल, लाह, अमृत, काल, शुभ और रोग। हिंदू पंचांग के अनुसार 8 चौघड़िया(मुहूर्त) रात के दौरान और 8 चौघड़िया दिन के समय होते हैं। आईये जानते हैं चोगडिया के प्रकार के बारे में -

दिन का चौघड़िया- यह सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय होता है। अमृत, शुभ, लाभ और चाल को शुभ चौघड़िया माना जाता है। अमृत ​​को सर्वश्रेष्ठ चौघड़िया में से एक माना जाता है वहीँ चाल को भी अच्छे चौघड़िया के तौर पर देखा जाता है। दूसरी ओर, उदेव, रोग और काल को अशुभ मुहूर्त माना जाता है। किसी भी अच्छे कार्य को करते समय अशुभ चौघड़िया से बचना चाहिए। नीचे हमने आपके लिए दिन के चौघड़ियों का एक चार्ट पेश किया है, जिससे आपको समझने में और आसानी होगी।

रात का चौघड़िया- यह सूर्यास्त और सूर्योदय के बीच का समय होता है। रात में कुल 8 चौघड़िया होते हैं। रात और दिन दोनों के चौघडिया एक समान परिणाम देते हैं। नीचे हमने आपके लिए रात के चौघड़ियों चार्ट पेश किया है, जिससे आपको समझने में और आसानी होगी।

चौघड़िया की गणना कैसे करें?

चौघड़िया हर दिन के लिए अलग होता है। आज का चौघड़िया क्या है इसके लिए हम आपको इसकी गणना करना सिखाएंगे। दिन के लिए चौघड़िया, सूर्योदय और सूर्यास्त के बीच का समय माना जाता है और फिर इसे 8 से विभाजित करता है, जो लगभग 90 मिनट देता है। जब हम सूर्योदय के समय को इस समय में जोड़ते हैं, तो यह पहले दिन का चौघड़िया देता है। उदाहरण के लिए, अगर सूर्योदय का समय 6:00 बजे लिया जाता है, फिर उसमें 90 मिनट जोड़ते हैं,तो 7:30 बजे आता है। इस प्रकार पहला चौघड़िया 6:00 पूर्वाह्न से शुरू होता है और 7:30 बजे समाप्त होता है। दोबारा, यदि हम पहले चौघड़िया का समय लेते हैं, अर्थात 7:30 बजे, उसमें 90 मिनट जोड़ते हैं, 9:00 बजे आते हैं, इसका मतलब दूसरी बार चौघड़िया 7:30 बजे से शुरू होता है और 9:00 बजे समाप्त होता है। इसी तरह, हम रात के लिए भी चौघड़िया की गणना कर सकते हैं। यदि हम सोमवार के दिन का चौघड़िया देखे तो पहला अमृत है और दूसरा काल है। इसका मतलब पहला अच्छा है और दूसरा बुरा है।

दिन का चौघड़िया

समय रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार बृहस्पतिवार शुक्रवार शनिवार
6:00 AM से उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ चल काल
7:30 AM से चल काल उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ
9:00 AM से लाभ शुभ चल काल उद्बेग अमृत रोग
10:30 AM से अमृत रोग लाभ शुभ चल काल उद्बेग
12:00 PM से काल उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ चल
1:30 PM से शुभ चल काल उद्बेग अमृत रोग लाभ
3:00 PM से रोग लाभ शुभ चल काल उद्बेग अमृत
4:30 PM से उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ चल काल

रात का चौघड़िया

समय रविवार सोमवार मंगलवार बुधवार बृहस्पतिवार शुक्रवार शनिवार
6:00 PM से शुभ चल काल उद्बेग अमृत रोग लाभ
7:30 PM से अमृत रोग लाभ शुभ चल काल उद्बेग
9:00 PM से चल काल उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ
10:30 PM से रोग लाभ शुभ चल काल उद्बेग अमृत
12:00 AM से काल उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ चल
1:30 AM से लाभ शुभ चल काल उद्बेग अमृत रोग
3:00 AM से उद्बेग अमृत रोग लाभ शुभ चल काल
4:30 AM से शुभ चल काल उद्बेग अमृत रोग लाभ

* अमृत, शुभ, लाभ और चल शुभ होते हैं ।

* उद्वेग, रोग और काल अशुभ होते हैं ।

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