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जन्म तिथि के अनुसार ऐसे करें बच्चों के नाम का चुनाव

बालक के शुभ नाम का चयन हर माता पिता के लिए बेहद मुश्किल व आवश्यक कार्य होता है, क्योंकि किसी भी माता पिता के लिए बच्चे का जन्म सबसे आनंदमयी अनुभूति है। बच्चे के दुनिया में आने से पहले ही हर माता पिता उसके स्वागत की तैयारियों में लग जाते हैं। इसके साथ ही साथ सबसे ज्यादा वक़्त उन्हें बच्चे के नाम का चुनाव करने में लगता है। कुछ लोग तो बच्चे के जन्म से पहले ही उसका नाम सोच लेते हैं। आजकल हर माता पिता की यही कोशिश रहती है कि वो बच्चे के जन्म से पहले ही एक लड़की का नाम और एक लड़के का नाम सोच लें। बच्चे का नाम खासतौर से जाति, समुदाय और देश पर आधारित होता है। उदाहरण के तौर पर एक भारतीय बच्चे का नाम एक अमरीकी बच्चे के नाम से बहुत अलग होगा। इसी प्रकार से एक हिन्दू बच्चे का नाम एक मुस्लिम बच्चे के नाम से अलग होता है। भारत में सिख समुदाय के बच्चों का नाम भी हिन्दू बच्चों के नाम से काफी भिन्न होता है। हिंदुस्तान में ना केवल जाति और धर्म बल्कि प्रत्येक राज्य के आधार भी अलग-अलग नाम रखें जाते हैं। हर राज्य के नाम भी उसकी प्रकृति को दर्शाते हैं। इसी आवश्यकता और महत्व को देखते हुए एस्ट्रोसेज.कॉम आपके लिए बच्चे के नाम का चुनाव करने के लिए एक ऐसा टूल/कैलकुलेटर लेकर आया है जिसके ज़रिये आप अपने बच्चे के लिए सबसे अच्छे व शुभ नाम का चुनाव कर सकते हैं। इस विशेष टूल के ज़रिये आप बच्चे के नाम का चयन उसकी राशि, नक्षत्र और ज्योतिषशास्त्र के अनुसार कर सकते हैं। बच्चे के नाम का चयन करने के लिए उस पहले अक्षर का चुनाव करें जिससे आप बच्चे का नाम रखना चाहते हैं और हमारे इस “हिन्दू नाम सुझाव टूल” का इस्तेमाल करें।

इस प्रकार से करें लड़के के नाम का चयन

विशेष रूप से हिन्दू समाज में ऐसा देखने को मिलता है कि जब किसी बालक का जन्म होता है तो, घर में उत्सव का माहौल सा बन जाता है। शिशु के रूप में यदि लड़का पैदा हो तो लोगों की ख़ुशी की कोई सीमा नहीं होती है। ऐसा इसलिए हैं क्योंकि, हमारे परुष प्रधान समाज में लड़के को ही वंश को आगे बढ़ाने का दायित्व प्रदान किया गया है। लिहाजा हर माता-पिता की ये तमन्ना होती है कि उनके घर भी एक लड़के का जन्म अवश्य हो जो उनके परिवार को आगे बढ़ाने का काम करेगा। अब सवाल ये उठता है कि आखिर बालक का जन्म होने पर उसका नाम कैसा हो। आइये अब जानते हैं कि हर माता-पिता को लड़के के नाम का चयन करते वक़्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए:-

  • हमेशा शिशु का नाम रखने से पहले इस बात का ख़्याल ज़रूर रखना चाहिए कि नाम ज्यादा कठिन ना हों और सभी लोग बच्चे के नाम का उच्चारण आसानी से कर सकें।
  • चूँकि नाम ही आगे जाकर बच्चे का पहचान बनता है, लिहाजा नाम रखते वक़्त किसी भी प्रकार की लापरवाही न करें।
  • बालक का नाम ऐसा ना हो जो परिवार में किसी बड़े बुजुर्ग या स्वर्गीय व्यक्ति का हो।
  • कुछ लोग बच्चों का नाम किसी प्रसिद्ध व्यक्ति के नाम के ऊपर रख देते हैं, इसके पीछे अक्सर माता पिता की ये मंशा होती है कि उनका बच्चा भी बड़ा होकर उस व्यक्ति के गुणों से परिपूर्ण होगा। जबकि असल में बच्चा नाम से नहीं बल्कि अच्छी शिक्षा दीक्षा से बड़ा बनता है।

ऐसे में एस्ट्रोसेज के इस कैलकुलेटर का इस्तेमाल कर आप बालक के सटीक नाम का चुनाव कर सकते हैं।


इस प्रकार से करें लड़की के नाम का चयन

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार परिवार में शिशु के रूप में बच्ची का जन्म, घर में लक्ष्मी आने का संकेत माना जाता है। लड़की के जन्म को विशेष रूप से इसलिए भी शुभ माना जाता है क्योंकि उन्हें देवी का स्वरूप माना जाता है। हालाँकि आज भी हिंदुस्तान में बहुत से ऐसे परिवार हैं जो लड़कियों के जन्म पर खुश नही होते। आज आधुनिक काल में जहाँ विश्व भर में लड़कियाँ लड़कों से कंधा मिलाते हुए चल रही है, वहीं कुछ लोग आज भी लड़कियों का जन्म होने पर उन्हें कोसते हैं और कई जगहों पर नवजात बालिकाओं की हत्या भी कर दी जाती है। लेकिन हमे ये बात याद रखनी चाहिए कि हमारे ही देश में इंदिरा गाँधी, चंदा कोचर, मैरी कॉम, प्रियंका चोपड़ा सहित ऐसी बहुत सी महिलाएं हैं जो आये दिन अपने क्षेत्र में न केवल अपने परिवार का नाम बल्कि देश का नाम भी रोशन कर रहीं हैं। ऐसे में आज आधुनिक काल में भी यदि कोई बेटियों के जन्म पर मातम मनाता है तो उसे संकुचित सोच का शिकार ही माना जाएगा। इसके विपरीत भारत में ऐसे बहुत से परिवार और माता पिता हैं जो अपनी बेटियों की परवरिश भी बेटों की तरह ही करते हैं। उनके लिए बेटे और बेटी में कोई फर्क नहीं होता। अब बात करें लड़कियों के नाम का चुनाव करने की तो, इस दौरान बालक के नाम रखने की क्रिया की तरह ही कुछ सावधानी अवश्य बरती जानी चाहिए, जैसे:-

  • बच्ची का नाम ऐसा रखा जाए जो उसे समाज में अलग पहचान दिलाता हो।
  • लड़की का नाम राखत हुए भी ध्यान रहे कि नाम ऐसा बिल्कुल ना हो जो किसी प्रसिद्ध शख़्सियत का हो।

एस्ट्रोसेज के इस कैलकुलेटर का प्रयोग कर आप निःशुल्क न केवल अपनी बच्ची के लिए सही नाम का चुनाव कर सकते हैं, बल्कि उनके शुभ नाम का चयन कर उन्हें देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी दिला सकते हैं।


क्या है नाम रखने का महत्व ?

हिन्दू धर्म शास्त्र में वर्णित सभी सोलह संस्कारों में से सबसे महत्वपूर्ण नामकरण संस्कार होता है जिसके द्वारा ही हर माता-पिता अपने शिशु का नाम रखते हैं। हर व्यक्ति के जीवन में नाम का ख़ास महत्व है क्योंकि एक वहीं चीज है जो जन्म के बाद से मृत्यु के बाद तक भी एक व्यक्ति के साथ रहता है। नाम ही हर व्यक्ति की पहचान होती है, इसलिए नाम का चुनाव करते वक़्त विशेष सावधानी ज़रूर बरतनी चाहिए।

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार बालक की राशि और नक्षत्र के आधार पर ही शिशु का नाम रखा जाना चाहिए। कई बार लोग किसी व्यक्ति विशेष से प्रभावित होकर बच्चे का नाम रख देते हैं, जबकि ऐसा करना बिलकुल उचित नहीं है। क्योंकि हर बच्चा विशेष होता है इसलिए उसका नाम भी ख़ास होना चाहिए। कई लोग अपने पसंदीदा अभिनेता या अभिनेत्री का नाम अपने बच्चों को दे देते हैं जो की बिल्कुल सही नहीं है। ऐसे में देखा जाता है कि बड़े होने पर दूसरे लोग बच्चे को उस नाम से चिढ़ा सकते हैं या बच्चे को अपने नाम के चलते हास्य का पात्र बनाना पड़ता है। इसलिए नाम हमेशा सटीक और सही होना चाहिए। आजकल माता-पिता केवल अपनी सहमति से बच्चे का नाम रख देते हैं जबकि हिन्दू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नामकरण संस्कार के दौरान संपूर्ण परिवार की मर्ज़ी से ही बच्चे के नाम का चयन किया जाना चाहिए।

क्या आप जानते हैं नाम रखने के इन रहस्यों के बारे में ?

  • कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने बच्चों का नाम स्कूल में कुछ और बाद में आगे जाकर कुछ और नाम रख देते हैं।
  • अमूमन हर परिवार में बच्चों के दो नाम रखें जाते हैं, एक वो नाम जिससे उनके परिजन उसे प्यार से बुलाते हैं और दूसरा वो जिससे उसे स्कूल,कॉलेज या ऑफ़िस में पहचान मिलती है। ऐसी स्थिति में बच्चे के मूल नाम को ज्यादा महत्व देना चाहिए क्योंकि उसके ज़रिये ही समाज में बालक को उसकी अलग पहचान मिलती है।
  • ये भी देखा गया है कि छोटे बच्चों को अक्सर लोग प्यार से किसी और नाम से बुलाते हैं और बड़े होने के बाद आदत पड़ जाने के चलते ये एक चलन ही बन जाता है। जबकि ऐसा नहीं होना चाहिए और बच्चे को उसके मूल नाम से ही बुलाया जाना चाहिए।
  • आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बाहर कुछ देशों में बच्चों के कुछ विशेष नाम रखने पर पाबंदी है। जैसे कि सऊदी अरब में बच्चे का नाम लिंडा और एलिस नहीं रखा जा सकता। वहीं पुर्तगाल में टॉम नाम रखे जाने पर पाबंदी है। इसके अलावा जर्मनी मे बच्चे का नाम हिटलर रखने पर ख़ासा पाबंदी है।

जन्म तिथि के अनुसार ऐसे करें बच्चे के नाम का चुनाव

हिन्दू धर्म में भारतीय नामों की लिस्ट में ऐसे हज़ारों सार्थक नाम हैं जिनका चुनाव आप कर सकते हैं। यदि आप बच्चे की राशि (चंद्र राशि ) या जन्म तिथि के अनुसार नाम का चयन करना चाहते हैं तो आप हमारे इस “हिन्दू ज्योतिषीय नाम सुझाव टूल” का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो आपके लिए बिलकुल मुफ्त है।

नक्षत्र के अनुसार ऐसे करें बच्चे के नाम का चुनाव

बच्चे के नाम का चयन नक्षत्र के अनुसार भी किया जा सकता है। इसके लिए बच्चे का जन्म जिस नक्षत्र में हुआ है उसकी जानकारी प्राप्त कर आप हमारे इस “नक्षत्र कैलकुलेटर” टूल के ज़रिये किसी भी बालक के सटीक नाम का चयन कर सकते हैं।

राशि के अनुसार ऐसे करें नाम का चुनाव

बच्चे का जन्म जिस राशि में हुआ है उसकी जानकारी प्राप्त कर भी एक सार्थक नाम का चयन किया जा सकता है। एस्ट्रोसेज राशि कैलकुलेटर का प्रयोग कर आप बच्चे की राशि के अनुसार उसके लिए एक सटीक नाम का चयन कर सकते हैं।

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