मंगल का कर्क राशि में गोचर (18 सितंबर, 2026)
मंगल का कर्क राशि में गोचर: ज्योतिष की दुनिया में मंगल को सेनापति का पद दिया गया है। मंगल को पराक्रम का कारक माना गया है। वर्तमान में हम जिस तकनीक के बिना व्यवस्थित जीवन जीने की कल्पना नहीं कर पा रहे हैं; उस तकनीक का कारक मंगल ग्रह भी ही है। इतना ही नहीं मंगल रक्त, मज्जा, बिजली, लड़ाई, झगड़ा, युद्ध, शौर्य आदि का कारक भी माना जाता है। ऐसे मंगल ग्रह 18 सितंबर 2026 दिन शुक्रवार को शाम के समय लगभग शाम 05 बजकर 03 मिनट पर अपनी नीच राशि अर्थात कर्क राशि में प्रवेश कर रहे हैं। मंगल यहीं पर अर्थात कर्क राशि में ही 12 नवंबर 2026 तक बन रहेंगे। इस बीच में मंगल ग्रह आपके लिए कैसे परिणाम देंगे, यह जानने से पहले जान लें कि कर्क राशि में गोचर करने की अवधि में मंगल ग्रह भारतवर्ष के लिए कैसे परिणाम दे सकते हैं?
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मंगल का कर्क राशि में गोचर: भारतवर्ष पर प्रभाव
स्वतंत्र भारत की कुंडली में मंगल ग्रह द्वादशेश और सप्तमेश बनते हैं। कर्क राशि में गोचर करने की अवधि में मंगल तीसरे भाव में रहेंगे। क्योंकि तीसरे भाव में मंगल के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। किंतु नीच का होने के कारण अच्छाइयों का ग्राफ कमजोर रह सकता है लेकिन इस वर्ष जब मंगल तीसरे भाव में नीच अवस्था में रहेंगे, उस समय बृहस्पति उच्च अवस्था में भारत के तीसरे भाव में विचरण कर रहे हैं। यानी की मंगल की नीचता को भंग करने में बृहस्पति पूरा सहयोग कर रहे हैं।
इस तरह से मंगल का नीच भंग योग बनता है। यानी कि मंगल की जो ताकत कमजोर हो रही थी, शक्तिशाली हो रही थी; बृहस्पति उसे काफी हद तक मेंटेन करने की कोशिश करेंगे। यहां एक बात स्पष्ट कर देना जरूरी है कि भले ही ज्योतिष के कई नियम यह कहते हों कि नीच भंग होने पर सब कुछ सामान्य हो जाता है या कई बार सामान्य से भी ज्यादा अच्छा हो जाता है लेकिन मेरे विचार से उन अच्छाइयों के बीच में कुछ कमियां भी देखने को मिल सकती हैं। भारतवर्ष के लिए बात की जाय तो मंगल ऊर्जा का कारक होकर नीच का रहेगा। ऐसे में मंगल की शक्ति थोड़ी सी अशांत हो सकती है।
अग्नि तत्व का ग्रह मंगल जल तत्व की राशि में जाएगा जो इस बात का संकेत है कि यहां अग्नि शांत नहीं होगी बल्कि कभी-कभी खौलाने वाली स्थिति हो जाएगी। ऐसे में भारतवर्ष अपनी सुरक्षा को लेकर जागरूक बना रहे लेकिन ओवर कॉन्फिडेंट न हो तो ज्यादा अच्छा है। देश के भीतर भी वैचारिक मतभेद और आंदोलन जैसी स्थितियां निर्मित हो सकती हैं।
प्राकृतिक आपदाओं में जल तत्व असंतुलित होकर बढ़ोतरी करवा सकता है। अग्नि और जल का मेल शॉर्ट सर्किट या तकनीकी दुर्घटनाओं के योग निर्मित कर सकता है। सीमा पर सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता रहेगी। रियल एस्टेट मार्केट में कुछ सस्ती या कानूनी जटिलताएं देखने को मिल सकती हैं। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग भी देखने को मिल सकती है। क्योंकि मंगल कर्क राशि में कमजोर होते हैं इसलिए हमें आक्रामकता दिखाने की बजाय धैर्य से काम करने की जरूरत रहेगी।
गुरु ग्रह जो मंगल की नीचता को भंग कर रहे हैं; उन्हें भी धैर्य के लिए ही जाना जाता है अर्थात धैर्यवान बनने की स्थिति में भारत को बड़े फायदे मिल सकते हैं। वहीं अधीर होने की स्थिति में नुकसान देखने को मिल सकता है। क्योंकि गुरु के साथ युति और तीसरे भाव में मंगल की गोचर को देखते हुए ऐसा लगता है कि भारतवर्ष धैर्य के साथ निर्णय लेगा। इसलिए हम कह सकते हैं की मंगल का यह गोचर बहुत ज्यादा फायदे लेकिन थोड़े से नुकसान भी दे सकता है। कुल मिलाकर भारतवर्ष के लिए हम इस गोचर को सामान्य से अच्छा कहेंगे। मंगल के इस गोचर का आपकी राशि पर क्या असर पड़ेगा? आइए जानते हैं।
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मंगल का कर्क राशि में गोचर 2026: सभी राशियों पर प्रभाव
मेष राशि
मेष राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में आपकी लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके आठवें भाव के भी स्वामी होते हैं और वर्तमान में मंगल आपकी कुंडली के चौथे भाव में गोचर कर रहे हैं। कर्क राशि में पहुंचने के कारण आपके राशि स्वामी की ताकत कमजोर होने वाली है। वैसे भी चतुर्थ भाव में मंगल के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता लेकिन आपकी लग्न या राशि के स्वामी हैं तो आपको नुकसान नहीं पहुंचाएंगे फिर भी कमजोर होने के कारण मंगल आपको फायदा भी नहीं दे पाएंगे। हालांकि बृहस्पति की संगति के कारण कुछ राहत रहेगी। कहने का मतलब यह है कि मंगल आपको भले ही कोई नुकसान ना पहुंचाएं लेकिन अनुकूलता देने में भी पीछे रह सकते हैं। इसलिए आपको मिले-जुले परिणाम मिल सकते हैं। इस अवधि में आपको अपने स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखना है। वैसे तो मंगल चतुर्थ में जाने पर कुसंगति देने वाले माने गए हैं लेकिन बृहस्पति के संगति में रहने के कारण आपकी सोच अच्छी बनी रहेगी और आप कुसंगति से बच सकेंगे।
स्वजनों से विवाद न होने पाए इस बात का ख्याल रखना भी रखना है। जमीन जायदाद से जुड़े मामलों में लापरवाही नहीं बरतनी है। यानी कि सजग रहेंगे तो इन मामलों में आपको कोई समस्या नहीं आएगी। अन्यथा मंगल चतुर्थ भाव में जाकर इन मामलों में समस्या देते हैं। यानी की भूमि, भवन, वाहन और माता से संबंधित मामलों की समस्याएं देते हैं। किंतु जागरूक रहने की अवस्था में आपको ऐसी समस्याएं नहीं आएगी। वाहन इत्यादि सावधानी से चलाएंगे तो दुर्घटनाओं का भय भी दूर रहेगा। कहने का तात्पर्य है कि मंगल का यह गोचर अनुकूल तो नहीं माना गया है लेकिन बृहस्पति आपकी सोच को सकारात्मक बनाकर नकारात्मकता को शांत करने में मददगार बनेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में बरगद की जड़ों पर मीठा दूध चढ़ाना शुभ रहेगा।
वृषभ राशि
वृष राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में सातवें तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं। वर्तमान समय में मंगल आपके तीसरे भाव में गोचर कर रहे हैं। वैसे तो तीसरे भाव में मंगल के गोचर को अच्छा माना जाता है लेकिन सप्तमेश का नीच का होना दैनिक रोजगार के मामले में साथ ही साथ विवाहित होने की अवस्था में जीवनसाथी है जीवन संगिनी के मामले में कुछ नकारात्मक परिणाम दे सकता है। हालांकि यह नकारात्मकता छोटे लेवल की रहेगी जिससे आप आसानी से नियंत्रित कर सकेंगे और इस मामले में बृहस्पति ग्रह की पंचम दृष्टि आपकी मदद करेगी। बृहस्पति ग्रह मंगल की नकारात्मकता को शांत करने का भी काम करेंगे लेकिन नीच का होने के कारण हमें लापरवाही नहीं बरतनी है। यानी कि आप जागरुक रहेंगे तो ऐसी कोई भी समस्या नहीं आएगी।
आपको अपने पार्टनर की बातों को पॉलाइटली सुनना है। एक दूसरे की भावनाओं का ख्याल रखना है। बाकी कई मामलों में मंगल आपको काफी अच्छे परिणाम देगा। मंगल धन लाभ करवा सकता है। प्रतिस्पर्धात्मक कामों में आपको आगे बढ़ा सकता है। सावधानी पूर्वक काम लेकर आप शासन प्रशासन से जुड़े हुए मामलों में भी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। यानी की मंगल सिर्फ सावधानी की डिमांड कर रहा है। यदि आप सजग रहेंगे, जागरुक रहेंगे तो आप अधिकांश मामलों में काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में क्रोध और अहंकार का त्याग करें, साथ ही साथ भाई बंधु और पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध रखें।
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मिथुन राशि
मिथुन राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में छठे तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके दूसरे भाव में गोचर कर रहे है। वैसे तो दूसरे भाव में मंगल के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। आपकी कुंडली के लिए विशेष कर यह गोचर खराब माना गया है क्योंकि धन भाव में नीच का ग्रह अच्छे परिणाम नहीं देता लेकिन आप ही की कुंडली के लिए एक विशेष योग मंगल निर्मित करता है क्योंकि लाभ भाव का स्वामी धन भाव में जाता है। यानी कुछ अच्छे तो कुछ खराब लक्षण मिक्स है लेकिन इन सब पर भारी है उच्च के बृहस्पति के साथ मंगल की युति। यानी कि अधिकांश दोषों का समन हो रहा है फिर भी कुछ सावधानियों की जरूरत रहेगी। मंगल संचित धन को खर्च करवाने का काम कर सकता है लेकिन वह खर्च सार्थक दिशा में होगा इस बात की अच्छी संभावनाएं हैं।
सामान्य तौर पर दूसरे भाव के मंगल को स्वास्थ्य में कुछ कमजोरी देने वाला कहा गया है। ऐसे में यदि खानपान का ख्याल रखेंगे तो स्वास्थ्य में भी कोई विशेष परेशानी नहीं आएगी। दूसरे भाव का मंगल परिजनों के साथ थोड़ा सा असामंजस्य देने की बात कर रहा है। तो वहीं बृहस्पति सामंजस्य बिठाने की बात कर रहा है। यानी की परिजनों के साथ छोटे-मोटे विवाद के बाद न केवल सॉल्यूशन मिलेगा बल्कि प्रेम भी बढ़ेगा। इस गोचर की अवधि में बहुत अधिक मीठा भी कि नहीं खाना है। साथ ही साथ बहुत अधिक तला भुना भी नहीं खाना है। परिजनों के साथ भी इसी तरह संबंधों को मर्यादित रखना है। तब जाकर आप अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे। यानी की मंगल का यह गोचर अच्छा न होने के बावजूद भी कुछ सावधानियां अपनाने की स्थिति में आपको अच्छे परिणाम दे सकता है।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में किसी माता तुल्य स्त्री को सफेद या हल्के रंग की कपड़े भेंट करना शुभ रहेगा।
कर्क राशि
कर्क राशि वालो! वैसे तो मंगल आपके हितैषी ग्रह माने गए हैं। ज्योतिष की भाषा में इसे योगकारक ग्रह कहा जाता है। क्योंकि फिलहाल मंगल आपके पहले भाव में गोचर कर रहे हैं और कर्क राशि में मंगल नीच के होते हैं, इसलिए इस दृष्टिकोण से मंगल के गोचर को अच्छा नहीं माना जाएगा। गोचर शास्त्र का नियम कहता है कि पहले भाव में मंगल का गोचर रक्त विकार देता है। तो ऐसी स्थिति में यदि आपको ब्लड से रिलेटेड किसी भी तरीके की कोई समस्या पहले से है तो इस गोचर की अवधि में अपेक्षाकृत अधिक सावधान रहने की आवश्यकता रहेगी। प्रथम भाव में मंगल के गोचर को असफलता देने वाला, साथ ही साथ ज्वर, अग्निभय और दुर्घटनाओं का कारक भी माना जाता है। तो इन मामलों में भी आपको सावधानी रखने की आवश्यकता रहेगी।
यदि आप विवाहित है तो लाइफ पार्टनर के साथ आपके संबंध अच्छे बने रहें, इस बात की कोशिश भी जरूरी होगी। विपरीत लिंगी से विवाद करने से बचना भी जरूरी रहेगा। यानी यदि आप स्त्री हैं तो पुरुष से विवाद न करें। वहीं यदि आप पुरुष हैं तो स्त्री से विवाद न करें। वैसे किसी से भी विवाद नहीं करेंगे तो और भी अच्छा रहेगा। इन सावधानियां को रखने की स्थिति में मंगल आपके कार्यक्षेत्र के मामले में कुछ अच्छे परिणाम भी दे सकता है। मित्रों के साथ संयमित बर्ताव करेंगे तो मित्रों का पक्ष भी अनुकूल बना रहेगा। संतान के साथ विवाद करने से बचना है। साथ ही साथ संतान का ख्याल भी रखना है। ऐसा करने की स्थिति में आप परिणामों को मेंटेन कर सकेंगे और अनुकूलता के ग्राफ को बढ़ा सके।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मुफ्त में कोई भी चीज स्वीकार न करें, चाहे वह उपहार ही क्यों न हो।
कन्या राशि
सिंह राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में भाग्य भाव तथा चतुर्थ भाव के स्वामी होने के कारण योगकारक होते हैं। अर्थात आपके लिए काफी अच्छे ग्रह माने गए हैं लेकिन मंगल का द्वादश भाव लेकर आना अच्छा नहीं माना जाएगा। वैसे भी मंगल के गोचर को द्वादश भाव में अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से चतुर्थ भाव का स्वामी द्वादश में चला गया है। यह भूमि भवन और वाहन के दृष्टिकोण से अच्छा नहीं माना जाएगा लेकिन विदेश यात्रा की कोशिश करने वाले लोगों के लिए अथवा विदेश में रहने वाले लोगों के लिए मंगल ग्रह का गोचर कुछ अच्छे परिणाम भी दे सकता है। यद्यपि दूर की यात्राएं थोड़ी सी परेशानी भरी रह सकती हैं लेकिन उन यात्राओं से कुछ फायदे भी मिल सकते हैं।
वैसे गोचरशास्त्र में द्वादश के मंगल को व्यर्थ में खर्च करवाने वाला कहा गया है। साथ ही साथ स्थानहानि करवाने वाला कहा गया है। इसलिए जमीन जायदाद से संबंधित मामलों में सावधानी पूर्वक निर्णय लेना समझदारी का काम होगा। यदि कोई जमीनी विवाद चल रहा है और कोर्ट से उसका फैसला आना है तो कोशिश करें कि उसका फैसला मंगल के गोचर के बाद आए तो ज्यादा अच्छा रहेगा। धार्मिक यात्राओं के लिए यह गोचर अच्छा है लेकिन उन यात्राओं के दौरान भी सावधानी रखने की आवश्यकता रहेगी। यानी कि संयम और समझदारी दिखाकर आप परिणामों को अनुकूल कर सकते हैं लेकिन सामान्य तौर पर इस गोचर को बहुत अच्छा नहीं माना जाता।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में हनुमान जी के मंदिर में मिठाई चढ़ाना और लोगों में उसका प्रसाद बांटना शुभ रहेगा।
तुला राशि
कन्या राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में तीसरे तथा आठवें भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके ग्यारहवें यानी लाभ भाव में गोचर कर रहे हैं। लाभ भाव में मंगल ग्रह के गोचर को सामान्य तौर पर अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है। मंगल जिन-जिन भागों के स्वामी हैं, उन भावों में आपको अच्छा लाभ दे सकते हैं। तो लाभ का ग्राफ़ पूरी तरह से मजबूत न होकर मामूली सा कमजोर भी रह सकता है लेकिन बृहस्पति की संगति में होने के कारण मंगल सामान्य तौर पर आपको अच्छे परिणाम ही देना चाहेंगे। फिर भी कुछ सावधानियों की जरूरत रह सकती है। उन्हें अपनाने की स्थिति में परिणाम शानदार रह सकते हैं।
यदि आप व्यापार व्यवसाय से जुड़े हुए व्यक्ति हैं तो मंगल का यह गोचर आपको काफी अच्छे लाभ करवा सकता है। स्वास्थ्य भी सामान्य तौर पर काफी अच्छा रह सकता है। मित्रों और भाइयों का अच्छा सहयोग मिल सकता है लेकिन इन्हीं मामलों में यदि कहीं से कोई दिक्कत नजर आ रही हो तो उस समस्या को दूर करने की कोशिश भी करें। जैसे कि भाई यदि किसी कारण से नाराज हो तो उसे मनाने की कोशिश करें। वह न केवल मानेगा बल्कि आपके सपोर्ट में खड़ा भी हो जाएगा। आप अपने प्रतिस्पर्धियों से बेहतर करते हुए देखे जाएंगे। यदि आपका काम लाल रंग के पदार्थ से जुड़ा हुआ है तो यह गोचर आपको काफी अच्छे परिणाम दे सकता है। अप्रत्याशित रूप से लाभ करवाने में भी मंगल का यह गोचर अच्छी अनुकूलता दे सकता है।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में शिवजी का शहद से अभिषेक करना शुभ रहेगा।
तुला राशि
तुला राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में दूसरे तथा सातवें भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके दशम यानी कर्म भाव में गोचर कर रहे हैं। मंगल के गोचर को सामान्य तौर पर दशम भाव में बहुत अच्छा नहीं माना जाता लेकिन हमने अपने व्यक्तिगत अनुभव में पाया है की दशम भाव का मंगल आपके भीतर की ऊर्जा को बढ़ाने में मददगार बनता है और यदि आपने ऊर्जा को सही दिशा में लगाया तो आपको अच्छे फायदे भी मिल सकते हैं। क्योंकि यहां मंगल नीच का होने के बावजूद भी बृहस्पति की संगति में है और बृहस्पति आपके धन भाव को देख रहा है। यानी कि धन के कारक के साथ होकर धन भाव को देखना बहुत अच्छी स्थिति है।
आर्थिक मामले में मंगल का यह गोचर आपको अच्छे लाभ दिला सकता है। आप अपनी मेहनत के अनुरूप अच्छा लाभ पा सकेंगे और अच्छी बचत भी कर सकेंगे। दैनिक रोजगार के मामले में भी मंगल का यह गोचर आपको फायदा पहुंचाता हुआ नजर आ रहा है। नौकरी में भी अपने वरिष्ठों के साथ तालमेल बिठाने की स्थिति में आपको अच्छे परिणाम मिल सकेंगे। यद्यपि बचाए हुए धन को कहीं खर्च करना पड़ सकता है लेकिन बृहस्पति की कृपा से खर्च सार्थक मामले में होंगे। यह एक अनुकूल बात रहेगी। दैनिक रोजगार के मामले में साथ ही साथ दांपत्य संबंधी मामले में सावधानी की जरूरत रहेगी। सावधानी अपनाने की स्थिति में अनुकूलता बनी रहेगी।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में नहीं संतान व्यक्तियों की मदद करना और उनका आशीर्वाद लेना उपाय की तरह काम करेगा।
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वृश्चिक राशि
वृश्चिक राशि वालो! मंगल आपके लग्न या राशि के स्वामी होने के साथ-साथ आपके छठे भाव के भी स्वामी होते हैं और वर्तमान में मंगल आपके भाग्य यानी नवम भाव में हैं। वैसे तो नवम भाव में मंगल के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता है लेकिन बृहस्पति के साथ में होने के कारण आप अपनी ऊर्जा का सदुपयोग करने में समर्थ हो सकेंगे और यही कारण है कि इस तरह से काम करने की स्थिति में आप कुछ फायदे भी ले सकेंगे। नौकरी में बदलाव की संभावनाएं बनेगी लेकिन बदलाव करने से पूर्व अच्छी तरह से सोच विचार कर लेना जरूरी रहेगा। यानी कि आपको लाभ तभी मिलेगा जब आप चिंतन मंथन करके कोई निर्णय लेंगे अन्यथा नुकसान हो सकता है।
इसी तरह स्वास्थ्य का ख्याल रखते हुए और जरूरी कामों को कंप्लीट करते हुए आगे बढ़ेंगे तो किस्मत का साथ मिलेगा। अन्यथा धर्म कर्म की ओर मन ज्यादा लग सकता है लेकिन अपने दायित्व से विमुख होने का मन कर सकता है। कुल मिलाकर सुझाव यही है कि आर्थिक मामले में किसी भी तरीके के लापरवाही न करें। स्वास्थ्य का ख्याल रखें और अपनी ड्यूटी को करने में कोताही न करते ऐसा करने की स्थिति में आप नकारात्मकता को रोक कर सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में शिवजी का दूध से अभिषेक करना शुभ रहेगा।
धनु राशि
धनु राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में पांचवें तथा द्वादश भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके अष्टम भाव में गोचर कर रहे हैं। अष्टम भाव में मंगल के गोचर को अच्छा नहीं माना जाता। ऊपर से पंचमेश का अष्टम भाव में जाना प्रेम संबंध, शिक्षा और संतान इत्यादि से संबंधित मामलों के लिए भी कमजोर स्थिति कही जाएगी। इसके अलावा चोट खरोच लगने का भय भी मंगल का यह गोचर दे सकता है। हालांकि द्वादश भाव के स्वामी का अष्टम भाव में जाना कुछ एक मामलों के लिए अच्छे परिणाम दे सकता है। विशेषकर दूर से संबंधित मामले, विदेश से संबंधित मामले या लंबे समय से लंबित कामों की अचानक संपन्न हो जाने के मामले में मंगल कुछ अच्छे परिणाम भी दे सकता है।
वैसे ज्यादातर मामलों में इसे अच्छा नहीं कहा जाएगा। इसलिए इस गोचर की अवधि में अपने प्रेम संबंधों का ख्याल रखना जरूरी रहेगा। यदि आप पित्त प्रकृति के व्यक्ति हैं, यानी कि एसिड से संबंधित समस्याएं आपको रहती हैं तो अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें। यदि आपका पाचन तंत्र कमजोर है तो भी अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखें। वाद-विवाद, दुर्घटना इत्यादि से बचाव के प्रति सजग रहें। खान-पान को संयमित रखें। मिर्च मसाले वाली चीजों से बचें। ऐसा करने की स्थिति में आप नकारात्मकता को रोक सकेंगे।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में मंदिर में चने की दाल का दान करना शुभ रहेगा।
मकर राशि
मकर राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में चौथे तथा लाभ भाव के स्वामी होते हैं। वर्तमान में मंगल आपके सप्तम भाव में गोचर कर रहे हैं। सप्तम भाव में मंगल के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता। ऊपर से मंगल नीच अवस्था में रहेंगे। अतः इस गोचर को अच्छा नहीं माना जाएगा। राहत की बात यह है कि उच्च के बृहस्पति, मंगल की नकारात्मकता को नियंत्रित करना चाह रहे हैं। ऐसे में संयमित लोग इस गोचर की नकारात्मकता से स्वयं को बचा सकेंगे। अन्यथा यह गोचर अपने लेवल पर परेशान करने की कोशिश कर सकता है। आपको जिन मामलों में सावधानी रखनी है, वह मामले हैं दांपत्य से संबंधित मामले और साझेदारी के मामले।
यदि आप विवाहित हो जीवन संगिनी या जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ख्याल रखें। उनके साथ किसी भी तरीके का विवाद न करें साझेदारी के कामों में अपने पार्टनर की बातों को अनसुना न करें। व्यर्थ की यात्राओं से बचें। यदि आपको दांत या हड्डियों से संबंधित कोई परेशानी पहले से है तो उस मामले में स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां जरूरी रहेंगी। क्योंकि चतुर्थ भाव का स्वामी नीच का हो रहा है, ऐसे में घर गृहस्थी का ख्याल रखना भी जरूरी रहेगा। हो सकता है की मेहनत के परिणाम तुरंत न मिलें, बल्कि कुछ समय के बाद मिलें। ऐसे में धैर्य की भी जरूरत रहेगी। यानी कि इस तरह की कोशिशों को करके आप नकारात्मकता को नियंत्रित कर सकेंगे। यदि आप धैर्यवान व्यक्ति हैं तो बृहस्पति की कृपा से आपको नुकसान नहीं होगा।
उपाय: उपाय की बात करें तो उपाय के रूप में कन्याओं को मिठाई खिलाना शुभ रहेगा।
कुंभ राशि
कुम्भ राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में तीसरे तथा दशम भाव के स्वामी होते हैं और वर्तमान में यह आपके छठे भाव में गोचर कर रहे हैं। सामान्य तौर पर छठे भाव में मंगल के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला माना जाता है लेकिन क्योंकि मंगल नीच के रहेंगे अतः जिन भावों के स्वामी होकर मंगल छठे भाव में जा रहे हैं उन भागों से संबंधित मामलों में कुछ सतर्कता जरूरी रहेगी। जैसे कि यदि आप जॉब करते हैं तो वरिष्ठों के साथ आपके तालमेल अच्छे बने रहें, इस बात की कोशिश करें। ऐसा करने की स्थिति में आपकी जॉब अच्छी रहेगी और इंक्रीमेंट तथा प्रमोशन के रास्ते भी खुलेंगे। इसी तरह भाई बंधु और पड़ोसियों के साथ संबंधों को मेंटेन करने का प्रयास करें।
यदि आप उनके साथ संबंधों को अच्छा बनाए रखते हैं तो उनके सहयोग से आपको कुछ अच्छी उपलब्धियां भी मिल सकती हैं। कहीं से कोई अच्छी खबर भी सुनने को मिल सकती है। पिता और पिता तुल्य व्यक्तियों के मार्गदर्शन में काम करने की स्थिति में आपको अच्छे परिणाम मिलते रहेंगे। आपका कॉन्फिडेंस और अच्छा रहेगा। आप प्रतिस्पर्धात्मक मामलों में काफी अच्छा कर सकेंगे। यदि आप सोने और तांबे से जुड़े हुए व्यापार व्यवसाय में हैं तो आपको कुछ और भी फायदे मिल सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो मंगल आपको आर्थिक मामले में लाभ करवा सकता है, बस धैर्य के साथ निर्णय लेने की आवश्यकता रहेगी। यदि आप अनुशासित रहेंगे, योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे और अपने स्वास्थ्य का ख्याल रखेंगे तो आप लगभग सभी मामलों में काफी अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकेंगे।
उपाय: मित्रों को नमकीन खाद्य सामग्री बांटना या खिलाना शुभ रहेगा।
मीन राशि
मीन राशि वालो! मंगल आपकी कुंडली में दूसरे तथा भाग्य भाव के स्वामी होते हैं तथा वर्तमान में मंगल आपके पंचम भाव में गोचर कर रहे हैं। पंचम भाव में मंगल के गोचर को अच्छे परिणाम देने वाला नहीं माना जाता। ऊपर से धन स्थान के स्वामी का नीच का होना तथा भाग्य के स्थान के स्वामी का नीच का होना भी अच्छा नहीं माना जाता। यानी कि सामान्य तौर पर इस गोचर को अच्छा नहीं कहा जाता लेकिन इस वर्ष मंगल, बृहस्पति के साथ रहेंगे और बृहस्पति उच्च अवस्था में होने के कारण मंगल की नीचता को दूर कर रहे हैं। अतः आप अच्छे परिणाम की भी उम्मीद रख सकते हैं। यानी की आर्थिक मामले में जिन बड़े नुकसान की उम्मीद थीं, वह दूर हो रही है।
आप सावधानीपूर्वक आर्थिक मामले में अच्छा कर सकते हैं। वहीं कर्मठता दिखाकर आप भाग्य का सहयोग भी प्राप्त कर सकेंगे। यानी कि आपको काम करने की शुरुआत करनी होगी। धीरे-धीरे भाग्य भी साथ देने लगेगा। आपके वरिष्ठ भी आपका सहयोग करेंगे। यदि आप संतान से संबंधित मामलों में समझदारी से काम लेंगे तो संतान के साथ रिश्तों को मेंटेन किया जा सकेगा। वहीं यदि आप विद्यार्थी हैं और अपने मन की चंचलता पर नियंत्रण पाने की कोशिश करेंगे तो सब्जेक्ट पर फोकस हो सकेगा और अच्छे परिणाम भी मिल सकेंगे।
उपाय: नीम की जड़ों में जल चढ़ाना शुभ रहेगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. मंगल का कर्क राशि में गोचर कब होगा?
मंगल महाराज 18 सितंबर 2026 को कर्क राशि में गोचर करेंगे।
2. कन्या राशि का स्वामी कौन है?
राशि चक्र की छठी राशि कन्या के अधिपति देव बुध ग्रह हैं।
3. मंगल ग्रह कौन है?
ज्योतिष में मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम और युद्ध के कारक माना जाता है।








