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मंगल का तुला राशि में गोचर- 10 नवंबर 2019

नव ग्रहों में से सेनापति का पद मंगल ग्रह को प्राप्त है और इसलिए इसे उग्र होने के साथ साथ क्रूर ग्रह की श्रेणी में भी गिना जाता है। यह मेष तथा वृश्चिक राशि का स्वामी होने के साथ-साथ मकर राशि में उच्च का तथा कर्क राशि में नीच राशि का माना जाता है। यह जीवन में शक्ति ऊर्जा साहस पराक्रम का विशेष कारक ग्रह है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार यदि कुंडली में मंगल अच्छा हो तो व्यक्ति किसी से ना डरने वाला, अपने काम को निपुणता से पूरा करने वाला तथा नेतृत्व क्षमता से भरपूर बनता है और ऐसे व्यक्ति में भरपूर जीवन ऊर्जा पाई जाती है।

 मंगल का तुला राशि में गोचर

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कमज़ोर मंगल के कुंडली पर प्रभाव

वहीं कुंडली में मंगल ग्रह के कमज़ोर होने पर यह विभिन्न प्रकार की शारीरिक समस्याएं जैसे रक्त सम्बंधित अनियमितता, चोट, एक्सीडेंट आदि का कारक बनता है, ऐसे जातक आमतौर पर डरपोक होते हैं। जो लोगों के सामने अपनी बात रख पाने में स्वयं को असमर्थ पाते हैं। जिसके कारण जातक को जीवन में सफलता मिलने में कमी आती है। इसका कुंडली के तीसरे, छठे, दसवें तथा ग्यारहवें भाव में होना काफी अच्छा माना जाता है। इसके अलावा प्रथम भाव, चतुर्थ भाव, सप्तम भाव, अष्टम भाव और द्वादश भाव में मंगल की स्थिति मांगलिक दोष का निर्माण करती है जो जातक के वैवाहिक सुख को प्रभावित करता है।

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गोचर का समय व अवधि

वैवाहिक और दाम्पत्य जीवन का कारक मंगल ग्रह अब 10 नवंबर 2019, रविवार को दोपहर 13:31 बजे तुला राशि में गोचर करेगा और 25 दिसंबर 2019, बुधवार की रात्रि 20:26 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। मंगल के तुला राशि में गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। इस राशिफल के माध्यम से डालते हैं उन सभी प्रभावों पर एक नज़र…

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मेष

मंगल आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदार का विचार किया जाता है। आपके सातवें भाव में मंगल का गोचर वैवाहिक जीवन में परेशानियों को पैदा कर सकता है। जीवन साथी आपकी किसी बात को लेकर नाराज़ हो सकता है। दोनों के बीच छोटी-छोटी बात को लेकर झगड़ा होने की संभावना है। संभव है कि जीवनसाथी के स्वभाव में थोड़ी क्रोध की मात्रा बढ़े। इस दौरान वे आपके ऊपर हावी होने का प्रयास भी कर सकते हैं। ऐसे में आप ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे कि उनको आप पर नाराज़ होना पड़े। वहीं अगर आप साझेदारी में व्यापार कर रहे हैं तो बिज़नेस पार्टनर के साथ किसी बात को लेकर विवाद भी संभव है। व्यापार के हित के लिए उनके साथ अच्छे संबंध बनाए रखें। सेहत के नज़रिए देखें तो, आपको उदर संबंधी रोग हो सकते हैं। इस दौरान अपने खान पान पर विशेष ध्यान दें। इस दौरान मानसिक तनाव बहुत ज़्यादा रहेगा।

उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें गेहूं दान करें।

वृषभ

मंगल आपकी राशि से षष्ठम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, नौकरी, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं क़ानूनी विवादों को देखा जाता है। मंगल का गोचर आपके लिए कई क्षेत्रों में मंगलकारी हो सकता है। इस अवधि में आप शत्रुओं पर जीत हासिल करेंगे। विरोधी पक्ष आपका सामना करने से भयभीत होगा। वहीं अगर कोर्ट कचहरी में कोई मुकदमा आपके ख़िलाफ़ चल रहा है तो उसका फैसला आपके हक़ में आ सकता है। कर्म क्षेत्र में आप अपनी मेहनत के बल पर कामयाबी हासिल करेंगे। कार्य अथवा लक्ष्य के प्रति आपकी इच्छा शक्ति आपको और भी आगे बढ़ाएगी। निजी जीवन में अगर आप लंबे समय से किसी परेशानी का सामना कर रहे हैं तो उसमें आपको निजात मिलेगी। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने की प्रबल संभावना है। सेहत के नज़रिए से ये गोचर आपके लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। इसलिए अपनी सेहत को लेकर आपको थोड़ा सावधान रहना होगा। आर्थिक दृष्टि से आपके ख़र्चों में थोड़ी वृद्धि भी संभव है।

उपाय: गरीबों या मंदिर में जाकर अनार का दान करें।

मिथुन

मंगल आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेगा। कुंडली में इस भाव को संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। इस गोचर का फल आपके लिए बहुत ज्यादा अनुकूल नहीं है। विविध क्षेत्रों में आपको निराशाजनक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। इस अवधि में आपके जीवन में शत्रुओं की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में आपको उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है। आपकी संतान को इस दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं जिससे आपका मन अशांत रहेगा। इसलिए संतान की सेहत का ख्याल रखें। विपरीत परिस्थितियों से घबराये नहीं बल्कि उनका डटकर सामना करें। ऐसा भी संभव है कि आप इस बीच सट्टेबाज़ी, शेयर या शर्त आदि से भी लाभ उठा लें। लेकिन इस तरह की किसी भी गतिविधि में निवेश करने से पहले ज़रूर अच्छे से सोचे और हो सके तो इसमें पड़ने से भी परहेज करें। अपने प्रियजनों के साथ बातचीत करते वक्त कटु शब्दों का प्रयोग न करें। इस दौरान आपके खर्चें बढ़ जाएंगे इसलिए अपने फ़िजूल के ख़र्चों पर लगाम लगाएँ। इस अवधि में आपकी रचनात्मक क्षमता के कमज़ोर रहने की संभावना है। उन छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है जो उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इस समय उनको थोड़ा धैर्य से काम लेना होगा।

उपाय: ग़रीबों को या ज़रूरतमंद माँ सम्मान स्त्रियों को लाल मसूर का दान करें।

कर्क

मंगल आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेगा। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। गोचर के दौरान आपको अपने जीवन में उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ सकता है। चूंकि चौथा भाव माता से संबंधित है तो इस अवधि में गोचर का प्रभाव उनके ऊपर भी पड़ सकता है। ऐसे में माता जी की सेहत में गिरावट आने की संभावना है अथवा इस दौरान विचारों की सहमति न हो पाने के कारण मां के साथ बहस हो सकती है। बहस व झगड़ों के बढ़ जाने के कारण शादीशुदा जीवन में शांति भंग होने की भी संभावना है। मां की सेहत इस बीच बिगड़ सकती है और परिवार से अलगाव की भी संभावना है। बुखार, अपच और रक्त से संबंधित समस्याएं आपको परेशान कर सकती हैं। बेफ़िज़ूल की बहस आदि से बचे और शांति बनाए रखें। करियर में बढ़ोत्तरी के लिए आप अपनी नौकरी बदलने का विचार कर सकते हैं। जीवन साथी को उनके कार्य स्थल पर अच्छे कार्य प्रदर्शन के लिए प्रमोशन या वेतन में बढ़ोत्तरी हो सकती है।

उपाय: भगवान शिव की आराधना करें और उन्हें गुड़ अर्पित करें।


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सिंह

मंगल आपकी राशि से तृतीय भाव में जाएगा। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस अवधि में आप खुद को काफी फिट महसूस करेंगे और स्वस्थ रहेंगे। इस दौरान आपको भौतिकवादी लाभों की प्राप्ति हो सकती है। आपके साथी व बच्चे जीवन को प्यार व ख़ुशियों के रंग से भर देंगे। आय में बढ़ोत्तरी होगी और आप नए कपड़ों की ख़रीददारी में काफी धन ख़र्च भी करेंगे। आपके आत्म-विश्वास व साहस में इज़ाफा होगा लेकिन आपके भाई-बहनों को थोड़ी बहुत चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। इस दौरान होने वाली यात्राएं आपके लिए लाभदायी साबित होंगी और आपको सरकार या वरिष्ठ अधिकारियों की तरफ से लाभ प्राप्त होंगे। सहकर्मियों के साथ बहस हो सकती है बावजूद इसके आपके करियर पर कोई फ़र्क नहीं पड़ेगा। इस दौरान आप अपने विचार व मत से लोगों को पराजित करने में कामयाब रहेंगे। आपकी इच्छा शक्ति आपको आगे की ओर ले जाएगी। अपनी ऊर्जा का सही दिशा में प्रयोग करें, इससे आप हर मुश्किल घड़ी में कामयाब होंगे।

उपाय: रोज़ाना हनुमान चालीसा का पाठ करें।

कन्या

मंगल आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के कुटुंब, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान आपको अपनी भाषा में मधुरता लानी होगी। क्योंकि संभव है कि आपकी वाणी में मंगल के प्रभाव से कटुता आए। कार्य क्षेत्र में बाधाएं भी आ सकती हैं। कार्यक्षेत्र पर सीनियर्स के साथ किसी बात को लेकर बहसबाज़ी हो सकती है। इसलिए ऐसा कोई भी कार्य न करें जिससे कि बॉस या फिर आपके वरिष्ठ अधिकारी आप पर नाराज़ हों। इसके अलावा अपने ग़ुस्से को भी काबू में रखें। वहीं आर्थिक रूप से देखें तो इस अवधि में आपको अप्रत्याशित लाभ प्राप्त हो सकता है। परिवार के सदस्यों से आपका विवाद भी हो सकता है। ऐसी स्थिति में ख़ुद को शांत रखें और अगर आपसे किसी प्रकार की ग़लती हो जाए तो उसे स्वीकारें। परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां हो सकती हैं। परिवार के सदस्यों से किसी बात को लेकर विवाद संभव है। हालाँकि अच्छी बात यह है कि ज़रुरत पड़ने पर घर के सदस्यों का आपको सहयोग प्राप्त होगा।

उपाय: लाल कपड़ा और लाल फूल दान करें।

तुला

मंगल ग्रह आपकी ही राशि में गोचर करेगा जो आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। गोचर के प्रभाव से आपके स्वभाव में कठोरता आ सकती है। छोटी-छोटी बातों को लेकर आप गुस्सा कर सकते हैं। आपके इस रवैये से लोग गुस्सा भी हो सकते हैं। इस अवधि में दूसरों पर हावी होने की कोशिश बिल्कुल भी न करें अन्यथा परेशानी में पड़ सकते हैं। निजी जीवन में होने वाले झगड़े मानसिक तनाव दे सकते हैं। माता जी की सेहत में गिरावट आने की संभावना है। कार्य क्षेत्र में आपको अपने लक्ष्यों को हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करने की ज़रूरत है। किसी भी खतरे या दुर्घटना से बचने के लिए संभल कर गाड़ी चलाएँ। ख़ासकर नशे की हालत में वाहन बिल्कुल न चलाएँ और अपने क्रोध पर नियंत्रण रखने का प्रयास करें। अपने क्रोध पर काबू रखें और लड़ाई झगड़े से दूर रहने का प्रयास करें।

उपाय: मंगलवार के दिन लाल चंदन का दान करें।

वृश्चिक

मंगल आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेगा। ज्योतिष में यह भाव व्यय भाव कहलाता है। इस भाव से ख़र्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा आदि को देखा जाता है। इस गोचर से आपके शादीशुदा जीवन में परेशानियां बढ़ सकती हैं। जीवन साथी को आपके व्यवहार से लगातार परेशानी हो सकती है। इसलिए उनके साथ सामंजस्य बिठा कर चलें। आर्थिक पक्ष को देखें तो हाथ खुला होने के कारण आपको आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए फ़िजूल के ख़र्चों में लगाम लगाएँ और धन की बचत पर ध्यान दें। आप किसी दूर स्थान या विदेश जाने का प्लान भी बना सकते हैं। आपके कार्यों में आ रही बाधाओं या रुकावटों से आप बिल्कुल भी हिम्मत न हारें क्योंकि अपनी मेहनत से ही आप उन बाधाओं को दूर कर सकेंगे। सेहत के नज़रिए से देखें तो इस बीच आप पीलिया, अल्सर जैसी परेशानियों से भी ग्रस्त हो सकते हैं। मन बेचैन रहने के कारण अनिद्रा की शिकायत भी हो सकती है। इसलिए गोचर के दौरान आपको ज़्यादा सावधान रहने की ज़रूरत है। इस अवधि में आपके चोटिल होने का ख़तरा भी है।

उपाय: ‘’ॐ भौं भौमाय नम:’’ मंत्र का जाप करें।

धनु

मंगल आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होगा। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहनों आदि को देखा जाता है। गोचर के दौरान आपको कई क्षेत्रों में शुभ फलों की प्राप्ति होगी। यदि कोर्ट-कचहरी में केस चल रहा है तो आपको उसमें सफलता मिल सकती है। इस अवधि में आप विरोधियों पर हावी रहेंगे, और उन्हें मात देने में भी सफल होंगे। मित्र मंडली का साथ आपको अच्छा महसूस कराएगा। सामाजिक स्थिति में बढ़ोत्तरी होगी, कार्यों में सफलता मिलेगी, बिज़नेस में सुधार होगा और आपको ख़ुशियाँ प्राप्त होंगी। प्रेम संबंधों में भी थोड़ी बहुत अनबन रह सकती है लेकिन फिर भी आप अपने जीवन साथी के संग अच्छा समय बिताएंगे। विदेशी ज़मीन से मुनाफ़े की उम्मीद है। यदि आपने किसी व्यक्ति को धन उधार दिया है तो तो उस धन के वापस आने की प्रबल संभावना है। सेहत की दृष्टि से मंगल का गोचर आपके लिए अनुकूल है। इस अवधि में आपकी सेहत में काफी सुधार नज़र आएगा।

उपाय: ‘’ॐ अं अंगारकाय नम:’’ मंत्र का जाप करें।

मकर

मंगल आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव करियर एवं प्रोफेशन, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। मंगल का ये गोचर आपके करियर में ईंधन का कार्य कर सकता है। इस दौरान आप करियर के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छुएंगे। आप अपनी मेहनत और बौद्धिक कौशल से कार्य स्थल पर प्रमोशन पा सकते हैं। साथ ही आपको सैलरी में बढ़ोत्तरी आदि की सौगात मिल सकती है। ऑफ़िस या कार्य स्थल पर किसी बड़े कार्य को करने का अधिकार मिल सकता है या फिर कोई बड़ी ज़िम्मेदारी मिल सकती है। परंतु इस दौरान कार्य क्षेत्र में खुद को विवादों से दूर रखें। ख़ासकर कार्य क्षेत्र में होने वाली राजनीति का हिस्सा बिल्कुल न बनें और तटस्थ रहकर अपने काम पर ही ध्यान दें। इस बीच कार्य में ज़्यादा व्यस्त रहने के कारण आप परिवार में ज़्यादा समय नहीं दे पाएंगे जिससे निजी जीवन में थोड़ी बहुत अशांति रहेगी। अगर आप शादीशुदा हैं तो जीवनसाथी आपसे यह शिकायत कर सकता है कि आप उन्हें समय नहीं देते हैं। आप इस दौरान किसी ज़मीन या अन्य प्रॉपर्टी का सौदा भी कर सकते हैं।

उपाय: मंगलवार के दिन किसी भी गौशाला में गेहूं दान करें।

कुंभ

मंगल आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है। ये समय आपके लिए मिला-जुला रहेगा। संभव है कि इस बीच आप जॉब चेंज कर लें या फिर दूसरे स्थान पर आपका तबादला हो जाए। आय के अच्छे स्रोत प्राप्त होंगे। अगर आप एक छात्र हैं तो इस दौरान गुरुजनों से अच्छे संबंध बनाए रखने से आपको उसका लाभ प्राप्त हो सकता है। व्यवसाय में कुछ खास परिणाम हासिल नहीं होंगे। यानि कि अगर आप एक व्यापारी हैं तो लाभ पाने के लिए आपको अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। आपको अपने अच्छे कार्यों के कारण समाज में इज़्ज़त मिलेगी और आर्थिक स्थिति भी अच्छी होगी। भाई-बहनों व सहभागियों के साथ किसी भी विवाद से बचने के लिए बोलने से पहले विचार-विमर्श अवश्य करें। इस बीच आप किसी यात्रा पर भी जा सकते हैं। यह यात्रा किसी तीर्थ स्थल की भी हो सकती है। वैवाहिक जीवन में भाग्य का साथ मिलने से जीवन साथी का करियर चमकेगा।

उपाय: हर मंगलवार को गाय को गुड़ खिलाएं।

मीन

मंगल आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होगा। कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव भी कहा जाता है। इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। कार्यों में लाभ प्राप्त करने के लिए आपको अधिक मेहनत करने की आवश्यकता होगी। सेहत के नज़रिए मंगल का गोचर आपके लिए अनुकूल नहीं है लिहाज़ा इस अवधि में अपने आपको खून से संबंधित विकारों, चोटों, दुर्घटनाओं या सर्जरी आदि से बचाना होगा। कार्य क्षेत्र में रुकावटें आ सकती हैं, ये रुकावटें आपको मानसिक तनाव की ओर भी धकेल सकती हैं। इसके अलावा अचानक बेफ़िज़ूल की यात्राएं और आर्थिक स्थिति में गिरावट से भी मानसिक तौर पर परेशान हो सकते हैं। यदि आप शादीशुदा जातक हैं तो ससुराल पक्ष के लोगों के साथ विवाद या बहसबाज़ी हो सकती है, तो इससे बचने का प्रयास करें। भाई-बहनों को कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान उन्हें आपकी मदद की जरुरत भी पड़ सकती है। दूसरी ओर, इस गोचर के दौरान कुछ अप्रत्याशित लाभ आपको बहुत ज़्यादा खुशी देंगे।

उपाय: हनुमान जी की पूजा करें और उन्हें सिंदूर अर्पित करें।


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