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शुक्र का कन्या में गोचर (11 अगस्त, 2021)

ज्योतिष विज्ञान में शुक्र ग्रह को एक शुभ ग्रह बताया गया है, जिन्हें वृषभ और तुला राशि का स्वामित्व प्राप्त है। ये जातक के जीवन में भौतिक सुख, वैवाहिक सुख, भोग-विलास, शौहरत, कला, प्रतिभा, सौंदर्य, रोमांस, काम-वासना, आदि का निर्माण करते हैं। इसके प्रभाव से ही व्यक्ति को भौतिक, शारीरिक और वैवाहिक सुखों की प्राप्ति होती है। शुक्र के शुभ प्रभाव से जातक को बेहतर दांपत्य जीवन, प्रेम संबंध, सुंदर व्यक्तित्व, उत्कर्ष वित्त और आरामदायक जीवन शैली प्राप्त होती है, क्योंकि शुक्र देव को आकर्षण, समृद्धि और धन का ग्रह माना जाता है।

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शुक्र का कन्या में गोचर

अब यही शुक्र देव बुध द्वारा शासित कन्या राशि में, अपना स्थान परिवर्तन करने जा रहे हैं। चूँकि कन्या राशि शुक्र की नीच राशि कहलाती है और इस अवधि के दौरान शुक्र अपनी उत्तम स्थिति में नहीं होंगे, इसलिए यह गोचर कई जातकों के लिए सामान्य से कम अनुकूल परिणाम लेकर आने वाला है।

गोचरकाल की अवधि

शुक्र ग्रह का सिंह से निकलकर बुध की कन्या राशि में गोचर 11 अगस्त 2021, बुधवार को सुबह 11 बजकर 20 मिनट पर होगा। जो यहाँ अगले 25 दिनों तक इसी अवस्था में रहेगा, और फिर पुनः अपना गोचर करते हुए, 06 सितंबर 2021, सोमवार को देर रात 12 बजकर 39 मिनट पर, कन्या राशि से निकलकर तुला राशि में विराजमान होगा। शुक्र के कन्या राशि में होने वाले इस गोचर का प्रभाव, करीब-करीब सभी राशियों पर देखने को मिलेगा। ऐसे में आइए जानते हैं शुक्र के इस गोचर का सभी राशियों पर ज्योतिषीय प्रभाव-

यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। इसके अलावा व्यक्तिगत भविष्यवाणी जानने के लिए ज्योतिषियों के साथ फ़ोन पर या चैट पर जुड़े

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मेष

शुक्र आपके द्वितीय और सप्तम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में इस भाव को शत्रु भाव कहा जाता है। इस भाव से विरोधियों, रोग, पीड़ा, जॉब, कम्पीटीशन, रोग प्रतिरोधक क्षमता, शादी-विवाह में अलगाव एवं कानूनी विवादों को देखा जाता है। इस दौरान आपको अपने माता-पिता के साथ, अपने संबंधों में परेशानी उठानी पड़ सकती है। खासतौर से यह समय, मां के साथ आपके अलगाव की स्थिति उत्पन्न करेगी। साथ ही आप कुछ कानूनी या कोर्ट-कचहरी संबंधित मामलों में भी, फँस सकते हैं। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतें और सभी नियम कानूनों का भली-भांति पालन करें। यदि आप शादीशुदा हैं तो यह समय आपका अपने जीवनसाथी से, किसी कारणवश विवाद करा सकता है। क्योंकि इस दौरान आप दोनों के विचार एक दूसरे से अलग होंगे, जिससे छोटी-छोटी बात पर भी टकराव की स्थिति बनेगी। इसके साथ ही यह गोचर आपके जीवन साथी को, कुछ स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी दे सकता है।

कार्यक्षेत्र की बात करें तो, वो जातक जो पार्टनरशिप के व्यापार से जुड़े हैं, उन्हें इस गोचरकाल के दौरान अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। क्योंकि आशंका है कि आपका अपने साझेदार के साथ तालमेल खराब होगा, जिससे आप दोनों के बीच बड़ा विवाद भी हो सकता है। इसका सीधा नकारात्मक परिणाम, आपके व्यापार को प्रभावित करने का कार्य करेगा।

आर्थिक जीवन में भी आपको विशेष सलाह दी जाती है कि इस समय किसी से भी उधारी पर धन न लें, अन्यथा उसे चुकाना आपके लिए खासा मुश्किल हो सकता है। साथ ही आपको एक सही बजट बनाने और उसी के अनुसार कुछ भी धन खर्च करने की भी ज़रूरत होगी। क्योंकि ऐसा करके ही आप अपने खर्च और आमदनी के बीच, सही संतुलन बनाने में सफल होंगे।

नौकरीपेशा जातकों को भी अपने कार्यक्षेत्र पर, प्रतिकूल फलों की प्राप्ति होगी। खासतौर से यदि आपकी वरिष्ठ अधिकारी कोई महिला है तो, आपको विशेष रूप से उनके साथ काम करते समय सतर्क रहने की आवश्यकता सलाह दी जाती है।
उपाय- रोज़ाना खाली पेट नींबू पानी पिएं।

वृषभ

शुक्र आपके प्रथम यानी लग्न और षष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से पंचम भाव में गोचर करेंगे। कुंडली में इस भाव को, संतान भाव के नाम से भी जाना जाता है। इस भाव से रोमांस, संतान, रचनात्मकता, बौद्धिक क्षमता, शिक्षा एवं नए अवसरों को देखा जाता है। इस अवधि में छात्रों को कुछ परेशानी होगी, क्योंकि संभव है कि उनका ध्यान अपनी शिक्षा से भ्रमित होगा। हालांकि वो अपनी संगति में सही सुधार करते हुए, उन लोगों से दूर होने का फैसला भी ले सकते हैं, जो उनका ध्यान भंग करते हुए उन्हें नुकसान पहुंचा रहे हैं।

वहीं यदि आप किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो, आपको इस समय सावधान रहने की आवश्यकता होगी। क्योंकि आशंका है कि प्रेमी के साथ आपका कुछ मतभेद या टकराव हो, जिसका नकारात्मक असर आप दोनों के प्रेम संबंधों पर पड़ेगा। इस समय आप अपने साथी को समझ पाने में पूरी तरह असमर्थ होंगे, जिससे आप दोनों के बीच ग़लतफहमी बढ़ सकती है। वो जातक जो किसी चिकित्सा या स्वास्थ्य सेवाओं में कार्यरत हैं, उनके लिए समय सामान्य से बेहतर ही रहेगा। क्योंकि ये समय आपको अपने ग्राहकों के साथ सीधा जुड़ने के कई अवसर देने वाला है, जिससे आपके ज्ञान में वृद्धि के साथ-साथ इसका सकारात्मक असर आपकी प्रोफाइल में भी दिखाई देगा।

यह समय आपको विस्तार के भी कई अवसर देगा, जिससे आपकी आय में वृद्धि होगी और आपको अपने अच्छे कार्य और लाभदायक सेवाओं के लिए दूसरों से जमकर सराहना भी मिल सकेगी। रचनात्मक कार्यों जैसे डिजाइनिंग, स्टाइलिंग या सजावट, आदि से जुड़े लोगों को, इस गोचरकाल के दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि इस समय आप अपनी ऊर्जा में कमी महसूस करेंगे, जिससे आपको अपने विचारों और नीतियों को अपनाने में कुछ परेशानी हो सकती है। इसका सबसे अधिक प्रभाव आपके कार्यस्थल पर दिखाई देगा।

उपाय- प्रतिदिन “ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का 108 बार जप करें।


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मिथुन

शुक्र आपके द्वादश और पंचम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से चतुर्थ भाव में गोचर करेंगे। कुंडली के चौथे भाव को सुख भाव कहा जाता है। इस भाव से माता, जीवन में मिलने वाले सभी प्रकार के सुख, चल-अचल संपत्ति, लोकप्रियता एवं भावनाओं को देखा जाता है। इस दौरान अपने परिवार के साथ रहने के बावजूद भी, आप थोड़ा अलग-थलग पड़ सकते हैं। साथ ही परिवार के सदस्यों के बीच एकता तो होगी, परंतु वह किसी भी जश्न को एकजुट होकर मनाते और उसका आनंद लेते दिखाई नहीं देंगे। प्रेम संबंधों में भी आपको प्रेम और मधुरता की कमी खलेगी।

वहीं यदि आप वाहन खरीदने की योजना बना रहे थे तो, आपको अभी ऐसा कुछ भी करते समय ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। क्योंकि संभव है कि ऐसा करना इस समय, आपके लिए हानिकारक सिद्ध हो सकता है। साथ ही यदि आप संपत्ति या ज़मीन से जुड़ा कोई निवेश करने का सोच रहे हैं, तो भी अभी आपको थोड़ी और प्रतीक्षा करनी चाहिए। क्योंकि यह समय हर तरह के निवेश के लिए प्रतिकूल दिखाई दे रहा है।

हालांकि शेयर बाजार आदि से जुड़ा निवेश करना, इस गोचर के दौरान आपके लिए अच्छा रहेगा। इस समय आपके विश्लेषण कौशल और तर्कशक्ति का विकास भी होगा, जिससे आप शेयर बाजार से जुड़ा फैसला लेने में ज्यादा सफल होंगे। ये अवधि आपके स्वभाव में सकारात्मक बदलाव भी लाने वाली हैं, जिसके परिणामस्वरूप आप अपने आसपास के लोगों का सहयोग करने के लिए तत्पर रहेंगे। समाज में भी आपकी भागीदारी बढ़ेगी और आप शारीरिक रूप से विकलांग लोगों की मदद के लिए, बढ़-चढ़कर दान पुण्य कर सकते हैं।

यदि आप हॉस्पिटैलिटी, उद्योग, नर्सिंग या आहार विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत हैं तो, आपके लिए समय ज्यादा अनुकूल रहेगा। क्योंकि इस दौरान आप अपने ग्राहकों को, अपनी सभी सेवाओं के प्रति आश्वस्त करने में सफल होंगे। जिसका सकारात्मक प्रभाव आपको अपने करियर में, प्रगति देने का कार्य करेगा।

उपाय- अपने कमरे की दक्षिण दिशा में, गुलाब क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखें।

कर्क

शुक्र आपके एकादश और चतुर्थ भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से तृतीय भाव में प्रस्थान करेंगे। कुंडली में तीसरे घर को सहज भाव कहा जाता है। इस भाव से व्यक्ति के साहस, इच्छा शक्ति, छोटे भाई-बहनों, जिज्ञासा, जुनून, ऊर्जा, जोश और उत्साह को देखा जाता है। इस दौरान आप अंदर से कुछ सूखा-सूखा महसूस कर सकते हैं, जिससे आपकी जीवन शक्ति में कमी आएगी।

आर्थिक जीवन में भी आपको धन से जुड़ी कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इस दौरान आपके लिए धन कमाना और उसे संचय करना दोनों ही, खासा मुश्किलों भरा रहेगा। ऐसे में आपको अपने खर्चों में कमी करते हुए, एक सही बजट के अनुसार ही धन खर्च करने की जरूरत होगी। अन्यथा आप अपने सुख-सुविधाओं के लिए लगातार धन उधार पर लेते रहेंगे, जिससे आपके ऊपर ऋण का बोझ बढ़ सकता है।

यह समय आपको अपने दोस्तों और परिवार से भी थोड़ा दूर रखेगा, जिसके कारण आप उनके साथ बिताएं पुराने दिनों को याद करेंगे। मां के साथ आपके संबंधों में भी तनाव साफ दिखाई देगा, जिससे आपको उनसे सही प्रोत्साहन और सहयोग मिलने में परेशानी आएगी। साथ ही यह समय आपको अपने भाई-बहनों के साथ, अपने संबंधों में भी कुछ समस्या दे सकता है। ऐसे में आपको उनका समर्थन पाने के लिए, अपने प्रयासों को बढ़ाने की आवश्यकता होगी। साथ ही कार्यक्षेत्र में भी अनुकूल परिणामों की प्राप्ति हेतु, आपको शुरुआत से ही ज्यादा प्रयास करने होंगे। क्योंकि ये समय उसके लिए भी थोड़ा कम अच्छा रहने वाला है।

जहाँ व्यापारी जातकों को इस दौरान अपने ग्राहकों को समझाने और उनसे अच्छे सौदा प्राप्त करने के लिए संवाद करने की जरूरत होगी। वहीं यदि आप किसी हॉस्पिटैलिटी उद्योग से जुड़े हैं तो, ये समय आपके लिए थोड़ा बेहतर रहेगा। परंतु बावजूद इसके आपको भी अपने ग्राहकों और अपने अधिकारियों को संतुष्ट करने के लिए, शुरुआत से ही कड़ी मेहनत करते हुए अधिक शारीरिक काम करने होंगे।

उपाय- हर शुक्रवार के दिन, देवी पार्वती को दूध, चावल और चीनी अर्पित करें।

सिंह

शुक्र आपके दशम और तृतीय भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से द्वितीय भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में दूसरे भाव से व्यक्ति के परिवार, उसकी वाणी, प्रारंभिक शिक्षा एवं धन आदि का विचार किया जाता है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, क्योंकि इस समय आपको अपने प्रयासों के लिए ज़रूरी सराहना व प्रोत्साहन नहीं मिलेगा। साथ ही यदि आपकी बॉस कोई महिला अधिकारी हैं तो, आपको कार्यस्थल पर कुछ अपमान का सामना भी करना पड़ सकता है। ऐसे में शुरुआत से ही सावधान रहें।

व्यापारी जातकों को भी कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिष्ठा बनाने में, समस्या आ सकती है। क्योंकि इस अवधि में आपको अपने ग्राहकों से बहुत-सी शिकायतें सुनने को मिलेगी, जिससे आपका मनोबल कुछ टूट भी सकता है। ऐसे में आपको हर कार्यों को पूरा करने के लिए, सामान्य से अधिक प्रयास करने होंगे। आर्थिक जीवन भी सामान्य से कम अनुकूल होगा, क्योंकि ख़र्चों में वृद्धि से आपको दो-चार होना पड़ सकता है। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि इस अवधि के दौरान, निजी या व्यवस्थित स्तर पर कोई भी निवेश करने से बचें, अन्यथा धन हानि संभव है।

हालांकि स्वभाव से यह गोचर आपको विनम्र बनाएगा, जिससे आप अपने कार्यस्थल के साथ-साथ अपने निजी जीवन में भी बहुत-सी समस्याओं का हल निकालने में सक्षम होंगे। पारिवारिक जीवन में छोटे भाई-बहनों से कुछ परेशानी हो सकती है, जिसके परिणामस्वरूप आपको उन्हें मनाने या उनका समर्थन पाने में ख़ासा मुश्किल आएँगी।

कुल मिलाकर कहें तो, शुक्र ग्रह के गोचरकाल की इस अवधि में आपको अपने व्यवहार के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासतौर से अपने सहकर्मियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अपने खर्चों को लेकर शुरुआत से ही सतर्क रहें।

उपाय- देवी सरस्वती का स्मरण करें और विशेष रूप से शुक्रवार के दिन उनकी पूजा करें।

कन्या

शुक्र आपके नवम और द्वितीय भाव के स्वामी होकर, आपकी ही राशि में गोचर करेंगे, यानी ये आपके प्रथम भाव अर्थात लग्न भाव में स्थित होंगे। ज्योतिष में लग्न भाव को तनु भाव कहा जाता है। इस अवधि में आपके स्वभाव में खुद को लेकर आलोचनात्मकता की वृद्धि होगी, जिसके चलते आप शुरुआत से अपनी गतिविधियों के प्रति जरूरत से ज्यादा सतर्क दिखाई देंगे। इसके परिणामस्वरूप आप अपने पहनावे और खुद पर, जरूरत से ज्यादा धन खर्च कर सकते हैं। हालांकि बावजूद इसके आपको फिर भी अपनी वेशभूषा में पूर्णता सफलता नहीं मिल सकेगी और इसका नकारात्मक प्रभाव, आपके व्यक्तित्व पर झलकेगा।

पारिवारिक जीवन में शुक्र देव आपको अपने पिता के साथ संबंधों को लेकर भी, कुछ तनाव दे सकते हैं। साथ ही ये अवधि आपके आत्मविश्वास और साहस में भी, गिरावट लाने का कार्य करेगी। धन से जुड़े मुद्दों की बात करें तो, आप अपनी आय और बचत को लेकर भी कुछ ज़रूरत से ज़्यादा असुरक्षित होने के कारण, ज्यादातर अपना समय आमदनी और ख़र्चों की गणना करते हुए बर्बाद कर सकते हैं।

शादीशुदा जातकों के जीवन में भी, शुक्र देव प्रेम और सहयोग की कमी लेकर आएँगे। जिससे वे अपने दांपत्य जीवन से संतुष्ट नहीं दिखाई देंगे। वहीं यदि आप किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो, ये समय आपके संबंधों में मतभेद की स्थिति उत्पन्न करेगा। जिसके कारण आप अपने प्रेमी को लेकर जरूरत से ज्यादा आलोचनात्मक होते हुए, अपने प्रेमी की भावनाओं को आहत कर सकते हैं। हालांकि ये समय खान-पान या कैटरिंग व्यवसाय से जुड़े लोगों के लिए, थोड़ा बेहतर रहेगा। क्योंकि इस दौरान वे अपने ग्राहकों को बेहतर सेवा और स्वादिष्ट भोजन के साथ, संतुष्ट रखने में सफल रहेंगे।

उपाय- शुक्रवार के दिन दाहिने हाथ की अपनी अनामिका में, चाँदी में एक अच्छी गुणवत्ता वाला सफेद पुखराज पहनें।


बृहत् कुंडली : जानें ग्रहों का आपके जीवन पर प्रभाव और उपाय

तुला

शुक्र आपके प्रथम और अष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में यह भाव, व्यय भाव कहलाता है और इस भाव से खर्चे, हानि, मोक्ष, विदेश यात्रा, आदि को देखा जाता है। इस दौरान आपको अपनी खाने की आदतों और दिनचर्या को लेकर, सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। क्योंकि संभव है कि आपको शुक्र का ये गोचर, कुछ स्वास्थ्य संबंधी परेशानी दे। साथ ही वाहन चलाने वाले जातकों को भी विशेष सावधानी बरतनी होगी, अन्यथा वो किसी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। शुक्र देव अपने इस गोचर के दौरान, महिला जातकों को भी मासिक धर्म या हार्मोन से संबंधित विकार दे सकते हैं। ऐसे में किसी भी तरह की परेशानी होने पर, तुरंत किसी अच्छे चिकित्सक से आवश्यक परामर्श जरूर लें।

शादीशुदा जातकों को भी गोचरकाल की अवधि के दौरान, अपने अंतरंग संबंधों में कुछ परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही अकाउंट या वित्त प्रबंधन से संबंधित व्यापार से जुड़े जातकों के लिए, समय सामान्य से अनुकूल रहने वाला है। खासतौर से महीने के अंत में जब शुक्र और बुध की युति होगी तो, आपको अपने कार्यस्थल पर अधिक शुभ फल प्राप्त हो सकेंगे। ये समय स्वास्थ्य सेवाओं या चिकित्सा से जुड़े जातकों के लिए भी, उत्तम ही रहने वाला है।

कई जातकों को यह गोचर यात्रा पर जाने के अवसर देगा, जिससे उन्हें अपने परिवार और करीबियों से कुछ समय के लिए दूर रहना पड़ सकता है। वहीं यदि आप किसी विदेश यात्रा पर जाने के इच्छुक थे तो, आपके लिए भी यह समय अधिक अनुकूल रहने वाला है। क्योंकि इस गोचर के दौरान आपको, किसी विदेशी यात्रा पर जाने में सफलता मिलेगी। शुक्र देव आपका रुझान आध्यात्मिकता की तरफ भी बढ़ाएंगे, जिससे आप बढ़-चढ़कर कुछ दान पुण्य की गतिविधियों में हिस्सा लेंगे। साथ ही आप बेहतर स्वास्थ्य के लिए, योगाभ्यास और ध्यान नियमित रूप से करने का भी फैसला ले सकते हैं।

उपाय- अपने जीवनसाथी को विशेष रूप से इत्र भेट करें।

वृश्चिक

शुक्र आपके द्वादश और सप्तम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से एकादश भाव में स्थित होंगे। कुंडली में एकादश भाव को आमदनी का भाव कहा जाता है। इस भाव से आय, जीवन में प्राप्त होने वाली सभी प्रकार की उपलब्धियाँ, मित्र, बड़े भाई-बहन आदि को देखा जाता है। यह समय वृश्चिक राशि के करियर के लिए अनुकूल नहीं होगा, क्योंकि इस दौरान उन्हें अपने सहकर्मियों विशेषकर की महिला कर्मी से कुछ समस्या का सामना करना पड़ेगा। जो लोग सार्वजनिक सेवाओं या पब्लिक सेक्टर से जुड़े हैं, उन्हें भी अपने ग्राहकों को संतुष्ट करने में कठिनाई आएगी। क्योंकि इस दौरान दूसरों के साथ उनका मतभेद या तर्क-वितर्क होना संभव है।

आर्थिक जीवन में भी आप अपनी आमदनी से संतुष्ट नहीं होंगे, इसलिए आपको अधिक धन कमाने के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी होगी। आपके खर्चे भी आपकी आमदनी से अधिक होंगे, ऐसे में शुरुआत से ही उन पर भी नियंत्रण रखें। पारिवारिक जीवन में बड़े भाई-बहनों के साथ आपके संबंधों में मत दिखाई देगा, क्योंकि इस दौरान आपको उनके साथ किसी गलतफहमी के कारण सहयोग मिलने में परेशानी हो सकती है। यह समय आपको भाग्य का साथ नहीं देगा, जिससे आप दूसरों को अपना मित्र बनाने में भी असमर्थ रहेंगे। ऐसे में आपको विशेष सलाह दी जाती है कि अपने मित्रों और करीबियों के साथ वार्तालाप करते समय, अपनी भौतिक सुख-सुविधाओं का प्रदर्शन ना करें। क्योंकि इसका नकारात्मक असर, आपके रिश्तों पर पड़ सकता है।

साथ ही शुक्र के इस गोचर के दौरान, आपको किसी भी प्रकार के दीर्घकालीन निवेश करने से भी बचना होगा। क्योंकि इससे आपको नुकसान होने की आशंका अधिक होगी। वहीं यदि आप किसी यात्रा पर जाने की योजना बना रहे हैं तो, ऐसा करने से अभी परहेज करना ही आपके लिए बेहतर रहेगा।

उपाय- अपने बेडरूम में गुलाब क्वार्ट्ज क्रिस्टल रखें।

धनु

शुक्र आपके एकादश और षष्टम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में दशम भाव करियर एवं प्रोफेशन, पिता की स्थिति, रुतबा, राजनीति एवं जीवन के लक्ष्यों की व्याख्या करता है। इसे कर्म भाव भी कहा जाता है। इस अवधि में आप अपने काम को लेकर कुछ लापरवाह हो सकते हैं, जिससे कार्यस्थल पर आपको मानहानि और असंतोष की प्राप्ति होगी। जो लोग आपके अधीन कार्य कर रहे हैं, वे आपके काम करने के तरीके को लेकर कुछ असंतुष्ट दिखाई देंगे, जिसके कारण आपको उनसे खराब प्रतिक्रिया भी मिल सकती है।

यदि आप व्यवसाय से जुड़े हैं तो, आपको कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना करना होगा। क्योंकि इस दौरान आपके विरोधी सक्रिय होंगे, जिन पर विजय प्राप्त करने में आपको कुछ मुश्किल आ सकती है। वहीं उच्च पद पर कार्यरत लोगों को भी, कार्यस्थल पर अपनी टीम के काम का विभाजन करने में कुछ समस्या का सामना करना होगा। क्योंकि इस समय आपके नेतृत्व करने की क्षमता, सबसे अधिक प्रभावित होने वाली है। गोचर की ये अवधि आपको अपने काम के प्रति पूर्णता बनाएगी, इसके परिणामस्वरूप आप हर कार्य को तय सीमा के अनुसार पूरा करने में असफल होंगे।

आर्थिक जीवन में भी आपको इच्छा अनुसार धन प्राप्त करने में कुछ परेशानी आ सकती है, क्योंकि संभव है कि आपकी कोई परियोजना असफल हो, जिसका खामियाजा आपको धन हानि के रूप में उठाना पड़ेगा। ऐसे में आपको सलाह दी जाती है कि हर कार्य की तय समय सीमा का और अपनी योजना का ध्यान रखते हुए, अपने प्रयास जारी रखें। कई नौकरीपेशा जातकों को अपने बॉस के साथ मतभेद की स्थिति का भी सामना करना होगा, इसलिए आपको शुरुआत से ही अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी।

पारिवारिक जीवन की बात करें तो, ये समय उसमें अभी कुछ तनाव होने के योग दर्शा रहा है। क्योंकि ना चाहते हुए भी आप अपने परिवार के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को अनदेखा कर देंगे, जिससे परिवार के लोग आपसे नाराज हो सकते हैं।

उपाय- रोज़ाना श्री सरस्वती वंदना करें।


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मकर

शुक्र आपके दशम और पंचम भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से नवम भाव में गोचर करेंगे। ज्योतिष में नवम भाव को भाग्य भाव कहते हैं। इस भाव से व्यक्ति के भाग्य, गुरु, धर्म, यात्रा, तीर्थ स्थल, सिद्धांतों का विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान कुछ छात्रों को बेकार के रिश्तों के कारण शिक्षा के प्रति, अपना ध्यान केंद्रित रखने में परेशानी आएगी। खासतौर से यदि आप उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तो, यह समय आपके आत्मविश्वास और एकाग्रता में कमी लाएगा। जिससे आप अपना बेहतर प्रदर्शन देने में असफल होंगे। इस राशि के कुछ जातक अपने शिक्षक पर अपना दिल भी दे बैठेंगे, हालांकि उन्हें ऐसा करने से बचना चाहिए।

यदि आप नौकरी करते हैं तो, आपका अपने वरिष्ठ अधिकारी या बॉस के साथ किसी ग़लतफहमी को लेकर विवाद संभव है। जिससे कार्यक्षेत्र पर आपका अपने कार्यों में मन नहीं लगेगा। कुछ जातकों को कार्य से संबंधित यात्रा पर जाना पड़ेगा, हालांकि यह यात्रा आपके लिए खासा फलदायी सिद्ध नहीं होगी और इसका नकारात्मक असर आपके व्यवसाय पर पड़ेगा। पारिवारिक जीवन में भी शुक्र देव अपने गोचर के दौरान, आपका अपने पिता के साथ संबंधों में तनाव देने का कार्य करेंगे। ऐसे में आपको उनसे बातचीत करते समय, अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करने की सलाह दी जाती है।

इस समय आप स्वयं से ही विरोधाभास की स्थिति में पड़ते हुए, अपने ही विचारों से संतुष्ट नहीं होंगे और इससे आपके मानसिक तनाव में वृद्धि होगी। इसलिए आपको सलाह दी जाती है कि इस समय कोई भी बड़ा निर्णय लेने से बचें, अन्यथा आप अपने ही दृष्टिकोण में पक्षपात करते हुए, भविष्य में अपना नुकसान करा सकते हैं। साथ ही इस समय आपको सही मार्गदर्शन और मन की शांति के लिए अपने बड़ों, गुरुओं और किसी विशेषज्ञ से भी, विचार-विमर्श करने की हिदायत दी जाती है।

उपाय- देवी पार्वती की पूजा करें और शुक्रवार के दिन उन्हें सफेद मिठाई चढ़ाएं।

कुंभ

शुक्र आपके नवम और चतुर्थ भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से अष्टम भाव में स्थित होंगे। वैदिक ज्योतिष में कुंडली के अष्टम भाव को आयुर्भाव कहा जाता है और इस भाव से जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव, अचानक से होने वाली घटनाएँ, आयु, रहस्य, शोध आदि को देखा जाता है। शुक्र देव कुंभ राशि के जातकों के लिए योगकारक ग्रह होते हैं और उनके इस गोचर के परिणामस्वरूप, आपको सामान्य से कम अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी। आप अपनी दिनचर्या से संतुष्ट नहीं होंगे, साथ ही यदि आप किसी संपत्ति या ज़मीन में निवेश करने का सोच रहे हैं तो, उसके लिए ये समयावधि अशुभ रहने वाली है।

इस गोचरकाल के दौरान, आपको हर क्षेत्र में सफलता पाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। क्योंकि शुक्र देव आपसे ज्यादा मेहनत कराने वाले हैं। आपके जीवन में भी आपको इच्छा अनुसार धन कमाने के लिए ज्यादा प्रयास करने होंगे, तब जाकर आप धन अर्जित करने में सफल होंगे। यदि आप विदेश में रहते हैं तो, आपको इस अवधि के दौरान अधिक संघर्ष करना पड़ सकता है। साथ ही कई जातकों की मां को स्वास्थ्य हानि संभव है, ऐसे में उन्हें शुरुआत से ही उनकी देखभाल करने की सलाह दी जाती है।

घर-परिवार में भी कुछ तनाव का वातावरण दिखाई देगा, जिससे घर के सभी सदस्यों को परेशानी हो सकती है। वहीं जो लोग शादी करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें अगले महीने तक का इंतजार करने की सलाह दी जाती है।

उपाय- शुक्र के बेहतर परिणामों के लिए, अपने हाथ की अनामिका में चाँदी में एक उत्तम गुणवत्ता वाला ओपल रत्न धारण करें।

मीन

शुक्र आपके अष्टम और तृतीय भाव के स्वामी होकर, आपकी राशि से सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में कुंडली के सातवें भाव से व्यक्ति के वैवाहिक जीवन, जीवनसाथी एवं जीवन के अन्य क्षेत्रों में बनने वाले साझेदारों का विचार किया जाता है। इस गोचर के दौरान आपको ख़ास अच्छे फल प्राप्त नहीं होंगे। खासतौर से प्रेम संबंध में प्रेमी और शादीशुदा जातकों को, कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि इस समय आपकी दिनचर्या काफी हद तक अपने साथी के कारण बाधित हो सकती है, जिससे आप दोनों के संबंधों में तनाव की स्थिति बनी रहेगी। साथ ही इससे आपके मानसिक तनाव में भी वृद्धि होगी, ऐसे में जितना संभव हो खुद को शांत रखें और हर ग़लतफहमी को लेकर अपने साथी के साथ खुलकर बात करें। इसके लिए आप अपनी जीवनशैली में योग और ध्यान को भी अपना सकते हैं।

ये गोचरकाल भाई-बहनों के साथ आपके रिश्ते पर भी, प्रतिकूल प्रभाव डालेगा। साथ ही ये समय नौकरीपेशा जातकों के लिए भी, कम बेहतर रहेगा। क्योंकि आप अपने काम पर अपना ध्यान केंद्रित रखने में असमर्थ होंगे। हालांकि बावजूद सभी परेशानियों के आपके प्रयासों में कमी नहीं आएगी और आप पूरी ऊर्जा के साथ, हर समस्या को हल करने की कोशिश करते दिखाई देंगे।

आपके स्वभाव में चतुराई आएगी और जिसके कारण कोई भी आपका गलत फायदा नहीं उठा सकेगा। खासतौर से पार्टनरशिप का व्यापार कर रहे जातकों को, अपने साझेदार के साथ कुछ समस्या का सामना करना पड़ सकता है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित होगा। ये अवधि उन लोगों के लिए भी थोड़ी कष्टदायक सिद्ध होगी, जो स्वंय के व्यापार से जुड़े हैं। ऐसे में आपको कोई भी नया सौदा या निवेश करते समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है, अन्यथा आप किसी धोखे का शिकार हो सकते हैं।

उपाय- घर पर शाम के समय, विशेष रूप से शुक्रवार के दिन कपूर जलाएं।


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