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मंगल का कन्या राशि में गोचर (25 सितम्बर, 2019)

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह को साहस, पराक्रम और ऊर्जा का कारक माना जाता है। व्यक्ति की कुंडली में मंगल ग्रह की मजबूत स्थिति विशेष रूप से दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस को दर्शाती है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार मंगल ग्रह मेष एवं वृश्चिक राशि का स्वामी कहलाता है। किसी भी ग्रह का एक राशि से दूसरे राशि में प्रवेश करना ही गोचर कहलाता है। मंगल के किसी भी राशि में गोचर की अवधि करीब डेढ़ महीने यानी 45 दिनों की होती है। मंगल के हानिकारक प्रभावों से व्यक्ति के विवाह और संतान प्राप्ति में देरी हो सकती है। कुंडली के लग्न, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में मौजूद मंगल के इस दोष को मांगलिक दोष भी कहा जाता है। मांगलिक दोषों को दूर करने के लिए ज्योतिषशास्त्र में मंगल ग्रह की शांति के विभिन्न उपाय भी विशेष रूप से बताए गए हैं। हालाँकि यदि व्यक्ति की कुंडली में मंगल का प्रभाव शुभ हो तो इससे व्यक्ति को मानसिक और शारीरिक शक्ति मिलती है।

मंगल का प्रभाव

शास्त्रों में मंगल को शक्तिशाली ग्रह कहा जाता है, ये स्वभाव से बेहद उग्र होता है। यह साहस, आत्म विश्वास, ऊर्जा, क्रोध, अहंकार और युद्ध का कारक है। मंगल का सीधा प्रभाव मनुष्य के स्वभाव और आत्म विश्वास पर पड़ता है। मंगल के शुभ प्रभाव से साहस, वीरता और आत्मविश्वास समेत विभिन्न गुणों में वृद्धि होती है, लेकिन मंगल की अशुभ स्थिति से व्यक्ति की क्षमता व उसका आत्मविश्वास कमज़ोर होता है। कुंडली पर पड़ने वाले मंगल के हानिकारक प्रभाव से व्यक्ति को खून से संबंधित बीमारियाँ हो सकती हैं।

मंगल ग्रह के कारण कुंडली में बनता है मांगलिक दोष

मंगल ग्रह के मांगलिक दोष से मनुष्य जीवन का दांपत्य जीवन प्रभावित होता है। यही मंगल दोष जातक के विवाह में देरी के साथ साथ अन्य प्रकार की विवाह संबंधी रुकावटों का मुख्य कारण होता है। ज्योतिष विशेषज्ञों की मानें तो जिस भी जातक की कुंडली में मंगल ग्रह प्रथम, चतुर्थ, सप्तम, अष्टम और द्वादश भाव में बैठा हो तो यह स्थिति सीधा-सीधा कुंडली में मांगलिक दोष का निर्माण करती है। जिनके प्रभावों से बचने या उन्हें कम करने के लिए जातक को मंगल दोष के उपाय करने की सलाह दी जाती है।

मंगल गोचर का समय

साल 2019 में मंगल ग्रह 25 सितम्बर 2019, बुधवार को प्रातः 05:56 बजे कन्या राशि में गोचर करेगा और 10 नवंबर 2019, रविवार की दोपहर 13:31 बजे तक इसी राशि में स्थित रहेगा। मंगल के कन्या राशि में गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर देखने को मिल सकता है। आईये देखें मंगल के इस गोचर से विभिन्न राशि के जातकों पर क्या सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।

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नोटः यह राशिफल आपकी चंद्र राशि पर आधारित है। अपनी चंद्र राशि जानने के लिए क्लिक करें: चंद्र राशि कैल्कुलेटर

बुध का सिंह राशि में गोचर

मेष राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से छठे भाव में विराजमान होगा। मंगल के इस गोचर का प्रभाव विशेष रूप से आपकी बौद्धिक क्षमता और कार्यक्षेत्र पर देखने को मिल सकता है। एक तरफ जहाँ आपकी बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होगी वहीं दूसरी तरफ कामकाज में भी आपका मन लगेगा और आप बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। कामकाज के मामलों के लिए गोचरकाल की ये अवधि आपके लिए विशेष फलदायी साबित होगी। कार्यक्षेत्र में आपके उच्च अधिकारी और सहकर्मी भी आपके अच्छे काम की प्रशंसा करेंगे, जिससे आपके आत्मविश्वास में भी निश्चित रूप से वृद्धि होगी। इसके अलावा मंगल के इस गोचर के दौरान आपके शत्रु पराजित होंगें और आप जीवन में विशेष सफलता प्राप्त करने में सफल होंगें। आर्थिक रूप से देखें तो इस गोचरीय अवधि में आपको अनायास ही किसी विदेशी स्रोत से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। दूसरी तरफ इस दौरान आप किसी से लिया कोई उधार या लोन भी लौटा सकते हैं। पैसों का व्यय करते वक़्त विशेष सावधानी बरतें। हालाँकि स्वास्थ्य के लिहाज से देखा जाए तो आपके लिए ये गोचर अशुभ फल ला सकता है, इस दौरान आप किसी शारीरिक रोग से ग्रसित हो सकते हैं। लिहाजा आपको सलाह दी जाती है मंगल के इस गोचरकाल के दौरान अपनी सेहत का खासतौर से ध्यान रखें। कुल मिलाकर देखा जाए तो मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर सामान्य फलदायी साबित होगा।

उपाय: विशेष लाभ के लिए मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें।

वृषभ राशि

मंगल के कन्या राशि में होने वाले गोचर के दौरान ये आपकी राशि से पांचवें भाव में स्थापित होंगें। इस गोचरकाल के दौरान आप मानसिक तनाव के शिकार हो सकते हैं। एक तरफ जहाँ आपको संतान के भविष्य की चिंता सताएगी, वहीं दूसरी तरफ किसी क़रीबी से आपका मतभेद भी हो सकता है। यदि आप किसी से प्रेम करते हैं तो आपके लिए गोचर की ये अवधि खासतौर से चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। इस दौरान आपके पार्टनर के साथ आपका किसी बात को लेकर विवाद भी हो सकता है, लिहाजा उनकी भावनाओं की कद्र करें और रिश्ते में प्रेम एवं सौहार्द बनाए रखें। मंगल के हानिकारक प्रभाव के कारण इस अवधि में आप विशेष रूप से धन कमाने या सफलता प्राप्त करने के लिए किसी शार्टकट का रास्ता अपना सकते हैं। ग़ौरतलब है कि इस दौरान अपनाया जाने वाला कोई भी शॉर्टकट आपके लिए सिर्फ नुक़सानदेह ही साबित होगा। लिहाजा कोई भी फैसला लेने से पहले उसपर अच्छी तरह से सोच विचार कर लें। इस गोचरकाल के दौरान आपको विशेष रूप से अपने शत्रुओं से बचकर रहने की जरुरत पड़ेगी, लिहाजा अपने आँख एवं कान खुले रखें वर्ना आपको नुकसान पहुँच सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो इस अवधि में आपको अपने जीवनसाथी से विशेष रूप से लाभ की प्राप्ति हो सकती है। इस दौरान जीवनसाथी से प्रेम और सौहार्द बनाएँ रखने में ही आपकी भलाई है। आर्थिक जीवन की बात करें तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपके ख़र्चों में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक हालत थोड़ी सस्ता हो सकते हैं। हालाँकि इस दौरान आपको अनायास ही लाभ मिलने की भी संभावना बन रही है। लेकिन इसके वाबजूद भी पैसों के लेनदेन के मामलों में सतर्कता ज़रूर बरतें। वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर निम्न फलदायी साबित हो सकता है।

उपाय: विशेष लाभ के लिए मंगलवार को तांबे के बर्तन का दान करें।

मिथुन राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से चौथे भाव में स्थापित होगें। मंगल का ये गोचर आपके लिए विभिन्न कार्यों में बाधक साबित हो सकता है। पारिवारिक स्तर पर देखें तो मंगल के इस गोचर के दौरान आपका कोई क़रीबी आपको नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर सकता है। इसका असर आपके परिवार की शांति पर पड़ेगा, घर में अशांति का वातावरण उत्पन्न हो सकता है। इसके अलावा परिवार के सदस्यों के साथ किसी बात को लेकर वाद विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है। बहरहाल परिवार में शांति बनाए रखने के लिए सदस्यों के बीच सामंजस्य स्थापित करने का प्रयास करें और किसी भी स्थिति को बातचीत के माध्यम से ही हल करें। दूसरी तरफ इस गोचरकाल के दौरान आपकी माता जी की सेहत में भी गिरावट हो सकती है जिससे मन अशांत रहेगा। लिहाजा इस दौरान उनकी सेहत का ख़ास ख्याल रखना ख़ासा आवश्यक है। इसके साथ ही साथ मंगल के गोचर की इस अवधि के दौरान आपको ख़ासा सावधान रहने की आवश्यकता है। इस दौरान विशेष रूप से वाहन चलाते वक़्त सतर्क रहें, कोई अप्रिय घटना घट सकती है। मिथुन राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से भी हानिकारक साबित हो सकता है। इस अवधि में आप खून से संबंधित बीमारी या बुखार से पीड़ित हो सकते हैं। लिहाजा अपनी सेहत को लेकर भी ख़ासा सावधानी बरतें। अब बात करें आर्थिक जीवन की तो, इस गोचरकाल के दौरान आर्थिक स्तर पर आपको लाभ मिल सकता है। आपके लिए गोचर की ये अवधि माध्यम फलदायी साबित होगी।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए मंगलवार को चना दान करें।


कुंडली में मंगल को मजबूत करने के उपाय- यहाँ क्लिक कर पढ़ें!

कर्क राशि

मंगल के कन्या राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से तीसरे भाव में विराजमान होंगें। इस गोचरकाल के दौरान आपकी बौद्धिक क्षमता और सोचने समझने की शक्ति में इज़ाफा हो सकता है। इस गोचरकाल के दौरान आपके शत्रु परास्त होंगें और आप उनसे दो कदम आगे चलेंगे। पारिवारिक जीवन की बात करें तो इस दौरान घर में भाई की तबियत बिगड़ने की वजह से परेशानी हो सकती है। बहरहाल उनकी सेहत का ख़ास ख्याल रखें और परिवार के सदस्यों के साथ ज्यादा से ज्यादा वक़्त गुजारें। आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो इस गोचर के दौरान आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और समाज में आपके पद प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। मंगल के इस गोचर के दौरान आपकी तर्क शक्ति में वृद्धि होगी और आप जीवन में बेहतर फैसले ले पाने में सक्षम होंगें। कार्यक्षेत्र में किसी सरकारी पद पर आसीन व्यक्ति से आपको लाभ मिल सकता है। कामकाज के मामलों में इस दौरान आपको विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता होगी। संभावना है कि आपका कोई सहकर्मी इस दौरान आपके किसी काम का श्रेय स्वयं ले जाए। यदि आप शादीशुदा हैं तो मंगल के गोचर की ये अवधि आपके लिए विशेष फलदायी साबित हो सकती है। कुलमिलाकर देखा जाए तो मंगल का ये गोचर कर्क राशि के जातकों के लिए मध्यम फलदायी साबित होगा।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभावों से बचने के लिए हनुमान जी की पूजा करें और उन्हें सिंदूर चढ़ाएँ।

सिंह राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से दूसरे भाव में स्थापित होंगें। मंगल का ये गोचर आपके व्यक्तिगत जीवन पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है। जहाँ एक तरफ आपके अंदर गुस्से का भाव जागृत होगा वहीं दूसरी तरफ आपकी भाषा-शैली में कड़वाहट आएगी। पारिवारिक स्तर पर देखें तो मंगल के इस गोचर के दौरान पारिवारिक सदस्यों के साथ आपका वाद विवाद हो सकता है और परिवार में कलह की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। विवाद या मतभेद की स्थिति उत्पन्न होने पर आपको विशेष रूप से अपने गुस्से पर कंट्रोल रखना होगा। इस अवधि में यदि आप दूसरों के साथ प्यार से पेश आते हैं तो आपके सभी परेशानियों का हल स्वयं हो जाएगा। ध्यान रखें आप दूसरों के साथ जिस प्रकार का व्यवहार रखेंगे, दूसरे भी आपके साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे। आर्थिक दृष्टिकोण की बात करें तो गोचर की इस अवधि के दौरान आपको विशेष धन लाभ होने के योग हैं। हालाँकि यदि इस अवधि में आप शेयर मार्किट या प्रॉपर्टी आदि में निवेश करने की सोच रहे हैं तो, आपके लिए ये गोचर हानिकारक परिणाम ला सकता है। कार्यक्षेत्र में इस गोचरकाल के दौरान आपको विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। हालाँकि इन चुनौतियों का सामना आप पूरी लगन और मेहनत के साथ करेंगे जिसका फल आपको भविष्य में ज़रूर मिलेगा। यदि आप विवाहित हैं तो मंगल का ये गोचर आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। इसके अलावा इस दौरान खासतौर से बिजली के उपकरणों से सावधानी बरतें। सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर निम्न फलदायी सिद्ध होगा।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए सुंदरकांड का पाठ करें।

कन्या राशि

चूँकि मंगल का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, लिहाजा मंगल आपकी राशि से पहले भाव या लग्न भाव में स्थित होंगें। गोचर की इस अवधि के दौरान आपके क्रोध में वृद्धि हो सकती है, बहरहाल अपने गुस्से पर काबू रखें अन्यथा बनते हुए काम भी बिगड़ सकते हैं। कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल के गोचर की ये अवधि स्वास्थ्य के लिहाज से परेशानियां उत्पन्न कर सकती हैं। सेहत को लेकर सचेत रहे अन्यथा बुखार और सिरदर्द की समस्या से दो चार होना पड़ सकता है। यदि आप विवाहित हैं तो इस अवधि में आपके जीवनसाथी के स्वास्थ्य में भी गिरावट हो सकती है। ग़ौरतलब है कि इस गोचर के दौरान आप दोनों को एक दूसरे की सेहत का ख़ास ख्याल रखने की जरुरत होगी। स्वास्थ्य सबसे बड़ा धन है और यदि इसमें कोई गिरावट आ जाए तो फिर जीवन के पलों का आनंद नहीं लिया जा सकता है। मंगल के इस गोचरकाल के दौरान आपको खासतौर से ये सलाह दी जाती है कि वाहन चलाते वक़्त विशेष सावधानी बरतें और नशीले पदार्थों का सेवन ना करें। आपके लिए मंगल के गोचर की ये अवधि मध्यम फलदायी साबित हो सकता है।

उपाय: विशेष फल की प्राप्ति के लिए मंगलवार को लाल कपड़े दान करें।


तुला राशि

गोचर की इस अवधि के दौरान मंगल आपकी राशि से बारहवें भाव में स्थापित होगा। मंगल का ये गोचर आपके लिए विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में सफलता लेकर आ सकता है। लिहाजा इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में कोई ख़ास उपलब्धि हासिल हो सकती है। पदोन्नति या आय में वृद्धि की भी संभावना नजर आ रही है। पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो आपके लिए मंगल का ये गोचर विशेष फलदायी साबित होगा। इस दौरान परिवार में बड़े भाई बहनों के साथ आप ज्यादा वक़्त गुजार पाएंगे और उनके साथ मधुर संबंध स्थापित होंगें। किसी परेशानी की स्थिति में आपको उनका साथ भी मिल सकता है, जिससे आपकी आधी परेशानियों का हल ऐसे ही हो जाएगा। जहाँ तक आर्थिक जीवन का सवाल है तो इस अवधि में आपकी आमदनी में अच्छी खासी वृद्धि हो सकती है। इसके साथ ही साथ आप पैतृक संपत्ति या अपनी किसी प्रॉपर्टी को किराये पर देकर लाभ कमा सकते हैं। इस गोचरकाल के दौरान आपको प्रॉपर्टी से संबंधित विशेष लाभ मिल सकता है। तुला राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर विशेष फलदायी साबित हो सकता है।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें गेहूँ चढ़ाएँ।

वृश्चिक राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से ग्यारहवें भाव में विराजमान होंगें। आपकी कुंडली में मंगल की ये स्थिति विशेष रूप से कार्यक्षेत्र में सफलता दिला सकती है। गोचर की इस अवधि में कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और बॉस की नजरों में आपकी पहचान एक कर्मठ कर्मचारी के रूप में बनेगी। संभव है कि गोचर की इस अवधि में आपको अपने मन मुताबिक कोई नयी जॉब भी मिल सकती है। इसके अलावा पारिवारिक जीवन का जहाँ तक सवाल है तो आपको बता दें कि इस दौरान परिवार के सदस्यों का आपको भरपूर लाभ प्राप्त होगा। अपने माता पिता और भाई बहनों के साथ आप इस समय किसी लंबी यात्रा पर भी जा सकते हैं। लिहाजा आपके लिए पारिवारिक दृष्टिकोण से मंगल के गोचर की ये अवधि विशेष फलदायी साबित होगी। आर्थिक आधारों पर देखें तो गोचर की ये अवधि आपके लिए खासतौर से ख़र्चों में इज़ाफा करने वाली होगी। बहरहाल इस दौरान आपको विशेष रूप से सतर्क रहने की जरुरत है। कोई क़रीबी आपसे पैसे उधार मांग सकता है लेकिन, लेन-देन के मामलों में सावधानी विशेष रूप से बरतने की जरुरत पड़ सकती है। हालाँकि यदि आप इस दौरान प्रॉपर्टी या शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करते हैं तो आपको मुनाफ़ा मिल सकता है। वृश्चिक राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर मध्यम फलदायी साबित होगा।

उपाय: विशेष लाभ प्राप्ति के लिए भगवान शिव की पूजा करें और उन्हें गेहूँ चढ़ाएँ।

धनु राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से दसवें भाव में विराजमान होंगें। मंगल के इस गोचर के दौरान जहाँ एक तरफ कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियों में इज़ाफा होगा वहीं दूसरी तरफ स्वास्थ्य को लेकर भी परेशानियां उत्पन्न हो सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आपको अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखने के लिए विशेष रूप से अपने काम करने के तरीके पर ध्यान देने की आवश्यकता पड़ सकती है। इसके अलावा शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने के लिए अपनी सेहत का ख़ास ख्याल रखें। इस गोचरकाल के दौरान आपका पारिवारिक जीवन तनाव में बीत सकता है। काम के सिलसिले में आपको कुछ वक़्त परिवार से दूर भी रहना पड़ सकता है। दूसरी तरफ माता की सेहत बिगड़ने की वजह से घर का माहौल कुछ तनावपूर्ण हो सकता है। लिहाजा इस दौरान अपनी माता की सेहत पर विशेष ध्यान दें और उनका ख़ास ख्याल रखें। यदि आप विवाहित हैं तो आपके लिए गोचर की इस अवधि में जीवनसाथी के साथ मतभेद होने की आशंका उत्पन्न हो सकती है। बहरहाल इस दौरान जीवनसाथी के साथ प्रेम भाव बनाए रखें और वाद विवाद की स्थिति ना उत्पन्न होने दें। इसे साथ ही साथ आपको गोचर की इस अवधि के दौरान विशेष रूप से अपने गुस्से पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता होगी। धनु राशि के जातकों के लिए गोचर की ये अवधि विशेष रूप से सामान्य फलदायी सिद्ध होगी।

उपाय: विशेष लाभ के लिए भाइयों से मधुर रिश्ते बनाएँ और उन्हें उपहार भेंट करें।


मंगल को प्रबल बनाने के लिए धारण करें: मंगल यंत्र

मकर राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से नवम भाव में विराजमान होंगें। गोचर के इस अवधि के दौरान आप पिता जी सेहत को लेकर आप परेशान हो सकते हैं। पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो मंगल का ये गोचर आपके लिए नुक़सानदेह साबित हो सकता है। इस दौरान छोटे भाई बहनों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। परिवार में सुख शांति बनाए रखने के लिए परिवार के सदस्यों के साथ प्रेम और सौहार्द का भाव ज़रूर बनाए। गोचर की इस अवधि में परिवार में किसी बिन बुलाए मेहमान के आने से तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। आर्थिक दृष्टिकोण से देखें तो इस गोचरकाल में आपके ख़र्चों में वृद्धि हो सकती है, लेकिन दूसरी तरफ आर्थिक लाभ के भी योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत बनाये रखने के लिए अपने ख़र्चों पर नियंत्रण रखें और धन का व्यय सोच समझ कर ही करें। मकर राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर स्वास्थ्य के लिहाज से नुक़सानदेह साबित हो सकता है। लिहाजा इस दौरान आपको अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना होगा। कुलमिलाकर देखा जाए तो आपके लिए गोचर की ये स्थिति सामान्य रहने वाला है।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए लाल मसूर दान करें।

कुंभ राशि

मंगल के कन्या राशि में गोचर के दौरान ये आपकी राशि से आठवें भाव में विराजमान होगा। इस गोचरकाल के दौरान आपको कार्यक्षेत्र में विशेष रूप से कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान कार्यस्थल पर आपको कुछ ऐसे काम मिल सकते हैं जिसे करने के लिए आपको अपने सहकर्मियों की सहायता की आवश्यकता होगी। इसलिए आपको विशेष सलाह दी जाती है कि इस अवधि में खासतौर से अपने सहकर्मियों से प्रेम और अच्छे से पेश आएं। इसके अलावा यदि आप काफी लंबे समय से विदेश जाने का प्लान बना रहे हैं तो, गोचर की इस अवधि में आपको विदेश जाने का अवसर मिल सकता है। पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो इस गोचरकाल के दौरान आपके भाई बहनों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। लिहाजा गोचर की इस अवधि में परिवार में सुख शांति बनाएँ रखने के लिए छोटे भाई बहनों के साथ प्रेम की भावना रखें और किसी भी स्थिति में अपना आपा ना खोएं। स्वास्थ्य के लिहाज से देखें तो मंगल के इस गोचर के दौरान आपको आँखों से संबंधित कोई समस्या हो सकती है। बहरहाल इस दौरान अपनी आँखों का विशेष रूप से ख्याल रखें और आँखों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक भोजन ग्रहण करें। कुंभ राशि के जातकों को इस गोचर की अवधि में विशेष सलाह दी जाती है कि इस समय कोई भी ऐसा काम ना करें जिससे समाज में आपके मान सम्मान या छवि को नुक्सान पहुंचे।

उपाय: मंगल के हानिकारक प्रभाव से बचने के लिए मंगलवार को गुड़ दान करें।

मीन राशि

इस गोचर के दौरान मंगल आपकी राशि से सातवें भाव में स्थापित होगा। मंगल का ये गोचर खासतौर से आपके वैवाहिक जीवन को प्रभावित कर सकता है। वैवाहिक जीवन को सफल बनाने के लिए इस दौरान विशेष रूप से जीवनसाथी के साथ होने वाले मतभेद की स्थिति से दूर रहें। छोटी -छोटी लड़ाईयां भी इस दौरान बड़े टकराव का कारण बन सकती है, लिहाजा आपको विशेष सलाह दी जाती है कि रिश्ते में प्रेम भाव बनाएँ रखने के लिए कुछ बातों को नज़रअंदाज़ करना भी सीख लें। इस गोचरकाल में शादीशुदा जोड़ों को एक दूसरे के ऊपर न हावी होने की सलाह दी जाती है। ऐसी स्थिति में एक दूसरे को समझने का प्रयास करें और मतभेदों को किनारे कर सुख शांति से जीवन यापन करें। दूसरी तरफ पारिवारिक दृष्टिकोण से देखें तो, गोचर की इस अवधि में पारिवारिक स्तर पर आपको कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। कोई क़रीबी रिश्तेदार परिवार के सदस्यों में मनमुटाव पैदा करने का कारण बन सकता है। यदि कार्यक्षेत्र की बात करें तो, मंगल के इस गोचरकाल के दौरान आपको कार्यस्थल पर मनमाफिक फल की प्राप्ति होगी। बॉस आपके काम से प्रसन्न होगा और इस दौरान आपकी पदोन्नति भी संभव हो सकती है। कुलमिलाकर देखा जाए तो मीन राशि के जातकों के लिए मंगल का ये गोचर सामान्य से ज्यादा फलदायी साबित होगा।

उपाय: विशेष लाभ प्राप्ति के लिए हनुमान जी की पूजा करें और उनको केलों का भोग लगाएँ।


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