कुंडली कैसे बनाएँ: ज्योतिष सीखें (भाग-6)

ग्रहों के बारे में जान लिया और राशि के बारे में जान लिया। अब जानते हैं कुण्‍डली के बारे में। कुण्‍डली का खाका इस प्रकार है।

थोडी देर इस खाके में लिखे हुए नम्‍बरों को भूल जाते हैं। यह जो उपर का बडा चौकौर हिस्‍सा है, इसे लग्‍न कहते हैं। लग्‍न को पहला भाव भी कहते हैं और यहीं से भाव की गणना की जाती है। समझने के लिए ग्राफिक्‍स में देखें यानि कि यह पहला भाव, यह दूसरा भाव, यह तीसरा भाव और यह बारहवां भाव। कुण्‍डली में भाव कि जगह निश्चित है चाहे नम्‍बर वहां कोई भी लिखा हो। इस कुण्‍डली में शुक्र और राहु पांचवे घर में बैठे हैं। घर को भाव या खाना भी कह देते हैं। चंद्र और मंगल छठे घर में बैठै हैं, शनि, सूर्य और बुध सातवें भाव में बैठे हैं और गुरु और केतु ग्‍यारहवे भाव में बैठे हैं।

नम्‍बर बताता हैं राशि को और राशि से पता चलता है उस भाव का स्‍वामी। इस कुण्‍डली में हम कह सकते हैं कि लग्‍न में ग्‍यारहवीं राशि यानि कि कुंभ राशि है। इसे इस तरह भी कहते हैं कि इस व्‍यक्ति का कुंभ लग्‍न है। याद है न कि ग्‍यारहवीं राशि कुंभ राशि है।

राशियों के स्‍वामी निश्चित हैं और भाव के स्‍वामी हर कुण्‍डली के हिसाब से बदलते रहते हैं।

इस वीडियो में इतना ही। नमस्‍कार।

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